माँ काली का सन्देश आज रात तुम्हारे भाग्य कि मैं आकाशवाणी करने जा रही हूं | - Kabrau Mogal Dham

माँ काली का सन्देश आज रात तुम्हारे भाग्य कि मैं आकाशवाणी करने जा रही हूं |

मेरे प्रिय बच्चे आज यदि तुम्हें यह संदेश

प्राप्त हो रहा है तो यह तुम्हारे जीत की

घोषणा कर रहा

है यह तुम्हें बता रहा है कि बहुत जल्द

तुम्हारे जीवन में एक भव्य चमत्कार दर्शन

देगा जिससे तुम्हारा स्वास्थ्य बहुत अच्छा

हो

जाएगा तुम तनाव से मुक्ति पा लोगे तुम्हें

इतना धन मिलेगा कि तुम अपनी समस्त जरूरतों

को पूर्ण कर

सकोगे मेरे प्रिय बच्चे आज तुम तक यह

पहुंचा है क्योंकि मेरा ऐसा मानना है कि

तुम्हारा मुझ पर पूर्ण विश्वास

है इसलिए मेरे प्रिय तुम मेरे इस विश्वास

की पुष्टि कर दो फिर तुम पाओगे कि बहुत

जल्द तुम्हारे मन में चल रहे

हो सभी तना का अंत हो रहा है मेरे प्रिय

तुम्हें इस संदेश को पूर्ण सुनना है और इस

बात की पुष्टि करनी

है कि तुम मेरे विश्वास पर खड़े उतरे हो

मेरे प्रिय तुम जिस चीज की कामना सबसे

ज्यादा कर रहे हूं

मैं तुम्हें वही लाकर देने वाला हूं लेकिन

मैं केवल उन व्यक्तियों की सहायता प्रथम

से करता हूं जिनके कम ठीक होते हैं

नॉइस मेरे प्रिय अभी तुम्हें थोड़े सुधार

की आवश्यकता है क्योंकि तुम्हारे इरादों

में कोई कमी नहीं

है लेकिन जज्बात और इरादे मनुष्य के

क्रियाओं पर असर नहीं

डालते वास्तविकता में उसके क्रियाएं उसके

कर्म का निर्माण करती

है तुम बहुत ही जल्द सी तरक्की को प्राप्त

करोगे कि हर कोई तुमसे इसका राज

पूछेगा अभी इस वर्ष में जो भी महा गुजरे

हैं और जो आने वाले हैं उनमें तुम्हारे

कर्मों का एक पूरी श्रृंखला का चयन किया

गया

है

कनो जिस तरह के कर्म तुम्हें आगे ले

जाएंगे तुम्हें उसी तरह के कर्मों को और

भी ज्यादा दोहराना है और जो कर्म तुम्हें

पीछे ढके ले तुम्हें उनका त्याग करना है

कनोई ऐसा करते ही तुम्हारे परिवार को भी

एक अच्छा जीवन प्राप्त

होगा साथ ही तुम्हारी तरक्की से ना केवल

तुम बल्कि तुम्हारा

साथी तुम्हारा परिवार तुम्हारे मित्रगण और

तुमसे संपर्क साधने वाले प्रत्येक मनुष्य

जो तुम तुम्हारे प्रति प्रेम की भावना

रखते हैं सबका जीवन सुधर

जाएगा तुम सबके लिए उस वृक्ष के समान हो

जाएंगे जिसकी छाव में आकर कोई लाभ लेता है

तो कोई इसके फल से लाभ लेता है तो कोई

इसके तने पत्तियों से लाभ लेता

है तो कोई उसकी हवा में ही आनंदित हो उठता

है मेरे प्रिय ऐसा इसलिए होता

है क्योंकि वह मनुष्य फिर मानवता के उच्च

छत में पहुंच जाता है फिर वह देवों के बीच

अपना स्थान समर्पित कर लेता

है प्रिय बच्चे मैं तुमसे बहुत प्रसन्न

हूं और मैं जानता हूं कि तुम्हारे भीतर की

भावना कैसी है तुम्हें कैसी छटपटा हट मची

रहती है नॉइस

लोगों की भलाई के लिए लोगों के उद्धार के

लिए तुम सदैव तत्पर रहते हो इसलिए मेरे

प्रिय तुम्हारा ख्याल रखा जाना बहुत

आवश्यक

है ताकि तुमसे महत्त्वपूर्ण उद्देश के

