माँ काली टोकरी भर तुम्हारे घर आने वाले हैं वह आ रहे हैं - Kabrau Mogal Dham

माँ काली टोकरी भर तुम्हारे घर आने वाले हैं वह आ रहे हैं

मेरे बच्चे यदि तुम्हें मेरा संदेश

प्राप्त हुआ है तो ठहरो जरा सुनो मेरी बात

को क्योंकि तुम्हें मेरी यह बात जानना

बहुत जरूरी है इसलिए तुम मेरी बताई हुई

बात को ध्यानपूर्वक सुनना क्योंकि ध्यान

से सुनना अत्यंत आवश्यक है तभी तुम्हें

मेरी बोली हुई बातें समझ में आएंगी कि इन

बातों को समझना क्यों जरूरी है इसलिए

तुमको यह समझना बहुत जरूरी है पहले तुम

मुझे एक बात का जवाब दो कि यदि तुम्हारे

साथ कोई ईमानदारी रखता है और दूसरा वही

तुम्हारे साथ कोई धोखा करता है तो

तुमको यह बात पता होने के बाद तुम किस

इंसान का साथ देना चाहोगे

तुम्हारा हृदय किसकी तरफ

खींचेगा इस प्रकार सही सही के साथ रहता है

और गलत व्यक्ति गलत व्यक्ति के संगति में

रहता है यदि गलत की संगति में आ जाए तो या

तो सही व्यक्ति जैसा गलत व्यक्ति बन जाएगा

या गलत जैसा सही उसकी संगति

में बन जाएगा लेकिन दो अलग प्रवृत्ति के

इंसान एक साथ नहीं रह सकते क्योंकि उनको

फल भी अलग-अलग प्राप्त होते हैं इसलिए

सबसे पहला कार्य तो तुम यह करो कि यदि तुम

इस समय गलत संगति में हो तो तुरंत ही वह

संगति छोड़ दो और यदि तुम खुद पर विचार

करके देखो तुम कोई गलत कार्य कर रहे हो तो

उसे बंद कर दो इसके साथ ही आज से यह कार्य

करने प्रारंभ करो जिसमें से पहला सुबह

सूर्य निकलने से पहले उठना प्रारंभ करें

यदि तुम सूर्य को निकलने के पश्चात उठते

हो तो यह आदत आज से छोड़ दो और सुबह जल्दी

उठकर तुम स्नान करो एकांत में बैठकर तुम

किसी भी अपने इष्ट देवता का स्मरण करते

हुए अपने मन को

शांत वातावरण में एकाग्र करना प्रारंभ करो

क्योंकि एकाग्र मन की शक्ति मेरे बच्चे

तुम्हारे लिए बहुत जरूरी है किसी भी काम

को करने के लिए एकाग्र मन होना जरूरी है

किसी भी मंजिल को प्राप्त करने के लिए

एकाग्र होना जरूरी है एकाग्र मन से शांति

और सुख का अनुभव होगा

और अगर तुम्हारे हृदय में शांति उत्पन्न

होगी तो इसके साथ ही

आपके हृदय में सकारात्मक ऊर्जा भी

विराजमान रहती है सकारात्मक ऊर्जा ही आपके

जीवन की जो प्रारंभ से लेकर संध्या काल तक

की दिनचर्या है उसमें एक ऐसी शक्ति

उत्पन्न करती है कि आपके हाथों से सब

अच्छे कार्य होंगे आपके हाथों से सब सही

कार्य होंगे आपका जीवन भी अच्छे की ओर ही

अग्रस होगा अर्थ उन्नति की तरफ जाएगा इसके

साथ ही तुमको यह बात कभी नहीं भूलनी चाहिए

जीवन में जब भी तुम्हारे समस्याएं उत्पन्न

होती हैं तो तुम किसी ना किसी गलती के

कारण ही

उन समस्याओं को उत्पन्न कर लेते हो या तो

तुम्हारा कोई भी गलत कार्य की वजह से या

तुम ध्यान रखो कि हो सकता है तुम्हारा कोई

ऐसा कार्य जो किसी देवता को रुष्ट कर रहा

हो यदि तुम अनजाने में ही किसी का अपमान

कर रहे हो मेरे बच्चे तो उसका पाप ना तो

