माँ काली का सन्देश तुम्हारी उदासी पर से अब पर्दा उठेगा खुशी की लहर आएगी - Kabrau Mogal Dham

माँ काली का सन्देश तुम्हारी उदासी पर से अब पर्दा उठेगा खुशी की लहर आएगी

मेरे प्रिय बच्चे आज ब्रह्मांड द्वारा यह

सौभाग्यशाली संदेश तुम्हें केवल इसलिए

प्राप्त हो रहा है क्योंकि तुम एक

पुण्यात्मा हो और तुम्हारे जीवन में एक

बहुत अपेक्षित बहुत बड़ा संभव बदलाव होने

जा रहा है

क्नई लेकिन उससे पहले तुम्हारे प्रेम जीवन

से जुड़ा हुआ एक बहुत बड़ा घटनाक्रम घटित

होने जा रहा

है प्रिय बच्चे तुम्हारे साथी के दिल में

इस समय सिर्फ तुम छाए हुए हो वह इस समय

बहुत बौखलाया हुआ

है उसके मन में तुम्हारे प्रति इस तरह से

प्रेम बढ़ने वाला

है जिस प्रकार से पहले कभी नहीं बढ़ा

था और तुम्हारी जीवन में बहुत सी संभव दरी

घटनाएं घटित होने वाली हैं तुम्हारे लिए

बहुत से द्वार खुल रही हैं

नॉइस प्रकाश उतर रहा है और इसलिए तुम्हें

इस संदेश को हर हाल में पूरा सुनना

है इसे किसी भी परिस्थिति में बीच में

छोड़कर जाने की भूल नहीं करनी

है

नॉइस अभी तक काल तुम्हें इस संदेश को लाइक

करना है और यह पुष्टि जाहिर करनी है कि

तुम ब्रह्मांड के ऊपर सर्वश्रेष्ठ विश्वास

व्यक्त कर रहे

हो पिछले कई दिनों से उसके मन में

उथल-पुथल चल रही

है वह निरंतर तुमसे संपर्क करके तुमसे कुछ

कहने की कोशिश में लगा हुआ

लेकिन वह कह नहीं पा रहा

है उसके मन में बहुत से विचार चल रही है

जिसे वह स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पा

रहा है

कोई ऊर्जा है जो उसे निरंतर रोक रही

है प्रिय बच्चे एक प्रेरणा उमड़ रही

है जो कुछ नया करने को बेचैन कर रही हैं

व्याकुल कर रही हैं उसका नाम अब एक ऐसी

जगह दर्ज होने वाला है जिससे ना केवल

तुमने खुशी

होगी बल्कि तुम्हें बहुत बड़े सुकून का भी

एहसास

होगा पहले वह बहुत व्याकुल था तुमसे दूर

होने के लिए लला होता

था उसके मन में तुम्हें लेकर निराशा छा गई

थी वह ऐसी चिंता से घिर चला जा रहा

था उसे लग रहा था कि तुम ही उसके प्रगति

में बाधा बन रहे हो लेकिन उसका विचार बदला

है उसकी संभावनाओं बदली है उसके सोचने का

तरीका बदला है और उसके मन में प्यार उमरा

है वह तुम अब त्यागना नहीं

चाहता उसके राहों में बहुत से खंजर बिछे

हुए थे लेकिन अब वह उनसे पार पाना चाहता

है सुकून की तलाश हो रही

हो प्रिय बच्चे जैसा सुकून तुम चाहते हो

जिस तरह के शांति को तुम अनुभव करना चाहते

हो ऐसा ही कुछ चल रहा था तुम दोनों के बीच

में क्नो

लेकिन अब एक बहुत बड़े रहस्य से पर्दा

हटने वाला

है सत्य की खोज में तुम निकल रहे हो और

तुम्हारा साथ देने वहां भी

नहीं प्रिय बच्चे वह जो तुम्हारा आत्म

संगी है वह जो पिछले कई जनों से तुमसे

जुड़ा हुआ है वह जो तुम्हारा ही अंश है

वह जो प्रथम तारे से तुम्हारे भीतर भी

