माँ की सवारी किन रूपों में दिखाई देती है | Maa Ka Ashirwad - Kabrau Mogal Dham

माँ की सवारी किन रूपों में दिखाई देती है | Maa Ka Ashirwad

नमस्कार दोस्तों आप सभी पर मां का

आशीर्वाद और बजरंग बली की कृपा सदैव बनी

रहे आज हम मां की सवारी से संबंधित बहुत

ही महत्त्वपूर्ण और संवेदनशील विभिन्न

पहलुओं के ऊपर बात करेंगे बहुत ही रोचक

जानकारियां आज इस वीडियो में आपके लिए हैं

आज हम जानेंगे कि मां की सवारी का

वास्तविक तात्पर्य क्या है मां की सवारी

जब शरीर में आती है तो क्या प्रभाव इसका

होता है साथ ही जानेंगे कि जिनको मां की

सवारी नहीं आती क्या उन पर मां की कृपा

नहीं होती क्या मां उनके आसपास नहीं होती

और जो सवारी शरीर में आती है क्या वह

हमेशा मां की सवारी होती है या किसी अन्य

शक्ति की सवारी हो सकती है इस प्रकार के

बहुत से महत्त्वपूर्ण प्रश्न और

जिज्ञासाओं के समाधान की आज हम बात करेंगे

देखिए अगर हम बात करते हैं मां की सवारी

आने की तो सवारी का क्या अर्थ है सवारी का

अर्थ है ऊर्जा तो मां की सवारी आना अर्थात

एक ऊर्जा का आना ऊर्जा का शरीर में प्रवेश

करना और यह ऊर्जा जब तीव्र स्वरूप में आती

तीव्र स्वरूप में किसी शरीर के अंदर

प्रवेश करती है तो यह कहा जाता है कि उसे

मां की सवारी आई है और जब तेज स्वरूप में

मां की ऊर्जा शरीर में आती है तो विभिन्न

रूपों में इसका प्रभाव दिखता है शरीर

अनियंत्रित हो जाता है कई लोगों का सिर

घूमने लगता है बहुत तेजी से बदन हिलने

लगता है कई लोग अचेत हो जाते हैं या

जोर-जोर से हुंकारे भरने लगते हैं और

सामान्यता यह जो शारीरिक उन्माद की स्थिति

होती है इसी को ही मां की सवारी आना कहते

हैं और जब मां की सवा जब प्रवेश करती है

शरीर में तो कई लोग पूछा भी देते हैं

प्रश्नों के उत्तर देते हैं दूसरों के

कष्टों को काटने के लिए उपाय भी बताते हैं

अब जो प्रश्न है बारी-बारी से हम उनके

उत्तर जानेंगे तो पहला यह प्रश्न उठता है

कि क्या जिन लोगों पर मां की सवारी आ रही

है उन्हीं पर मां की कृपा है जिन लोगों पर

मां की सवारी नहीं आती क्या उनके आसपास

मां नहीं होती इसका उत्तर यही है कि मां

सदैव हमारे आसपास होती है भले ही हमें मां

की उपस्थिति महसूस हो या ना हो जिस प्रकार

हवा हमारे आसपास हमेशा होती है हमें हवा

की उपस्थिति महसूस नहीं होती सिर्फ उस दशा

में हम हवा की उपस्थिति महसूस करते हैं जब

हवा तेज चलने लगती है और हमारे जिंदा होने

का प्रमाण ही यह है कि वायु हमारे आसपास

है तो इसी प्रकार मां भी शांत स्वरूप में

सदैव अपने भक्तों के साथ होती है और जो

मां की भक्ति में नहीं है उनके आसपास भी

मां सदैव होती है भले ही वह कनेक्शन मां

से ये लोग नहीं जोड़ पाते हैं लेकिन मां

उनके आसपास भी सदैव रहती है क्योंकि मां

पराशक्ति कण कण में संपूर्ण चराचर जगत में

हर क्षण विद्यमान होती है और शरीर पर मां