तुम्हें कभी लगता है और ना ही उसका दंड

तुम्हें कभी भुगतना पड़ता है क्योंकि उसका

पाप होता ही नहीं है लेकिन यदि तुम

जानबूझकर किसी देवता का अपमान कर रहे हो

या जानबूझकर किसी देवता को रुष्ट कर रहे

हो तो उसकी गलती की सजा तुम्हें समस्या के

रूप में प्राप्त होती है और यदि तुम्हारे

जीवन में ऐसा हो रहा है तो निश्चित ही तुम

उस पर ध्यान रखो और ध्यान से अपनी गलतियों

को सुधारने की कोशिश करो जैसे ही तुम अपने

कार्य में परिवर्तन लेकर आओगे वैसे ही आने

वाले समय में अपने आप सुधार होता चला

जाएगा और तुम्हें स्वयं दिखाई देगा कि

तुम्हारा समय परिवर्तन हो रहा है जो

समस्या हैं धीरे-धीरे करके समाप्त होने

लगेंगी और तुम्हें स्वयं भी इस बात का

अनुभव होगा कि हां तुम्हारे कर्मों में

परिवर्तन के कारण ही यह हुआ है यदि इस बात

को विश्वास रखकर करना प्रारंभ करोगे जीवन

में सुधार होगा स्वयं के हाथों से सदा खुश

रहो मेरे बच्चे मैं तुम्हारा ही इंतजार कर

रही थी मेरे बच्चे मेरे बच्चे जो देख ना

सके उसे दिखाना व्यर्थ है जो सुन ना सके

उसे सुनाना व्यर्थ है मेरे प्रिय बच्चे

तुम जो देख रहे हो जो सुन रहे हो और जो

उम्र भर कर रहे हो वह तुम्हारी आध्यात्मिक

उन्नति का फल है ऊर्जा के स्तर पर जो

अनुभूतियां तुम्हें हो रही हैं वह दूसरों

को भी हो ऐसा आवश्यक तो नहीं इसलिए मेरे

बच्चे जो आत्माएं अभी उसे देखने समझने और

सुनने को तैयार नहीं उन्हें सत्य का

प्रकार दिखाने की कोशिश मत

करो मेरे प्रिय तुम वह हो जो दूसरों को

अंधकार से प्रकाश में लाने का कार्य करते

हो जो भटका भटका है वह स्वयं आएगा

तुम्हारे पास कुआ प्यासे के पास नहीं जाता

अपितु प्यासा स्वयं कुएं को ढूंढ लेता है

भौतिकवादी संसार में मानव अपने भौतिक शरीर

को ही परम सत्य मान बैठा है जो तुम्हारे

अस्तित्व का कण मात्र भी नहीं

है जैसे तुम जल को जिस पात्र में रखो वह

उसी रूप में दिखाई देता है किंतु पात्र को

ही जल कह देना गलत होगा यदि उसी जल को

धरती पर बिखेर दो तो भी जल का अपना

अस्तित्व रहेगा किसी प्रकार यह भौतिक शरीर

तुम नहीं हो यह बस एक अस्थाई पात्र है

जिसमें तुम्हारी परम चेतना आत्मा को धारण

किया है वह भौतिकवादी लोग तुमसे कहेंगे

आत्मा दिखाई नहीं देती तो वह है ही नहीं

तो इसका उत्तर उन्हें यह देना अनेकों

वस्तुएं हैं उन्हें केवल महसूस किया जा

सकता

है जैसे भूख प्यास गर्माहट ठंडक पीड़ा ठीक

इसी प्रकार वह ऊर्जा जो इस भौतिक शरीर को

चला रही है वह अंतिम सत्य है जिसे तुम

आत्मा कहते हो जब तक आत्मा भौतिक पात्र

में रहती है तब तक तुम इस शरीर को सत्य

मानकर सब करते हो किंतु जैसे ही वह ऊर्जा

इस शरीर को छोड़ती है मानव का यह बहुमूल्य

शरीर मिट्टी के समान ढेर हो जाता

है कोई भी सगा संबंधी प्रियजन उस शरीर को

नहीं रखना

चाहता जो प्रियजन तुम्हारी आत्मा के रहने

पर उसी शरीर के लिए सारी संपत्तियां लगाने