निर्मित हुआ था अब स्पष्ट रूप से तुम्हें

प्रदर्शित होगा और वही तुम्हें प्रगति का

मार्ग

दिखाएगा अब तुम्हारे जीवन में एक नई

शुरुआत होने वाली

है ऐसी शुरुआत जो तुम्हारे जीवन की

रूपरेखा को बदलकर रख

देगी

प्रिय बच्चे बहुत से दुविधा हों से घिरे

रहे हो तुम लेकिन अब उन दुविधा का समय

समाप्त हो रहा

है अब परिस्थितियां बदल रही है अब सत्य से

तुम्हारा परिचय

होगा नियति ने यह तय कर लिया है कि अब

दूरी को खत्म कर दिया

जाएगा तुम्हारे उत्सुकता को शांत किया

जाएगा सत्य की तलाश तो बहुत पहले से कर

रहे थे लेकिन अब तुम्हें उस सत्य के बारे

में पता

लगेगा प्रिय बच्चे तुम एक बहुत ही

मूल्यवान जीवन जीने के लिए आए

हो तुम वास में एक ऐसे तपस्वी हो जो इस

भौतिक जगत में रहते हुए भी कहीं ना कहीं

आधारभूत रूप

से पलों की जगत से संबंध रखते हो जहां

तुम्हारा वास्तविक स्रोत

है प्रिय बच्चे इसलिए रह रह कर तुम्हारे

मन में बहुत से विचार पनपते रहते

हैं यह विचार यूं ही जन नहीं ले रहे

हैं इन विचारों के पीछे एक बहुत बड़ी घटना

छुपी हुई है

अब तुम्हारी क्षमता किसी से

भी छुपी नहीं

रहेंगी तुम्हारी तरक्की को अब ताला नहीं

जा

सकेगा बहुत समय ले लिया गया है बहुत

ज्यादा परीक्षाओं से गुजर चुके हो तुम

लेकिन अब तुम्हारे भीतर जो भी भावनाएं हैं

वह ऊपर

आएंगी उनका स्थान निर्मित होगा मेरे

प्रिय तुमने पिछले कई जन्मों से यह किया

हुआ है जीवन के शुरुआती दौर

में आंखों से घिरे रहे हो

नॉइस बहुत सी चीजों को तुमने सीखा है

लेकिन धीरे-धीरे जैसे तुम बड़े होते

गए जैसे तुम्हारा आधार मजबूत होता गया तुम

दूसरों की सहायता एं करने

लगे प्रिय बच्चे यह सहायता तुम्हारे रगों

में बसी हुई

है तुम सदा से यही चाहते आए हो कि तुम

किसी के काम आओ तुम संसार में कुछ ऐसा करो

जिससे लोगों का हित हो

सके लेकिन तुम इससे अभी तक समझ नहीं पाए

हो प्रिय बच्चे और यह करने की भावना जब

तुम्हारे जीवन के साथ विरोधाभास उत्पन्न

करती रही है तो तुमने स्वयं को ही कहीं ना

कहीं चोट पहुंचा लिया

है और उस चोट से उभरने का तुम्हें स्थान

नहीं

मिला तुम इसके महत्व को अभी नहीं समझ पाए

हो तुम एक तरह

से रूप से उपचार रखे हो लेकिन तुम इस

उपचार के महत्व

को इस उपचार के प्रक्रिया को अभी तक समझ

नहीं पाए हो यद्यपि यह तुम्हें ज्ञात है

या तुम्हें आता है बस अभी तुम्हारे अवचेतन

मन से वह चक्षु नहीं खुले हैं

नॉइस जिससे तुम इसे देख पाओ और यही कारण

है कि तुम अपने मूल ताकत को भी नहीं पहचान

पा रहे

हो वह ताकत जो तुम्हारे चक्र ध्रुव से

उत्पन्न होती

है वह ताकत जो तुम्हारे शरीर के विभिन्न

अंगों से गुजरती है जो निरंतर बाहर आने को

बेताब

है जिस दिन तुम अपनी ताकत को समझ जाओगे उस

दिन तुम्हें यह ज्ञात हो

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