माँ काली नित्य पूजा से 5 दैव्य अनुभव | Maa Ka Ashirwad | Maa Kali - Kabrau Mogal Dham

माँ काली नित्य पूजा से 5 दैव्य अनुभव | Maa Ka Ashirwad | Maa Kali

नमस्कार दोस्तों आप सभी पर माता आशीर्वाद

और बजरंगबली की कृपा सदैव बनी रहे आज हम

बात करेंगे मां काली की अनंत महिमा के

बड़े में और नित्य इनकी पूजा से जीवन में

क्या चमत्कार होते हैं क्या बदलाव आते हैं

इसके ऊपर हम बात करेंगे

मां काली की महिमा के बड़े में अगर हम बात

करें तो जितना भी इनका गुणगान किया जाए वो

एक विशाल सागर में एक बूंद के समाज है

क्योंकि मां की महिमा अनंत है असीमित है

शास्त्रों में मां को महाकाल की शक्ति कहा

गया है वो अनंत है अनाड़ी है उन्हें काली

कहा जाता है क्योंकि वह आदि शक्ति हैं

जिनकी ऊर्जा से पूरा ब्रह्मांड संचालित

होता है पालनपुर करता भगवान विष्णु संघर्ष

भगवान शिवा सूर्य कोटी देवता समस्त

ग्रह ब्रह्मांड में व्याप्त हर चीज हर

तत्व इनकी महाकाली की शक्ति से संचालित

होता है ओंकार के रूप में प्रथम मंत्र में

स्थित है और स्वास्थ्य के प्रतीक में

विद्यमान देवी हैं

दुर्गम संकटों से रक्षा करती हैं इसीलिए

दुर्गा कहलाई जाति है जब भी देवता किसी

संकट में होते हैं तो वह मदद के लिए

इन्हीं आदि शक्ति मां काली की स्तुति करते

हैं विभिन्न रूपन में अवतरित होती है

दानवरत बीच को हारने के लिए स्वयं को

महाकाली के रूप में प्रकट करती हैं वहीं

दारुण दुर्गा मां की

वध के लिए दुर्गा आदि शक्ति के रूप में

प्रकट होती है और जी घर में इन महाशक्ति

यज्ञ शक्ति मां काली की पूजा नित्य होती

है जो भक्ति नित्य नियम पूर्वक मां के शरण

में रहते हैं तो मां विभिन्न प्रकार से उन

पर कृपा करती है और जहां हमारी भौतिक

आंखें चंचल मां नहीं पहुंच पता नहीं देख

पता वहां भी मां स्नेहा वर्ष अपनी कृपा हम

पर बरसाती है

की भक्तों के समस्त प्रारब्ध और कर्मों को

काटने वाली विधि

मानव जीवन में दुख का एक बहुत बड़ा करण

उसके द्वारा किया गए पिछले कर्म होते हैं

और प्रारब्ध होते हैं जिनके चंगल से कोई

भी नहीं बैक सकता हमारे द्वारा किया गए

कर्मों का भुगतान मानव जीवन में हमें करना

ही होता है अच्छे कर्मों का अच्छा फल

मिलता है वही गलत कर्मों के करण दुख भी

प्राप्त होता है

वाश में किया गए अच्छे कर्मों का और बुरे

कर्मों का नस उनका भोग किया बिना नहीं

होता और निरंतर मां की पूजा से पूरे

कर्मों का उदय होता है

क्योंकि निरंतर मां के ध्यान से मां

निर्मल होता है नकारात्मक विचारों का

विकारों का नस होता है आध्यात्मिक ज्ञान

की और व्यक्ति अग्रसर होता है

और जो लोग मां के निरंतर ध्यान में होते

हैं निरंतर उनके मेट्रो का मानसिक जाप

करते हैं उनके कर्मों की कैट उनके

प्रारब्ध की काटना अवश्य करती है

[संगीत]

