माँ काली का सन्देश आज तुम्हारी किस्मत बदलने वाली है - Kabrau Mogal Dham

माँ काली का सन्देश आज तुम्हारी किस्मत बदलने वाली है

मेरे बच्चे भले ही तुम कितनी भी गलतियां

कर लो मगर यदि तुम स्वयं से सच्चे हो तो

तुम सफल अवश्य

होंगे हर दिन कुछ ना कुछ सीख तुम एक नए

रूप में परिवर्तित हो रहे

हो तुम्हें जीवन में स्वयं को कभी भी धोखा

नहीं देना चाहिए चाहे तुम किसी सच्चे हो

ना हो परंतु तुम्हें स्वयं से सदैव सच्चा

रहना

चाहिए जो व्यक्ति स्वयं से झूठ बोलता है

या अपने ही मन को धोखा देने का प्रयास

करता

है वह व्यक्ति कभी प्रसन्न नहीं रह सकता

है संसार में तीन चीजें अधिक समय तक छुपी

नहीं रह सकती

हैं सूर्य चांद और सच यदि तुम स्वयं से

सच्चे हो तो यह बात याद रखना वह कभी ना

कभी सामने अवश्य आएगी

और तुम्हें उसका फल भी प्राप्त

होगा स्वयं से सच्चे मनुष्य कभी भी अपने

प्रयास में कोई कमी नहीं रखता

है चाहे कितनी भी कठिनाइयां उसकी समझ

क्यों ना आ जाए परंतु वह उम्मीद नहीं

छोड़ता

है वह उम्मीद का साथ कभी भी नहीं छोड़ता

है अपनी बुरी आदतों को अपने जीवन के मार्ग

में बाधा नहीं बनने देता

है जीवन में हर छर कुछ ना कुछ सीखने का

प्रयास करता

है किसी भी परिस्थिति में यदि तुम्हे

परेशानी हो रही हो

तो तुम्हें अपनी उस परिस्थिति का उल्लेख

करना

चाहिए तुम्हें जीवन में किसी भी गुरु की

खोज नहीं करनी

चाहिए यदि तुम ध्यान से देखो तो तुम्हारे

आसपास की सभी वस्तुएं तुम्हारे गुरु

है सभी तुम्हें कुछ ना कुछ सिखाती

है बस आवश्यकता यह है कि तुम उनकी बातें

सुनते

जाओ तुम्हें चाहे बाहर कितनी भी गलतियां

कर लो मगर उन गलतियों का दंड उतना बड़ा

नहीं हो सकता जितना स्वयं से झूठ बोलने का

होता

है झूठ और सच की लड़ाई में जी सदैव सच्चाई

की ही होती

है यदि तुम स्वयं से झूठ बोल रहे हो तो

तुम स्वयं में ही हार जाओगे और स्वयं से

हारा हुआ व्यक्ति कभी भी किसी भी समस्या

के सामने नहीं कर सकता

है सदैव स्वयं से सच्चे रहो और अपने आसपास

भी हर चीज हर लोग मेरे बच्चे में सब कुछ

देख रही हूं और अब मुझसे तुम्हारी यह हालत

नहीं देखी जा

रही मेरा दिल भर जाता है जब मैं तुम्हारे

जीवन के बारे में सोचती हूं और दिल भरा

आता

है जब मैं यह सोचती हूं कि मेरा बच्चा

कितने कष्ट में रहा मेरे बच्चे को जीवन भर

क्या कुछ नहीं देखना पड़ा पर मेरे बच्चे

यह कर्म में

था तुम्हारे पिछले जन्म के कर्म थे जो

तुम्हें इस जन्म में भोगने

पड़े तुम्हारी माता चाकर भी कुछ नहीं कर

पाई पर ऐसा नहीं है कि बाकियों की तरह

मैंने तुम्हारा साथ छोड़

दिया तुम्हारे एक-एक आंसू का हिसाब रखा है

मैंने मैं बस इंतजार कर रही हूं कि कब

तुम्हारे जीवन का यह पड़ाव खत्म हो और मैं

तुम्हारा दामन खुशियों से भर

दूं मेरे बच्चे अब रो मत अब वह बोझ को

उतार कर फेंको अपने सीने से मुझे पता

है तुम्हें आज लोगों की जरूरत है पर जीस

दिन तुम सफल हो जाओगे और

जीस दिन तुम अकेले उस भीड़ से बहुत दूर

खड़े होंगे तब तुम्हें पता चलेगा कि

तुम्हें यह सब क्यों देखना पड़ा

था तुम्हें इतना सब कुछ क्यों सहना पड़ा

था तब तुम्हें वह अकेलापन ही अच्छा

लगेगा तब तुम्हें यह झूठी मोह माया की

दुनिया नहीं अच्छी लगेंगी

यह झूठी है

रिश्ते अच्छे नहीं लगेंगे तब तुम्हें पता

चलेगा कि अच्छा हुआ वह लोग तुम्हारा साथ

छोड़कर चले

गए क्योंकि जहां तुम खड़े होगे वह

तुम्हारे साथ वहां खड़े होने के लिए योग्य

नहीं

है आज तुम्हें कष्ट हो रहा है क्योंकि

तुमने अपना भविष्य नहीं देखा

है और इस भविष्य में तुम अकेले ही चमकने

वाले

हो वह जिम्मेदारियां जो मैंने तुम्हें दिए

तुमने बहुत अच्छे से निभाए मेरे बच्चे तुम

कभी टूटे नहीं तुम्हारा मुझ पर से यकीन

कभी नहीं टूटा तुम रात भर रोकर भी सुबह

मुस्कुराते हुए उठते हो सिर्फ इसलिए कि

कहीं तुम्हारे माता-पिता को तकलीफ ना

हो कहीं किसी और को तुम्हारे रोने से

तकलीफ ना हो कहीं लोग तुम्हारे रोने को

बोझ ना समझ

ले तुम तो इतने मजबूत व्यक्ति हो तो हार

मत मानो यह मत सोचो कि तुम्हारा जीवन

तुम्हें किस ओर लेकर जा रहा है क्योंकि जो

तुम्हारा जीवन जेस और लेकर जा रहा है वह

तुम्हारी कल्पना से परे है और यह मत सोचो

कि तुम अकेले हो यह दुनिया नहीं है है

तुम्हारे साथ यह मोह माया की दुनिया जो

सिर्फ धन दौलत देखकर आती

है सिर सुख देखकर आती है और दुख में नहीं

पूछती यह दुनिया शायद नहीं है तुम्हारे

साथ और तुम्हारी माता हमेशा तुम्हारे साथ

रही है तुम्हारी हर आंसू में तुम्हारे साथ

रही है तुम्हारी उस हर झूति हंसी में मैं

तुम्हारे साथ रही हूं तुम बहुत कोमल हृदय

के

हो और बहुत पवित्र है तुम्हारा मन इतनी

गंद में भी तुमने अपने उस पवित्रता को

बरकरार

रखा यही तुम्हारी जीत है उन सबके ऊपर यही

तुम्हारी जीत है कि उनके इतने अत्याचार के

बाद भी तुम उन जैसे नहीं बने तो अकेले

होने से डरो

मत एक दिन तुम्हारा यह अकेलापन ही तुम्हें

बहुत कुछ

दिलाएगा तब वह लोग

सोचेंगे काश उन्हों ने तुम्हें अकेला ना

छोड़ा होता तब तुम्हारे वह शत्रु सोचेंगे

कि वह जो बाजी तुम्हारे खिलाफ चल रहे थे

वह तो तुम्हें सफलता दिला गई तो अपने दिल

से अपने दिमाग से यह बोझ को उतार

फेंको जो उन लोगों ने तुम्हें दिया है वह

उतार कर उनको वापस कर दो और अपने कर पर लग

जाओ अपने सपनों को पूरा करने के लिए

परिश्रम करना शुरू कर दो और यह भूल जाओ कि

तुम्हारे साथ कोई नहीं मैं तुम्हारे साथ

खड़ी हूं मेरा नाम लेना तुम्हारी मदद करने

किसी ना किसी रूप में अवश्य

आऊंगी मेरे बच्चे तुम्हें इतना डर किस बात

का है

किस बात से तुम इतने भयभीत हो जाते हो कि

तुम अपना बना बनाया काम बिगाड़ दे रहे हो

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