माँ काली 🕉 वो अकेला तड़प रहा है 🕉 क्या उसने अपने किये का अफ़सोस है 🕉 - Kabrau Mogal Dham

माँ काली 🕉 वो अकेला तड़प रहा है 🕉 क्या उसने अपने किये का अफ़सोस है 🕉

मेरे बच्चे तुम्हें जानने का समय आ गया है इसलिए तुम्हें आज मेरा यह संदेश प्राप्त हुआ है जैसे ही तुम इसे

समझोगे तुम्हारा जीवन निश्चित ही खुशियों से भर जाएगा यह मेरा तुमसे वादा है मैं अपने वादों को पूर्ण रूप से

निभाऊंगी मेरे बच्चे और इसे जान कर तुम्हारे होश उड़ जाएंगे और शायद तुम्हें मेरी बातों पर यकीन भी ना हो

मेरे बच्चे परंतु यह सत्य नहीं कि मैं तुम्हें कुछ देती नहीं या तुमको कुछ मेरे द्वारा प्राप्त होता नहीं सच या नहीं है मेरे बच्चे बल्कि सच यह है कि तुम जो सोचते हो वही तुम्हें प्राप्त होता है बस फर्क इतना है बेहोश के पीछे कुछ

बजा है जानना तुम्हारे लिए अत्यंत आवश्यक है क्योंकि तुम जो चाहते हो कि तुम्हें बैठकर सब कुछ मिले तो मेरे बच्चे मैं तुम्हें बता देना चाहती हूं कि संसार में कर्म के बिना कुछ भी संभव नहीं है तुम मांगते तो हो लेकिन उसके

लिए पूर्ण प्रयास नहीं करते अधूरा किया गया प्रयास तुम्हें वहां तक नहीं पहुंचा सकता तुम्हारी अधूरी इच्छा को पूर्ण करने की शक्ति नहीं रखता अधूरा कार्य अधूरी शक्ति रखता है इसलिए जब भी कोई बड़ी मज तुम्हें प्राप्त

करनी हो या कोई बहुत बड़ा मुकाम हासिल करना हो तो उसे बड़े मुकाम के लिए तुम्हें कार्य भी बड़े बड़े करने

होंगे तुम शांत बैठकर यही सोचते रहोगे तो तुम्हें कुछ भी प्राप्त नहीं होगा यह संसार में भीख मांग कर कुछ प्राप्त नहीं किया जा सकता मेरे बच्चे बल्कि साहस हिम्मत रखो और अपने आप को ताकतवर समझ कर महसूस करो

कि तुम्हारे साथ एक शक्ति है तुम किसी भी कार्य को कर गुजरने में उसकी सहायता ले रहे हो और उसकी सहायता से तुम कुछ भी कर लोग जो तुम चाहते हो यदि तुमने इस शक्ति को समझ लिया तो तुमने मुझे समझ

लिया यदि तुम ऐसा महसूस कर पा रहे हो कि वह शक्ति तुम्हारे साथ है तो निश्चित है मैं तुम्हारे साथ हूं यदि तुम विश्वास

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