माँ काली सन्देश तुम्हारे दुश्मन को जिन्दा मार दूंगी - Kabrau Mogal Dham

माँ काली सन्देश तुम्हारे दुश्मन को जिन्दा मार दूंगी

मेरे बच्चे वह तुम्हें बार-बार घुमा रहा

है और तुमसे बार-बार झूठ बोल रहा है मैं

बताऊंगी तुम्हें सच क्या है उसके मन में

चल रही बातों को मैं स्पष्ट रूप से

तुम्हें ज्ञात

कराऊंगा बोलने के लिए क्यों विवश हो रहा

है क्या कारण है उसके पीछे

उसे तुम पूर्ण रूप से यदि समझ लोगे तो तुम

भी उसके मन की भावनाओं को समझ पाओगे और यह

भी समझ पाओगे कि आगे से वह तुम्हें ना

घुमाए ना झूठ बोले उसके लिए भी तुम्हें

कुछ ऐसा करना होगा तुम्हारा ही कोई अपना

करना तो कुछ और चाहता है लेकिन तुम उस पर

जबरदस्ती अपनी मर्जी थोप रहे हो तुम चाहते

हो कुछ और उसके मन में कुछ और है तुम्हें

वह बात बता नहीं रहा और तुम उसकी और तुम

उसकी बात को समझ नहीं रहे तुम्हें उसके

हृदय की बात को समझना होगा और तुम उस तरह

से अपना व्यवहार बदलो जिससे कि वह अपने मन

की बात को बता पाए वह बार-बार

अपनी बात को छुपाने के लिए इसलिए विवश हो

चुका है क्योंकि वह तुमसे बहुत डरता है

इसीलिए वह तुम्हें बार-बार घुमा रहा है कि

कभी कहता मेरा मन नहीं लगता कभी कहता है

कि मुझे यह काम करना नहीं है कभी कुछ और

कहता है कभी कुछ और कहता है कुछ ना कुछ तो

सामने अड़ंगा डालता रहता है और तुम्हें

कुछ ना कुछ बहाना लगाता रहता है और

तुम्हें पता ही नहीं चल रहा कि वह बहाना

क्यों लगा रहा है उसके बहाने का कारण है

कि उसे वह कार्य नहीं करना और तु तुम उसके

ऊपर जबरदस्ती कर रहे हो तुम्हें यह करना

ही होगा तो मेरे बच्चे समझना उसे नहीं

समझना तुम्हें है कि तुम उस पर अपनी

जबरदस्ती थोप रहे हो किसी को यदि तुम झूठ

बोलने पर विवश करते हो तो यह गलती उसकी

नहीं तुम्हारी है तुमको वो घुमाए या झूठ

बोले इससे अच्छा तुम उसके मन की बात पूछ

लो कि वह क्या चाहता है

क्या करना चाहता है उसकी क्या इच्छा है

यदि तुम उसके मन की बात पूछोगे तो उसे झूठ

बोलने की जरूरत नहीं होगी उसके मन की

इच्छा के अनुसार ही तुम उसे कोई भी कार्य

कराओ वह शिक्षा के विभाग में हो या फिर

जीवन के किसी भी रह किसी मोड़ पर लेकिन

इतना तुम्हें भी ध्यान रखना होगा कि कहीं

ऐसा ना हो वह गलत फैसला ले ले इसलिए तुम

उसे प्यार से हर बात को समझाओ और फिर उसके

बाद तुम उसे फैसला लेने के लिए बोलो

क्योंकि प्यार से बोली गई बात उसके दिमाग

में बहुत अच्छे से बैठेगी और वह तुम्हारी

बात को मानते हुए तुमसे हमेशा सच बोलेगा

ना कि तुम्हें घुमाएगा अब सुनो काम की बात

इंसान जिस काम में खुश होकर किसी काम को

करता है है उस काम को ज्यादा कर पाता है

यदि तुम अपनी मर्जी से किसी के लिए कोई भी

क्षेत्र चुनाव के क्षेत्र हो सकता है कि

उसके लिए रुचिकर ना हो तो उसके लिए तुम

अपने आप को रोक लो अपने मन को रोक लो उसकी

तरह से समझो कि यदि तुम पर कोई जबरदस्ती

किसी कार्य को थोप दे तुमसे कोई जबरदस्ती

कोई कार्य करवाए तो तुम्हें

कैसा महसूस होगा क्या तुम उस कार्य को कर

पाओगे अगर तुम अपने हृदय से इस बात को समझ

लोगे तो मेरे बच्चे ना ही कोई तुम्हें

घुमाएगा फिरा जाएगा और ना ही तुमसे कोई

झूठ बोलेगा कि तुमसे सच बोल कर के ही किसी

