माँ की सवारी क्यों और किसको आती है - Kabrau Mogal Dham

माँ की सवारी क्यों और किसको आती है

में नीली नमस्कार दोस्तों आप सभी पर मां

का आशीर्वाद और बजरंगबली की कृपा सदैव बनी

रहे आज की वीडियो सबसे ज्यादा बार पूछे गए

सवाल के ऊपर है और वह है मां काली की

सवारियां जिस प्रकार एक पौधा चारों ओर

प्राकृतिक ऊर्जा ओं से घिरा होता है सुबह

धूप उपाधि होती ऊर्जा से भिगो देती है सवा

इस पौधे को दिनभर स्पष्ट करती हैं और

रात्रि को चांद की रोशनी में यह पॉलिथीन

रहे होते हैं ठीक इसी प्रकार मनुष्य भी

सुबह से शाम तक अनेकों प्रकार की योजनाओं

का सामना करता है जिम्मेदारियां बढ़ जाएगी

हैं जैसे मां की पूजा उनकी सवारी गाना

है तो दोस्तों सबसे पहले जानते हैं मां की

सवारी क्या है और क्यों आती है

कि अधिकतर ऊर्जाएं मनुष्य को छू कर निकल

जाती है या फिर शरीर के आर-पार हो जाती

हैं और मनुष्य पर प्रभाव नहीं डालती सिर्फ

वही ऊर्जाएं मनुष्य की खुद की ऊर्जाओं के

संपर्क में आती हैं या फिर प्रभाव डालती

है जिनके लिए अनुकूल स्थिति बनी हुई होती

है या फिर जिन्हें मनुष्य अपनी और

जाने-अनजाने आकर्षित करता है उदाहरण के

लिए अगर कोई अधिक क्रोध करता है तो

नकारात्मक ऊर्जाएं उस मनुष्य की ओर

आकर्षित हो जाती है और बदकिस्मती उसका

पीछा नहीं छोड़ती वहीं दूसरी ओर अगर

मनुष्य प्रेम भाव से रहता है ईश्वर के

ध्यान में रहता है पूजा-पाठ रहता है तो

बहुत अधिक सकारात्मक ऊर्जाओं को अपनी ओर

आकर्षित कर पाता है

कि जैसे-जैसे भक्ति ने इंसान डूबता जाता

है ज्यादा से ज्यादा सकारात्मक ऊर्जाओं का

उससे संपर्क होने लगता है और यही आकर्षण

की प्रक्रिया बढ़ते-बढ़ते इतना बढ़ जाती

है यह भक्तों को माता की सवारी आने के

अफसर बनने लगते हैं

मैं अब दूसरी चीज कि हर किसी को मां की

सवारी चूड़ियां दोस्तों बहुत सारे लोग

पूजा-पाठ में होते हैं मां की असीम भक्ति

में होते हैं लेकिन हर किसी को मां की

सवारी नहीं आती है लेकिन इसका मतलब यह

नहीं है कि किसी भी प्रकार से आपका

पूजा-पाठ कम है जैसे-जैसे मां की ऊर्जा से

संपर्क बढ़ता जाता है उसी के साथ-साथ

अधिकतर लोगों के जो शरीर में चक्र होते

हैं वह सक्रिय होने लगते हैं वह बढ़ने

लगते हैं और अगर यह चक्र ठीक अनुपात में

बढ़ते हैं तो यह जो बड़ी भी ऊर्जा आपको

भक्ति से मिलती है साधना से मिलती उसे

पूरी तरह अपने अंदर समाहित कर लेते हैं

उसका उपयोग कर लेते और वह जा आपके सारे

चक्रों में फैल जाती है और यह बड़ी भी

ऊर्जा आपको सवारी के रूप में न देखकर

दूसरे रूपों में दिखेगी उदाहरण के लिए

आपके काम बनने लगेंगे आपकी तबीयत सही हो

जाएगी महल के रास्ते खुलने लगेंगे और ऐसे

इसी तरीके से आपको यह बड़ी ऊर्जा महसूस

होगी जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते कहने

का मतलब है कि मां की सवारियों ने

मैं सिर्फ इतना नहीं है कि मां की उर्जा

प्रवेश करें और आप अचानक अपना व्यवहार बदल

दिए आपका व्यवहार अचानक बदल जाए जैसे किसी

स्त्री पर मां की सवारी आती है तो अपनी

चूड़ियां तोड़ देती है अलग-अलग तरीके से

शरीर का व्यवहार हो जाता है प्राकृतिक

ऊर्जाएं और ईश्वर की उपस्थिति बहुत विशाल

और ऐसे में है दोस्तों

कि वह इतनी सरल नहीं है कि जिसके शरीर ने

