माँ काली वह तुम्हारा सभी राज जानता है कोई बहुत करीबी शत्रु बन गया है - Kabrau Mogal Dham

माँ काली वह तुम्हारा सभी राज जानता है कोई बहुत करीबी शत्रु बन गया है

[संगीत]

मेरे

बच्चे आने वाले दिनों में तुम्हें बहुत

सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि

तुम्हारा शत्रु तुम्हारे खिलाफ बहुत बड़ी

चाल चलने वाला है वह कुछ ऐसा करेगा जिससे

तुम्हारे जीवन में उथल पुथल मच जाएगी तुम

बहुत बड़े संकट में पड़ सकते

हो मेरे बच्चे मैं तुम्हें सावधान करने आई

हूं आने वाले दिनों में कोई व्यक्ति

तुम्हें कुछ खाने को देता है तो मत

लेना किसी और के हाथ का दिया हुआ कुछ मत

खाना मेरे बच्चे व तुम्हारा करीबी हो सकता

है कोई रिश्तेदार जो तुमसे जलता

है इस व्यक्ति के बारे में तुम भली भाति

जानते हो तुम यह भी जानते हो कि यह

व्यक्ति तुम्हारी खु खुशियों से तुम्हारी

कामयाबी से कभी खुश नहीं हो सकता तुमने

बड़ा हृदय दिखाते हुए उसे माफ कर दिया था

और वह भी तुम्हारे सामने ऐसा दिखावा करता

है कि वह भी अपनी गलतियों से सबक ले चुका

है और वह सच में तुम्हें अपना मानने लगा

है पर मेरे बच्चे ऐसा कुछ नहीं है वह आज

भी तुम्हारा शत्रु ही

है वो आज नहीं पिछले जन्म से ही तुमसे

शत्रुता निभा रहा है उसने तो बस एक मुखौटा

पहन लिया है मुखौटा अच्छे बनने का मुखौटा

तुम्हारा शुभ चिंतक होने का वो तुम्हारा

शुभ चिंतक नहीं है और आने वाले कुछ दिनों

में वो तुम्हारे खिलाफ बहुत बड़ी चाल

चलेगा वो अपना असली रंग तुम्हें जरूर

दिखाएगा मेरे बच्चे तुम्हें बहुत ज्यादा

सावधान रहने की जरूरत है सिर्फ तुम्हें

नहीं तुम्हारे परिवार के हर सदस्य को

सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि उससे

तुम्हारी सफलता नहीं देखी जा रही है

तुम्हारे घर की सुधरती आर्थिक स्थिति उससे

नहीं देखी जा रही है वह कुछ ऐसा करने वाला

है जिससे अचानक से ही तुम्हारी तबीयत खराब

होने लगेगी या तुम्हारे परिवार में किसी

की तबीयत खराब होने लगेगी वो अचानक

कुछ ऐसा करेगा कि तुम्हारी आर्थिक स्थिति

[संगीत]

[संगीत]

