माँ काली का संदेश //तुम्हारी आत्मा से तुम्हारी रूह निकल जाएगी - Kabrau Mogal Dham

माँ काली का संदेश //तुम्हारी आत्मा से तुम्हारी रूह निकल जाएगी

तुम्हारी आत्मा से री निकल जाएगी आपके लिए

अति आवश्यक संदेश आपको एक संदेश भेजना

चाहती हू मैं री का कुछ बताने के लिए इस

ती पर आई मैं तुमसे कुछ बात जाना चाहती

हूं जिसके लिए तुम आज मेरे इस संदेश को

अंत तक सुनना क्योंकि यह रे जीवन से जुड़ा

हुआ है य तुम को नहीं सुना तो तुम्हारे

जीवन का कल्याण नहीं हो पाएगा इसलिए आज

मुझे अवश्य सुनना क्योंकि कई बार तुमने

मुझे अनदेखा किया है परंतु आज नहीं चाहती

तुमे अनदेखा करो इसलिए सारी परेशानियों का

समाधान आज मेरे पास है बस तु मुझे कुछ समय

देना है यदि तुम मुझसे प्रेम करते हो तो

तुम मुझे अपना आज समय दोगे तुम्हारे समय

से मैं तुम्हारे जीवन की सारी परेशानियों

को समाप्त कर दूंगी तुम मेरे सबसे प्रिय

भक्त

[संगीत]

हो मुझे सबसे प्रिय हो मैं री माता हूं

अनुमति से ही सारे काम होते है मैं संसार

के प्रति एक

में मैं तुम्हा हू और इस जगत में हर स्थान

पर जहां पर इंसान नहीं प सकता तुम्हारी

भक्ति ने मुझे इतना प्रभावित किया है कि

मैं स्वयं रे पास

आई बच्च तुम्हा भक्ति से बहुत प्रसन ई और

अब सारी खुशिया र आई

रे एक छोटी सी परीक्षा सेना है मैं

ार िया देना चाहती हूं तु ब छोटी सी

परीक्षा में सफल होना है तु मुझे हमेशा

याद करते रहना है

जो भी परीक्षा तुमसे ी उस परीक्षा में तुम

अवश्य सफल हो क ब परीक्षा एक संसार का है

जो इन परीक्षा में सफल हो गया हमशा आगे

बढ़ता है कुछ परीक्षा संसार तु लेता है और

कुछ मेरे बच्चे परीक्षा

मेंही तु अपने जीवन में आगे बढ़ सकते मेरे

बच्चे याद रखना कभी किसी का बुरा करके ु

प्रात होती है मेरे बच्चे एक दिन ऐसा होगा

कि जब सब कुछ तुमसे छ जाएगा मेरे बच्चे

दूसरो का पूरा करके कभी खुशी ज्यादा समय

तक नहीं टिकती है मे बच्चे जो गलती तुमने

की है उस गलती का तुम समाधान मिला इसलिए

मेरे बच्चे गलती करने से बचे यि तुमने

गलती कर भी तो उसका समाधान ो और उस गलती

के लिए माफी मांगो जिस प्रकार मे

उ से एक य का भी है और दूसरा रू

नु दो प्रकार रे अर स अ के लिए रा पर चलता

है दूसरा स अप सोता है उसे दूस मनु से कोई

ना देना नहीं होता है

है उसे की कोशिश करता है इसलिए मे बच्चे

भीतर की ह रू को बाहर निकालो और अच्छे

मार्ग पर लेकर जाना रा कर्तव्य है कभी

अपने अंदर शैतान का रू मत लेकर आना

[संगीत]

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