अपना आपा नहीं खोया तो उसको मां की सवारी

नहीं है ऐसा नहीं क्योंकि मां की सवारी

आना कोई स्त्री या नहीं यह तो बहुत बड़ी

भूल होगी कि आप प्रिया की दृष्टि से मां

की सवारी को ना पीले बल्कि मां की सवारी

का तो यह है कि मां पूजाओं को आप की ओर

भेज रही है आपकी दिशा में भी रही है किसी

को किसी रूप में वह ऊर्जा प्राप्त होती

हैं और किसी को अंतिम रूप में वह ऊर्जा

प्राप्त होंगी और हर प्रकार की प्राप्ति

का और हर प्रकार की मां की पूजा की

अभिव्यक्ति का इस दुनिया में अपना महत्व

है आपके अचानक काम बन्ना आपके कष्ट खत्म

होना जो भी आपने मां से मांगा है वह आपको

मिल जाना यह मां की सवारी आने का ही

हिस्सा है बस इसकी अभिव्यक्ति अलग है सही

मायने में मां की सवारी आने का अर्थ है

आपकी इच्छाओं का खत्म हो जाना ईश्वर और

खुद के बीच का भेद खत्म हो जाना वह स्थिति

है जब आपके शरीर को मां को अभिव्यक्त करने

की जरूरत ही न रह जाए क्योंकि उस वक्त आप

मौजूद थी न

देंगे क्योंकि मां की पूजा की अभिव्यक्ति

भी तब तक है जब तक यह मौजूद है मैं मौजूद

हूं और यह घमंड है कि सिर्फ यह कार्य है

जो मां करवा रही हैं और बाकि सारे कार्य

में अपनी इच्छा से खुद करता हूं दोस्तों

आपने जो आज खाना खाया आपने जो आप पानी

पिया जो आप मेरी आवाज सुन रहे हैं यह सब

मां की सवारी आने का ही हिस्सा है

मैं इश्वर कोई बटन नहीं है कि कभी ऑन हो

जाए और कभी ऑफ हो जाए ईश्वर परमानंद की

स्थिति होती है विशाल समुद्र की तरह शांति

की स्थिति होती है जब आपका हृदय एक बच्चे

जैसा कोमल हो और एक मां जैसा प्रेम से भरा

हो हर किसी के लिए

मैं तो हर काम ईश्वर की सवारी है कुछ

भाई-बहन पूछते हैं कि पहले तो बहुत अच्छी

मां की सवारी आती थी लेकिन अब हम यह वैसी

सवारी नहीं आती मां खोल कर रही है आती

कि हम थोड़ी बताएंगे कि मां को क्या करना

है जिस दिन हम बताने लगे तो फिर वह सवारी

नहीं होगी खाली कल्पना होगी क्योंकि मां

की भुजाओं में अच्छी सवारी और बुरी सवारी

ऐसे शब्दों के मुंह में आप ना फंसे तो जो

लोग मां काली की अटूट भक्ति करते हैं फिर

भी उन्हें मां की सवारी नहीं आती और वह इस

चीज की चिंता करते हैं कि मांस चूंकि जाती

तो वह यह समझे कि आप भाषा के जाल मे फस है

आपने मां की सवारी आने कोई बहुत ही छोटी

चीज बना दिया है एक क्रिया बना दिया वह भी

एक शारीरिक क्रिया अ

कि आप अपने को कितना जानते हो ना अपने खुद

को पैदा होते देखा है ना मरते हुए देखा है

इंसान अपने बारे में कुछ नहीं जानता बस यह

में वहीं है कि हम बहुत बड़े ज्ञानी है जो

हिसाब लगा रहे हैं कि सवारी को में से

दशक में हैं यस मां की सवारी को में से

पाचन करें दोस्तों आशा भोंसले रहे हैं यह

मां की कृपा आप पर है

एक मां की एनर्जी हर वक्त आपके साथ मौजूद

है और मां को आपकी फ़ीड क्रश

हैं और अगर आपको कोई भी कष्ट है कोई भी

प्रकार की पीड़ा है तो मां के समक्ष रखें

और मां की कोई भी मंत्र साधना उठाएं हर

हाल में आपके कष्ट दूर हूं मैं

है तो दोस्तों आज की वीडियो में इतना ही

अगली वीडियो में बहुत जल मिलती हूं तब तक

के लिए आप अपना ध्यान रखें स्वस्थ रहिए

खुश रहिए मस्त रहिए जय माता दी जय विश्व

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