डमाइज अपने घर में मत रखना

मेरे बच्चे तीन संकेत यह होंगे आने वाले

कुछ दिनों में कोई इंसान तुमसे पैसे की

मांग करेगा या किसी प्रकार की मदद

मांगेगा एक बार विचार जरूर कर लेना कि तुम

किस इंसान को और किस व्यक्ति को वह पैसे

दे रहे हो क्योंकि हो सकता है वह पैसे

तुम्हें वापस कभी मिले ही ना तुम्हारे वो

पैसे डूब जाए इन दिनों में मैं तुम्ह बहुत

संकेत दूंगी तुम्हारी अंतरात्मा तुमसे

बहुत कुछ कहेगी कोई भी निर्णय लेने से

पहले अपनी अंतरात्मा की आवाज जरूर सुनना

कोई भी निर्णय लेने से पहले एक बार विचार

करना अतीत में हुई चीजों का लोगों ने

तुम्हारे साथ कितना छल किया लोगों ने क्या

किया उस बात पर विचार करके फिर कोई निर्णय

लेना आने वाले दिनों में बहुत जरूरी है

कि तुम अप अपनी बुद्धि का प्रयोग करो ना

कि अपने हृदय का आने वाले दिनों में यह

बहुत जरूरी है कि तुम जहां काम करते हो

वहां भी बहुत सावधानी बरतो क्योंकि वहां

पर भी तुम्हारे ऊपर कुछ इल्जाम लगाए जा

सकते हैं वहां पर भी कुछ लोग हैं जो

तुम्हारी तरक्की से जल रहे हैं जिनको यह

लग रहा है कि तुम उनके बाद से वहां काम कर

रहे हो लेकिन तुम्हारी तरक्की उनसे जदा

तो वह लोग भी तुम्हें नीचे खींचने की

कोशिश करेंगे पर तुम्हें बातों से घबराना

नहीं है मैं तुम्हारी रक्षा कर रही हूं

कोई तुम्हारा कुछ बिगाड़ नहीं

सकता पर हां यह लोग जो चलेंगे उससे

तुम्हारा मनोबल कम

होगा इससे तुम्हारे भीतर नकारात्मक ऊर्जा

आ सकती है जिससे तुम्हें बचना है तुम्हें

मुस्कुराकर और डटकर सबका सामना करना है और

बहुत सोच समझकर निर्णय लेना है बहुत कुछ

समझकर कहीं पैसा लगाना है किसी को पैसा

देना है ये लेना है तुम्हें आने वाले

दिनों में भावनाओं में नहीं बहना है मेरे

बच्चे और किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा

नहीं करना है मेरा यह सुझाव है

तुम्हें तुम हनुमान चालीसा का पाठ करना

शुरू कर दो

स्वयं हनुमान जी तुम्हारी रक्षा

करेंगे और दुश्मनों का नाश अवश्य करेंगे

ओम नमः शिवाय तुम्हारा कल्याण हो मेरे

[संगीत]