को तैयार होते हैं वही लोग उस आत्मा के

निकल जाने पर उस शरीर के लिए कुछ नहीं

देना

चाहते यहां तक वह कुछ दिन भी उस शरीर के

साथ नहीं रह सकते आत्मा रूपी ऊर्जा के

निकलते ही वह इस भौतिक शरीर को ठिकाने लगा

देते हैं अब तुम ही उत्तर दो अस्तित्व

किसका है शरीर का या आत्मा का मेरे बच्चे

तुम जिस मार्ग पर हो वह तुम्हें परम सत्य

से जोड़ रहा है उसी अंतिम सत्य को प्राप्त

करना तुम्हारा अंतिम लक्ष्य है यदि तुम

मेरे संकेतिक रहस्य को समझ गए तो हर एक

दिन यह संकल्प लेते रहो मैं भाग्यशाली

आत्मा हूं मैं शरीर नहीं ज्योति स्वरूप

आत्मा हूं मैं आनंद हूं क्योंकि तुम्हें

आध्यात्मिक मार्ग में काफी आगे तक जाना

है मेरे बच्चे तुम्हारा विचलित मन मुझे भी

विचलित कर देता

है तुम क्यों सब कुछ भूलकर वापस खुद को

उसी परिस्थिति में डाल देते हो मेरे बच्चे

तुम्हारी उदासी और तुम्हारे आंसू मुझे भी

दर्द देते हैं तुम्हारे मन में उठने वाले

सभी सवालों को शांत करो मैं तुमसे वादा

करती हूं तुम्हारी दिल से निकली इच्छा मैं

अवश्य पूर्ण करूंगी बस सबसे पहले पूरी

ईमानदारी से इच्छा के बारे में सोच लेना

मंजिल पाने की चाहा में सफर को अनचाहा मत

करो आओ मेरे पास

बैठो आज अपनी सभी व्यथा मुझे कह दो मैं

अपने बच्चे से अति प्रेम करती हूं तुम्हें

सब कुछ प्राप्त होगा यह निश्चित है दुनिया

की हर एक खुशी

मैं तुम्हारे कदमों में लाकर रख दूंगी

अपनी सभी चिंताएं त्याग दो खुश रहना सीखो

सजो सब्रो घूमो फिरो मैं हूं ना तुम्हारी

मां तुम्हारी रक्षा करने के लिए मेरा परम

आशीर्वाद तुम्हारे साथ

है यदि मेरा संदेश तुम्हें प्राप्त हुआ है

तो सिर्फ तुम आज जीवन का एक ऐसा सत्य

जानोगे जिसे जानकर तुम्हें हैरानी होगी

क्योंकि तुम्हारे मन में उठता हर समय यह

प्रश्न है कि मैं इतना पूजा पाठ करता हूं

फिर भी मेरा कार्य पूर्ण क्यों नहीं हो

रहा मेरे बच्चे उसका उत्तर आज तुम्हें मिल

जाएगा क्योंकि मेरे बच्चे हर बात के पीछे

कारण होता है कारण अच्छा हो या बुरा लेकिन

होता जरूर है यह बात सत्य है बस केवल

तुम्हें साधारण आंखों से ना तो वह कारण

दिखाई दे देता है ना ही तुम जानते हो कि

आगे तुम्हारे जीवन में क्या होने वाला है

तुम केवल यह देख सकते हो वर्तमान में चल

रही बातों को जान सकते हो जैसा समय

तुम्हारे समक्ष उस समय के बारे में

तुम्हें ज्ञात होता है लेकिन कुछ ऐसी

बातें हैं जो तुम्हें जानना बहुत जरूरी है

क्योंकि जिसको संपूर्ण ज्ञान हो जाता है

वह ना तो परेशान होता है किसी चीज को पाने

के लिए और ना ही मन में इन प्रश्नों को

बार-बार सोचकर हैरान परेशान होता है कि

उसकी इच्छा पूर्ण क्यों नहीं हो रही है

मेरे बच्चे इस बात को समझना जरूरी है कि

यदि तुम ऐसा सोच रहे हो कि तुम्हारी

उन्नति नहीं हो रही तो तुम गलत सोच रहे हो

आज से पहले के समय को देखो और आज के समय

को देखो दोनों में तुलना करोगे तो तुम्हें

खुद ही ज्ञात हो जाएगा कि तुम पहले से

कितना उन्नति कर चुके हो बस फर्क इतना है

कि तुम आज जो चाहते हो उस चीज आज के समय

में तुम्हें वह प्राप्त नहीं है इसके साथ

ही कभी-कभी तुम इतनी बड़ी चीजों की आश कर

लेते हो जो तुम्हारे लिए बनी ही नहीं है

क्योंकि जिस प्रकार एक हाथ में पांच

उंगलियां होने के बाद भी कोई भी उंगली

बराबर नहीं होती एक बड़ी होती है दूसरी

उंगली की तुलना में इसी प्रकार यह जरूरी

नहीं कि तुम जो सो रहे हो तुम्हें प्राप्त

हो जरूरी यह है कि तुम्हारे जीवन में कुछ

अच्छा हो तुम परिश्रम कर रहे हो उसका फल

तुम्हें मिले और तुम्हारी उन्नति हो तुम

जिस समय में हो उस समय से अच्छे समय में

आते चले जाओ कभी-कभी बड़ी उम्मीद भी पूरा

होने पर सुख का अनुभव करने से वंचित रह

जाते हो और यही तुम सबसे बड़ी गलती करते

हो सुनो मेरी बात को ध्यानपूर्वक आज जो

परिश्रम कर रहे हो ईमानदारी रख रहे हो उन

सभी अच्छे कार्य को कर रहे हो जो तुम्हारे

जीवन में उन्नति का हर रास्ता खोल देती है

तो तुम्हें सब छोड़ देना चाहिए कि

तुम्हारे जीवन में कब कहां कैसे क्या होगा

लेकिन बस तुम्हें इस बात पर पूर्ण भरोसा

रखना चाहिए कि जो होगा वह अच्छा होगा

क्योंकि जीवन में अच्छा होना महत्व रखता

है और इसके साथ ही यह भी कार है तुम्हारी

सोची हुई मंजिल पर शायद तुम्हारी परिश्रम

पूरी नहीं हो रही है किसी के जीवन में

किसी भी इच्छा को पूण करने के लिए जिस पर

कार्य करना जब तुम प्रारंभ करते हो तो उस

पर इतना परिश्रम करो कि तुम्हें ऐसा आभास

होने लगे कि इससे ज्यादा मैं और परिश्रम

नहीं कर सकता क्योंकि जब तक लोहा इतना

गर्म ना हो कि वह पिघलने ना लगे तब तुम उस

लोहे को कोई भी आका नहीं दे सकते हो इसलिए

पहले जिस प्रकार लोहे को इतना ही गर्म

किया जाता है कि पिघलने लगे उसी प्रकार

खुद को कर्म की अग्नि में इतना पिघला कि

जैसा चाहो वैसे सांचे में डालकर ढल सको

अर्थात तुम्हारी किस्मत परिवर्तित हो जाए

मेरे बच्चे हृदय की आवाज से सुनना

तुम्हारे हृदय में वही आवाज उत्पन्न होगी

क्योंकि किसी भी कार्य को पूर्ण करने में

कार्यों की कमी तुम्हें उस मंजिल से दूर

ही रखती है ना तो मुझसे कुछ पूछने की

जरूरत है और ना ही तुम्हें अपने मन को

निराश करने की मेरे बच्चे तुम्हारा कार्य

पूरा होगा या नहीं कार्यों को करो

निस्वार्थ भाव से तब तुम्हें अवश्य फल

प्राप्त होगा मुझसे कुछ पूछना चाहो

तुम्हारे हृदय में उत्पन्न हुई आवाज ही

मेरी आवाज होगी तुम्हारे गलत कर्मों की

माफी तुम्हें मिल चुकी है मेरे बच्चे अब

तुम्हारी सभी

समस्या मेरे बच्चे माफी तुम्हें इसलिए

मिली है क्योंकि तुमने कुछ ऐसे कार्य किए

हैं जो पीछे की गई गलतियों से तुमने जो

अपने खराब समय को अपनी ओर आकर्षित कर लिया

था खराब समय को परिवर्तन किया था उसी

प्रकार तुमने कुछ ऐसे कार्य किए हैं जिनके

कारण से तुम्हारा अच्छा समय फिर से

प्रारंभ हो चुका है और फिर से तुमने अपने

कर्मों के द्वारा ही समय को फिर परिवर्तित

किया है आज मैं तुम्हें कुछ ऐसी खास बात

बताने वाली हूं जिसे सुनना तुम्हारे लिए

अत्यंत आवश्यक है यह एक कड़वा सत्य है कि

हर इंसान से गलती होती है इसमें कोई संदेह

नहीं कि गुंजाइश ही नहीं है इंसान कोई ना

कोई जानकर गलती कर ही देता है लेकिन किसी

भी व्यक्ति को इस बात को कदापि नहीं भूलना

चाहिए कि यदि कोई भी इंसान जान बूझकर

सिर्फ उसका भागीदारी होता है अनजाने में

की गई गलतियों को मैं माफ कर देती हूं

उनकी उन गलतियों को दंड में नहीं देती

इसके साथ ही हमेशा कुछ अच्छे कार्य भी

जीवन में करते रहने चाहिए जिससे कि यदि

तुमसे कोई गलती हो ही जाती तो उसकी क्षमा

याचना तुम्हें मिल जाए कठोर दंड का सामना

नहीं करना पड़ता और उन्हीं कार्यों में से

कुछ कार्य हैं जो तुम्हें हमेशा करते रहने

चाहिए जैसे कि भाग्य के भरोसे ना बैठे

रहना क्योंकि भाग्य तुम्हें तभी कुछ देता

है जब तुम स्वयं प्राप्त करना चाहते हो

उसके लिए कभी भी कड़ा परिश्रम करना ना

भूलना यदि तुम्हारा मस्तिष्क कुछ प्राप्त

करना चाहता है तो उसके लिए कठोर तपस्या

करना आवश्यक है इसके लिए तुम्हें ऐसी

शक्ति आकर्षित करनी होगी तुम्हें अपने मन

पर लगाम लगाना सीखना होगा दूसरों की मदद

करना सीखो कुछ ऐसे काम

करो जिनको करने के काफी समय पश्चात

तुम्हारे हृदय और तुम्हारे मन को खुशी हो

क्योंकि तुम इस बात को स्मृ रखना किसी भी

कार्य को करते समय भले ही तुम्हें खुशी ना

हो लेकिन काम को करने के पश्चात जिस कार्य

के करने से हृदय और मन को खुशी

हो वही अच्छा काम होता है तुम गलत काम

करोगे तो भी तुम्हारे हृदय को जरूर अच्छा

नहीं लगेगा इसके साथ ही तुम्हें यह सोचना

अत्यंत आवश्यक है कि जीवन में मेरे बच्चे

तुम्हें सभी देवताओं की पूजा करना इतना

जरूरी नहीं बल्कि अपने कर्मों पर ध्यान

देना उससे भी ज्यादा जरूरी है जब समस्या

उत्पन्न होती है जब तुम उसे उत्पन्न होने

के लिए उसे अपनी ओर आकर्षित करते हो

अर्थात कुछ ऐसे कर्म करते हो प्राकृतिक के

खिलाफ है और प्राकृतिक ही तुम्हारी और

समस्याओं को आकर्षित करती है इस बात को

समझना होगा कि तकदीर कुछ नहीं है जब तुम

स्वयं की बागडोर स्वयं के हाथ में रखो और

जिस तरह से जीवन को चाहो उस तरह से तुम

चला सकते हो यदि तुम अपनी बाग डोर तकदीर

के हाथों में थमा करर बैठे रहोगे तो आगे

ने वाले समय में तुम्हें कुछ भी प्राप्त

नहीं होगा यदि तुम अपनी बाग डोर अपने

हाथों में रखोगे तो स्वयं जिस चीज का

निर्माण करना चाहो उस चीज का निर्माण कर

सकते हो तुम्हें अपने आप ही स्वतः ही

प्राप्त हो जाएगी तुम्हारे अंदर ही वह

शक्ति है अपने आप को पहचानो मेरे बच्चे

मेरा आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ है

तुम्हारा कल्याण

हो i

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