माँ काली सबसे प्रिय भोग अवश्य चढ़ाये | Maa Kali | Maa Ka Ashirwad - Kabrau Mogal Dham

माँ काली सबसे प्रिय भोग अवश्य चढ़ाये | Maa Kali | Maa Ka Ashirwad

नमस्कार दोस्तों आप सभी पर मां का

आशीर्वाद और बजरंगबली की कृपा सदैव बनी

रहेगी आज इस वीडियो में हम जानेंगे कि मां

का सबसे प्रिय भोग कौन सा है तो यह सब लोग

जो जब भी आप मां के चरणों में अर्पित करें

और मत तुरंत प्रसन्न हो जाएगा आपके सारे

कष्ट खत्म हो जाए आपके बिगड़े काम बन जाए

अगर ऐसा है तो वह कौन सा ग्रुप है

कि आप सभी प्रिय भक्तों को सर्वप्रथम यह

बात समझनी है कि मां के लिए रफेल जैसी कोई

चीज मौजूद थी नहीं है क्योंकि सृष्टि की

संरचना मानी ही की है सृष्टि के एक-एक कण

में मां बस है सृष्टि का एक कड़वा को पिया

है चाहे वह मिट्टी हो या गुड़हल का फूल

क्योंकि सब कुछ मां काली की पूजा से ही

संचालित है और भोग जो भी चढ़ाया जाता भूख

से ज्यादा महत्वपूर्ण चीज है उस चीज में

लपेटकर उस चीज के साथ आपको भूख को चढ़ाना

होते हैं जिसके बिना कोई भी व्यक्ति भी

काम करेंगे और जिसके साथ हर भूख संपूर्ण

है

है और वह है संपूर्ण समर्पण और प्रेम

प्रेम की स्थिति सिर्फ मां के प्रति यह

हमारा लक्ष्य तय है कि हम प्रेम का अर्थ

मां से समझना शुरू करते हैं वहीं पर खत्म

कर देती प्रेम हर मनुष्य के प्रति होना

चाहिए अ जी के प्रति होना चाहिए वही सच्चा

प्रेम है जो मां देती है

मंदिर में जाकर भोग चढ़ा ना गया था अगर

आपके जीवन में तेल का फूल नहीं खिला है और

इसी संदर्भ में एक बहुत ही रोचक प्रसंग

मैं आपको सुनाती हूं राबिया नाम के एक

व्यक्ति के रात्रि के समय वह चलते चलते

किसी गांव में जा पहुंची उसने रात्रि को

विश्राम करने के लिए उस गांव के हर दरवाजे

को खटखटाया कि कोई उसे भीतर आने को कह दे

बहुत ठंडे लेकिन किसी ने भी उसे स्त्री के

प्रति सहानुभूति नहीं रखी और उसे अंदर

नहीं आने दिया यह सोचकर कि वह आएगी तो उसे

खाना भी खिलाना पड़ेगा और यह स्वभाविक भी

हो चुके हैं आज के कलयुग में कि किसी भी

अनजान को आप अपने घर में नहीं बुला सकते

हैं

है क्योंकि हम इस महल को तत्व ताजों की

दुनिया में ऐसी चीजें खट्टा करके बैठ गए

धन और गहने हटा करके बैठ गए हैं कि वह

हमें हमारी जान से भी ज्यादा प्रिय हो

चुके सबको डर लगा रहता है कि कोई चुरा

करना भर जाए तो उस गांव के लोगों को भी डर

लगा कि न जाने कौन सी है

कि जब सुबह हुई तो राधिया जब ठंड में

आंकड़े भी एक कोड पर पड़ी हुई भी लोगों को

देखिए तो लोगों को बहुत पश्चाताप कि

उन्होंने इससे स्त्री के साथ सही नहीं

किया

हैं उन लोगों ने जवाब दिया को नींद से

जगाया तो वह सब के पैर छूने लगी और सबको

धन्यवाद करने लगे गांव के लोग बड़े लज्जित

हुए और कहने लगे तुम बड़ी विचित्र हो हम

तुमसे माफी मांगना चाहते हैं और तुम हमारे

पैक होकर धन्यवाद कर रही हो आखिर बात क्या

है तब राबिया ने कहा जब आप लोगों ने मुझे

घर के अंदर नहीं आने दिया तो मैं समझ गई

थी कि आप मेरा भला चाहते थे अगर मैं घर के

अंदर आ जाती है तो रात को इतनी सुंदर तारे

फूलों की खुशबू सुबह का उत्तर सूरज इतनी

सुंदर बगीचे में रहते हुए मैं कभी भी

अनुभव ना कर पाते हैं

कि मैं रात भर फूलों के साथ खेलती रही

तारों से बातें करती रही क्योंकि ठंड बहुत

थी इस कारण में पीपल और जैसे ही सुबह

सूरज उठते हुए देखा तो सूर्य देव को मैंने

प्रणाम किया थोड़ी देर मां इश्वरी तो मेरी

आंख लगी

कि आप लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद आप

लोगों ने इतनी खूबसूरत दृश्य देखने का

मुझे अवसर दिया और यह कह कर दिया वहां से

चली गई

हैं तो दोस्तों यह एक उदाहरण है अनकंडीशनल

लव का जो किसी शर्त किसी व्यवहार का

मोहताज नहीं है

कि जब कोई मनुष्य इतनी गहराई से पेमेंट

डूबा होता है प्रकृति के लिए दूसरे

मनुष्यों के लिए हरदीप के लिए तो इश्वर हर

वक्त उसके साथ होता है

है और भोग चाहे पकवानों का हो या मिट्टी

का उससे कोई भी फर्क नहीं पड़ता और इंसान

ईश्वर के इतने करीब पहुंच जाता है कि भोगी

प्रेम के आगे छोटा दिखने लगता है

कि जब आप मंजिल पर बहुत जाते हो तो भोग

नाम की सीढ़ियों का कोई अर्थ नहीं रह जाता

तो अगली बार जब कभी भी आप मां को भौतिक

भोग अर्पित करें चाहे वह बड़े हो लॉन्ग

बता से सूजी का हलवा नारियल गुड बहुत सारे

मां के पीछे भूख मर जाते हैं तो यह भी एक

होगा आप अपने साथ लेकर जाएं प्रेम और

समर्पण का भोग

है और याद रखें कि ईश्वर सिर्फ मंदिर में

नहीं बल्कि हर एक मनुष्य में है हर एक कोण

में हैं और मां का सबसे प्रिय भोगी प्रेम

और समर्पण है

कि आज की वीडियो में इतना ही दोस्तों अगली

वीडियो में बहुत जब मिलती हूं तब तक के

लिए अपना ध्यान रखें स्वस्थ रहिए खुश रहिए

मस्त रहिए जय माता दी जय बजरंगबली

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