माँ काली जी का सन्देश अब जीत की आकाशवाणी हो चुकी है काली का संदेश भगवान संदेश आज - Kabrau Mogal Dham

माँ काली जी का सन्देश अब जीत की आकाशवाणी हो चुकी है काली का संदेश भगवान संदेश आज

मेरे बच्चों मैं काली मां आप सबसे मिलने

आई हूं मेरे बच्चे आज बहुत ही शांत बैठे

हो ऐसा लगता है कि आज अपने मन में कुछ

पुरानी यादों पर विचार कर रहे हो तुम

पुरानी बातों को याद करके परेशान ना हो

तुम अपने आज में जियो क्योंकि जो आज है

वही बहुत अच्छा है यदि तुम पुरानी बातों

को याद करके अपने आप को खराब करोगे तो

तुम्हारा जीवन सदा ही दुख में रहेगा आजकल

के कलयुग में लोग एक दूसरे की राहों में

कांटे बिछाने पर लगे हुए हैं लेकिन मेरे

बच्चों तुम्हें हिम्मत से कार्य करना है

उन कांटों को अपने जीवन में ना आने दें

ऐसे लोगों से अब दूर रह अब दुनिया ऐसी है

कि अगर आप उनके काम आते हैं तो ही वह आपको

पूछती है आपको अच्छा बताती है जिस दिन आप

के काम नहीं आते हैं या उनके कार्य करने

को मना कर देते हैं उस दिन आप बहुत बुरे

कहलाते हैं मेरे बच्चों ऐसे लोगों से

सतर्क रहे उन्हें जीवन में ना आने दे उनसे

दूरी बनाकर रखने में ही आपकी भलाई है

इसलिए हमेशा ही आप सोच समझकर ही कभी किसी

व्यक्ति पर भरोसा करें लालच और झूठ दो ऐसी

आदतें हैं जो इंसान को इंसान नहीं रहने

देती इसलिए इसलिए आप कभी भी जीवन में लालच

ना करें मेरे बच्चों मेरी एक बात याद रखना

आप प्रशंसा चाहे कितनी भी करें कितने ही

लोगों को मधुर बातें बोले लेकिन कभी भी

किसी का अपमान मत करना ना ही अपशब्द बोलना

अगर आप किसी का अपमान करेंगे तो आपको जीवन

में उस अपमान का फल ब्याज सहित मिलेगा

इसलिए कभी भी जीवन में किसी का अपमान करने

की गलती ना करें मैंने तुम्हें सिखाया है

कि कभी जीवन में अपमान ना करें ना ही

अपशब्द बोले सच्चाई के रास्ते पर चले झूठ

ना बोले इसलिए तुम्हें अपनी माता की इन

बातों को हमेशा अपने मन में याद रखना है

मैंने तुम्हारे भाग्य में जो लिखा है उसको

तुमसे कभी भी कोई नहीं छीन सकता तुम्हारे

भाग्य का लिखा हुआ तुम्हें जरूर मिलकर

रहेगा बस थोड़ा इंतजार करो परंतु हर चीज

का समय निश्चित होता है मैंने तुम्हारे

जीवन के समय को निर्धारित कर दिया है जब

तुम्हारे भाग्य में लिखी चीजों को प्राप्त

होना लिखा है वह तुम्हें उसी समय प्राप्त

होंगी मेरे बच्चों जिन कारण से तुम दिन

रात रोते हो वह केवल क्षण मात्र के दुख

हैं यह बात तुम भी जानते हो कि समय से

पहले और भाग्य से ज्यादा किसी को कुछ

प्राप्त नहीं होता जो इंसान के भाग्य में

लिखा होता है उसे केवल वही प्राप्त होता

है किंतु इसका यह अर्थ नहीं है कि तुम

अपने भाग्य उस समय को बदल नहीं सकते यह सच

है कि मैंने तुम्हारे भाग्य में जो चीजें

लिखी हैं तुम्हें वही प्राप्त होंगी परंतु

जब अपने भाग्य को बदलना चाहते हो तो मेरी

बातों पर ध्यान देना सबसे पहले तुम्हारा