की सवारी आने के अलावा भी मां की ऊर्जा कई

विभिन्न रूपों में अपने भक्तों के साथ

होती है निरंतर मां की सेवा में है आपके

कार्य बन रहे हैं जीवन सरल हो गया है जीवन

से बाधाएं और परेशानियां दूर हो रही हैं

आपकी आध्यात्मिक उन्नति हो रही है आपकी

संतान संस्कारी हुई है और आपके जीवन में

तरक्की हो रही है तरक्की से मतलब सेर्फ धन

की तरक्की नहीं अर्थात आप एक सुंदर संयमित

जीवन जी रहे हैं तोय ये सब मां की सवारी

आने के ही लक्षण है मां की सवारी जिनके

शरीर पर आ रही है उन्हीं के संग मां है

ऐसा नहीं है जैसे कि मैंने प्रारंभ में

बताया है क्योंकि मां की ऊर्जा तो विभिन्न

रूपों में हमारे जीवन में विभिन्न

प्रभावों के रूप में दिखाई देती है अब एक

महत्त्वपूर्ण प्रश्न कि जब मां की सवारी

शरीर में प्रवेश होती है जब शारीरिक

उन्माद की स्थिति होती है तो क्या मां

स्वयं शरीर में आती है तो मां कभी भी शरीर

में तीव्र रूप में नहीं आती है मां हमेशा

शांत स्वरूप में अपने भक्तों के साथ होती

है यह जो तीव्र स्वरूप में तीव्र ऊर्जा

शरीर में प्रवेश करती है यह मां की

विभिन्न शक्तियां होती हैं जो शरीर में

प्रवेश कर जाती हैं भक्तों की जैसे डाकिनी

शाकिनी है मां की

योगिनिस संबंधित हैं मां की विभिन्न ऊर्जा

यह शरीर में प्रवेश करती हैं और एक बहुत

ही इंटरेस्टिंग फैक्ट मैं आज आप लोगों के

संग शेयर कर रही हूं कि इंसान का शरीर और

जितने भी जीव जो पृथ्वी वासी हैं उनके

शरीर का मैटर और दैवीय

ऊर्जांचल सब्सटेंस होता है वह बिल्कुल

डिफरेंट होता है पारलौकिक

ऊर्जांचल से बना हुआ होता है जिसे व्य

क्रिया वर्ग कहते हैं वर्ग अर्थात कण

पारलौकिक शक्तियों का ऊर्जा शरीर व्य

क्रिया कणों से बना हुआ होता है यह

चेंजेबल होती हैं और इनमें मर्जिंग की

एबिलिटी होती है चेंजेबल अर्थात यह जो देव

शक्तियां होती हैं देव ऊर्जा होती हैं यह

अपना आकार बदल सकती हैं सूक्ष्म बन सकती

हैं बहुत विशाल रूप ग्रहण कर सकती हैं हो

सकती है या बहुत भारी भी हो सकती हैं तो

यह विभिन्न रूपों में अपने आकार को

परिवर्तित कर सकती हैं और मर्जिंग एबिलिटी

का मतलब क्या होता है कि कहीं भी मर्ज कर

जाती हैं कहीं भी प्रवेश कर जाती हैं और

जब यह देव शक्तियां पारलौकिक शक्तियां

किसी शरीर में प्रवेश करती हैं तो एकदम से

डायरेक्ट हर किसी के शरीर में प्रवेश नहीं

करती ना ही कर सकती हैं इसके पीछे का कारण

मैं आपको बताती हूं कि जो भी डिवाइन

बीइंग्स होती हैं डिवाइन योनि होती हैं

इनको अपने अनुकूल परिस्थितियां ही चाहिए

होती हैं मर्ज करने के लिए अब जो लोग

निरंतर साधनाएं में रहते हैं ध्यान में

रहते हैं बहुत ही एक पवित्र और शुद्ध आचरण

से अपने जीवन को बिता रहे हैं पूरे नियमों

से जो चल रहे हैं तो ऐसे शरीरों में ऐसे

पवित्र ऊर्जा वाले शरीरों में ये जो

डिवाइन बीइंग्स होती हैं ये तुरंत ही मर्ज