बच्चे मेरे बच्चे कभी किसी को इतना भी दुख

मत देना कि बाद में तुम्हें ही बहुत

ज्यादा पछतावा हो मेरे बच्चे अगर उनकी

आत्मा रोने को मजबूर हो जाए और तुम्हें

खुद पर बहुत ज्यादा पछतावा हो और आत्मा की

चोट को तुम सुन समझ नहीं सकते हो पर मैं

अच्छे से सुनती हूं पर मैं अच्छे से सुनती

और समझती हूं और जो जैसा कर्म करता है उसे

उसी के मुताबिक फल मिलता है और उसको उसका

कई गुना फल उसे वापस मिलता है अगर तुम

किसी को दुख दोगे तो तुम्हें भी तुम्हारे

समय आने पर वही मिलेगा और अगर तुम किसी के

साथ अच्छा करते हो तो तुम्हारे साथ भी

अच्छा ही होगा और तुम्हें अच्छा ही फल

मिलेगा क्योंकि जीवन में तुम जो भी कर्म

करते हो उसका फल तुम्हें इसी जीवन में ही

प्राप्त होगा क्योंकि कब किसका वक्त पलट

जाए कोई नहीं जानता मेरे बच्चे किसी को

नीचा दिखाने से अच्छा है कि तुम उसकी मदद

करो जिससे तुम्हें खुशी मिले यह जीवन में

अच्छा बुरा देखा जाता है कि कौन किसके काम

आता है अगर कोई परेशान है तो उसकी मदद करो

ना कि उसको बुरा सुनाकर उस पर हंसो ऐसा

करने से वह इंसान और भी ज्यादा टूट जाता

है इसलिए तुम जितना मदद करोगे उतना ज्यादा

खुश होगे और यदि कोई तुम्हारे साथ ऐसा

करता है तो वह यह बहुत ही गलत कर रहा है

उन्हें यह ज्ञात नहीं है कि वह पाप कर रहा

है उन्हें उनके पाप का दंड अवश्य ही

मिलेगा मेरे बच्चे तुम्हें अपार सफलता

प्राप्त करना है चिंता करने की कोई

आवश्यकता नहीं है जीवन की हर खुशी तुम्हें

मिलने वाली है जैसा जीवन चाहते हो वैसा

जीवन तुम्हें अवश्य प्राप्त होगा जो लोग

तुम पर हंस रहे हैं वह हंसते ही रह जाएंगे

तुम्हारे जीवन में अपार सफलता को

देखते वह आश्चर्य चकित रह जाएंगे वह हर

दिन दूर नहीं है जो हंस रहे हैं वही खड़े

होकर एक दिन तुम्हारे लिए ताली भी बजाएंगे

मेरे बच्चे तुम्हारे इस काम की जितनी

तारीफ की जाए उतनी ही कम है क्योंकि

तुम्हारा यह कार्य काबिले तारीफ है इस

महत्त्वपूर्ण कार्य को बहुत कम लोग करते

हैं जो तुमने किया है और इस कार्य करने

वाले मेरे परम भक्त बन जाते हैं जैसे कि

तुम जो कार्य तुमने किया है मैं चाहती हूं

कि मेरे सभी भक्तों उस कार्य को करें

इसलिए मैं सभी भक्तों को यह बात पूर्ण रूप

से ज्ञात करा देना चाहती हूं और बता देना

चाहती हूं कि वह कौन सा कार्य है मेरे

बच्चे जो तुमने किया है उसकी जितनी भी

तारीफ की जाए उतना कम है एक बात को बहुत

अच्छे से समझ लो मेरे बच्चे जो तुमने

दूसरों को दिया है और यह काम किया है वही

काम तुम्हारे साथ होगा और वही तुम्हें भी

प्राप्त

होगा क्योंकि जीवन में इस चीज का प्राप्त

करना कोई छोटी मोटी बात नहीं एक बहुत बड़ी

बात होती है जिसको यह एक चीज प्राप्त हो

जाती है जो तुमने दूसरों को दी है और वह

है सम्मान जो तुमने अपने गुरु जी से

शिक्षा लेते समय और शिक्षा लेने के बाद भी

तुम कभी भी उन्हें सम्मान देना नहीं भूले

इसी प्रकार तुमने अपने हर बड़े व्यक्ति को

सम्मान दिया है अब तुम इस बात को पूर्ण

रूप से समझ लो कि जिसको सम्मान दिया जाता

है वह ईश्वर के

सम्मान हो जाता है अर्थात मेरे सम्मान हो

जाता है क्योंकि सम्मान एक पूजनीय स्थान

होता है और किसी को जब तुम सम्मान देते हो

तो वही सम्मान तुम्हें लौटकर मिलता है

इसके साथ ही तुमने हमेशा अपने माता-पिता

