माँ काली ने किया दारुका का वध | Mahakaali - Kabrau Mogal Dham

माँ काली ने किया दारुका का वध | Mahakaali

[संगीत]

[संगीत]

समस्या का सामना करना ही उसका समाधान होता

है

जीवन में दो ही विकल्प मिलते हैं

तो संकट भाग जाएगा

फिर से वही सब दोहराया जान वाला है महादेव

यदि इस बार महाकाली ने अपना नियंत्रण को

दिया

तो कैसे वाश में करेंगे आप उन्हें आपका

प्रश्न उचित है नारायण

मैंने पार्वती को वचन दिया

की फिर से स्वयं पर उसके पाओ नहीं पढ़ने

दूंगा

लेकिन आज ना पार्वती के शब्दों में है

और ना ही पाओ में धड़कन

क्योंकि आप स्त्री को समझते नहीं है

[संगीत]

कदाचित वह आपको स्वीकारने को सज है

उसका पीछे ना हटाना आमंत्रण है की हम आगे

बंधन

[संगीत]

पीछे नहीं है रही है क्योंकि उसे विश्वास

है महाकाली आगे आएगी

वो कभी भी कहानी से भी समक्ष ए शक्ति है

[संगीत]

[संगीत]

समझ में नहीं ए रहा है यह काली कहां र गई

वो प्रतीक्षा से नहीं आएगी भ्राता

आएगी

जब इस पार्वती पर कोई संकट आएगा

तो मैं इस पर संकट लता हूं ताकि महाकाली

को आना पड़े

कैलाश स्वामी बोला अपनी रक्षक महाकाली को

अन्यथा आज तेरा अंत निश्चित है

आंखें भर कर क्या देख रही है

[संगीत]

ना तुझे

बुला

वे

[संगीत]

[संगीत]

प्रकाश में

अंधकार भी मैं

[संगीत]

[संगीत]

मो में

त्याग भी मैं

कभी मैं

ब्रह्मांड भी मैं

अंश भी मैं

आरंभ में

गौरी मैं

[संगीत]

काली मैं

[संगीत]

काली मैं

[संगीत]

[प्रशंसा]

[प्रशंसा]

[प्रशंसा]

या

[संगीत]

[संगीत]

पार्वती

समस्या से भगति रहेगी

समाज कंटक उसे तो

देते रहे

मेरी और मेरी पत्नी के बीच के संबंध में

बोलने वाली तो बोलो

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

अपना घर छोड़ के न तो घर बेसन

आई है

[संगीत]

मैंने अपनी पहचान को दी

[हंसी]

मैं दारू का

तुम्हें जीना

अपमान से सम्मान की यात्रा के लिए तुम्हें

जीना होगा

बंधन से स्वतंत्रता के लिए तुम्हें जीना

होगा

अपने अस्तित्व की पहचान के लिए तुम्हें

जीना होगा

तुम्हें जीना होगा यह संदेश देने के लिए

तो कल लड़ोगे चलो

[प्रशंसा]

[संगीत]

दोनों जिन्होंने एक नई के स्वाभिमान को

चीन का प्रयास किया

महाकाली के भीतर की पत्नी को आप जागृत कर

नहीं सकते क्योंकि आपने पार्वती को वचन

दिया

फिर कौन सा भाव उनकी क्रोध भावना को शांत

करेगा

उसके दूसरे रूप का अनुभव करना होगा

बस एक यही मार्ग शेष

महाकाल की पत्नी महाकाली

मेरे चरणों की दासी होगी

अंधेरे

का खेत करके आधार नहीं मिलता है

स्वयं को बहुत चतुर समझते हैं

बस इन्हें इन्हीं की धूर्तता से उत्तर

देना होगा

मैं उसे जागृत करूंगा

जिसे ना कोई न मार सके ना ही नई ना महाकाल

जिसका

[संगीत]

[संगीत]

[हंसी]

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