हो जाती हैं तुरंत ही उनके शरीर में

प्रवेश कर जाती हैं क्योंकि वहां उन्हें

अपने अनुकूल परिस्थितियां मिलती हैं

क्योंकि जो निरंतर ध्यान साधनाएं में

कई-कई सालों से होते हैं उनकी एनर्जी बॉडी

बहुत ही प्योर होती है और उनकी ऊर्जा का

जो स्तर होता है जो उनकी वाइब्रेशंस होती

है रा की वह इन डिवाइन बीइंग्स की

वाइब्रेशन से मैच करती हैं वहीं ऐसे लोग

जो शुद्धि के संग नहीं रहते हैं या नियम

आचरण के बिना जीवन यापन कर रहे हैं पूजा

पाठ में नहीं है भक्ति में नहीं है उनके

ऊपर कोई इस प्रकार की ऊर्जा आ रही है तो

यह डिवाइन ऊर्जा नहीं हो सकती मां की

सवारी नहीं हो सकती क्योंकि मैंने जैसा कि

अभी बताया बताया कि यह वक्र वर्ग जो मैटर

है उससे यह देव शक्तियां बनी हुई होती हैं

और यह जो अशुद्धि वाली जगह है वहां पर

नहीं

रहती तो जो लोग पूजा पाठ साधना में नहीं

है उनके शरीर में अगर सवारी आ रही है तो

यह कोई मां की सवारी नहीं है या मां की

किसी शक्ति की सवारी नहीं है यह अन्य

सूक्ष्म योनियों की सवारियां होती हैं जो

भटकी हुई आत्माएं होती हैं किसी शरीर की

खोज में होती हैं तो यह अंदर प्रवेश कर

जाती हैं जब ऐसे लोग सवारी का आवान कर ते

हैं तो यह भटकी हुई जो योनि यां होती हैं

ऐसे लोगों के अंदर प्रवेश कर जाती हैं और

बहुत सारी सूक्ष्म योनियों इस सूक्ष्म जगत

ऊर्जा जगत में है जैसे यतर हैं ये भी एक

प्रकार के बीइंग्स होते हैं जो इंसानों के

शरीर में घुस जाते हैं या अन्य योनियों

होती हैं जो खेल खेलती हैं जिस प्रकार आप

देखते हो भौतिक जगत में जो छोटा बच्चा

होता है वो बड़ों की नकल करता है उस जैसा

बिहेव करता है उसी प्रकार यह जो एनर्जीस

होती हैं भटकी हुई होती हैं ये शरीरों में

इंसानी शरीरों में घुसकर

अपने आप को मां के रूप में दर्शाती हैं

दिखाती हैं लेकिन हकीकत में ना तो यह मां

के कोई सवारी है और ना ही इनका मां की

शक्तियों से मां काली की ऊर्जा

होंबले तरीके से इंसान के शरीर का प्रयोग

करती हैं अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए

तो जो मां की ऊर्जा है मां की जो विभिन्न

शक्तियां हैं व ऐसे व्यक्ति के अंदर

प्रवेश करती हैं जो निरंतर ध्यान साधना

हों में होते हैं और मां की शक्तियों का

मां का आह्वान करते हैं सवारी के लिए तो

मां चुनती है ऐसे शरीरों को और इच्छा

अनुसार अपनी शक्तियों को निर्देश देती हैं

उस शरीर में प्रवेश करने के लिए और जब तक

यह लोग पवित्रता और शुद्धता के साथ पवित्र

मन के साथ लोगों की भलाई के लिए मां की

शक्तियों का प्रयोग करते हैं तब तक मां की

कृपा बनी रहती है क्योंकि विकारों के रूप

में ब्लॉकेजेस इनके चारों तरफ इनकी रा में

प्रवेश कर जाती है और यहां हमें यह समझना

होगा कि मां काली जब भी

साथ होती हैं तो कभी भी उग्र स्वरूप में

अपने भक्तों के शरीर में प्रवेश नहीं करती

मां सदैव शांत स्वरूप में शरीर में प्रवेश

