माँ काली का संदेश इसका तुम्हारे करीब आना एक बड़ी घटना का संकेत है | - Kabrau Mogal Dham

माँ काली का संदेश इसका तुम्हारे करीब आना एक बड़ी घटना का संकेत है |

मेरे बच्चे मैं तुमसे कुछ जरूरी बात करना चाहती हूं यदि आपके करीब बार-बार यहां आ

रही है तो आप निश्चित ही समझ लो कि यह आपके जीवन में कुछ बहुत बड़ा घटित होने

वाला है और तुम्हें इस बात के बारे में मैं पूर्ण रूप से अवगत कराना चाहती हूं

इसलिए मैं तुम्हारे करीब आई हूं लेकिन मेरे बच्चे तुम्हें सबसे पहले मेरी बातों

को सुनकर डरना नहीं है बल्कि तुम्हें केवल बातों को समझना है यदि तुम समझ गए तो आने

वाली उस चीज का सामना तुम बहुत आराम से कर पाओगे क्योंकि जीवन में घटित होने वाली

अच्छी या बुरी चीजें बार-बार जीवन में आने का अर्थात प्रवेश करने का का पूर्ण रूप से

प्रयास करती है तो इसका अर्थ यह है कि तुम जब भी किसी कार्य को करते हो तो उस कार्य

से आकर्षित समय तुम्हारे जीवन में प्रवेश करने का प्रयास करता है वह अच्छा भी हो

सकता है और बुरा भी और वह बार-बार प्रयास करता है कई बार तो अच्छा होते होते रह

जाता है और कई बार बुरा होते होते रह जाता है उसका कारण केवल इतना होता है कि तुम

ध्यान नहीं देते और उसके साथ-साथ यदि कुछ बुरा होने वाला होता है तो तुम्हारे पास

देवीय शक्तियां होती हैं तुम अपने आप को सुरक्षा कवच में सुरक्षित रखते हो इसलिए

मेरे बच्चे तुम्हें कोई ऐसी शक्ति नुकसान नहीं पहुंचा पाती जो तुम्हें नुकसान

पहुंचाना चाहती है इसके कई अर्थ होते हैं लेकिन आज जो मैं बताने आई हूं उसको सुनने

से पहले तुम एक बार जय हो माता रानी जरूर लिखना इससे मुझे बहुत प्रसन्नता

होगी मेरे बच्चे जब तुम्हारे करीब कोई भी ऐसा इंसान यदि आता है जिससे तुम्हें खतरा

महसूस होता है या तुम्हें डर लगने लगता है या तुम्हारे हृदय को यह आभास होता है कि

इस व्यक्ति से तुम्हें नुकसान पहुंच सकता है तो तुम्हारा मन बार-बार डरने लगता है

और तुम उससे दूर हटने लगते हो तुम उसके करीब नहीं जाते लेकिन कई बार ऐसा दिखने वाला व्यक्ति

जिससे तुम्हें बिल्कुल भी डर ना लगे तो तुम उसे पहचान ही नहीं पाओगे कि तुम्हें

नुकसान पहुंचाना चाता है या नहीं चाहता या तुम्हारे करीब आने वाली ऐसी अदृश्य शक्ति

जो कि तुम्हें दिखाई नहीं देती लेकिन ना वो तुम्हें नुकसान पहुंचा सकती है अब जो

चीज तुम्हें दिखाई नहीं देती उसे केवल तुम हृदय से आभास कर सकते हो आंखों से देख

नहीं सकते क्योंकि वह हवा में विलीन होती है लेकिन मेरे बच्चे वह कोई कमजोर शक्ति

नहीं होती बल्कि इतनी शक्तिशाली शक्ति होती है कि तुम्हें नुकसान पहुंचा सकती है

लेकिन जब तुम्हें कोई चीज दिखाई ना दे तो तुम उससे बचने का प्रयास कैसे कर सकते हो

यह भी जानना जरूरी है कि जो व्यक्ति तुम्हें दिखाई दे रहा है और यदि वह

तुम्हें खतरा महसूस नहीं करवा रहा लेकिन तुम उससे खतरा है उससे कैसे बचना है इसके

साथ-साथ तुम्हें एक बात को और जान लेना होगा जो मैं तुम्हें आज बताऊंगी यदि तुमने

उस बात को भी जान लिया तो निश्चित ही आने वाली चाहे कोई भी हो लेकिन तुम उससे बच

जाओगे सबसे पहले तो तुम्हें इस बात को जान लेना जरूरी है कि यदि तुम मेरी आधी अधूरी

बातों को सुनोगे तो तुम्हें पूर्ण रूप से बचने का रास्ता प्राप्त नहीं हो पाएगा यदि

तुम पूर्ण रूप से बचना चाहते हो तो तुम्हें मेरी पूरी बातों पर ध्यान देना

होगा और अपने मन में हर बात को उतारना होगा क्योंकि मेरे बच्चे एक चीज से बच

सकते हो तो दूसरी से खतरा हो सकता है यदि सभी से बचना है तो तुम्हें कुछ बातों को

जान लेना बहुत ज्यादा जरूरी है क्योंकि कई बार मैं तो तुम्हें बचा लेती हूं लेकिन

तुम कहीं ना कहीं कोई ऐसी गलती कर देते हो तो नुकसान तुम्हारा होने के साथ साथ दुख

मुझे भी होता है इसलिए मेरे बच्चे आज मैं तुम्हारी मां तुम्हें पूर्ण रूप से बचाने

आई हूं तुम किसी के नुकसान पहुंचाने पर एक भी रास्ता ऐसा नहीं होना चाहिए कि तुम्हें

