माँ काली का सन्देश मां काली अब आपको कौन सा सत्य दिखाना चाहते हैं जिससे आपके शत्रु की आंखें... - Kabrau Mogal Dham

माँ काली का सन्देश मां काली अब आपको कौन सा सत्य दिखाना चाहते हैं जिससे आपके शत्रु की आंखें…

मेरे बच्चे अब तुम इतना सहकर आज खड़े हो

आज हंस रहे हो आज भी तुम्हारी हिम्मत नहीं

टूटी है तो अब अपनी हिम्मत को मत में

देना अब वक्त आ गया है अपनी कहानी लिखने

का और उस कहानी को पूरे समाज को सुनाने

का मेरे बच्चे अब तुम्हारी माता तुम्हा

किस्मत तुम्हारा साथ

देगी तुम्हारे मन में जो बात होती है वही

बात तुम्हारे जुबान पर होती है चाहे वह

बात कड़वी पर तुम लोगों से हमेशा सच

बोलना जानते हो तुम षड्यंत्र नहीं रचते

हो अगर तुम्हें कोई व्यक्ति पसंद है तो

तुम उसके मुंह पर बता देते हो और अगर उसने

कोई गलती की है तो वह भी तुम मुंह पर बता

देते

हो तुम्हें कुदरत ने कुछ दिया है अगर

तुम्हें मैंने कुछ दिया है तो तुम वह भी

लोगों को खुशी खुशी बता देते

हो तुम्हें छुपाने की आदत नहीं

है तुमने हमेशा य यही सोचा है कि मुझे इस

कुदरत ने इस यूनिवर्सल ने मेरी मां ने

मुझे बहुत कुछ दिया

है और मैं बहुत किस्मत वाला

हूं हर तरफ से मुझे मिला ही है और वह

खुशियां मैं सब में बांटना चाहता

हूं मैं सबको बताना चाहता हूं कि वह मेरी

माता पर यकीन रखे

उन्हें वह सब कुछ मिलेगा क्योंकि इतना कुछ

झेल करर भी अगर मैं खुश हूं मैं हंस पा

रहा हूं तो दुनिया में कोई भी खुश रह सकता

है हमारे घर पर कोई आ जाए जिसको मदद की

जरूरत है तो तुम अपना पूरा घर खाली करके

उसे दे सकते

हो ऐसा हृदय है तुम्हारा तुम कहीं भी किसी

को भी मुसीबत में देखते हो तो उसकी मदद

जरूर करते

हो तुम हमेशा मुझसे मदद मांगते

हो मेरे बच्चे हमेशा मेरी शक्ति मांगते हो

कि माता मुझे शक्ति दो पर वह शक्ति तो

तुम्हारे भीतर ही

है वह अग्नि तुम्हारे भी भीतर ही है जो इस

पूरे ब्रह्मांड को जला सकती है तो पूरे

ब्रह्मांड को रोशनी भी दे सकती

है तुमने हमेशा इस बात का ध्यान दिया होगा

कि जब तुम पूजा पाठ करते हो या जब तुम कोई

दीपक जलाते हो तो तुम्हें एक अलग प्रकार

की ऊर्जा महसूस होती

है एक ऐसी ऊर्जा जैसे तुम्हारे अगल बगल

हुई है कोई है जो तुम्हारी रक्षा कर रहा

है तो वह अग्नि की ताकत है जो तुम्हें

जगाती

है तो अगर तुम्हें ध्यान लगाना शुरू करना

है तो सबसे पहला एक दिया जलाकर उस पर

ध्यान लगाना शुरू करो क्योंकि वह अग्नि

तत्व है तुम्हारे अंदर और ही तुम्हारी

शक्ति है मैं खुद तुम्हारे अंदर वास करती

हूं मेरे बच्चे और वक्त वक्त पर मैंने

तुम्हारे बहुत इम्तिहान लिए

हैं बहुत रूप में आई हूं यह देखने कि मेरा

बच्चा मदद करता है मेरी या नहीं करता है

तो तुम मुझसे जी शक्ति को बार-बार मांग

रहे हो तुम्हारे पास तो बहुत बहुत कुछ है

तुमने स्वयं अपनी माता को बहुत कुछ दिया

है मेरे बच्चे तुमने मुझे वह प्रेम दिया

है जो मुझे लाखों बार रुला गया

है तुमने मुझे वह सम्मान दिया है कि मैं

पूरे जले की मां कहलाती हूं अगर तुम ही ना

होते अगर तुम्हारा यह प्रेम ही ना होता

तुम्हारा यह यकीन ही ना होता तो मैं भी ना

होती तो वह शक्ति तुम्हारे अंदर है अपनी

शक्ति को

पहचानो मुझे पता है तुम्हारा यह जो स्वभाव

है अपनी हर बात दूसरों को बता देने का

अपना दिल खोल देने का किसी को भी अपना मान

लेने का और जिसको तुमने अपना माना है उस

परे सब कुछ न्योछावर कर देने का इसकी वजह

से तुम्हें ब बहुत धोखे मिले लोगों ने

तुम्हारे पैसे खाए हैं तुम्हारी भावनाओं

को आहत किया है

तुम हारे साथ छल किया है तुम्हें धोखा

दिया है तो तुम मुझसे यही कहते हो कि माता

अगर मुझ में कोई शक्ति होती तो मेरे साथ

यह सब

होता क्या मैं इतना रोता क्या जो तो मैंने

आज तक बचपन से झेला

है वह सब कुछ देखना पड़ता माता मुझे मैं

तो एक साधारण सा व्यक्ति हूं मेरे भीतर

कोई शक्ति नहीं है पर मेरे बच्चे याद

करो जब जब उन लोगों ने तुम्हें धोखा दिया

तो उनका असली चेहरा तुरंत तुम्हारे सामने

आया

मैं तकलीफ भी इसलिए हुई ताकि तुम संभल जाओ

और लोगों का असली चेहरा पहचानने लोगों पर

ऐसा नहीं है कि तुम्हारी अंतरात्मा ने

तुम्हें संदेश नहीं दिए

थे ऐसा नहीं है कि तुम्हारी अंतर आत्मा ने

तुम्हें बताया नहीं

था तुम्हारे भीतर की शक्ति ने हर कदम पर

तुम्हें पहले ही चेतावनी दी है कि यही रुक

जाओ तुम किसी से मिलते हो कोई नया कार्य

शुरू करते हो तो तुम्हे उसकी र्जा पहले से

महसूस हो जाती है कि तुम्हें उस काम में

सफलता मिलेंगे या नहीं मिलेंगे और कभी यह

मत सोचना कि तुमने अपना सब कुछ खो दिया

कभी यह मत सोचना मेरे बच्चे की

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