की शत्रु और विरोधी शांत होते हैं और जीवन

में हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा हर

प्रकार के भाई से व्यक्ति को मुक्ति मिलती

है

तो मां की उपासना करने वाले को मां अभयदान

प्रधान करती है हर प्रकार के भैंस मुक्त

करती है चाहे शत्रुओं का भाई हो तंत्र

बड़ा हो नकारात्मक ऊर्जा है ऊपरी हवा है

इन सब से मुक्ति प्रधान करती है

और कई बार जान अनजाने नकारात्मक शक्तियां

घर में वास करने लगती है या जान अनजाने

व्यक्ति के ऊपर हेवी हो जाति है

तो मां की कृपा से इन सभी चीजों से मुक्ति

मिलती है क्योंकि मैं संघार की देवी हैं

और हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा का

संघरकर अपनी संतान की अपने बच्चों की अपने

भक्तों की रक्षा करती है

और इस प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा से भाई

से मुक्ति के लिए मां का जो कवच है काली

कवच उसका पाठ विशेष लाभ प्राप्त होता है

पहले भी मैं कई बार वीडियो में आपको बता

चुकी हूं शास्त्रों के अनुसार जब भी देवता

किसी भी संकट में होते हैं तो मां के कवच

का प्रयोग अपनी आत्मरक्षा के लिए आवश्यक

करते हैं तो नित्य काली कवच का पाठ करके

एक सुरक्षा घेरा हम अपने चारों तरफ मां की

ऊर्जा का निर्मित कर सकते हैं तीसरा जो

लाभ है तीसरी कृपा जो मां अपने भक्तों को

प्रधान करती है की आर्थिक संकटों से

मुक्ति मिलती है

निश्चित रूप से मां की निरंतर पूजा से

आरती परेशानियां दूर होती है और किसी एन

किसी रूप में आए के स्रोत खोलने हैं

कर्ज यदि है तो उससे भी मुक्ति मिलती है

और आर्थिक संकट से मुक्ति के लिए कर्जन से

मुक्ति के लिए संकल्प लेकर – दिन का

संकल्प लेकर मां के मेट्रो का अनुष्ठान

अवश्य उठाना चाहिए और अनुष्ठान की समाप्ति

पर गी और कल तिल की आहुति देकर हवन करने

से बहुत जल्द बड़े से बड़े संकट से मुक्ति

मिलती है इसके अलावा आर्थिक संकट में

अर्गला स्तोत्र और किला के स्तोत्र का

नियमित पाठ बहुत लाभकारी है धन लाभ इससे

होता है हर शुक्रवार मां के मंदिर में

जाकर लाल गुलाब मां को अर्पित करें नारियल

और चुनरी श्रृंगार का समाज लिया था शक्ति

मां को अर्पित करें और मासी अपनी समृद्धि

के लिए अपनी उन्नति के लिए प्रार्थना करें

अवश्य लाभ होगा

चौथी कृपा जो मैं अपने भक्तों पर करती हैं

की मार्गदर्शन यह अपने भक्तों को अवश्य

प्रधान करती हैं मां की निरंतर भक्ति से

मां स्पष्ट रूप से अपने भक्तों को स्वप्न

में या ध्यान में संकेत देती है उन्हें

आगे का रास्ता दिखाई है

क्योंकि मां का एक स्वरूप गुरु का भी होता

है मां अपनी संतान को उचित अनुचित बताती

है क्या करना है क्या नहीं करना है इस

बड़े में उसे जागरूक करती है तो मां काली

हम सब उसके बच्चे हैं तो जेबी भी हम मां

का ध्यान करें और उनसे मार्गदर्शन की अगर

हम लोग प्रार्थना करें तो निश्चित रूप से

मां मार्गदर्शन करती है कभी भी आपको कोई

उलझन है कोई समस्या है कोई प्रश्न

का उत्तर आपको नहीं प्राप्त हो रहा है तो

मां से इसके लिए प्रार्थना करें और सोते

समय विशेषकर पूजा में जवाब बैठने हैं तब

तो आप प्रार्थना करें ही मार्गदर्शन की

सोते समय इस धरना के संबंध में सोए अपने

प्रश्न को लेकर की हेमा मुझे स्पष्ट का

उत्तर दें मेरा मार्गदर्शन करें और मां के

मेट्रो का जाप करते हुए सोए दिन के

अंदर बहुत जल्द आपको कोई ना कोई उत्तरमा

संकेत के मध्य से अवश्य देगी

पांचवा बहुत बड़ा लाभ मां की पूजा का है

की मूलाधार चक्र हो जाता है

क्योंकि मां मूलाधार चक्र की अधिक्षत्री

देवी हैं तो निरंतर मां की पूजा से

मूलाधार चक्र सक्रिय होता है और जो

ऊर्जावामी होती है यानी ऊपर की तरफ ऊपर के

चक्र की तरफ बढ़नी जाति है और जो हमारा

मूलाधार चक्र होता है वो हमारी भौतिक

सफलताओं भौतिक उपलब्धियां से संबंधित है

आर्थिक संपन्नता से इच्छा शक्ति से और

कार्य क्षमता से संबंधित चक्र है तो

निरंतर मां की पूजा से यह जो सभी

योग्यताएं हैं यह जो सभी गन हैं एक

व्यक्ति में विकसित होने लगता हैं अर्थात

सफलता की प्रताप होने लगती है कार्य

क्षमता में असीमित वृद्धि हो जाति है

ऊर्जा का स्टार बहुत बाढ़ जाता है और

आर्थिक समृद्धि व्यक्ति को प्राप्त होती

है

अन्य बहुत बड़ी कृपा मां की भक्ति से

प्राप्त होती है इनकी ज्ञान की प्रताप

होती है मां के निरंतर भक्ति से उच्च

ज्ञान की प्रताप होती है और मां की नित्य

पूजा से सद्बुद्धि व्यक्ति को प्राप्त

होती है

तो अगर यह प्रश्न होती है तो अन्य विधाओं

की भी अन्य महाविद्याओं की भी कृपा

प्राप्त होती है आजा चक्र संतुलित होता है

जो की हमारे पीनियल ग्लैंड जिसे थर्ड आई

भी कहते हैं उससे संबंधित होता है और इसके

सक्रिय होते ही जो ज्ञान हमारी समझ से पैर

था जिसको हम नहीं समझ का रहे थे उसकी समझ

हमारे अंदर पैदा होने लगती है और ग्रहण वो

ज्ञान सहजता से हम कर पाते हैं तो संपूर्ण

सर संपूर्ण निचोड़ यही है की धर्म अर्थ कम

मोक्ष इन सभी की प्रताप निरंतर इनके ध्यान

से होती है ऐसी महाशक्ति मां काली सभी पर

अपनी कृपा बनाए रखें आज की वीडियो में

इतना ही अगली वीडियो में बहुत जल्द मिलती

हूं तब तक के लिए अपना ध्यान रखें स्वस्थ

रहे खुश रहे मस्त रहे जय माता दी जय

बजरंगबली

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