भी कार्य को करेगा क्योंकि सामने वाले को

तुम्हें जरूरत ही नहीं पड़ेगी घुमाने

फिराने की इसलिए आज मैंने तुम्हें यह सच

बताया है जिसे कि तुम किसी के हाथ झूठ

बोलने से बच जाओ इसीलिए अच्छा यही होगा कि

तुम ऐसा कोई कार्य ना करो मेरे बच्चे

क्योंकि तुम्हें कोई घुमाए मुझे पसंद नहीं

और यह भी बहुत अच्छे से समझ लो कि मैं हर

पल तुम्हें देख रही हूं तुम्हारे साथ कभी

गलत नहीं होने

दूंगी मेरे बच्चे यह मेरी अंतिम चेता नी

है मैं तुम्हें आखिरी बार समझा रही हूं

यदि तुमने मेरी बातों को ध्यानपूर्वक नहीं

सुना और ध्यान नहीं दिया तो तुम्हें मेरे

अत्याधिक क्रोध का सामना करना

पड़ेगा इसलिए मैं तुम्हें यह संदेश भेज

रही हूं मेरे बच्चे इसलिए जो आज बताने

वाली हूं उसे ध्यानपूर्वक सुनना और समझना

क्योंकि इस बात को समझना बहुत ज्यादा

जरूरी है तुम्हारे लिए जीवन के रास्ते

रुकने के बहुत कारण होते

हैं परंतु रास्ते खुलने की बहुत कम वजह

इसलिए तुम उन बजाओं को कभी अनदेखा मत करो

क्योंकि गुनाह तुम्हें बड़ी-बड़ी गलतियों

के कारण प्राप्त होता है परंतु मेरे बच्चे

पुण्य तुम्हें छोटे-छोटे कार्य से ही

प्राप्त हो जाता

है

बड़ी-बड़ी गलती होगी तब भी छोटे-छोटे

कार्य से भी माफी मिल जाती है लेकिन सबसे

पहले तुम्हें इस बात का ध्यान रखना अति

आवश्यक है कि तुम ऐसा कोई कार्य करो नहीं

जिससे तुम गुनाह के भागीदार बन

जाओ यदि जीवन में तुमसे कोई गलती हो जाती

है तो तुम उसको ध्यान से रखते हो हुए उसकी

माफी की याचना करते हुए कुछ ऐसे कार्य करो

जिससे तुम्हारी वह गलती की माफी तुम्हें

मिल

जाए और आगे के सभी मार्ग तुम्हारे लिए खुल

जाए मुझे ज्ञात है मेरे बच्चे कि पैसों की

आवश्यकता सभी को होती है परंतु यह मैं

तुमहे कई बार समझा चुकी हूं कि गलत मार्ग

से पैसे यदि तुम अर्जित करते हो तो तो तुम

बहुत बड़ा पाप कर रहे

हो यदि तुम सोचते हो कि घुमावदार कार्य

करोगे और दुनिया को बेवकूफ बनाकर तुम पैसे

अर्जित कर लोगे तो यह तुम्हारी बहुत बड़ी

भूल है मेरे बच्चे क्योंकि वह पैसे

तुम्हारे पास कुछ समय के लिए तो आ

जाएंगे लेकिन वह ऐसी जगह और ऐसे कार्य में

खर्च होंगे जो तुम्हारी किसी काम के नहीं

होंगे व्यर्थ की चीजों में पैसे खर्च हो

जाएंगे कहने का तात्पर्य है कि वह बीमारी

में या किसी दुर्घटना में ऐसे कार्य में

तुम्हारी किसी मतलब के नहीं

होंगे इसलिए पैसे को ईमानदारी से कमा सकते

हो मेरे बच्चे ईमानदारी से कमाना और यदि

जीवन में कोई गलती हो जाती है तुमसे जान

अनजाने भूल से तो तुम हर शनिवार को विष्णु

देव पीपल के वृक्ष में मां लक्ष्मी के साथ

वास करते

हैं शनिवार के दिन सरसों के तेल का दिया

रख देना तुम्हें सभी की गलतियों से वह

स्वयं माफ कर देंगे उनके माफ करते ही

मुझसे माफी तुम्हें सत ही मिल जाएगी लेकिन

मेरे बच्चे इसके साथ इस बात का भी स्मरण

रखना कि तुम्हें गलत कार्य से किसी भी

सूरत में बचना होगा इस दिन थोड़ी सी पूजा

पाठ करने से और कुछ भी मांगने से तुम्हारी

मनोकामना पूर्ण हो जाती है कहने का अर्थ

यह है मेरे बच्चे कि यदि तुम अपनी गलतियों

की माफी मांगते

हुए इस कार्य को करते ही माफी मिलती है