कोई नुकसान पहुंचा पाए या तुम्हें उस बात के बारे में अवगत ना हो और यही मेरा धर्म

बनता है क्योंकि मैं एक मां हूं और मां अपने बच्चों की हर प्रकार से रक्षा करती

है वह हमेशा अपने बच्चों का भला चाहती है उसके मन में हमेशा यही डर लगा रहता है कि

कहीं मेरे बच्चे को कोई नुकसान ना हो जाए किसी भी कारण बस और यही मेरा भी है मैं भी

तुम्हें बार-बार हर बाप के लिए इसलिए बताती हूं और आगाह

करती हूं जिससे कि तुम्हें जीवन में कोई भी परेशानी ना घेरे क्योंकि मेरे बच्चे

मैं मां होकर अपनी ममता को कैसे रोक सकती हूं सबसे पहली बात तो तुम्हें इस बात का

स्मरण रखना होगा कि स्त्री हो या पुरुष यदि उससे कोई स्त्री या उससे कोई पुरुष

जबरदस्ती मित्रता निभाना चाहता है अर्थात तुम्हारे मना करने पर भी वह बार-बार तुमसे

बातें करने का प्रयास करें बार-बार बार तुम्हारे करीब आने का प्रयास करें और तुम

उससे अनदेखा कर रहे हो फिर भी वह तुम्हारे करीब आती चली जा रही है या वह तुम्हारे

करीब आता चला जा रहा है तुमसे मित्रता बनाने के लिए बार-बार कहता है और तुम्हें

ऐसा आभास होता है कि वह तुम्हारा मित्र बनना चाहता है या चाहती है तो तुम निश्चित

ही इस बात को समझ लो कि वह कोई साधारण इंसान नहीं है बल्कि वह जो तुमसे जबरदस्ती

मित्रता निभाने की या तुम्हारे अनदेखा करने के पश्चात भी तुमसे मित्रता बनाने की

कोशिश कर रही है वह जरूर कोई ना कोई परेशानी लाने वाली है क्योंकि मेरे बच्चे

उसके इरादे नेक नहीं है जो अच्छा इंसान होता है जिसकी भावनाएं अच्छी होती है

मित्रता वो भी करते हैं लेकिन वह केवल सामने वाले की भा भावनाओ को देखकर मित्रता

करते हैं जबरदस्ती किसी के ऐसे पीछे नहीं पड़ते और जो ऐसा करते हैं निश्चित ही उनके

मन में कुछ ना कुछ सामने वाले के प्रति गलत भाव रहती है वह कुछ ना कुछ नुकसान

पहुंचाना चाहते हैं और इसी इरादे से वह बार-बार करीब आने की कोशिश करते हैं जिससे

कि व्यक्ति कभी ना कभी उनसे मित्रता करें और इसी का वह फायदा उठाकर आपका नुकसान

करते है अर्थात आपके जीवन में कुछ ना कुछ ऐसा नुकसान करेंगे जिससे कि आपको जीवन भर

पछताना पड़ेगा इसलिए मेरे बच्चे ऐसे व्यक्ति से

सबसे पहली बात दूर रहना प्रारंभ करो और दूसरा तुम इस बात को ध्यान रखो कि यदि

तुम्हें कोई भी ऐसी मानसिक स्थिति घेर रही है अर्थात तुम्हारा मन बार-बार किसी भी

बात को लेकर परेशान हो रहा है या तुम बेवजह से किसी बात से सबसे ज्यादा डर रहे

हो तो तुम्हें एक बात को स्मरण रखना चाहिए कि कोई ना कोई ऐसी शक्ति तुम्हें घेर रही

है जो कि तुम्हारे हृदय के और मस्तिष्क के अंदर नकारात्मक ऊर्जा को उत्पन्न कर रही

है अर्थात तुम्हारे मन के अंदर एक ऐसा दृष्टिकोण बन रहा है जो कि किसी भी कार्य

को ना करने के लिए उकसा रहा है और तुम्हारी शक्ति को वह कमजोर कर रहा है

अर्थात कहने का अर्थ यह है कि एक नकारात्मक ऊर्जा तुम्हारे जीवन में प्रवेश

कर रही है जिस ऊर्जा को तुम्हें नष्ट करना होगा और यह केवल तुम अपने ईट देवता के

मंत्रों को उच्चारण करके ही कर सकते हो या तुम अपनी माता का नाम का उच्चारण करो या

फिर हनुमान चालीसा चालीसा का पाठ करो क्यों क्योंकि कुछ कुछ शक्तियां ऐसी है

जिनके मंत्रों का लगातार उच्चारण यदि तुम करते हो तो निश्चित ही तुम उस शक्ति का

उच्चारण करते करते उस शक्ति को अपने इर्द गिर्द विद्यमान कर लोगे इस बात का ध्यान

रखो कि कभी भी किसी भी शक्ति के मंत्र का उच्चारण करने से वह शक्ति तुम्हारे जीवन

में प्रवेश करने लगती है और तुम्हारे इर्द गिर विद्यमान हो जाती है तुम्हारी रक्षा

करने के लिए क्योंकि तुम स्वयं ही उस शक्ति को अपनी ओर आकर्षित करते हो अपने

मुख से निकले हुए एक एक शब्द से वह शक्ति तुम्हारे जीवन में धीरे-धीरे करके प्रवेश

करने लगती है और यदि कोई भी नकारात्मक ऊर्जा यदि तुम्हारे मस्तिष्क में प्रवेश

करके विद्यमान हो जाती है और तुम उसे अपने मस्तिष्क से अपने हृदय से अपने पूरे शरीर

से निकाल नहीं पा हो तो उसका वास तुम्हारे शरीर पर होने लगता है फिर जैसा वह चाहती

है वैसा तुम करते हो अर्थात वह कुछ ना कुछ तुम्हारे जीवन में बिगाड़ करने के लिए आती

है और बिगाड़ करके ही वह जाती है क्योंकि

उसका काम ही ऐसा होता है कहीं पर भी विकराल रूप धारण करना अर्थात कुछ ना कुछ

ऐसा नुकसान करना किसी के प्रति वह फिर तुम्हारे शरीर में प्रवेश करके दूसरों का

नुकसान करती है क्योंकि इसी से उसको प्रसन्नता होती है मैं तुम्हें डराना नहीं

चाहती और ना ही मेरा उद्देश्य है तुम्हें डराना लेकिन यह सच है कि कुछ कुछ ऊर्जा

ऐसी होती है किसी भी व्यक्ति की बुद्धि को पूर्ण रूप से बंद कर देती है और उसकी

सोचने समझने की शक्ति को क्षीण कर देती है इसलिए कभी भी अपने ऊपर ऐसी ऊर्जा को

विद्यमान मत होने दो क्योंकि यदि ऐसी ऊर्जा विद्यमान हो जाती है तो तुम्हारे

जीवन में बहुत बड़ा संकट उत्पन्न करती है और खतरा भी लेकर आती है यदि तुम्हारे

मस्तिष्क के अंदर बार-बार गलत विचारधाराएं उत्पन्न हो रही है बिना वजह से कुछ ऐसी

मानसिक स्थिति हो गई है जिसमें तुम दूसरों का अच्छा ना सोचकर गलत भावना लेकर आ रहे

हो या तुम्हारे मन के अंदर अपने आप ही गलत भावना उत्पन्न हो रही

है और तुम्हें ऐसा आभास होता है कि तुम्हारे जीवन में तुम्हारे मन की जो

स्थिति है वह एक अलग दिशा में चली गई है तुम्हें ऐसा नहीं सोचना चाहिए फिर भी

तुम्हारी मन की धारणाओं को तुम काबू में नहीं रख पा रहे बार-बार तुम उन धारणाओं को

रोकने का प्रयास कर रहे हो लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है तुमसे और तुम जानबूझकर भी यह

नहीं करते लेकिन तुम्हारे जीवन में ऐसा हो रहा है यह सत्य है कि कई बार जीवन में हम

जो सोचते हैं वह हम चाहते नहीं है और जो हम चाहते हैं वैसा सोच नहीं पाते तो ऐसे

में तुम समझ लेना कि तुम्हारे मस्तिष्क पर किसी और चीज का वास हो चुका है अर्थात

तुम्हारे हृदय में तो ईश्वर का वास है लेकिन तुम्हारे मस्तिष्क में एक ऐसी ऊर्जा

विद्वान हो चुकी है जिस ऊर्जा को तुम्हारे मस्तिष्क में विद्यमान होने पर उसने

तुम्हारी दिशा ही मोड़ दी है इसलिए मेरे बच्चे शीघ्र ही तुम्हें मंत्रों का

उच्चारण करना चाहिए और इन्हीं मंत्रों के उच्चारण से तुम्हारे मस्तिष्क में ईश्वर

का वास होगा और जो तुम्हारी गलत दिशा में मोड़ी हुई रुख

वह सही दिशा में चलने लगेगी मेरे बच्चे इस बात को हमेशा स्मरण रखना कि

तुम बहुत सोच समझ कर ही किसी भी कार्य को चुनना और यदि तुम बार-बार ऐसा आभास करने

लगे हो कि यह तुम्हारा सोचा हुआ तुम्हारा नहीं है किसी और का है तुम्हारे हृदय को

ऐसा आभास होने लगा है तो तुम इस पर पूर्ण रूप से विचार करना और शक्तिशाली मंत्रों

का उच्चारण प्रारंभ करना तीसरी और सबसे जरूरी बात मैं तुम्हें बताना चाहती हूं कि

आज के युग में अर्थात आधुनिक युग में जो लड़कियां है वह सभी सही है लेकिन अभी भी

कुछ लड़कियां ऐसी होती हैं जो किसी भी लड़के के जीवन में ऐसा नुकसान करके जाती

हैं और नुकसान के लिए ही वह प्रेम का संबंध बनाती है वह सामने वा को केवल लूटने

और बर्बाद करने के इरादे से उसके जीवन में आती है यदि कोई भी लड़का भावुक होता है

लड़कियां उसका कई बार फायदा उठाती है हर लड़की ऐसी नहीं होती लेकिन कुछ ऐसी होती

है मैं उन्हीं लड़कियों के लिए यह बताना चाहती हूं मेरे बच्चे तुम दूसरों के ऊपर

मुसीबत लाने का या किसी के ऊपर मुसीबत आने का कारण मत बनो क्योंकि यदि तुम दूसरों के

ऊपर मुसीबत लेकर आओगे अर्थात दूसरों के प्रेम का फायदा उठाओगे और यदि लड़का ऐसा

करता है लड़कियों के साथ अर्थात किसी भी लड़की की इज्जत नहीं करता उसका मान सम्मान

नहीं करता उसकी इज्जत का ख्याल नहीं रखता तो उन दोनों के ऊपर निश्चित ही संकट आता

है क्योंकि वह आ रही बुद्धि में गलत बात जो दोनों में से किसी की बुद्धि में आ

सकती है वह उसके जीवन को गलत दिशा में मोड़कर ले जाती है और उसके कर्मों को भी

एक ऐसी दिशा में मोड़ देती है जिससे कि उसकी बुद्धि ना तो कार्य कर पाती है और ना

वैसा व्यक्ति सोच पाता है क्योंकि एक व्यक्ति तो भावनाओं से किसी के साथ जुड़ता

है लेकिन एक व्यक्ति केवल स्वार्थ वस किसी को अपने साथ जुड़ता है और अपने मन के अंदर

षड्यंत्र भरकर रचता है उसकी बुद्धि में केवल दूसरे को नुकसान पहुंचाने का और कुछ

ना कुछ ऐसी भावना जो किसी के प्रति किसी को नुकसान पहुंचाने की होती है और खुद का

फायदा करने की होती है बस इसी इरादे से वह व्यक्ति ऐसा करने की कोशिश करता है मेरे

बच्चे जो लोग ऐसा करते हैं उनको मैं आज सावधान करने आई हूं क्योंकि यदि तुम दूसरे

के जीवन में ऐसा करोगे तो तुम्हारे जीवन में भी मुसीबत आएगी तुम्हारे जीवन में भी

संकट आएगा क्योंकि तुम अपने कर्मों को एक गलत दिशा में ले जा रहो हो और जिन लोगों

के साथ ऐसा होता है उन्हें भी सावधान करने आई हूं मेरे बच्चे तुम किसी से प्रेम तो

करो लेकिन ऐसा प्रेम मत करो जिसमें तुम ठगे जाओ क्योंकि थोड़ा आंख खोलकर किसी से

प्रेम करो सोच समझकर प्रेम करो तुम्हें यदि किसी व्यक्ति से प्रेम हो जाता है या

तुम्हें कोई बहुत अच्छा लगता है इसमें गलती तुम्हारी नहीं है क्योंकि हृदय से

प्रेम होता है तभी जब आंखों को कोई चीज भाती है और हृदय उसके पीछे भाग पड़ता है

और तुम हृदय के पीछे भाग पड़ते हो तुम चलते चले जाते हो एक ऐसी दिशा में जहां पर

सामने वाला व्यक्ति तुम्हारे प्रति छल रख कर के कार्यों को करता है और तुम उसे भाप

नहीं पाते और ना ही परक पाते हो क्योंकि तुम्हारी आंखों पर प्रेम की पट्टी बंधी

होती है और जिसकी आंखों पर पट्टी बंधी हो वह व्यक्ति देख नहीं सकता अर्थात प्रेम की

पट्टी एक ऐसी पट्टी होती है जो व्यक्ति सामने वाले को ना तो परखने की चाह रख पाता

है और ना ही उसे परक पाता है क्योंकि उसके मन में यह भावना आती ही नहीं कि सामने

वाला व्यक्ति षड्यंत्र भी रख सकता है क्योंकि जब वह किसी से सच्चा प्रेम करने

लगता है तो वह यह सोच नहीं पाता कि कोई ऐसा भी कर सकता है उसकी भावना तो केवल

प्रेम की होती है और प्रेम उसके हृदय में वास करता है और वह सोचता ही रहता है कि

मैं जिसे प्रेम करता हू उसे कितना प्रेम करूं जितना मेरा सामर्थ्य हो और जितने

मेरे बस के हो बहुत ज्यादा उसे प्रेम करू बस यही धारणा रख कर के वह व्यक्ति सामने

वाले को प्रेम करता चला जाता है और उसे परखने की चा नहीं रख पाता उसे अगर यह बात कोई तीसरा

व्यक्ति बता भी दे कि वह झल कर रहा है या कर रही है तब भी उस व्यक्ति की आंखों पर

प्रेम की जो पट्टी बंधी होती है वह उस पट्टी को उतार कर कभी भी परखने की चाह

नहीं कर पाता क्योंकि उसे कुछ दिखाई नहीं देता सच तो उसे बिल्कुल भी दिखाई नहीं दे

पाता और जब तक उसकी प्रेम की पट्टी आंखों से उतारी जाती है तब तक बहुत देर हो चुकी

होती है उसे यह जानते जानते काफी समय निकल जाता है कि उसके जीवन में क्या हो रहा है

और कोई है जो उससे छल कर रहा है धोखा दे रहा है उसे पेट में खंजर घोप रहा है बात

बात पर उसका झूठ बोलना बात बात पर उसका रूठ जाना हर बात पर गुरूर दिखाना और बात

बात पर छोड़ के चली जाऊंगी या छोड़ के चला जाऊंगा धमकी देना और जो जिससे प्रेम करता

है वह उसकी हर बात को स्वीकार कर लेता है डर के कारण और यह डर कोई ऐसा वैसा डर नहीं

होता बल्कि अपने प्रेम को खोने का डर होता है और यह भी सच है कि जो सच्चा प्रेम करता

है वह अपने प्रेम को खोने से बिल्कुल डरता है क्योंकि वह उसके बिना रह नहीं सकता और

रह भी नहीं पाता है उसका फिर कहीं मन नहीं लगता उसका दिल नहीं लगता तो वह उदास हो

जाता है वह हर समय सोचता ही रह है ना तो किसी कार्य को कर पाता है और ना ही किसी

भी कार्य को करने में उसका मन लगता है इसलिए वह विवश हो जाता है झुक जाता है

अपने प्रेम के सामने और ऐसे में ही सामने वाला व्यक्ति जो केवल उससे दिखावा कर रहा

है प्रेम का छलावा कर रहा है प्रेम का और षड्यंत्र रच रहा है उसके प्रति वह उसका

फायदा उठा लेता है और के उसके साथ धोखाधड़ी करके उसे बर्बाद करने की फिराक

में रहता है मेरे बच्चे यदि ऐसा प्रेम तुम्हारे निकट आ रहा है तो सावधान हो जाओ

क्योंकि वह प्रेम प्रेम नहीं है बल्कि एक बहुत बड़ा संकट है एक ऐसा संकट है जो यदि

तुम उसमें फंस गए एक बार तो उससे निकलना नामुमकिन के बराबर हो जाता है क्योंकि

उससे निकलते निकलते बहुत देर हो जाती है और हां तक कहा जाए तो तुम अपना सब कुछ गवा

बैठते हो तब तुम्हें ज्ञात होता है कि मेरा सब कुछ खत्म हो चुका है मैं बर्बाद

हो चुका हूं इस प्रेम के चक्कर में इसलिए मैं तुम्हें आज आगाह करने आई हूं अर्थात

मैं समझाने आई हूं कि तुम ऐसे किसी प्रेम के चक्कर में मत पड़ो नहीं तो तुम्हारा

जीवन खराब हो जाएगा और तुम बर्बाद हो जाओगे मेरे बच्चे यह सच है कि प्रेम करना

चाहिए लेकिन उससे नहीं जो तुम्हारे साथ छलावा कर रहा है या दिखावा कर रहा है या

तुमसे षड्यंत्र रचकर बातें करता है बल्कि उससे प्रेम करो जो तुमसे सच्चा प्रेम करता

है और तुम पर जान छिड़क हो तुम्हारी हर बात में उसकी स्वीकृति होती है और भावनाओं

से भावनाओं का प्रेम होता है ना कि स्वार्थ बस मेरे बच्चे जिसके मन में छलावा होता है