करती हैं और मां का शांति रूप में प्रवेश

करना किसी शरीर में प्रवेश करना वह

शारीरिक उन्माद के रूप में नहीं दिखता है

यह इस प्रकार से इसका प्रभाव आप देख सकते

हैं कि सपोज आप कोई ऐसा कार्य करना चाह

रहे हैं जो आपको कठिन लग रहा है आप उसे कर

नहीं पा रहे हैं लेकिन अचानक ही सहजता और

सरलता से आप वो कार्य कर ले रहे हैं या को

कोई ऐसा विषय जिस पर आप बोलने में हिचक

रहे हैं वह अचानक ही आप बड़ी आसानी से बोल

जाते हैं कोई ऐसा विषय जिसके बारे में

आपको ज्ञान नहीं है लेकिन ऑटोमेटिक आपको

उसके बारे में ज्ञान प्राप्त होने लगता है

किसी भी माध्यम से तो यह सब मां की सवारी

के ही लक्षण है आपकी बुद्धि का तीव्र होना

दूसरों के प्रति और अपने आसपास समझ का

बढ़ना आसपास के लोगों के प्रति वातावरण के

प्रति समझ का बढ़ना इंटू शंस होना भविष्य

की घटनाओं की जानकारी स्वतः प्राप्त हो

जाना यह सब क्या है क्या यह मां की सवारी

उनकी ऊर्जा नहीं है यह भी मां की सवारी

आना ही है और शांत स्वरूप में इस प्रकार

मां अपने भक्तों को प्रेरणा देती है

क्योंकि स्वयं मां कभी भी शरीर में तो

प्रवेश कर ही नहीं सकती और प्रचंड रूप में

तो बिल्कुल भी नहीं क्योंकि मां इतनी

तीव्र एक ऊर्जा है माहाकाली की कि अगर वह

किसी इंसानी शरीर में प्रवेश कर जाए तो

शरीर तो भस्म हो जाएगा तो मां का आह्वान

कई लोग सवारी के लिए करते हैं ना कई लोगों

को लगता है कि मां की सवारी हमारे शरीर

में आए या खुलकर आए तो क्यों ना मां की

सवारी उनकी ऊर्जा का आहवान अपनी बुद्धि के

लिए करें कि हे मां आप हमारी बुद्धि में

स्थापित हो ताकि हमें सद्बुद्धि प्राप्त

हो हे मां आप हमारी वाणी में हमारे कंठ

में स्थापित हो ताकि हम वाक शक्ति वाक

शुद्धि को प्राप्त कर सके हे मां काली

आपकी सवारी हमारे हृदय में हमारे कार्यों

में स्थापित हो ताकि जो भी हम कार्य कर

रहे हैं हमारे हृदय में जो भी भाव उठ रहे

हैं वो आपकी ऊर्जा से ओतप्रोत हो शुद्ध हो

और समाज के लिए लोगों की भलाई के लिए हम

कुछ कार्य कर सके तो मां की सवारी का

आह्वान खाली शरीर पर बुलाने के लिए करें

ऐसा आवश्यक नहीं मां की सवारी उनकी ऊर्जा

को हम अपनी बुद्धि में स्थापित करने के

लिए आह्वान करें उनको अपने कार्यों में

अपने हृदय में अपने मन मस्तिष्क में

स्थापित करने के लिए आह्वान करें आप एक

बार ऐसा करके तो देखिए निरंतर मां से यह

प्रार्थना करके तो देखिए आश्चर्यजनक रूप

से आपकी कार्यशैली और आपकी जीवन शैली में

परिवर्तन आ जाएगा और जीवन का उद्धार हो

जाएगा और यदि उचित मांग भक्तों की होती है

तो उन्हें कभी भी निराश नहीं

करती तो आज की वीडियो में इतना ही अगली

वीडियो में बहुत जल्द मिलती हूं तब तक के

लिए अपना ध्यान रखें स्वस्थ रहे खुश रहे

मस्त रहे जय माता दी जय

बजरंग

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