माँ काली वो मुझसे तुम्हें पाने की भीख मांग रहा है। - Kabrau Mogal Dham

माँ काली वो मुझसे तुम्हें पाने की भीख मांग रहा है।

मेरे बच्चे तुम जिस व्यक्ति से प्रेम करते

हो आज वह तुम्हारे बारे में सोचकर परेशान

है क्यों तुम दोनों के बीच मेरे बच्चे

दूरी आ गई क्यों तुम दोनों का रिश्ता उस

मोड़ पर आ गया कि तुम दोनों में अब बात

नहीं हो रही वह कैसे भी करके तुमसे बात

करना चाहता है तुम दोनों के बीच की दूरी

वह मिटाना चाहता है पर वह चाहता है मेरे

बच्चे कि तुम पहले पहल करो तुम उससे बात

करो उसका अहम उसे पहल करने से रोक रहा है

मेरे बच्चे उसे लगता है कि उसे बिना किसी

बात के सजा दी जा रही है उसे नहीं पता यह

रिश्ता क्यों इतना खराब हो गया उसके आसपास

चाहे कितने भी लोग हो उसे पता है जिसके

साथ वह उठता बैठता है सब अपने मतलब के लिए

मेरे बच्चे उससे जुड़े हैं उनको कुछ ना

कुछ उससे चाहिए एक तुम ही थे उसके जीवन

में जो बिना किसी स्वार्थ के उससे जुड़े

हुए थे बिना किसी लालच के मेरे बच्चे कि

उससे जुड़े हुए थे उसे लगता है कि वह चाहे

पूरी दुनिया को ले पर तुमसे अच्छा इंसान व

नहीं पा सकता नहीं ढूंढ सकता मेरे

बच्चे एक तुम ही थे जो उसे इतने अच्छे से

समझते थे उसकी हर बात सुनते थे उसका साथ

देते थे हां मेरे बच्चे उसका साथ देते थे

उसकी हर बात सुनते थे पर कोई भी ऐसा नहीं

जो उसका ख्याल रखे जिससे वह अपनी मन की

बातें कर सके जो उसे समझ सके भीड़ में भी

अकेला है वह जिसके साथ वह है उसके साथ

उसका दम घुट रहा है वह खुद को कैद में बंद

महसूस करता है आपको हर पल याद करता है

कितना भी हो खुद को खुश दिखा ले पर वह खुश

नहीं है उसकी भावनाएं की कोई कदर नहीं है

अब उसकी कोई कदर नहीं है खुद को अकेला

महसूस करता है वह उसकी भावनाएं उसे परेशान

कर रही हैं तुम्हारी चुपी मेरे बच्चे उसे

अंदर ही अंदर खाए जा रही है कि तुम उससे

कोई शिकायत क्यों नहीं कर रहे हो उससे लड़

क्यों नहीं रहे हो वह मजबूर हो गया है दिन

रात मेरे बच्चे तुम्हारे बारे में सोचने

के लिए मेरे बच्चे जब तुम बोलते थे उसने

तुम्हारी एक ना सुनी आज वह मेरे बच्चे

दिखावा कर रहा है जब तुम अपनी तकलीफों को

बताते थे तब उसने तुम तुम्हारी हर बात को

अनसुना कर दिया आज तुम्हारी चुप्पी उसे

बेचैन कर रही है मेरे बच्चे जब उसे

तुम्हारी सुधी कहां थी जब तुम रोते थे

सबके साम ने अपने बेगुनाह होने का परिचय

देते थे उसे तुम्हारी बातों से कोई फर्क

नहीं पड़ता था तुम्हारे रोने से मेरे

बच्चे कोई फर्क नहीं पड़ता था तुमने तो

उसे कई बार अपने सही होने का प्रमाण दिया

रोते रोते मेरे बच्चे खुद को साबित किया

फिर भी उसने तुम पर तुम्हारी सच्चाई पर

उसने ध्यान नहीं दिया वह अभी भी ता है कि

तुम मेरे बच्चे सामने से चलकर आओ उससे बात

करने के लिए और सब भूल जाओ जो उसने

तुम्हारे साथ

किया मेरे बच्चे यह भूल मत करना उसने तो

तुमसे तुम्हारे सही होने का तुम्हारे

अच्छे होने का बार-बार सबूत मांगा है मेरे

बच्चे तुमने इस रिश्ते को बचाने के लिए