उस व्यक्ति को तुम कुछ ही समय में परक सकते हो इसलिए प्रेम करो लेकिन आंखें

खोलकर आंखें बंद करके नहीं यदि आंखें बंद करके प्रेम करोगे तो थोड़ा सा आगे जाकर ही

ठोकर खा जाओगे और मोह के बल गिर पड़ोगे गिरने से पहले ही तुम्हें समझना होगा और

संभलना होगा और मानना होगा इस बात को कि तुम जो अभी कर रहे हो उससे कहीं तुम्हारा

कोई नुकसान तो नहीं हो रहा ऐसा कोई व्यक्ति तो नहीं है तुम्हारे जीवन में जो

तुमसे छलावा कर रहा हो और तुम उसके बारे में पूर्ण रूप से जान नहीं पा रहे केवल

उसके हाथों से धोखा खा रहे हो और जीवन को बर्बाद कर रहे हो क्योंकि मेरे बच्चे यदि

ऐसा हो रहा है तो आगे तुम्हें होने का मौका भी नहीं मिल पाएगा उस समय जिस समय

तुम सब कुछ गवा बैठोगे अर्थात जो छल कर रहा है वह सब कुछ लूट करर भाग जाएगा और

तुम हाथ मलते रह जाओगे क्योंकि संसार में पांच उंगलियां बराबर नहीं होती और सब एक

से नहीं होते इसी प्रकार प्रेम करो लेकिन देखो कि कहीं कोई तुमसे छल तो नहीं कर रहा

है कहीं तुम किसी के षड्यंत्र में फस तो नहीं रहे हो यदि तुम्हारे साथ ऐसा हो रहा

है तो निश्चित ही बहुत गलत हो रहा है और अपने आप को तुम रोक लो क्योंकि यदि समय

रहते तुम स्वयं को नहीं रोकोगे तो आगे तुम्हें केवल पछतावा होगा और जीवन में कुछ

नहीं बचेगा ऐसे लावे से और ऐसे संकट से बचने का केवल एक उपाय है कि तुम ऐसे प्रेम

को तुरंत छोड़ दो और जिससे भी तुम प्रेम करो उसे देख परक कर करो उसका प्रेम परखने

के बाद ही तुम उसे पूर्ण रूप से प्रेम करो और परखने के लिए भी तुम्हें यह देखना होगा

कि सामने वाला व्यक्ति क्या सच में तुमसे प्रेम करता है क्या उसकी भावना तुम्हारे

लिए उस तरह की है जिस तरह की तुम्हारी है क्या वह उतना प्रेम कर पाएगा तुमसे जितना

तुम उससे करते हो क्योंकि बच्चे यदि वह बात-बात पर लड़ता है या लड़ती है बात-बात

पर तुम्हें छोड़ने की धमकी देती है बात बात पर रूठ जाती है या बात बात पर उसको

क्रोध आता है तो ऐसा व्यक्ति तुमसे प्रेम नहीं करता क्योंकि प्रेम करने वाला

व्यक्ति कभी भी छोड़ने की बात नहीं करेगा और प्रेम करने वाला व्यक्ति तुम्हें खोने

से हमेशा डरेगा मेरे बच्चे प्रेम कर ने वाला व्यक्ति बात बात पर क्रोध नहीं करेगा

बल्कि जहां तुमसे कुछ गलती होगी तो वह तुमसे प्यार से बात करेगा और तुम्हें

प्रेम से समझाएगा क्योंकि उसके हृदय में प्रेम है और वह इस बात को समझता है कि

किसी से यदि कोई गलती हो जाए तो उसे प्रेम से समझाने पर जितना ज्यादा समझ में आता है

उतना क्रोध बस कभी नहीं आ सकता और यही कारण होता है किसी भी व्यक्ति का कि वह

तुम्हें उस समय समझाता है जब तुम्हें कोई भी बात समझ में नहीं आ रही होती है

क्योंकि प्रेम का धर्म ही सबसे पहला यही होता है कि अपने प्रेमी को समझाएं हर बात

के लिए मनाए यदि प्रेमी क्रोधित भी हो जाता है तो प्रेमिका उसे समझाती है और

प्रेमिका यदि क्रोधित होती है तो प्रेमी उसे समझाता है वो दोनों एक दूसरे को को

समझते हैं भावनाओं को पहचानते हैं एक दूसरे के प्रति मरते मिटते हैं बल्कि

षड्यंत्र नहीं रचते क्योंकि वह प्रेम जो करते हैं और

प्रेम खुद को खुश करने का नाम ना होकर दूसरे को खुश करने का नाम होता है यदि तुम

अपने प्रेम से प्रेम करते हो या तुमसे कोई प्रेम करता है तो निश्चित ही तुम्हारी

छोटी छोटी खुशी का ख्याल रखेगा तुम कब हंसते हो उसे हंसी आएगी तुम कब रोते हो व

दुखी हो जाएगा तुमसे कभी भी किसी भी चीज को मांगने से पहले क्रोध में नहीं आएगा और

ना ही क्रोध में तुमसे कभी ज्यादा बात करेगा जब भी बात करेगा उसकी बातों में

मिठास होगी इतनी मिठास कि उसके सामने तुमने सब चीज सीकी लगेगी

क्योंकि प्रेम तो एक आनंद है प्रेम कोई ऐसा नहीं है कि वह किसी के ऊपर क्रोध करे

बल्कि वह एक मधुर है संगीत की तरह है जिसे कानों में सुना जाए तो बहुत अच्छी गज

सुनाई देती है और यदि दिल से महसूस किया जाए तो वहां आपको रंग में रंग लेता है

जिससे कि इंसान उसके रंग में रंगने के पश्चात पूरी दुनिया में हर चीज को हर रंग

में देख पाता है उसकी दुनिया ही रंगबिरंगी हो जाती है वह अपने दिल से हर चीज को

महसूस करता है और उसे यह ज्ञात होता है कि दुनिया कितनी खूबसूरत है यही तो होता है

प्रेम का असली रंग जो जिससे प्रेम करता है उसे उसी में पूरी दुनिया दिखाई देती है और

