माँ काली का सन्देश मेरे बच्चे मुझे पता है मुझसे नफरत करते हो मेरा संदेश नहीं देखना चाहते हो... - Kabrau Mogal Dham

माँ काली का सन्देश मेरे बच्चे मुझे पता है मुझसे नफरत करते हो मेरा संदेश नहीं देखना चाहते हो…

मेरे प्रिय बच्चे अब तो तुम अपनी मंजिल की

ओर पर रहे हो यदि यह सत्य है तो लिखो हां

मैं अब बदल रहा हूं अपनी मंजिल की ओर बज

रहा हूं तुम निकल पड़े डे हो स्वयं को

जानने के

प्रयास अब तुम्हें रुकना अच्छा नहीं लग

रहा

है मेरी प्रिय बच्चे तुमने अप ना प्रयास

पहले से अधिक बढ़ा लिया है परिश्रम कर रहे

हो अब तुम अधिक अब आगे पचने का प्रयास कर

रहे हो जहां जीत तुम्हारी ही होगी तुम्हें

जो अच्छा लग रहा है जिससे तुम्हें सुकून

मिल रहा

है वह कार्य तुम करने लगे हो कुछ ऐसी

प्रक्रिया कर रही हो जो तुम्हें उस दिव्य

शक्ति से जो रहा

है मेरे बच्चे हमेशा याद रहे भले ही आज

तुम ही मुश्किल दौर से गुजरना पर दिख रहा

परंतु आखिर में जीत तुम्हारी अवश्य होगी

क्योंकि मैं तुम्हारे कर्मों से बहुत ही

प्रसन्न अब तुम सत्य के मार्ग को चुन रही

हो यही सब संकेत तुम्हारी जीत को

सुनिश्चित कराता

है अब भूल जाओ उन बातों

को क्योंकि जो हुआ था वह बस तुम्हें कुछ

अनुभव दिलाने के लिए

था अब तुम दिव्य मार्ग की ओर चल पड़ी है

जो तुमसे ईर्षा करते हैं वह तो अभी भी वही

खड्डी भी है जहां साल पहले थे तुम्हारी

जीत ऐतिहासिक होगी तुम्हें देखकर सबकी

नींद अब हैरानी हो

जाएगी

लिखे और अपनी कोई भी इच्छा ब्रह्मांड में

प्रकट

करें मेरे प्रिय बच्चे तुम्हें हर एक

क्षेत्र में जीत

मिलेंगे अपने आप को इसी तरह आगे बढ़ाते

रहो यदि तुम अभी गिर मेरे बच्चे हो मैं

तुम्हारी माता रानी तुम्हारे जीवन को

खुशहाल जीवन बनाने के लिए आ जाई

हूं इसलिए इस संदेश को लाइक करके अपनी

माता रानी की स्वीकृति दो और कमेंट में जय

हो माता रानी और हर हर महादेव जी लिख दो

तो मेरे बच्चे तुम्हारे जीवन में कोई ऐसा

व्यक्ति है जिसकी इंजर है तुम पर वह वक्त

वक्त पर कुछ ऐसी क्रियाएं करता है जिससे

तुम्हें बहुत तकलीफ होती

है पिछले कुछ महीनों में तुम्हारे साथ

बहुत बुरा घटित हुआ

है कुछ बहुत बुरा जिसने तुम्हारे मन को

अंदर से झ झोल दिया

है तुम्हारा स्वास्थ्य बहुत खराब रहा

है तुम्हारे बने हुए काम बिगड़े हैं वह

व्यक्ति तुमसे बहुत करता है और तुम्हें भी

पता है कि वह व्यक्ति कौन है तुम्हारा काम

बनते बनते बिगड़े जाता है और जब तुम मन

लगाकर काम करते भी हो तो एक दो दिन तक तो

बहुत अच्छा रहता है पर उसके बाद अपने यहां

आप ही तुम्हारी ऊर्जा तुम्हारी एनर्जी

डाउन हो जाती

है तुम्हारा फिर किसी चीज में काम करने का

मन नहीं करता

है तुम्हें बहुत उलझन से महसूस होती है

तुम्हें सब कुछ छोड़कर भाग जाने का मन

करता है कुछ अच्छा होता भी भी है तो उसकी