बहुत बलिदान दिया है इस बार आप यह गलती मत

करना उसे खुद अपनी गलती का एहसास होने दो

मेरे बच्चे उसे तुमसे माफी मांगने दो आज

नहीं तो वह कल तुमसे बात जरूर

करेगा उसका अहंकार टूटने दो तुमने जो

प्रार्थनाएं की है इस रिश्ते को बचाने के

लिए बहुत झुके हो तुम अब वोह झुके

अब वह प्रार्थना करेगा तुम्हें मनाने के

लिए मेरे बच्चे फिर से वह गलती मत

करना हां मेरे बच्चे वह तुम्हारा यह बदला

हुआ रूप देखकर डर गया है वह तुम्हें खोने

से डर गया है वह भीख मांगेगा कि भगवान से

कि तुम उसे एक मौका और दे दो तुम उसे फिर

से अपना लो उसे अपनी गलतियों का एहसास

होने दो मेरे बच्चे

उसे खुद एहसास होने दो मेरे बच्चे तुम

अपने सही होने का तुम अपने चरित्र का बहुत

परमाण दे चुके हो उसे अब व नहीं उसने कहां

तुम्हारा अपमान किया कहां उसने तुम्हें

नीचा दिखाया उसे यह बात खुद समझने दो मेरे

बच्चे तुम उसे

कुछ भी सही गलत मत बताना मेरे बच्चे उसे

यह चीजें खुद समझनी होगी तभी वह अपने भीतर

परिवर्तन कर पाएगा तभी बदलाव कर पाएगा वह

तुमसे जल्द ही बात करने आएगा तुमसे माफी

मांगेगा वह उसे पता है उसने तुम्हें बहुत

झूठे सपने दिखाए हैं मेरे

बच्चे और वह माफी मांगने आएगा अपनी सारी

गलती को सुधार कर वो अपने सारे वादे पूरा

करेगा उसने हर बार तुम्हें कटघरे में खड़ा

किया है इस बार मेरे बच्चे उसे अब वह

कटघरे में खड़ा होगा उसे अपनी सच्चाई को

साबित करना होगा कि वह सच में बदल गया है

तुम्हारे योग्य बन गया है उसे अपने किए पर

भीतर से एहसास हो पर मेरे बच्चे उसे पता

है अब तुम्हारा विश्वास जीत पाना आसान

नहीं

है तुम्हारे आगे उसे खुद को साबित कर पाना

मेरे बच्चे अब आसान नहीं है किंतु उससे

पहले एहसास तो हो कि उसने क्या-क्या गलत

किया है हां मेरे बच्चे उसका अहंकार उसे

खुद को सही ठहरा है वह तुम दोनों के बीच

आई दूरी के लिए खुद खुद को जिम्मेदार नहीं

मानता है उसे लगता है कि तुम्हें कोई बात

बुरी लगी तो तुम उससे दूर हो गए तुमने उसे

समझाने का एक मौका तक नहीं दिया मेरे

बच्चे वह जब तक तुम्हें गलत समझता रहेगा

वह इस रिश्ते को कभी ठीक नहीं कर पाएगा हम

उसकी आंखों में मेरे बच्चे पश्चाताप देखना

चाहते हैं उसने हमेशा चाहा कि तुम उसके

पैरों में पड़े रहो मिन्नतें करते रहो

मेरे बच्चे पर अब उसकी बारी

अब उसे तुम्हारे कदमों में झुका हुआ देखना

चाहते हैं हम उसे इसके लिए अपने घमंड को

अपने अहंकार को पीछे छोड़ना होगा वह रोज

हमारे मंदिर में आकर हमसे माफी मांगता है

तुम्हें वापस पाने की भीख मांगता है मेरे

बच्चे लेकिन हम उसे माफ नहीं करेंगे जब तक

वोह तुमसे माफी नहीं मांगता तुमसे नजरें

मिलाते हुए अपनी हर एक

गलती को सुधारने का प्रण नहीं लेता तब तक

उसे माफी नहीं मिलेगी इसके लिए उसे अपने

घमंड को पीछे छोड़ना होगा अगर वह मेरे

बच्चे सच में तुम्हें पाना चाहता है तो इस

बार उसे पहल करनी होगी खुद को साबित करना

होगा कि वह तुम्हारे योग्य बनना चाहता है

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