सबसे ज्यादा इंसान विवश हो जाता है अपने प्रेम के प्रति गलत भावना सोचने के बारे

में और गलत भावना विचार करने के बारे में क्योंकि प्रेम जब होता है तो इंसान किसी

के बारे में बहुत अच्छी भावना रखता है और अच्छा सोचता है तब प्रेम होता है लेकिन कई

बार गलत व्यक्ति इसी बात का फायदा उठा लेता है उसे यह बात बहुत अच्छे से ज्ञात

होती है कि प्रेम जब होता है तो उसकी आंखों पर पट्टी बंधी होती है एक तरह से वह

पूर्ण रूप से देख नहीं पाता और प्यार में अंधा हो जाता है

और इसी का सामने वाला व्यक्ति गलत फायदा उठाकर तुम्हारे जीवन में बर्बादी का सबसे

बड़ा मार् बना लेता है और ऐसे में सब कुछ बिखरते बिखरते यदि व्यक्ति संभल जाए तो भी

उसका दिल टूट जाता है और यदि वह समझ ना पाए तो सब कुछ बिक जाता है क्योंकि मेरे

बच्चे इंसान अपने हृदय से जीता है और हृदय से ही बिगड़ता है उसका हृदय टूटा तो वह

टूट जाता है और यदि उसके हृदय में प्रेम की जो धारणा है वह लगातार प्रवाह करती

रहती है तो वह प्रसन्न रहता है उसको हर बात अच्छी लगती है और संसार में जो उसका

जीवन है वह भी अच्छे से गुजारता है हर बात में आनंद लेता है और हर बाद में उसे खुशी

महसूस होती है लेकिन यह जो प्रेम की डर टूटती है तो इंसान को बहुत ज्यादा कष्ट

होता है लेकिन धोखा खाने से अच्छा और तुम्हारे जीवन में कोई बड़ा संकट आए उससे

ज्यादा अच्छा है कि तुम प्रेम को पहचानो यदि ऐसा प्रेम है जो कि तुम्हें षड्यंत्र

रचकर धोखा दे रहा है तुम्हें लूटने की साजिश रच रहा है तुम्हारा जीवन बर्बाद

करना चाहता है तो उसे तुरंत नहीं छोड़ सकते तो धीरे-धीरे

करके छोड़ दो लेकिन अपने दिल और दिमाग से उस व्यक्ति को निकालने का पूर्ण प्रयास

करो क्योंकि वह आज या तो कल तुम्हें बर्बाद करके ही रहेगा क्योंकि ऐसा व्यक्ति

जो षड्यंत्र रखता है वह किसी का नहीं हो सकता मेरे बच्चे आज मैं तुम्हें डराने

नहीं आई और ना ही तुमसे तुम्हारे प्रेम को दूर करने आई बल्कि मैं समझाने आई हूं

क्योंकि संसार में हर व्यक्ति एक जैसा नहीं होता जो लोग षड्यंत्र रचते हैं अपने

प्रेम के प्रति और प्रेम भरा षड्यंत्र रचकर किसी को फसाते हैं केवल उन लोगों के

लिए यह संदेश है इसलिए वह मेरे बच्चे बच पाए यही मेरा संदेश है और जीवन में खुद को

कभी भी अकेला मत समझना हमेशा ध्यान रखना मैं तुम्हारे साथ हूं हर पल हर क्षण में

तुम्हें देख रही हूं और जानती हूं कि तुम्हारे जीवन में क्या चल रहा है मेरा

आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है जय हो माता रानी हर हर

महादेव मेरे बच्चे आज मैं तुमसे कुछ जरूरी बात करने आई हूं और जो बात करने आई हूं

उसे सुनना तुम्हें अति आवश्यक है क्योंकि कुछ ऐसी बातें जो मैं तुमसे करना चाहती

हूं और कुछ ऐसी बातें जो मैं तुम्हें बताना चाहती हूं तुम जानोगे तो निश्चित ही

तुम्हारे जीवन में कुछ ही समय में चमत्कार होना प्रारंभ हो

जाएगा मेरे बच्चे एक बात को स्मरण रखना कि मैंने तुम्हारे लिए समय निकाला है तो

तुम्हें भी मेरी बातों को सुनने के लिए जरूर समय निकालना चाहिए क्योंकि जब मैं

तुम्हें कुछ जरूरी बात बता रही हूं या कोई ऐसी बात समझा रही हूं जिससे तुम्हारे जीवन

का और आने वाले भविष्य का गहरा संबंध है तो तुम मेरी बात को यदि अनदेखा कर दोगे तो

तुम्हें मेरी कही हुई बात का पूर्ण ज्ञान प्राप्त नहीं हो पाएगा और ना ही यह पता चल

पाएगा कि मैं तुम्हें क्या समझाना चाहती हूं क्या बताना चाहती हूं किस विषय के

बारे में तुम्हें पूर्ण रूप से ज्ञात कराना चाहती हूं मेरे बच्चे यदि जीवन में

तुमने उस बात के बारे में पूर्ण रूप से ज्ञात कर लिया तो जीवन में तुम एक के बाद

एक चमत्कार अपनी खुली आंखों से देखते चले जाओगे सबसे पहले तो तुम इस एक बात का बहुत

ज्यादा ध्यान रखो कि कोई भी व्यक्ति यदि तुम्हें किसी भी कार्य के लिए हर समय

रोकता टोकता है या अपने कार्यों को करते समय तुम्हें केवल बातों में लगा कर रखता

है तुमसे कार्य करने ने के बदले तुम्हें ऐसी सलाह देता है कि जिस सलाह से तुम

पूर्ण रूप से बैठ जाओ या केवल तुम्हें खयाली बातों से बहका है और तुम्हें ऐसा

सपने दिखाता है कि तुम बैठे बिठाए एक बहुत ही ज्यादा बड़े व्यक्ति बन जाओगे एक ऐसे

व्यक्ति बन जाओगे जिसे कार्य करने की जरूरत ही नहीं होगी और वह केवल बैठे-बैठे

सभी तरह से धन को प्राप्त कर लेगा और जीवन में वह जो चाहेगा वह केवल बैठे बैठे हो

जाएगा मेरे बच्चे ऐसा व्यक्ति जो तुम्हें बातों में लगाकर तुम्हारा समय बर्बाद करता

है और तुम केवल उसकी बातों को सुनते रहते हो और तुम इस बात को जान ही नहीं पाते कि

वह तुम्हें एक ऐसे रास्ते पर ले जा रहा है जो तुम्हारे लिए बिल्कुल भी सही नहीं है

क्योंकि वह अपने कार्यों को तो पूर्ण रूप से कर रहा है और तुम्हें ऐसी सलाह दे रहा

है तो तुम्हें स्वयं इस बात का ध्यान रखना अति आवश्यक है कि ऐसा व्यक्ति जो तुम्हें

पूरी तरह से गुमराह करने का संपूर्ण प्रयास कर रहा है लेकिन मेरे बच्चे तुम

ऐसा ना करके तुम उस व्यक्ति का विरोध करो तुम उसे ऐसा आभास दिलाओ कि उसे तुम्हारी

बुद्धि को मोड़ने की शक्ति ना र पाए अर्थात तुम उससे ऐसे सवाल पूछो कि यदि

बैठने से सभी कार्य संपूर्ण होते या जैसी सलाह तुम मुझे दे रहे हो वैसे कार्यों को

तुम स्वयं क्यों नहीं करते क्योंकि किसी की कही हुई बातों को मानने से पहले उसकी

बातों का निरीक्षण अवश्य कर लेना चाहिए यदि वह तुम्हारे जीवन को बिगाड़ने वाली

बातें या तुम्हें उन्नति तरक्की से रोकने वाली बातें कह रहा है अर्थात तुम्हें गलत

रास्तों पर ले जाना चाहता है तो तुम उसका विरोध करो यह तुम्हारा अधिकार है क्योंकि

मेरे बच्चे यदि तुम चुप रहे तो निश्चित ही तुम उसके बहकावे में आओगे और वह तुम्हारी

देखने की दृष्टि को शीघ्र ही मोड़कर एक ऐसी दिशा में ले जाएगा जहां पर तुम

दिशाहीन हो जाओगे तुम्हें केवल उसके दिखाए हुए रास्ते ही दिखाई देंगे और तुम उन पर

चलकर और भी ज्यादा गुमराह हो जाओगे दूसरा तुम इस बात का स्मरण रखो कि

जीवन में कभी भी कोई बात तुम्हारे हृदय के अंदर बार-बार घूम रही है अर्थात तुम्हारे

साथ ऐसा गुजरा समय जो तुम्हें बहुत ज्यादा चोट पहुंचा कर गया है तुम्हारे साथ कोई

ऐसी घटना घटी है जिसकी वजह से तुम्हारा दिल दहल जाता है और तु तुम बहुत ज्यादा

डरे डरे से रहते हो तुम किसी से उन बातों को कह नहीं पाते और ना ही तुम अपने मन से

निकाल पाते हो अपने मन में ही उन बातों को लेकर अंदर ही अंदर घटते रहते हो परेशान

रहते हो रोते रहते हो लेकिन ना तो तुम किसी को बताते हो और ना बता सकते हो ऐसा

तुम्हें आभास हो रहा है कि यदि तुम बताओ तो तुम्हारी इज्जत कम हो जाएगी और यदि तुम

ना बताओ तो तुम उस बात को बार-बार याद करके जी नहीं पा रहे हो ऐसे में तुम्हें

उस बात को भूलने से अच्छा है तुम किसी ऐसे व्यक्ति को वह बात बताओ जो तुम्हारा अपना

है तुम्हारे परिवार का सदस्य है क्योंकि मेरे बच्चे व तुम्हारे हर एक बात को

समझेगा तुम्हारे हर कष्ट को महसूस कर पाएगा तुम जितनी परेशानी से गुजर रहे हो

उस परेशानी को महसूस कर पाएगा क्योंकि यदि जब तक तुम उस बात को किसी से कह नहीं देते

तब तक तुम्हारे मन के अंदर से वह बात नहीं निकलती अर्थात दूसरा रास्ता भी उस बात को

लाने का है यदि तुम्हें किसी व्यक्ति ने चोट पहुंचाई है या किसी व्यक्ति के कारण

तुम्हारे ऊपर कोई ऐसी घात हुई है जिससे तुम्हें उस व्यक्ति से घृणा होने लगी है

तो तुम उस व्यक्ति को भूलने के लिए बार-बार ऐसा विचार करो कि मेरे जीवन में

कोई घटना नहीं हुई थी मेरे जीवन में कुछ नहीं हुआ था उस व्यक्ति का नामो निशान

मिटा दो अपने जीवन से और उसके लिए तुम एक कागज लो और एक पेन लो उस पर उस व्यक्ति का

नाम लिखो और अपनी पूरी बात लिखकर उस कागज को जला डालो हृदय के अंदर ऐसा महसूस करो

कि वह व्यक्ति नष्ट हो चुका है समाप्त हो चुका है जिसने तुम्हें चोट पहुंचाई थी और

तुम जिसके द्वारा घटना ग्रसित हुए थे तुम्हें परेशानी हुई थी तुम्हारे हृदय को

चोट पहुंची थी तुम रोए थे उसकी वजह से और जिसने तुम्हारे ऊपर बहुत ज्यादा य किया था

क्योंकि मेरे बच्चे जब तक तुम उस बात को भूल नहीं जाते तब तक अपने जीवन में आगे

नहीं जा सकते आगे जाने के लिए तुम्हें उस बात को भूलना होगा भले कितना भी बड़ा

हादसा हो समय के साथ सब सही हो जाता है समय ही वह मरहम है जो हर घाव को ठीक करता

है मेरे बच्चे तुम्हारे जीवन में चाहे कितनी भी बटी घटना हुई है लेकिन धीरे-धीरे

जैसे जैसे समय गुजरता जाता है वैसे-वैसे वह बातें धुली होती जाती है तुम उनको

धीरे-धीरे करके भुलने लगते हो और जिस प्रकार ताजा घाव बहुत ज्यादा दर्द देता है

और घाव पुराना होते होते भरता जाता है उसका दर्द कम होता है ठीक उसी प्रकार

तुम्हारे जीवन में भी यह कष्ट मिले जिस समय जब वह काफी समय गुजर जाए तो वह मिला

कष्ट दुधना पड़ने लगता है और तुम्हारे वह मिले हुए कष्टों के घाव धुंधले पड़ने लग

तुम भूलने लगते हो उ बातों को और तीसरी

बात यह है कि कई बार तुम ऐसे भंवर में फस जाते हो जहां से निकलना तुम्हारा बहुत

मुश्किल होता है अर्थात तुम ऐसे कार्य को करना चाहते हो लेकिन तुम कर नहीं पाते और

कुछ ऐसे कार्य तुम पर थोक दिए जाते हैं तुम्हारे घर परिवार के द्वारा और अपनों के

द्वारा जिनको तुम नहीं करना चाहते ऐसे में तुम केवल में फसे हुए रहते हो कि तुम किस

रास्ते पर चलो कौन सी तरफ तुम जाओ जहां पर जाकर तुम उस फसे रास्ते से भी निकल पाओ और

जिस कार्य को तुम करना चाहते हो उसे भी कर पाओ क्योंकि मेरे बच्चे कई बार इंसान दो

रास्तों पर चलने लगता है और दोनों रास्तों में से वह किसी भी एक मंजिल को ना तो

प्राप्त कर पाता है और ना ना ही सही से वह चल सकता है क्योंकि उसका असली कारण बस यही

होता है कि जिस कार्य को वह करना नहीं चाहता उसमें उसकी खुशी नहीं होती लेकिन

परिवार के लोगों की खुशी होती है इसलिए वह उस कार्य को करता है लेकिन बिना मन से

करता है तो वह उस कार्य को कर नहीं पाता और वह कार्य अधूरा पड़ने लगता है लगातार

समय बीतने लगता है और उस पर मेहनत बेकार चली जाती है और कई बार तुम जिसका कार्य

स्वयं करना चाहते हो वह कार्य तुम्हारा बहुत ज्यादा कठिन होता है लेकिन तुम जब दो

रास्तों को चुनते हो अर्थात दो रास्तों पर चलते हो तो तुम्हें चलने में और कठिनाई

इसलिए होती है क्योंकि चलने में दोनों की प्रक्रिया अलग-अलग है दोनों के चलने का

तरीका अलग-अलग है इसलिए यदि तुम दो रास्ते पर चलते हो तो

तुम्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ता है इसलिए ऐसे में केवल उसी कार्य को करो जिस

कार्य को करने में तुम्हें आसानी हो और तुम आराम से कर पाओ क्योंकि उसी में तुम

सफलता हासिल कर सकते हो कठिनाई रास्ते से तुम सफलता हासिल नहीं कर सकते और तुम्हारा

जीवन लगातार बीतता चला जाता है तुम कमजोर पड़ने लगते हो और तुम कहीं के नहीं रहते

क्योंकि ऐसे में ना तो तुम किसी एक मंजिल पर सही से चल सकते हो और ना तुम्हें एक

मुकाम पर सफलता प्राप्त होती है मेरे बच्चे एक बात को हमेशा स्मरण रखो कि यदि

कोई भी व्यक्ति तुम्हारे ऊपर अत्याचार करने का प्रयास करें या संसार में

तुम्हारे परिवार के ही सदस्यों के द्वारा तुम्हारे ऊपर अत्याचार हो रहा हो तो

तुम्हें ज्ञात होने के बावजूद चुपचाप नहीं रहना बर्दाश्त नहीं करना उसका विरोध करना

अति आवश्यक है क्योंकि विरोध करने का अर्थ लड़ाई झगड़े से नहीं है विरोध करने का

अर्थ है कि तुम अपने घर के सदस्यों को उस बात के लिए समझाओ जिस बात के लिए वह गलती

कर रहे हैं क्योंकि ऐसा नहीं है कि बड़ा व्यक्ति गलती नहीं कर सकता और गलतियां

केवल छोटों से होती हैं बल्कि गलतियां किसी से भी हो सकती है चाहे वह व्यक्ति

बड़ा हो या छोटा इसलिए यदि बड़ा व्यक्ति गलती करता है

तो छोटों को उन्हें रोक लेना चाहिए उन्हें समझाना चाहिए किसी भी बात के लिए और

उन्हें सही राह के बारे में बताना अति आवश्यक होता है क्योंकि मेरे बच्चे यदि

तुम उनकी हर हां में हां मिलाते रहोगे तो उनके हाथों की गलती के भागीदार तुम भी

बनोगे भविष्य तो तुम्हारा खराब होगा आगे चलकर तुम जब पछताओगे तो कोई फायदा नहीं है

क्योंकि तब तक समय निकल चुका होगा और तुम बहुत आगे जा चुके होगे जहां से पीछे

मुड़कर जाना असंभव है मेरे बच्चे जिस प्रकार से एक बच्चा मां

के गर्भ में रहने के बाद जन्म लेता है और जन्म लेने के बाद वह बड़ा होता है मां उसे

पाल पोस करर बड़ा करती है लेकिन क्या वह इतना बड़ा बच्चा वापस मां के गर्भ में जा

सकता है नहीं जा सकता क्योंकि वह बीता हुआ समय उसी प्रकार इंसान के हाथ से निकल जाता