का सम्मान किया है और इसके साथ ही तुम

प्रातः काल उठते ही उनके चरण को छूते

हो और गुरु को भी जब तुम मिलते हो तो उनको

चरणों को छूते हो मेरे बच्चे भले ही तुम

देखने में कार्य तुम्हें बहुत ही ज्यादा

साधारण लगता है लेकिन यह कार्य साधारण

नहीं है यह श्री रामचंद्र जी के रूप को

तुम्हारे अंदर दर्शाता है और चरों को छूने

के लिए जब तुम झुकते हो तो गुरु हो या

माता-पिता उनके आशीर्वाद से इतने ऊंचे

उठते चले जाते हो कि संसार में तुम बहुत

ंजे मुकाम पर पहुंचते हो मेरी इस बात का

विश्वास करो कि वह तुम्हारे जीवन में कोई

भी आए लेकिन किसी भी मोड़ पर तुम्हारी

स्थिति खराब उप नहीं होगी तुम्हारा यह

कार्य तुझे हर मुसीबत से बचाएगा और जैसे

जैसे आगे के रास्ते पर तुम चलते जाओगे आगे

के सभी मार्ग साफ होते चले जाएंगे

तुम्हारे लिए कौन सा मार्ग उचित है यह

सोचने समझने की बुद्धि प्राप्त हो जाएगी

कि जो गुरु का सम्मान करता है उसकी बुद्धि

इतनी प्रबल हो जाती है कि उसके सोचने

समझने की शक्ति बहुत ज्यादा तेज हो जाती

है ऐसे में मेरे बच्चे तुम गलत मार्गों पर

जाने से पहले ही बच जाते हो और तुम्हारी

मंजिल मिल जाएगी बच्चे तुम्हारे इस छोटे

से कार्य तुम्हारी बंद किस्मत के ताले को

खोल देती है इस बात का ध्यान रखो संसार

में कोई

भी ऐसी मंजिल नहीं बनी जो तुम्हें प्राप्त

ना हो सके जीवन में कोई भी चीज मांगने से

पहले ही तुम्हें प्राप्त हो जाएगी एक बात

का स्मरण रखना कि जिस दिन से इस कार्य को

करना प्रारंभ कर दोगे यदि नहीं किया तो

तुम्हारे जीवन की पूरी काया पलट हो जाएगी

मेरे बच्चे माता-पिता और गुरु का अपने से

बड़े का जिस दिन से सम्मान करना प्रारंभ

कर दोगे जीवन में इतना तेजी से बदला लाव

आएगा तुम यह देखकर आश्चर्य चकित हो जाओगे

यह मेरा तुमसे वादा है मैं तुम्हारे हर

कार्य में समक्ष खड़ी ही रहूंगी तुमको

अकेला नहीं छोडूंगी मुसीबतों से लड़ने की

शक्ति में स्वयं तुम्हें प्रदान करूंगी

तुम्हें भी मान सम्मान प्राप्त होगा मेरे

बच्चे मैं तुमसे बहुत प्रसन्न हूं इसलिए

अब तुम इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है

मैं तुम्हारी जिंदगी से से बहुत ज्यादा

प्रसन्न हूं मेरे बच्चे कुछ बच्चे ऐसे हैं

जिन्होंने अभी तक इस कार्य को नहीं किया

है और वह मुझे प्रसन्न नहीं कर पाए हैं

परंतु वही कुछ ऐसे बच्चे हैं जिन्होंने

मुझे प्रसन्न कर लिया है सच तो यह है कि

मैं अपने बच्चों से थोड़ी सी सम्मान से

शीघ्र प्रसन्न हो जाती हूं परंतु पूजा पाठ

के साथ-साथ कुछ ऐसे कार्य होते हैं जिससे

मैं सदा प्रसन्न रहती हूं और तुम्हारे

बिना जाने तुम्हारे भाग परिवर्तन कर देती

हूं क्योंकि तुम्हारे द्वारा किए गए कार्य

मुझे बहुत ज्यादा प्रसन्न कर रही है वही

तुम विश्वास से इन कार्य को करोगे तो मैं

तुम्हें वचन देती हूं कि तुम्हें जीवन में

किसी चीज की कोई कमी नहीं होगी इस कार्य

के कारण जो तुम्हारे अंदर इतनी शक्ति

उत्पन्न करती है यह शक्ति तुम्हारे हर

कार्य में सफल बनाने के लिए पर्याप्त है

और इसके साथ-साथ तुम अभी का सम्मान करके

तुम उनकी दुआएं ले सकते हो और मेरे बच्चे

दुआएं बहुत कीमती होती हैं मेरे बच्चे मैं

सदा तुम्हारे साथ हूं मैं फिर आऊंगी तुमसे

मिलने मेरा इंतजार

करना

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