माँ काली, माँ दुर्गा - कौनसी माला का इस्तेमाल करे | Maa Kali | Maa Durga | Maa Ka Ashirwad - Kabrau Mogal Dham

माँ काली, माँ दुर्गा – कौनसी माला का इस्तेमाल करे | Maa Kali | Maa Durga | Maa Ka Ashirwad

कि मां काली और मां दुर्गा शक्ति एक है

लेकिन स्वरूप दो है एक है मां काली का रूप

जिन्होंने रक्तबीज को खत्म किया जिनके

बिना शिव शिव समाधि और जो कलियुग में सबसे

ज्यादा जाग्रत देवी जी

जो सच्चे दिल से की गई साधना से तुरंत

प्रसन्न होने वाली देवी और एक है उसी

शक्ति का दूसरा रूप मा दुर्गा महिषासुर

चंड-मुंड का विनाश करने वाले शेर जैसे

प्रचंड जिसकी सवारी है जो भक्तों की एक

पुकार सुनते ही एक मां की तरह रक्षा कवच

बनकर उनकी रक्षा करती है

है तो दोस्तों आज हम देखेंगे कि इन दोनों

रूपों की साधना में कौन सी माला का उपयोग

करना सही विधि का हिस्सा माना गया है

है और यह जानकारी देने से पहले मैं आपको

एक बहुत जरूरी चीज बता देना चाहती हैं

ताकि आपका साधनाओं को लेकर भय खत्म हो जाए

क्योंकि भय प्रेम का विलोम है और ईश्वर

प्रेम साधना कितने दिन की होती है या

साधना की अवधि से ज्यादा जरूरी होता है

साधना की गहराई से

है और दूसरी चीज आपसे साधना में अगर कोई

भी चूक हो जाती है और जिस दिन भी आपको पता

चले कि आप से साधना में यह गलती हुई है तो

आप मां से उसी पर क्षमायाचना कर लें और

वैसे भी पूरी साधना के दौरान रोज

क्षमायाचना माननी ही चाहिए

है तो आपको यह बात याद रखनी है कि साधना

लंबाई नहीं है साधना गहराई मां के प्रेम

के प्रति संवेदना है और प्रेम की कोई अवधि

नहीं होती लेकिन फिर भी अवधि और विधि बताई

जाती हैं ताकि आप सब लोग शुरूआत कर सके

इसी लिए डरे बिल्कुल नहीं मां आपका कोई भी

नुक्सान कभी नहीं कर सकती यह आपका जो है

वहीं आपको नुकसान पहुंचाता है नमस्कार

दोस्तों आप सभी पर मां का आशीर्वाद और

बजरंगबली की कृपा सदैव बनी रहे तो दोस्तों

पहली बात की मां काली की साधना में कौन सी

माला का प्रयोग करना चाहिए

कि आम तौर पर दोस्तों माला मंत्रों की

उर्जा के हिसाब से निर्धारित की गई है

क्योंकि हर मंत्र की एक अलग प्रकार की

ऊर्जा होती है और उसी हिसाब से माला

निर्धारित की जाती है तो मां काली की

साधना में रुद्राक्ष की माला का उपयोग

करें अगर उन्हें आप इस के रूप में जाते

हैं तभी भी आप रुद्राक्ष की माला का ही

प्रयोग करें और अगर गुरु रूप में उनका जप

कर रहे हैं तो भी रुद्राक्ष की माला का ही

प्रयोग करें जो लोग तांत्रिक साधना करते

हैं उग्र साधना करते हैं तो वह लोग काले

हकीक की माला का प्रयोग कर सकते हैं

अन्यथा जैसे आपको बताया ही है कि आप मां

काली की साधना में रुद्राक्ष की माला का

उपयोग करें तो

मैं अब दूसरी बात की मां दुर्गा की साधना

में कौन सी माला का प्रयोग करना चाहिए तो

दोस्तों मां दुर्गा की साधना में माला की

जानकारी का होना बहुत जरूरी है कि किस

माला से आपको जप करना है ताकि साधना का फल

आपको पूर्ण रूप से मिले

है तो दोस्तों मां दुर्गा की साधना में

