मां काली अनदेखा करके मुझे रूष्ट कर रहे हो, - Kabrau Mogal Dham

मां काली अनदेखा करके मुझे रूष्ट कर रहे हो,

मेरे बच्चे यह संदेश तुम्हें प्राप्त हुआ

है वास्तव में मेरे बच्चे मैं आपने अपनी

इच्छा शक्ति से प्राप्त किया है इस संदेश

को आपने अपनी आकर्षण शक्ति से खींच लिया

है मेरे बच्चे इस संदेश को मेरे बच्चे मैं

तुम्हें राज की बात बताने आई हूं जब जीवन

में दुख आता है तब उसके पीछे सुख भी मेरे

बच्चे छुपा होता है सुख प्रतीक्षा करता है

जब तक जब तक मेरे बच्चे दुख अपनी चर्म

सीमा को प्राप्त नहीं कर लेता जैसे ही

मेरे बच्चे दुख अपनी सीमा के पार होता है

उस पर सुख हावी हो जाता है दुख का समय भले

ही लंबा हो सकता है पर मेरे

बच्चे हमेशा के लिए नहीं हो सकता उसे जाना

ही पड़ता है सुख मेरे बच्चे तुम त पहुंच

ही जाता है मेरे बच्चे धैर्य रखो जो

मनुष्य धैर्य रखता है उसका जीवन सरल और

सहज हो जाता है हां मेरे बच्चे वह अपनी

सफलता को प्राप्त कर ही लेता है मेरे

बच्चे आपको खुद पर यकीन है कि आप अपनी हार

को जीत में बदल ही लोगे हां मेरे बच्चे

मेरे बच्चे तुम बहुत ज्यादा मेहनती हो बस

तुम्हें उस कार्य पर फोकस करना होगा जिससे

तुम्हें संतोष की प्राप्ति हो जिससे

तुम्हें खुशी की प्राप्ति हो मेरे बच्चे

तुम्हारे मन की

व्याकुलता को शांत करने के लिए तुम्हें

चिंतन करना होगा तभी तुम शांत होकर अपनी

परिस्थिति को समझ सकते हो उसके अनुसार

निर्णय ले सकते हो मेरे बच्चे मनुष्य

रिश्तों का चयन मेरे बच्चे

बहुत आसानी से कर लेता है पर उसको निभाने

के लिए उसे जटिलता अनुभव होती है सक्षम

बनना पड़ता है पर इसमें जटिलता आती है

मेरे बच्चे तुम्हें ऐसा रिश्ता तो नहीं

चाहिए जो कुछ ही समय का हो तुम्हें तो ऐसा

रिश्ता चाहिए जो मेरे

बच्चे जब तक सांसे चल रही है तब तक साथ

देता हो हमेशा मेरे बच्चे

नया लगता हो जो दूसरों के लिए मिसाल बन

जाए मेरे बच्चे की कोई भी देखे हर कोई

सोचे काश इनके जैसी प्यारी जोड़ी हमारी हो

मेरे बच्चे आने वाला समय आपके लिए

महत्त्वपूर्ण होने वाला है हां मेरे बच्चे

कुछ महत्त्वपूर्ण घटनाएं आपके साथ घटित

होने लगेंगी चरम सीमा पर बदलाव होगा मेरे

बच्चे कई चुनौतियां आ आएंगी तो कई नए अवसर

भी आपके जीवन में आएंगे जो लोग आपको

गिराने के पीछे लगे रहते थे वह आपके आगे

झुकेंगे मेरे बच्चे हां मेरे बच्चे जब

उनका बुरे समय शुरू होगा तब वह सहायता के

लिए आपके ही पास आएंगे अपनी भूल स्वीकार

करेंगे अपनी हार स्वीकार करेंगे लेकिन यह

स्थिति आपके लिए दुविधा उत्पन्न कर देगी

मैं जानती हूं आपका मन ऐसा है कि मेरे

बच्चे आप अपने शत्रु को भी पीड़ित नहीं

देख सकते आप सब कुछ भूलकर उनकी मदद को आगे

बढ़ते हो आप मानते हो संकट के समय कोई

बैरी नहीं कोई शत्रु नहीं काश आप जैसी सोच

और उच्च दृष्टि इस जगत में सबकी हो यहां

वही समय है जब उनकी सोच में परिवर्तन होगा

उन्हें आपके साथ किए गलत व्यवहार का

पस्तावा होगा आपके साथ किए षड्यंत्र का

खेद होगा पश्चाताप होगा आत्म गलानी से मन

भर जाएगा

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