कार्य भी कराए जा सके साथ ही उच्च श्रेणी

का तुम्हें लाभ भी प्रदान किया जा

सके तुम मेरी दिव्यता को प्राप्त करने के

क्षेत्र में आ चुके हो और ऐसा करने वाला

मनुष्य को सदैव यश प्राप्त होता

है उसके लिए जीवन का प्रत्येक दिन

स्वर्णिम हो जाता है और वह ऐसे स्वर्णिम

की शुरुआत करता

है जिसके वंश उसके कुल में उसे

सर्वश्रेष्ठ बना देता

है मेरे प्रिय तुम अब ऐसे अवसर को पाने

वाले

हो जिसे पाकर तुम स्वयं भी अचंभित रह

जाओगे तुम स्वयं भी प्रसन्न हो जाओगे और

साथ ही हैरानी से भर

जाओगे

कनो ऐसा होने पर तुम्हारे आसपास के लोग और

तुमसे संपर्क साधने वाले प्रत्येक मनुष्य

पर

तुम यह पाओगे कि उनकी नजरों में तुम्हारी

दिव्यता बढ़ गई है वह तुम्हें दूसरे निगाह

से

देखेंगे इस निगाह में समान सर्वोपरि

होगा आदर होगा प्रेम होगा और भय भी

होगा

भाई इस वजह से ताकि वह कभी भी तुम्हारे

सम्मुख किसी भी परिस्थिति में कुछ गलत

विवाद और कोई गलत बात ना कर

पाए किंतु तुम्हें इसका सदुपयोग करना है

तुम्हें इसका दुरुपयोग नहीं करना

है तुम्हें किसी भी हाल में इसे अहंकार के

स्वरूप में नहीं लेना

है अन्यथा यही अहंकार फलीभूत होकर

तुम्हारे पतन का कारण भी बन सकता

है नॉइस मैं नहीं चाहता कि तुम्हारे जीवन

में पतन की एक भी छवि उत्पन्न ना

हो तुम्हारे जीवन में पतन का एक भी कांटा

चुभा रह जाए एक

नॉइस अन्यथा एक काटा ही तुम्हें जखम दे

देगा और फिर यह जखम आगे चलकर नासूर बन

जाएगा मेरे प्रिय तुम्हारे मन में बहुत से

प्रश्न भी दबे हुए

हैं किंतु शिकायतों की भावना अभी तुमसे

हटी नहीं

है तुम्हें शिकार तो की इन भावना को अपने

आप से दूर करना होगा हटाना होगा यह

तुम्हारे लिए आवश्यक है

नॉइस प्रिय बच्चे मेरी बात को ध्यानपूर्वक

सुनो तुम अप्रत्याशित चमत्कार के घटित

होने के काल में आ चुके हो

नॉइस आने वाले समय में तुम पर इतना धन

बरसेगा इसकी कल्पना करना भी सामान्य

मनुष्य के बस की बात नहीं

है यह सफलताओं का मौसम तुम्हारे लिए ही

बनाया जा रहा

है इसे तुम्हें सुचारू रूप से स्वीकार

करना होगा और इसे स्वीकार करने के लिए अंग

लिखकर यह लिखो कि मैं स्वीकार करने

की श्रेणी में मौजूद हूं

नॉइस मैं अप्रत्याशित धन और चमत कार को

स्वीकार करने का इच्छुक

हूं मैं इसे तत्काल अपने जीवन में पा लेना

चाहता

हूं प्रिय बच्चे तुम पर वह धन और प्यार

बरसेगा जिसके तुम हकदार

हो तुम यदि अपने परिवार पर भी इसी प्रकार

की कृपा को चाहते हो तो यह भी अवश्य

लिखो

कनो तो ऐसा लिखने पर तुम्हारे जीवन में

दिव्य सहायता भेज दी जाएगी क्योंकि

तुम्हारे पूर्वजों ने भी तुम्हारी जीत का

समर्थन कर दिया

है तुम्हारे पूर्वज तुम्हारे जीत में अपना

एक अहम योगदान देते हैं और जिसके पूर्वज

उसकी जीत में उसका अहम योगदान देते हैं

वहां मनुष्य आगे बढ़ जाता

है क्योंकि पूर्वक स्वर्ग में मौजूद होते

हैं इसलिए वहां पाप पुण्य के क्रम से

मुक्त हो जाते हैं

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