जानना जरूरी है कि तुम्हारा भाग्य किस

प्रकार से लिखा जाता है इसके साथ ही मेरे

बच्चे यदि तुम अनजाने में कोई गलती कर

बैठते हो तो शनिदेव से माफी मांग लेना वह

बहुत ही उदार हृदय के हैं और उनका हृदय

बहुत ही कोमल है वह तुरंत ही तुम्हें माफ

कर देंगे और तुम्हें अपना लेंगे लेकिन

मेरे बच्चे यदि जीवन में बड़ी-बड़ी

गलतियां कर दी हैं तो उन गलतियों का कर्म

तो तुम्हें भोगना ही पड़ेगा इस बात को भी

मत भूलना लेकिन आगे तुम कोई ऐसा काम मत

करना जिससे कि तुम्हारे जीवन में कोई भी

तूफान लेकर शनि देव आए यदि तुम दूसरों के

साथ अच्छा कर रहे हो तो गलत इंसान तुमसे

खुद ही खुद दूर चला जाएगा और तुम्हारा

जीवन ऊंचाइयों के करीब चला जाएगा अगर

शनिदेव बहुत क्रोधित दिल के हैं तो वह

बहुत दयालु दिल के भी हैं अगर तुम मेरे

बताए गए कार्यों का मार्गदर्शन करके जीवन

में अभी से कार्य करना शुरू कर दोगे तो

मैं तुम्हें वचन देती हूं कि शनि देव का

प्रकोप तुम पर कम हो जाएगा और तुम्हारे

जीवन में खुशियां ही खुशियां होंगी और

मेरे बच्चों एक बात और समझना क्या दुनिया

मतलब की दुनिया है यह तुम्हारा कोई भी

सहायता नहीं करेगा इस कलयुग में स्वयं

तुम्हें अपने पैरों पर खड़े होकर अपनी

जिम्मेदारी को संभालना है और खुद ही अपने

कार्य को करना होता है तुम दूसरों पर

निर्भर होकर जीवन में कभी आगे नहीं बढ़

सकते हो आज तुम्हारे जीवन में गम है तो

क्या हुआ एक ना एक दिन तुम्हें जीवन में

खुशियां अवश्य मिलेंगी और यदि किसी को

तुम्हारी सहायता की आवश्यकता है ही नहीं

तो तुम सामने वाले की सहायता करते ही

क्यों हो जबरदस्ती किसी की सहायता करने की

सोचना भी मत बस अपने काम से काम रखना जो

तुम रा कर्म है उसे करते रहना मेरे बच्चे

ज्यादा चिंता में रहकर अपने समय को यूं ही

बर्बाद मत करो क्योंकि यह समय बहुत ही

कीमती है अपना एक लक्ष्य निर्धारित करो

लक्ष्य को पार करते समय इस बात का विशेष

ध्यान रखो कि जिस कार्य को करने में

तुम्हें यह पूर्ण सुख समृद्धि की प्राप्ति

हुई थी वह एक दिन तुम्हें अवश्य वापस मिल

जाएगा आप अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का

कार्य प्रारंभ कर दो और उसके साथ ही तुम

एक लक्ष्य को चुनना होगा क्योंकि अगर तुम

बड़ा लक्ष्य चुनकर उस पर धीरे-धीरे कार्य

करोगे तो तुम एक ना एक दिन अवश्य सफलता को

प्राप्त करोगे और जिस दिन तुम सफल हो

जाओगे उस दिन पूरे संसार के सामने

तुम्हारी एक अलग ही इज्जत होगी एक अहमियत

होगी लोग तुम्हारे आगे सर झुका कर आएंगे

और तुम्हारा आदर सम्मान करेंगे तुमने जो

भी खोया है वह तुम्हें प्राप्त होगा सदा

खुश रहो मेरे बच्चे तुम्हारा कल्याण हो

मेरे बच्चे यदि तुम्हें मेरा संदेश

प्राप्त हुआ है तो ठहरो जरा मेरी बातों को

सुनो क्योंकि तुम्हें मेरी यह बात जानना

बहुत ही जरूरी है इसलिए तुम मेरी बताई हुई

बातों को ध्यान पूर्वक सुनना कक ध्यान से

सुनना अत्यंत आवश्यक

[संगीत]

है तभी तुम्हें मेरी बोली हुई बातें समझ

में आएंगी कि इन बातों को समझना क्यों

जरूरी है इसलिए तुमको यह समझना बहुत जरूरी

है पहले तुम मुझे एक बात का जवाब दो कि

यदि तुम्हारे साथ कोई ईमानदारी रखता है

और दूसरा वही तुम्हारे साथ कोई धोखा करता

है तो तुमको यह बात पता होने के बाद तुम

किस इंसान का साथ देना

चाहोगे तुम्हारा हृदय किसकी तरफ खींचेगा

जिस प्रकार सही सही के साथ रहता है और गलत

व्यक्ति गलत व्यक्ति की संगति में रहता

है यदि गलत की संगति में आ जाए तो तो या

तो सही व्यक्ति जैसा गलत व्यक्ति बन जाएगा

या गलत जैसा सही व्यक्ति उसकी संगति में

गलत बन जाएगा लेकिन दो अलग प्रवृत्ति के

इंसान एक साथ नहीं रह सकते क्योंकि उनको

फल भी अलग-अलग प्राप्त होते

हैं इसलिए सबसे पहला कार्य तो तुम यह करो

कि यदि तुम इस समय गलत संगति में हो तो

तुरंत ही वह संगति छोड़ दो और यदि तुम खुद

पर विचार करके देखो तुम कोई गलत कार्य कर

रहे हो तो उसे बंद कर

दो उसके साथ ही आज से यह कार्य करना

प्रारंभ करो जिसमें पहला सुबह सूर्य

निकलने से पहले उठना प्रारंभ करो यदि तुम

सूर्य को निकलने के पश्चात उठते हो तो यह

आदत आज से छोड़ दो और सुबह जल्दी उठकर तुम

स्नान करो और एकाग्र में बैठकर तुम किसी

भी अपने ईष्ट देवता का स्मरण करते हुए

अपने मन को शांत वातावरण में एकाग्र करना

शुरू करो क्योंकि यह एकाग्र की शक्ति मेरे

बच्चे तुम्हारे लिए बहुत जरूरी है किसी भी

काम को करने के लिए एकाग्र मन होना जरूरी

है किसी भी मंजिल को प्राप्त करने के लिए

एकाग्र होना जरूरी है एकाग्र मन से शांति

और सुख का अनुभव होगा और अगर तुम्हारे

हृदय में शांति उत्पन्न होगी तो इसके साथ

ही तुम्हारे हृदय में सकारात्मक ऊर्जा भी

विराजमान रहती है सकारात्मक ऊर्जा ही

तुम्हारे जीवन की जो प्रारंभ से लेकर

संध्या काल तक की दिनचर्या है उसमें एक

ऐसी शक्ति उत्पन्न है तुम्हारे हाथों से

जब अच्छे कार्य होंगे तुम्हारे हाथों से

सब सही कार्य होंगे तुम्हारा जीवन भी

अच्छे से अग्रत होगा उन्नति की ओर इसके

साथ ही तुमको यह बात कभी नहीं भूलनी चाहिए

जीवन में जब भी तुम्हारे समस्याएं उत्पन्न

होती हैं तो तुम किसी ना किसी गलती के

कारण ही उन समस्याओं को उत्पन्न कर लेते

हो या तो तुम्हारा कोई भी गलत कार्य की

वजह से या हो सकता है तुम्हारा कोई ऐसा

कार्य जो किसी देवता को रुष्ट कर रहा हो

यदि तुम अनजाने में ही किसी का अपमान कर

रहे हो तो तुम्हें उसका पाप ना तो तुम्हें

कभी लगता है और ना ही उसका दंड तुम्हें

कभी भुगतना पड़ता है क्योंकि उसका पाप

होता ही नहीं है लेकिन यदि तुम जानबूझकर

किसी देवता का अपमान कर रहे हो या

जानबूझकर किसी देवता को वृद्ध कार्य कर

रहे हो तो उसकी गलती की सजा तुम्हें

समस्याओं के रूप में प्राप्त होती है और

यदि तुम्हारे जीवन में ऐसा हो रहा है तो

निश्चित ही तुम उस पर ध्यान रखो और ध्यान

से अपनी गलतियों को सुधारने की कोशिश करो

जैसे ही तुम अपने कार्य में परिवर्तन लेकर

आओगे वैसे ही आने वाले समय में अपने आप

सुधार होता चला जाएगा और तुम्हें स्वयं

दिखाई देगा कि तुम्हारा समय परिवर्तन हो

रहा

है जो समस्या हैं धीरे-धीरे करके समाप्त

होने लगेंगी और तुम्हें अनुभव होगा कि हां

तुम्हारे कर्मों में परिवर्तन के कारण हुआ

है यदि इस बात को विश्वास रखकर करना

प्रारंभ करोगे तो जीत होगी मेरे बच्चे तुम

हंसते तो सबके सामने हो परंतु रोते केवल

मेरे सामने हो तुम किसी को अपने आंसू दिखा

के कष्ट नहीं देना चाहते मैं जानती हूं

परंतु मुझसे तो कुछ भी छिपा नहीं है मेरे

बच्चे तुम तो यह जानते हो भले ही इंसान को

कष्ट का सामना करना पड़ता है क्योंकि एक

अच्छा इंसान ही अपने साथ-साथ दूसरों की

तकलीफ को समझ पाता है और उनकी सहायता करता

है साथ देता है कष्ट वह चीज है जो इंसान

को निखार देता

[संगीत]

है मेरे बच्चे जब तक किसी को कष्ट नहीं

मिलता तब तक कोई भी व्यक्ति सत्य को समझ

ही नहीं पाता यह तुम भी भली भाति जानते हो

और इसे समझते हो इसलिए आज स्वयं आई हूं

तुम्हें यह बताने कि अपने आप को इतना

अभागा मत

[संगीत]

समझो मैंने तुम्हें यह कष्ट तुम्हारी

चेतना को जागृत करने के लिए दिया है मेरे

शरण में आने के लिए दिया है हर व्यक्ति और

हर परिस्थिति को नजदीक से अनुभव करने के

लिए दिया है जिससे तुम्हें सब स्पष्ट हो

जाए और और समझ में आ और समझ में आ जाए

मेरे बच्चे तुम्हें किसी के साथ अपनी

तुलना करने की कोई आवश्यकता नहीं है

क्योंकि तुम्हारी परिस्थितियों को

तुम्हारी परेशानियों को तुमने एहसास किया

है इसलिए जो भी जानते हो तुमने जो कुछ

पाया है वह भी कितने परिश्रम और धैर्य के

बाद पाया

है मेरे बच्चे हर एक व्यक्ति को मेरी

आवश्यकता है परंतु मुझे पुकारता वही है जो

दुख में होता है और मुझे पाता भी वही है

जो भाग्यशाली होता है इसलिए मेरे बच्चे

तुम्हें कष्ट मिलने का कारण केवल दुख देना

नहीं है तुम्हें मेरे समीप लाना ही सबसे

बड़ा उद्देश्य

है मेरे बच्चे मेरी बातों को समझो लाखों

की भीड़ में कोई एक होता है जो भीड़ में

चल रहे लोगों के पीछे ना चलते हुए केवल

अपने हृदय की आवाज सुनता है और एक ऐसा

मार्ग का निर्माण करता है जो उसे सफलता के

शिखर पर पहुंचा देता

है मैं यही चाहती हूं कि तुम उन भीड़ में

ना रहो तुम सबसे अलग हो इसलिए तुम अपनी

तुलना दूसरों से ना करो

कभी-कभी जीवन में जो घटित हो रहा होता है

जो दिख रहा है वही सच हो यह आवश्यक नहीं

इसके पीछे कहीं ना कहीं तुम्हारी भलाई

छुपी होती

है मेरी बात हमेशा याद रखना तुम दिव्य हो

भले ही तुम अपने आप के भूल के कारण अपनी

दिव्यता भूल जाते हो और भीड़ में कहीं खो

जाते हो किंतु मेरे बच्चे मैं जानती हूं

तुम स्वयं के मार्ग का निर्माण स्वयं ही

करोगे तुम्हारे साथ जो हुआ

वह तुम्हारी चेतना को जागृत करने के लिए

हुआ तुम इस दुनिया को अस्पष्ट रूप से समझ

सको जैसे जैसे समय व्यतीत होगा सब समझ आ

जाएगा तुम्हारे साथ मेरा आशीर्वाद सदा ही

रहता है तुम्हारा कल्याण हो ओम नमः शिवाय

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