माँ काली तुमने जितना मांगा भी नही उतना मै तुम्हें दूंगी। ये बात गांठ बांध लो - Kabrau Mogal Dham

माँ काली तुमने जितना मांगा भी नही उतना मै तुम्हें दूंगी। ये बात गांठ बांध लो

मेरे

बच्चे मैं जानती

हूं अब तुम्हारे सब्र का बांध टूट रहा

है तुमसे अब और इंतजार नहीं हो रहा

है प्रतीक्षा करते-करते दो वर्ष गुजर गए

हैं किंतु तुम्हारे जीवन

में कोई परिवर्तन नहीं

आया

तुम अब भी वहीं खड़े

हो जहां दो वर्ष पहले

थे जब भी तुम मेरा संदेश सुनते

हो तो तुम्हें कुछ आंस बदती

है कि शायद अब मेरे दुखों का अंत हो

जाएगा परंतु अब तुम्हारी आंश टूट रही

है अपने करियर को लेकर

अपने भविष्य को

लेकर तुम्हारे मन में बहुत उथल पुथल मची

है तुम्हें अपनी दुनिया उजड़ हुई दिखाई दे

रही

है तुम्हारा परिवार तुम्हारे

अपने तुम्हारी सफलता की प्रतीक्षा कर रहे

हैं परंतु तुम्हारे साथ-साथ उन्हें भी

निराश होना पड़ता

है तुम्हारे मन में इस बात का बहुत दुख

है कि तुम्हारे परिवार ने तुम्हारे अपनों

ने तुम्हारा बहुत साथ दिया

है हर मुश्किल हालात

में तुम्हारे साथ खड़े

रहे इसलिए अब तुम्हारी जिम बनती

है अपने कर्तव्य निभाने

का परंतु निरंतर मिल रही असफलताओं के

कारण तुम बहुत टूट गए

हो अब तुम्हें कुछ भी अच्छा नहीं

लगता चाहे वह दोस्तों के साथ मस्ती करना

हो हसना हंसाना हो या कोई वर

हो तुम्हें हर उत्सव अब व्यर्थ लगने लगा

है ऊपर से तुम्हारे शत्रु

भी तुम्हारा जीना मुश्किल कर रहे

हैं वह इस प्रतीक्षा में

है कि कब तुम्हारे जीवन का तमाशा

बने तब वह तुम्हारी बर्बादी का उत्सव

मनाएंगे

मेरे बच्चे मैं जानती

हूं तकलीफों ने तुम्हें हर ओर से घेर रखा

है परंतु इसके पीछे प्रकृति का कोई बड़ा

प्रयोजन

है तुम घबराओ

मत तुम्हारी माता तुम्हारी एक भी

इच्छा अधूरी नहीं रहने

देगी मुझे ज्ञात

है यह समय बहुत कष्टदायक

है तुम्हारा एक एक पल दुख और हताशा में

गुजर रहा

है लोगों को दिखाने के

लिए तो तुम बहुत खुश

हो परंतु तुम भीतर से टूट गए

हो लेकिन तुम चिंता मत करो

तुम्हारा टूटना इस बात का संकेत

है कि तुम बहुत ऊंचाइयों तक

जाओगे जैसे एक बीज टूटकर वृक्ष बनता है और

लोगों को फल और छाया देता

है तुम्हारा जीवन भी कुछ ऐसा ही होने वाला

है कई सपने हैं तुम्हारे

तुम लोगों के लिए बहुत कुछ करना चाहते

हो गरीबों की असहाय की मदद करना चाहते

हो परंतु तुम अभी स्वयं असहाय

हो इसलिए तुमने अपने कई सपनों

को असंभव समझकर उन्हें देखना छोड़

दिया किंतु तुम अपनी शक्ति अपनी क्षमता

नहीं

जानते तुम्हें अंदाजा भी नहीं

है कि तुम क्या कर सकते

हो जो विचार तुम्हारे मन में आते

हैं उन्हें पूरा करने का भरपूर साहस है

तुम

में बस अपनी वर्तमान परिस्थितियों को

देखकर

तुम घबरा जाते

हो मेरे बच्चे थोड़ी प्रतीक्षा

करो तुम्हारी माता तुम्हें खाली हाथ नहीं

लौटाए

गी उदास ना

हो अपने एक एक पल को खुश होकर

जियो अपने मन में यह बात बैठा

लो कि तुम्हें एक दिन बहुत विशाल वृक्ष

बनना

है जिसकी छाया में तुम्हारा

परिवार तुम्हारे अपने सुकून के पल जी

सके तुम लोगों की चिंता मत

करो जो लोग तुम्हारी हार का इंतजार कर रहे

हैं उन्हें रक्त के आंसू रोने

पड़ेंगे

मेरे बच्चे किसी के

समक्ष खुद को कमजोर या छोटा महसूस मत

करना तुम्हें केवल लगता

है कि लोग तुम्हें दुर्बल समझ रहे

हैं सत्य तो यह है कि उनके बेहतर तुम्हारा

डर

है लोग तुम्हें कम अक्ल कमतर नहीं समझते

यह तुम्हारा भ्रम

है बल्कि तुम्हारी बुद्धि तुम्हारी

प्रतिभा से वह लोग भयभीत हैं मैं जानती

हूं तुम बहुत धैर्यवान

हो परंतु समय इतना निकल गया

है कि अब तुमसे सब्र नहीं

होता धैर्य रखो समय का इंतजार

करो तुमने जितना मांगा भी नहीं

था उतना मैं तुम्हें प्रदान

करूंगी मेरे बच्चे यह समय निराशा पूर्ण

जरूर

है तुम्हारे अपने जीवन में अंधेरा दिखाई

दे रहा

है परंतु यही समय तुम्हारे जीवन में

प्रकाश लेकर

आएगा चिंता मुक्त

रहो बहुत जल्द तुम्हारा और तुम्हारे

परिवार

का सपना पूरा

होगा मेरा आशीर्वाद तुम्हारे साथ

है तुम्हारा कल्याण

हो सच्चे मन से

कहो जय मां काली

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