माँ काली का सन्देश मैं आज बहुत दुख में हूं क्या मेरी मदद कर सकते हो तुम्हारी अंतिम परीक्षा है - Kabrau Mogal Dham

माँ काली का सन्देश मैं आज बहुत दुख में हूं क्या मेरी मदद कर सकते हो तुम्हारी अंतिम परीक्षा है

मेरे बच्चे अब हमारा क्या होगा घर का ना

घाट

का इन लोगों ने आपके साथ इतना बुरा किया

है कि उनके मन में यह तो यह है कि आप भी

शायद ना ना दो और जो उधर से कार्मिकों की

इनके जीवन में एंट्री हो रही है तो इनको

तो पता ही है कि कार्मिक तो मार मारेंगे

ही क्योंकि इन लोगों की इंटू बहुत

स्ट्रांग इनकी भी स्ट्रिंग है पर यह अपनी

इंटू को गलत तरीके से इस्तेमाल करते

हैं आपने यह भी नोटिस करा होगा कि इन

लोगों के पास सिवाय एक कंट्रोवर्सी के

दूसरों की चुगली या निंदा करने के अलावा

दूसरी कोई बातें भी नहीं होती या दूसरों

को हमें

गंदा बोलना वह ऐसा हो जाए उसके साथ गलत हो

जाए वह जाए इन लोगों की जो बात है इस

तरीके की एक जलन वाली ही होती

है आपने देखा होगा पहले जब आप इन लोगों के

साथ मिलजुलकर रह बैठते थे तो आपको बहुत

भारी भारी फील होता

था आपका मन मन नहीं करता था इनके पास

बैठने का क्यों यह अपनी बातों से अपनी

नेगेटिविटी के थ्रू आपके एनर्जी को शक

करते रहते थे भले ही ऊपर से मीठी-मीठी

बातें करते रहे लेकिन अंदर ही अंदर आपको

महसूस होता रहता था कि मुझे अच्छा नहीं

लगता इनके बीच में बैठना मुझे अच्छा नहीं

लगता

है इनके पीछे बैठना यह चीज है जो पूरे साल

होती

है वह नेगेटिविटी को बहुत जल्दी भाग लेती

है बहुत जल्दी नेगेटिविटी में जाते के साथ

ही ना उनको एक अजीब सी बेचैनी होने लग

जाती

है उनको जो है अच्छा महसूस नहीं

होता नेगेटिविटी लोगों के बीच में भले ही

वह शुगर कोटेड बातें करते रहे आपके

साथ मीठी मठी चुपड़ी चुप पड़ी बातें करते

हैं पर जो आपकी इनर सेल्फ है ना वह उनको

जानती है कि यस यह गलत लोक पूरे साल नहीं

है कभी ना कभी तो यह भी पूरे बनेंगे लेकिन

बहुत जन्म लेने

होंगे अपने कार्मिक चीजें हील करनी

होगी यह जो मनुष्य जीवन इन लोगों को

परमात्मा ने दिया पर यह तो उन्होंने गवा

दिया फिर से गलत कर्म करके लोगों को दुख

तकलीफ देकर के परेशान करके लोगों को रोना

धोना

यह सब चीजें करके उन्होंने बहुत दुख दिया

है लोगों को तो इस जन्म में तो मोक्ष इनके

लिए शायद ही हो क्योंकि बहुत गलत कर्म

इन्होंने किए हुए

हैं मोक्ष तो इनको भी मिलेगा लेकिन बहुत

जन्म लेने

पड़ेंगे अभी बहुत जन्म

लेंगे बारबार के चक्कर में यह

फंस फिर एक बार इनके जीवन में भी एक ऐसा

समय आएगा जब इनको भी असहाय पीड़ा दी जाएगी

और इनके अलावा भी इनको परमात्मा के अलावा

इनको भी कोई रास्ता दिखाने वाला नहीं

होगा तब उस जन में मोक्ष की प्राप्ति होगी

अभी तो यह बहुत पैटर्न में फंसेगी

आपने इस तरीके से ना बहुत समझदारी से इन

लोगों को डील करता

है बहुत समझदारी से इन लोगों को डील करना

है इनकी चालाकी की बात होती है और जो पहले

आप इनकी हर चीज में हम यहां कह देते थे यह

जो बातें करते बेवकूफ वाली आप भी इनका

पात्र बन जाते थे अब नहीं आपको यह करना है

आपको इन लोगों से बिल्कुल डिटेक्ट रहना

है अपनी मस्ती में मग्न

रहे आत्मा में अपना नाम ध्यान रखें उस

ईश्वर में आप अपना ध्यान लगाएं और खुद से

प्रेम करें

अपनी सेल्फ रिस्पेक्ट में रहे कम बोले

जितना ज्यादा बोलेंगे

इतनी वैल्यू डाउन होगी जितना कम बोलेंगे

उतना लोग उत्साह से भरे

होंगे आपको सुनने के लिए इसीलिए हमेशा कम

बोलना

चाहिए बोले लेकिन जितनी ज जरूरत हो उतना

मेरे बच्चे आपके विरोधी फिर से क्या जाल

बिछा रहे

हैं क्या जाल बिछा रहे हैं आपके विरुद्ध

मेरे बच्चे जो आपका विरोध करते हैं या जो

आपके रियल फेवर में नहीं

है जो लोग आपके विचारों के विरुद्ध में है

उतने के विचारों के ही विरुद्ध हो

हैं मेरे बच्चे जब विचार मैच हो जाते हैं

तो फिर वह विरोध तो होते

नहीं तो वह विचारों के ही आपके विरुद्ध है

ऐसे

लोग अभी क्या कर रहे

हैं ऐसे लोग ना अभी शायद आपसे जो है मिलजो

बढ़ाना चाहते हैं दोबारा से क्योंकि पाच

सात महीने आपने उनके साथ बिल्कुल कट ऑफ कर

दिया था लेकिन अब आपसे वह मिलजो बढ़ाना

चाहते

हैं फिर से वह कुछ ऐसी चीजें करने लग गई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *