माँ काली वह महिला तुम्हारे घर में उत्पात कर रही है। उसकी चाल सफल हो रही है। - Kabrau Mogal Dham

माँ काली वह महिला तुम्हारे घर में उत्पात कर रही है। उसकी चाल सफल हो रही है।

मेरे

बच्चे तुम्हारे परिवार की सुख

शांति बहुत लोगों की नजर में टक रही

है तुम्हारे परिवार में कलह करवाने के

लिए लोग हर संभव प्रयास करते

हैं परंतु फिर भी तुम्हारे अपनों के बीच

में इतनी एकता है कि कुछ लोगों को

यह बात हजम नहीं

होती वह यह सोचकर अचंभित

है कि तुम्हारे परिवार में इतना प्रेम

क्यों

है जबकि उनके पास तो धन दौलत रुपया पैसा

सब कुछ

है फिर भी उनके परिवार में उपद्रव होता

है तुम्हारे जीवन में तो बहुत सारी

समस्याएं

हैं भी तुम्हारा परिवार हमेशा हंसता

मुस्कुराता रहता

है एक महिला बहुत समय से प्रयास कर रही

है तुम्हारे घर में अलगाव करने

की परंतु हर बार उसके इरादे नाकाम होते

हैं परंतु अब तुम्हें सतर्क रहने की

आवश्यकता

है क्योंकि अब उसकी

चाल सफल होती हुई दिखाई दे रही

है तुम्हारे परिवार की महिलाओं के मन

पर वह राज करने लगी

है उन्हें एक दूसरे के खिलाफ कर रही

है मेरे बच्चे वह कोई और नहीं तुम्हारी

पड़ोसी है जो हर समय तुम्हारे घर की

खुशियों पर नजर रखती है वह बड़ी बुजुर्ग

है इसलिए लोग उसे सम्मान देते

हैं परंतु वह उम्र में भले ही बड़ी

है किंतु उसकी सोच बहुत छोटी

है उसकी योजना हमेशा तुम्हारे घर

में उत्पात मचाने की होती

है हालांकि तुम्हारे घर के

लोग अपना हित अहित जानते हैं

उन्हें अपनी युक्ति में

उलझाना उस महिला के लिए सरल नहीं

है किंतु इस बार उसने बहुत बड़ा चक्र वव

रचा

है जिसमें फंसकर तुम्हारा पूरा परिवार

बिखर सकता

है मेरे बच्चे वह तुम्हारे अपनों के मन

में लालच भर रही

है लंबे समय से तुम्हारे परिवार

में जो मजबूत प्रेम की कड़ी

है उस कड़ी को वह तोड़ना चाहती

है मेरे बच्चे तुम्हें अपने परिवार

की एकता बचाए रखने के

लिए सावधान रहना

होगा मैं अपने संदेशों के माध्यम

से

तुम्हें बार-बार सचेत कर रही

हूं किंतु वह महिला आज

भी तुम्हारे परिवार से संपर्क साध रही

है यदि तुम्हें सुंदर सुखी संपन्न परिवार

चाहिए तो तुम्हें स्वयं को बदलना

होगा मेरे बच्चे मैं जानती

हूं तुम्हारा स्वभाव अत्यंत विनम्र

है कई बार ऐसा होता

है कि सामने से ही कोई

व्यक्ति तुम्हें कुछ अनुचित बोल देता

है और तुम जवाब नहीं दे

पाते कुछ ऐसा ही उस महिला के साथ

है मेरे बच्चे बहुत ऐसे लोग हैं

जिन्हें तुम पसंद नहीं

करते क्योंकि उनका व्यवहार ही ऐसा

है जो तुम्हें क्रोध दिलाता

है किंतु फिर भी तुम उन्हें उचित उत्तर

नहीं दे

पाते परंतु संस्कारों में बधे होने के

कारण तुम विवस हो जाते

हो किंतु अब तुम्हें अपनी व्यवस्था का

त्याग करना

होगा अपने परिवार की सुरक्षा के

लिए तुम्हें दूसरों की दृष्टि में बुरा

बनना

होगा कोई भी स्त्री या

पुरुष जो तुम्हें बुरा लगता

है जिस पर तुम्हें इस बात का संदेह

है कि वह तुम्हारे घर में

नफरत फैलाना चाहती है या चाहता

है उसे तुरंत अपने घर से जाने को

कहो अपने परिजन से उसे मिलने की अनुमति भी

मत

दो हो सकता है तुम्हारे इस बर्ताव

से उनसे तुम्हारा संबंध बिगड़

जाए परंतु जिसकी भावना तुम्हें लेकर शुद्ध

ना हो

उनसे संबंध जोड़ने में भी कोई लाभ

नहीं ना केवल उस इंसान

को बल्कि अपने आप को भी बांध कर रखना है

तुम्हें क्योंकि कहीं ना कहीं तुम भी भटक

रहे

हो मेरे लाख मना करने के पश्चात

भी तुम कुछ लोगों पर जरूर से अधिक भरोसा

कर रहे

हो उन्हें अपना हिताशी समझकर

उनसे अपने परिवार का

राज और अपने गुप्त रहस्य बता रहे

हो मेरे बच्चे मित्र कब तुम्हारा शत्रु बन

जाए इस बात का तुम अंदाजा नहीं लगा

सकते इसलिए अपने जज्बातों

पर

अपनी भावनाओं पर काबू

रखो और यह बात कभी मत

भूलना कि तुम्हारे परिवार के

अतिरिक्त कोई भी तुम्हारा हृदय से नहीं हो

सकता जो लोग तुम्हारे भरोसे पर खरे उतरे

हैं उन्हें भी अपने कुछ गुप्त रहस्य मत

बताना

अन्यथा भविष्य में तुम्हें बहुत पछताना

पड़ेगा और तुमने स्वयं इसे भोगा

है कई बार तुम्हारे मित्रों ने

ही तुम्हें धोखा दिया

है किंतु फिर भी तुम वही कर्म दोहरा रहे

हो मेरे बच्चे अपनी योजनाएं अपने तक सीमित

रखो मेरे आदेशों का पालन करो

ऐसे लोगों को अपने घर में अपने जीवन

में कदम भी मत रखने

दो जिनकी मनसा ही तुम्हें आहत करने की

है खुश रहो मेरा आशीर्वाद तुम्हारे साथ

है तुम्हारा दिन मंगलमय

हो सच्चे मन से

कहो जय मां काली आ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *