माँ काली का संदेश मेरे बच्चे केवल 7 दिनों अनदेखा मत करना ।मैं तुम्हारी किस्मत पलट दुगी - Kabrau Mogal Dham

माँ काली का संदेश मेरे बच्चे केवल 7 दिनों अनदेखा मत करना ।मैं तुम्हारी किस्मत पलट दुगी

मेरे बच्चे तुम परिश्रमी हो तुम बहुत

मेहनती हो बस तुम्हे वह मार्ग ढूंढना है

वह कार्य ढूंढना है जिसमें तुम सबसे

ज्यादा मेहनत कर सको जिसमें तुम संतोष का

अनुभव हो सके मेरे बच्चे अपने मन की

व्याकुलता को शांत करने के लिए तुम्हें

अपने भीतरी मन को शांत करना आवश्यक है जब

तुम्हारा भीतरी मन शांत होगा तभी तुम अपनी

परिस्थितियों को समझ पाओगे मेरे बच्चे एक

रिश्ते में एक दूसरे के साथ रहने के लिए

तुम दोनों को ही अपने आप को साबित करना

होगा तुम दोनों एक नए रिश्ते को समझने के

कितने लायक हो पहले तुम्हें यह

सिद्ध करना होगा और मैं यहां तुम्हारे

आत्म संगी की बात कर रही हूं मैं तुम्हारे

उस साथी की बात कर रही हूं जो जन्मों

जन्मों से तुम्हारा अंश रहा है जो

तुम्हारे ना केवल जीवन का बल्कि सूक्ष्म

जगत का भी अंश रहा है मेरे बच्चे मनुष्य

रिश्ते का चयन तो बहुत आसानी से कर लेता

है लेकिन लेकिन उसे निभाने के लिए उसे

अपने आप को सक्षम बनाना पड़ता है यह कार्य

दुष्कर प्रतीत होता है कठिन प्रतीत होता

है इसमें जटिलता आती है मेरे बच्चे

तुम्हें बस कुछ समय का रिश्ता तो नहीं

चाहिए तुम्हें एक ऐसा रिश्ता चाहिए जो

सालों साल तक

चले जो हर पल नया हो जो अनोखा हो जो एक

ऐसी मिशाल बने कि दूसरे भी उस रिश्ते को

देखकर गर्व महसूस करें दूसरे भी यह सोचे

कि रिश्ता कितना ही खूबसूरत और प्यारा है

मेरे बच्चे आने वाला समय तुम्हारे लिए

बहुत महत्त्वपूर्ण है आज से ही तुम्हारे

जीवन में बहुत सी घटनाएं घटित होने लगेंगी

और आने वाला वह समय होगा जब यह अपने

चरमोत्कर्ष पर होगा यहां से तुम्हारे लिए

चीजें बदलेगी नई चुनौतियां तो आएंगी लेकिन

नए अवसर भी सामने आएंगे मेरे बच्चे वह लोग

जो कभी तुम्हें गिराना चाह रहे थे वह

तुम्हारे सामने झुकेंगे वह अपनी

हार वीकार करेंगे और तुमसे भी मांगेंगे यह

भीख धन की नहीं बल्कि रहम दिली की होगी

उनका बुरा समय जब शुरू होगा तो सहायता के

लिए तुम्हारे ही समक्ष आएंगे यहां भी

तुम्हारे लिए चुनौती होगी यहां भी

तुम्हारे कर्मों का चयन होगा लेकिन

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