माँ काली तुम गलत लोगों के बीच फंस गए हो।इसे भूल कर भी अनदेखा मत करना । - Kabrau Mogal Dham

माँ काली तुम गलत लोगों के बीच फंस गए हो।इसे भूल कर भी अनदेखा मत करना ।

मेरे

बच्चे कैसे हो

तुम तुम्हारे मन का

दर्द मेरे मन को भी आहत कर रहा

है तुम्हारे साथ जो हो रहा है मैं सब देख

रही

हूं किंतु मेरे बच्चे तुम्हें थोड़ा सा

सब्र और करना

पड़ेगा मैं जानती

हूं तुम कभी किसी से कुछ नहीं कहते

परंतु तुम्हारे भीतर एक शोर है दर्द

है तुम्हारी आंखों में हजारों प्रश्न

है तुम्हारा मन अक्सर मुझसे यह सवाल करता

है कि माता आखिर किस गलती की सजा में भुगत

रहा

हूं मेरे कर्म इतने भी तो बुरे नहीं

है ना कष्ट मुझे मिल रहा

है क्यों मेरे रिश्ते मुझसे छूट रहे

हैं क्यों वह लोग मुझसे खुश नहीं

है जिनके लिए मैंने अपना सर्वस्व निछावर

कर

दिया मैं दिन रात मेहनत कर रहा

हूं फिर भी मुझे सफलता नहीं

मिलती समाज में जो इज्जत जो शोहरत में

पाना चाहता

हूं मुझे वह नहीं

मिलती मेरे बच्चे मैं तुम्हें तुम्हारे

सभी प्रश्नों के उत्तर देने आई

हूं परंतु उचित समय आने का इंतजार

करो तुम बस यह सोचकर निश्चिंत

रहो कि माता अपने संतान के

साथ जो कुछ भी करती है

उसके भले के लिए करती

है तुम्हारी माता तुम्हें जो पीड़ा दे रही

[संगीत]

है वह भी किसी बड़े उद्देश्य से

[संगीत]

है मेरे बच्चे तुम गलत रास्ते

में गलत लोगों के बीच उलझ गए

हो तुम्हें तो इस बात का भान तक नहीं है

कि तुम अपना कितना

समय कितनी ऊर्जा व्यर्थ कर रहे

हो किसी ऐसे इंसान किसी ऐसी चीज के

लिए जो तुम्हारे किसी काम का

नहीं मेरे बच्चे क्या तुमने कभी यह विचार

किया कि तुम कितने बदल गए हो

[संगीत]

उन लोगों ने तुम्हें बदल

दिया जिन्हें तुमने अपना

समझा फूलों के समान कोमल हृदय था

तुम्हारा तुम्हारा हृदय बेजुबान के प्रति

आकर्षित होता

था तुम्हारी आंखों में अन्य सभी जीवों के

प्रति प्रेम था

[संगीत]

तुम्हें केवल प्रेम और खुशी देना आता

था जिसे भी तुम देखते थे शुभ दृष्टि से

देखते

थे किंतु लोगों ने तुम्हारे मन में इतना

जहर भर

दिया कि तुम्हारे मन से सरलता का विनाश हो

गया तुमने जिस पर भी विश्वास

किया सबने तुम्हारे विश्वास को तोड़ा है

तुम्हारी भावुकता का फायदा उठाया

है दुनिया का बर्ताव

देखकर तुम भी भावना शून्य हो गए

हो तुम्हें भी लगता

है कि यह संसार प्रेम और दया का पात्र

नहीं

है सब मतलबी

है मेरे बच्चे

यह दुख यह

पीड़ा तुम्हें यही सबक सिखाने के लिए मिला

है कि तुम अपने पथ से अपने उद्देश्य से

भटक रहे

हो तुम्हारे मन में जो कड़वाहट है जो

चिड़चिड़ापन है अब उसका अंत

करो क्योंकि तुम्हारे जीवन का उद्देश्य

है सबसे प्रेम करना सब में खुशी बांटना

मेरे बच्चे मैं जानती

हूं तुम्हारे जीवन के अनुभव अच्छे नहीं

रहे तुमने लोगों से समाज से संबंधों

से सिर्फ धोखा ही

खाया किंतु मेरे बच्चे तुमने अपना प्रेम

अपनी करुणा वहां

लुटाया जहां आवश्यकता नहीं थी

दो चार लोगों के धोखा देने से उनके बदल

जाने से तुम नहीं बदल

सकते मेरे बच्चे तुम नहीं

[संगीत]

जानते हजारों लाखों लोग तुम्हारे प्रेम

के तुम्हारी दया के भूखे

हैं वह तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं

उन्हें तुम्हारी आवश्यकता

है किंतु तुम किसी ऐसे

की आवश्यकता पूरी करने में व्यस्त

हो जिसे तुम्हारी कोई आवश्यकता

नहीं मेरे बच्चे तुम्हें बहुत लंबा सफर तय

करना

है और तुम पीछे की ओर कदम बढ़ा रहे हो

व्यर्थ के लोग व्यर्थ के संबंधों में तुम

उलझ गए

हो ध्यान से देखो और

समझो जिन लोगों के बीच तुम अपनी खुशी ढूंढ

रहे

हो अपना समय बर्बाद कर रहे

हो उनकी दृष्टि में ना तुम्हारा कोई मूल्य

है ना तुम्हारे समय का

[संगीत]

मेरे बच्चे इस संदेश के माध्यम

से मैं तुम्हें जगाने आई

हूं जागो और अपने कर्म पथ पर

चलो तुम्हारी मंजिल तुम्हारा इंतजार कर

रही

है मैं तुम्हें विश्वास दिलाता

हूं जिस दिन तुमने अपने कर्म पथ पर चलना

आरंभ कर

दिया तुम्हारे जीवन की हर उलझन दूर हो

जाएगी और केवल कुछ ही महीनों में तुम वह

सफलता प्राप्त

करोगे जिसके बल पर तुम जो चाहे वह पा सकते

हो मेरे बच्चे इस संदेश को अनदेखा मत

करना समय बार-बार अवसर नहीं

देता तुम भाग्यशाली हो कि तुम्हें यह अवसर

मिला

है सभी दुख दर्द भूलकर

[संगीत]

पूरी ईमानदारी से एक लक्ष्य

चुनो और धैर्य के साथ उस पर काम

करो आरंभ में तुम्हें निराशा तो

मिलेगी किंतु यदि तुम अपने पथ पर डटे

रहे तो तुम्हें सूर्य की भांति प्रकाशित

होने से

कोई रोक नहीं

सकता मेरा आशीर्वाद तुम्हारे साथ

है तुम्हारा कल्याण

हो सच्चे मन से

कहो जय माहाकाली

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