लाल चंदन की माला का उपयोग करें इससे रक्त

चंदन की माला भी कहा जाता है या फिर

स्फटिक की माला का भी प्रयोग कर सकते हैं

और अगर यह मामला है आपके पास उपलब्ध नहीं

है तो मां दुर्गा की पूजा में भी

रुद्राक्ष की माला का उपयोग कर सकते हैं

और तीसरी चीज रुद्राक्ष की माला अधिकतर

देवी-देवताओं की पूजा में इस्तेमाल कर

सकते हैं क्योंकि रुद्राक्ष की माला

सर्वार्थ सिद्धि दायक लेकिन एक बहुत जरूरी

जानकारी आपको याद रखनी है कि कुछ ऐसे देवी

देवता है जिनके लिए रुद्राक्ष की माला का

उपयोग नहीं किया जाता उदाहरण के लिए मां

बगलामुखी जो कि दसमहाविद्या में आठवीं

महाविद्या हैं उनके लिए हल्दी की माला का

प्रयोग किया जाता है रुद्राक्ष की माला का

प्रयोग नहीं किया जाता है

हेलो दोस्तों चौथी बेहद जरूरी बात कि

रुद्राक्ष की माला जो छोटे दोनों वाली

होती है वह ज्यादा ऊर्जामई और शुद्ध और

ज्यादा बेहतर मानी जाती है तो आप जब भी

हमारा खरीदती हैं तो इस बात का अवश्य

ध्यान रखें क्योंकि माला जितनी शुद्ध होगी

उतना ही बेहतर मंत्र साधना में उसका फल

मिलेगा और उतना ही ज्यादा ऊर्जा का संचार

और बाहुक पांचवें और आखिरी बेहद जरूरी चीज

जो आपको जरूर ध्यान रखनी चाहिए दोस्तों और

यह जो बाद में बताने जा रही हूं यह मुझे

मेरे कई भाई-बहन पहुंच गई चुके हैं कि

क्या एक माला अलग-अलग सदनों में प्रयोग की

जा सकती हैं तो जी हां अगर जिस देवी देवता

की उपासना कर रहे हैं उसके लिए वह माला

निर्धारित है तो आप जरूर एक ही माला से

अलग-अलग साधनाएं कर सकते हैं अब जैसे

दोस्तों रुद्राक्ष की माला है उससे आप शिव

परिवार में किसी भी सदस्य की साधना के लिए

प्रयोग कर सकते हैं अक्षर परिवार से जो

मतलब है वह आप समझ ही गए होंगे और फिर भी

मैं बता देती हूं शिव परिवार में भगवान

शिव मां दुर्गा

श्रीगणेश श्रीकार्तिकेय और मां पार्वती तो

यह जोशी परिवार है इसमें से किसी भी देवी

देवता की उपासना के लिए आप रुद्राक्ष की

माला का प्रयोग कर सकते हैं और एक सबसे

जरूरी बात कि आपको यह नहीं भूलना है कि

रोज साधना करने के बाद आपको माला को मंदिर

में निर्धारित स्थान पर रख देना चाहिए

क्योंकि उस माला में आपकी साधना की ऊर्जा

नहीं तो होती है यदि आप माला को कहीं भी

दर्द रखते हैं पवित्र जगह पर रख देते हैं

या मंदिर से बाहर रख देते हैं तो जो मां

लक्ष्मी पूजा है वह बाधित होती है और जिस

इष्ट के मंत्रों का जाप कर रहे हैं उनका

अपमान होता है तो मामला को सही जगह पर

रखना यानि मंदिर में ही रखना पूजा के बाद

निर्धारित स्थान पर इस चीज का आपको हमेशा

ध्यान रखना चाहिए

हैं तो दोस्तों यह थे जानकारी की मां काली

और मां दुर्गा की साधना में आप किन किन

मंत्रों का जप कर सकते हैं कौन सी महिला

श्रेष्ठ है तो आज की वीडियो में इतना ही

दोस्तों अगली वीडियो में मैं बहुत जल्दी

लेती हूं आपसे तब तक के लिए अपना ध्यान

रखिए स्वस्थ रहें खुश रहें मस्त रहें जय

माता दी जय बजरंग दल

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