खुशी भी ज्यादा देर नहीं

टिकती तुम्हारे मन में तुम्हारे मन में एक

डरा जाता है कि अगर यह खुशी तुमसे किसी ने

छीन ली तो अगर उस व्यक्ति ने तुम्हारे ऊपर

किसी ऊर्जा का प्रयोग कर दिया तो अगर उसने

तुम्हें बर्बाद करने के लिए कुछ बहुत बड़ा

षड्यंत्र रच दिया तो तुम कैसे

बचोगे तुम्हारा परिवार कैसे बचेगा और वह

डर आगे नहीं बढ़ने दे रहा

है और मैं तुम्हारी इस चिंता को समझ रही

हूं क्योंकि मुझे भी पता है उस व्यक्ति की

मानसिकता कितने विकृत है वह कितना गंदा

सोच सकता है और वह कितना गंदा कर सकता है

यह तो तुम्हारी कल्पना से परे है पर अब और

डरने की जरूरत नहीं

है तुम्हें अब मैं उसे तुम्हारे जीवन से

बाहर निकालने वाली

हूं अब उसके कर्मों का फल उसे मिलने वाला

है उसके शब्दहा यंत्रों की सजा उसे मिलने

वाली

है मेरे बच्चे तुम परे परेशान होना छोड़

दो यह सोचना छोड़ो कि तुम्हारे अच्छे

कर्मों का फल तो तुम्हें मिला ही नहीं वह

तुम्हें बर्बाद कर

देगा वह तुम्हारे साथ ऐसा कर

देगा वह वैसा कर रहा है इसलिए तुम इतने

दुखी हो नहीं तुम इसलिए दुखी हो क्योंकि

तुम्हें कुछ सिखाने के लिए यह दुख दिया जा

रहा

है मेरे रहते कोई भी शत्रु कितना भी

ताकतवर हो वह तुम्हें हानि नहीं पहुंचा

सकता

है मैं तुम्हारी रक्षा के लिए खड़ी दीदी

हूं तो उस विचार को तो अपने दिमाग से

निकाल बाहर फेंको और अब उसके कर्मों का फल

मिलेगा अब उसे मिलेंगे और अब वह तुम्हारे

जीवन से बाहर जाने वाला

है पूरी तरीके से यही से एक नए अध्याय की

शुरुआत

होगी तुम्हारे जीवन

में जहां पर खुशियां होंगी उसके जाने के

बाद तुम्हारा मानसिक संतुलन बहुत मजबूत हो

जाएगा तुम अंदर से बहुत मजबूत हो

जाओगे उस व्यक्ति के जाने के बाद उसके

साथ-साथ उसकी नकारात्मक ऊर्जा भी तुम्हारे

जीवन से बाहर चली

जाएगी जिसके बाद तुम्हारा हर बिगदा हुआ

काम बनने

लगेगा तुम खुश रहने लगे तुम्हारा

स्वास्थ्य तुम्हारा साथ देने लगे

तुम्हारे परिवार में खुशियों का आगमन होगा

और वह इंसान बाहर

जाएगा यह निश्चित है अब उस इंसान का

तुम्हारे जीवन से बाहर निकलने का समय आ

गया है और अपनी सजा अपने कर्मों का फल

भोगने का समय आ गया

है अब वह तुम्हारा और बुरा नहीं कर पाए

बुरा करना तो छोड़ दो अब वह तुम्हारा बुरा

सोच भी नहीं

पाएगा तो तैयार हो जाओ एक नए अध्याय के

लिए हो जाओ उस इंसान की नकारात्मक ऊर्जा

के बिना एक खुलकर सांस लेने के लिए

क्योंकि अब तक तो तुम घुटन की जिंदगी जी

रहे थे जिसमें तुम तुम्हारा दम घुटता था

तुम सांस भी खुलकर नहीं ले पा रहे थे

तुम्हारे परिवार में खुशियां टिकती ही

नहीं थी क्योंकि वह व्यक्ति यह सब कुछ कर

रहा

था वह व्यक्ति तुम्हारे बहुत करीब होकर सब

कुछ बहुत करीब से देख रहा था

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