यही तुम्हारे जीवन में यदि नुकसान हो रहा

होता है वह भी दूर हो जाता है सतर्क होना

होगा और ध्यान रखना होगा कि तुम्हें अपने

अच्छे दिनों के लिए क्या-क्या करना

चाहिए क्योंकि आने वाले दिन तुम्हारे लिए

भारी चमत्कार लेकर आएंगे यदि तुम आगे के

कर्मों को सुधारते हुए पीछे की हुई

गलतियों की माफी मांगने के लिए कुछ न

निपुण भी करोगे तो मेरे बच्चे उससे भी

तुम्हें माफी मिलती

रहेगी बड़ों की सेवा करो बड़ों की आज्ञा

का पालन करो किसी से ऊंची आवाज में बात मत

करो मेरे बच्चे देखना देखते देखते ही

तुम्हारा दिन कैसे पलट जाएगा मेरे बच्चे

कल सुबह तुम मेरी पूजा करने आओगे तो तुम

पान का पत्ता लेकर आना

और तुम्हारी जो इच्छा अधूरी है उसे बोलते

हुए उस पत्ते को मुझे समर्पित कर देना तुम

जिस कार्य को काफी समय से कर रहे हो उसे

पूर करने में काफी प्रयास कर चुके

हो उस कार्य को पूर्ण होने का समय आ चुका

है इसलिए अब तुम्हें रुकना और थकना नहीं

है तुम और तेजी से आगे बढ़ो और अपनी पूरी

ताकत से उस कार्य को पूर्ण करने के लिए

कोशिश

करो मेरी बातों को ध्यान रखना यह मत भूलो

कि तुम्हारा आगे का समय बहुत अच्छा होगा

तुम निश्चित रहो मेरे बच्चे तुमसे मैं

बहुत प्रेम करती हूं और मैं शक्ति बनकर

तुम्हारे हर कार्य को सफल बना

दूंगी तुम्हारे जीवन में एक ऐसी शक्ति

उत्पन्न हो रही है जिससे कि मेरा भक्त जिस

बात को अपने मन में बसा ले मैं उसकी हर

इच्छा को पूर्ण करने के लिए सहायक बन सकूं

कल की सुबह तुम्हारे भाग्य को उदय करने की

सुबह

है कल की सुबह की किरण तुम्हें तुम्हारी

मंजिल अवश्य दिलाएगी यह मेरा वचन है यह एक

बात तुम्हें कभी भूलना नहीं चाहिए यदि तुम

संसार को दुख दर्द एवं हानि प्रदान करोगे

तो तुम्हें भी किसी ना किसी रूप में दुख

दर्द और हानि ही प्राप्त

होगी तुम्हारे द्वारा की गई अच्छाई और

बुराई दोनों ही सही समय होने पर तुम्हें

प्राप्त होगी तुम्हें आवश्यकता है कि तुम

संसार में केवल दया भाव प्रेम सकारात्मकता

ही प्रदान करो ताकि संसार का तो भला हो

इसके साथ साथ तुम्हारा स्वयं का भी भला

सदैव भला

हो तुम्हें सदैव दूसरों से यह पूछना चाहिए

कि तुम कैसे उनकी सहायता कर सकते हो

तुम्हें यह भी जानने की आवश्यकता है कि जब

तुम किसी दूसरे की सहायता करके उसको ऊपर

उठाने में मदद करते हो

तो उस के ऊपर उठने और बेहतर होने पर तुम

स्वयं भी ऊपर उठते हो और बेहतर मनुष्य

बनते हो दूसरों की सहायता करने पर तुम्हें

जो संतुष्टि और प्रसन्नता प्राप्त होती है

तो तुम्हारा भी विकास होता है दूसरों की

सहायता करने पर तुम्हें आवास

होगा कि तुम स्वयं से भी बड़ी किसी चीज का

हिस्सा हो जब तुम दूसरों से स्वयं को

जोड़ो तो तुम्हें अपने हृदय में पहले से

अधिक शांति का आभास होगा तुम्हें संसार

में अधिक प्रसन्नता और स्वयं के जीवन में

अधिक खुशियां महसूस

होंगी संसार से स्वयं को जोड़ने पर

तुम्हें अपनी सेहत और कल्याण में भी सुधार

महसूस होगा आज से तुम्हें यह ठान लेना

चाहिए कि तुम स्वयं को संसार का और संसार

को स्वयं का हिस्सा मानोगे मेरा आशीर्वाद

सदैव तुम्हारे साथ है मेरे अगले संदेश की

प्रतीक्षा

करना

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