है और फिर कभी नहीं आता इंसान चाहे कितना भी चटपटा ले कुछ भी करें लेकिन एक समय ही

तो है जो रेत की तरह फिसलता चला जाता है हाथों से और तुम्हारे हाथों में फिर कभी

नहीं आता इसलिए मेरे बच्चे यदि तुम्हें ज्ञान है तो तुम अपने ज्ञान का इस्तेमाल करो तुम

वहां तक पहुंचने के लिए जहां तक रास्ता सही है और मंजिल सही है और तुम्हें पता है

कि तुम सही हो तो तुम्हें दूसरों के षड्यंत्र में ना आते हुए उन्हें पलटवार

करना होगा अर्थात तुम किसी के अत्याचार को मत सहो कोई तुम्हारे ऊपर जबरदस्ती करे

उसका विरोध करो क्यों कि कोई भी व्यक्ति तुम्हारे ऊपर यदि अत्याचार करता है और तुम

अत्याचार सहते हो तो तुम भी गुनाहगार हो तुम्हारा पूरा धर्म बनता है तुम्हारी पूरी

जिम्मेदारी है कि तुम खुद की रक्षा खुद करो क्योंकि तुम कोई कमजोर व्यक्ति नहीं

हो तुम बलशाली हो तुम्हारे अंदर भी और लोगों के बराबर शक्तियां है यदि तुम अपने

हृदय में झाक कर देखोगे तो तुम स्वयं यह जान पाओगे कि हां तुम्हें भी वह सब

शक्तियां प्राप्त है जो औरों के पास है अगर और लोग बलशाली है तो तुम कोई कमजोर

नहीं ना ही असहाय हो जो दूसरों के किए का जवाब नहीं दे सकते और उनके किए का भुगतान

तुम करोगे क्योंकि जो अत्याचार सहता है वह भी गुनाहगार होता है जो अपने अधिकार को

प्राप्त नहीं करता गलती उसी की होती है और किसी की नहीं क्योंकि मेरे बच्चे इस बात

को हमेशा स्मरण रखना कि जब जब रास्ता भटको ग तब तब गलतियां केवल तुम्हारी होंगी किसी

दूसरे की नहीं क्योंकि जैसे-जैसे तुम दूसरों पर ज्यादा ध्यान देने लगोगे और खुद

के बारे में सोचोगे ही नहीं ऐसा आभास करोगे कि जो व्यक्ति जिस कार्य को कर सकता

है तुम भी उस कार्य को करने लग जाओगे भले ही तुम्हें उसका अभ्यास हो या ना हो तुम

उस कार्य को कर पा रहे हो या नहीं तुम्हारी उसमें रुचि है या नहीं लेकिन तुम

बस करे जा रहे हो करे जा रहे हो खुद को परेशान कर रहे हो खुद के मन को परेशान कर

रहे हो बार-बार ऐसे कार्य को कर रहे हो जिस कार्य के बारे में तुम्हें कुछ याद ही

नहीं है मेरे बच्चे तुम जान ही नहीं पा रहे हो कि उसको कैसे किया जाता है और ना

ही तुम उस कार्य को करना चाहते हो बल्कि तुम्हारे मन में कोई दूसरा कार्य चल रहा

है और तुम किसी दूसरी योजना में लगे हुए हो लेकिन कार्य कुछ और ही कर रहे हो तो

ऐसे में केवल तुम्हारा समय धीरे-धीरे निकलता चला जाएगा और तुम धीरे-धीरे करके

ना अपने उस सोचे हुए कार्य को कर पाओगे और ना ही जिसमें तुम्हारी रुचि है तो तुम उस

कार्य को कर पाओगे तुम किसी भी कार्य पर सफल होने से पहले ही विफल हो जाओगे

क्योंकि किसी भी योजना पर कार्य करने से पहले तुम्हें विस्तार से सोचना होगा कि

तुम उस कार्य को करो अर्थात ना करो तुम कर पाओगे या नहीं कर पाओगे तुम्हारा हृदय

क्या जवाब देता है तुम अपने हृदय से पूछो मन से पूछो आंखों को बंद करके

सोचो यदि तुम सारी चीज में हां प्राप्त कर पाओ तभी तुम उस कार्य को प्रारंभ करना करो

नहीं तो ऐसे जंगल की तरह भटको ग जहां से निकलने का रास्ता भी तुम्हें प्राप्त नहीं

हो पाएगा और यदि तुम फिर भी अपनी मंजिलों से अभी तक भटके हुए थे तो आज मैं तुम्हें

एक ऐसा कार्य बताने वाली हूं जिस कार्य को करो उस कार्य को करते ही तुम्हें तुम्हारी

मंजिन शीघ्र ही प्राप्त होना प्रारंभ हो जाएगी जीवन में चमत्कार होगा जिसे देखकर

तुम्हें स्वयं भी ज्ञात हो जाएगा कि हां जो मैंने कहा है वह सत्य कहा है मेरे

बच्चे सबसे पहले तो तुम्हें अपने शांत मन को रखकर किसी भी एक दिन को चुनना होगा भले

ही तुम आज का दिन चुनो या कल का या परसों का किसी भी दिन चुने हुए दिन के अनुसार

तुम सुबह स्नान करने के पश्चात अपने शांत मन से एक कॉपी को लेकर बैठ जाओ और उसमें

बारी-बारी से केवल एक ही बात को लिखो कि तुम अपनी योजना जो बना रहे हो उसको बहुत

बारीकी से लिखो और लिखते समय तुम जिस ईष्ट देवता का स्मरण करना चाहते हो या तो उनका

स्मरण करो या तो मेरा स्मरण करो और करते हुए अपने मन की धारणा को ऐसा रखो कि तुम

जिस कार्य की योजना बना रहे हो उस कार्य को करने के लिए तुम पूर्ण रूप से तैयार हो

तुम्हें भले ही कुछ भी अनुभव ना हो लेकिन तुम उस कार्य को करके ही मानोगे तुम्हारे

अंदर से ही विश्वास है हृदय में और तुम इस विश्वास के साथ ही उस पर सब कुछ लिख डालो

जो तुम्हारी योजना है वो भी जो कार्य है वह भी और अच्छे तरह से करना है क्योंकि

जैसे-जैसे तुम बारीकी से लिखते जाओगे वो लिखी हुई बातें तुम्हारे मन के अंदर उतरती

जाएंगी और धीरे-धीरे करके तुम उन बातों पर खरे उतरते

जाओगे मेरे बच्चे जीवन में हमेशा एक बात को स्मर रखना कि चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन

तुम जिस रास्ते को एक बार चुन लो उस पर लगातार चलते जाना और जहां पर तुमसे गलती

हो जाए तो उन गलतियों को आगे सुधारते चले जाना क्योंकि जैसे जैसे तुम अपने गलतियों

को सुधारते हुए सही कार्यों को चुनते चले जाओगे वैसे-वैसे तुम्हारे जीवन में एक

बहुत बड़ा परिवर्तन आएगा क्योंकि हर एक गलती को पूरी तरह से मिटाने के बाद और सही

रास्तों को एक एक करके चुनने के बाद तुम्हें एक मूर्ति की माला की तरह अच्छे

कर्मों की माला बनानी है जिससे कि तुम्हारा जीवन पूर्ण रूप से सवर जाएगा

जिससे कि तुम जिस कार्य को कर रहे हो उसमें सभी अच्छे कार्य होंगे और उसमें

तुम्हें जो मंजिल प्राप्त करनी है वह भी तुम्हें शीघ्र ही प्राप्त होगी क्योंकि जब

किसी भी कार्य पर विजय प्राप्त करनी होती है तो निश्चित ही इंसान विजय को प्राप्त

कर पाता है और उस जगह पर जा पाता है जहां पर वह जाना चाहता है उस मंजिल को प्राप्त

करने के लिए वह संपूर्ण मेहनत कर पाता है पूर्ण रूप से ध्यान लगा पाता है और उस

कार्य को निश्चित ही कर पाता है क्योंकि मेरे बच्चे संसार में व्यक्ति भिन्न है

उसकी सोच भिन्न है उसके कार्य भिन्न है उसके जीवन में सभी होने वाले कार्य भिन्न

भिन्न होते हैं और वह हर कार्य को अपने एक अलग तरीके से करता है और हर व्यक्ति के

अंदर एक ही गुण होता है अर्थात अपना स्वयं का गुण जो उसे सबसे अलग बनाता

है जिस प्रकार से हर व्यक्ति की शरीर की ईश्वर ने अर्थात मैंने अलग-अलग की है उसी

प्रकार हर व्यक्ति की सोचने समझने की और उसकी बुद्धि अलग है वह अलग तरीके से सोचता

है अलग तरीके से कार्यों को करता है तभी तो उसे अलग फल प्राप्त होता है

यदि हर व्यक्ति एक जैसे कर्मों को करने लगेगा एक जैसे सोच रखेगा तो उसे मंजिल भी

एक ही प्राप्त होगी लेकिन ऐसा नहीं होता है कोई राजा बनता है तो कोई रंग कोई छोटा

बनता है तो कोई बड़ा कोई धनवान बनता है तो कोई करीब क्योंकि उसका कारण यही होता है

जीवन में जब भी स्वयं को कमजोर समझने लगो तब इस बात काम रखना कि एक शक्ति तुम्हारे

समक्ष है तुम अकेले नहीं हो बल्कि तुम्हारे इर्दगिर्द मेरी शक्तियां विमान

है और वह शक्तियां ही तुम्हारी रक्षा करेंगी क्योंकि वह शस्त्र के रूप में नहीं

बल्कि तुम्हारे मन की शक्ति के रूप में तुम्हारी रक्षा कर रही है वह मन जो किसी

भी राह पर तुम्हें तुम्हारे लक्ष्य से भटकने नहीं देगा उस पर कार्य करने की

शक्ति प्रदान करेगा तुम जब भी किसी कार्य को करने की सोचोगे तो उस पर तुम्हें बल

प्रदान करेगा मेरे बच्चे तुम देखना कभी भी इस बात

को सोचकर कि तुम जिस कार्य को कर रहे हो उस पर तुम्हारा कितना पूर्ण ध्यान है और

यदि तुम्हारा ध्यान बिल्कुल पूर्ण रूप से लग रहा है तो तुम निश्चित ही इतना समझ लो

कि तुम्हारे पास मेरी शक्तियां विद्यमान है और वह शक्तियां तुम्हें हर ह तरह से

शक्ति प्रदान कर रही है सोचने समझने की शक्ति कार्य करने की शक्ति ध्यान ना भटकने

की शक्ति इसलिए ही तो तुम इतना आगे जा पा रहे हो लेकिन मेरे बच्चे इन शक्तियों को

इकट्ठा करना और बिखेर देना केवल तुम्हारे हाथ में है यदि तुम इन शक्तियों को बिखेर

दोगे तो तुम कुछ नहीं कर पाओगे किसी भी लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाओगे और यदि

तुम इन्हे इकट्ठा करके रखोगे तो किसी भी कार्य पर पूर्ण रूप से प्रहार कर सकते हो

अर्थात पूरा जोर जमा सकते हो उस कार्य को सफल करने के लिए क्योंकि जिसके पास

शक्तियां विद्यमान रहती है वह जीवन में कभी भी हारता नहीं है और ना ही हार मानता

है ना ही उसकी हार होती है बल्कि वह जीत को अवश्य प्राप्त करता है क्योंकि उसका

कारण यह होता है कि उसका हृदय उसे अंदर से हमेशा प्रेरित करता रहता है कभी भी हार की

प्रेरणा नहीं देता उसे हौसला देता है कि तुम जीतोगे तुम कार्य करो और तुम्हारे साथ

वह शक्तियां है जो तुम्हारी रक्षा कर रही है ऐसे में ही इंसान जीतता चला जाता है

मेरे बच्चे यदि तुमने आज मेरी बताई हुई बातों को अपने ध्यान में उतार लिया पूर्ण

रूप से विचार कर लिया यदि तुम पूर्ण रूप से समझ गए सभी बातों को तो तुम अभी से

निर्णय कर लो और यदि तुम संध्याकाल से इन सभी बातों पर ध्यान करना प्रारंभ कर दोगे

तो निश्चित ही अगले कुछ दिनों में तुम्हारे जीवन में तुम्हें स्वयं चमत्कार

देखने को मिलेगा चमत्कार इतना सूक्ष्म रूप से होगा कि तुम देख पाओगे महसूस कर

पाओगे लेकिन ऐसा नहीं कि तुम कोई बहुत बड़ा तारा टूटता हुआ देखो या कोई बहुत

बड़ा ऐसा देखो बल्कि वह चमत्कार तुम्हारे जीवन में पहले कभी नहीं हुआ अर्थात

तुम्हें कभी ऐसा आभास नहीं हुआ जो तुम्हें अब आभास होगा जैसी सोच तुम्हारी पहले नहीं

थी वैसी सोच अब हो जाएगी जैसे कार्य पहले नहीं थे वैसे कार्य अब प्रारंभ हो जाएंगे

मेरे बच्चे यही तो तुम्हारे जीवन का सबसे बड़ा परिवर्तन है और सबसे बड़ा बदलाव है

और यही है चमत्कार जो तुम्हारे जीवन में तुम्हें देखने के लिए

मिलेगा क्योंकि इंसान के जीवन में चमत्कार तब प्रारंभ होता है जब उसके जीवन में उसकी

सोचने समझने की शक्ति परिवर्तन होती है उसके चलने की उसके कार्य करने की शक्ति

परिवर्तन होती है वह व कैसा सोचता है अपने कार्यों में कितना बदलाव लेकर आता है यदि

तुमने आज से ही इन सब बातों को निश्चय कर लिया जो मैंने तुम्हें बताई है और निश्चय

कर लिया तो तुम निश्चित ही यह समझ लो कि कभी भी अपने जीवन में नहीं

हारोगेट के साथ-साथ जीवन में भारी बदलाव

देखोगे लेकिन मेरे बच्चे जीवन में एक बात को हमेशा स्मरण रखना कि ऐसे इंसान से जो

झूठ बोलते हैं फरेब करते हैं धोखा देते हैं उनसे हमेशा दूर रहना क्योंकि झूठ

बोलने वाले के साथ रहोगे तो तुम्हें खुद भी किसी बात की सच का नहीं पता चलेगा और

तुम भी उसके साथ से झूठ बोलना प्रारंभ कर दोगे क्योंकि झूठ बोलने वाला ही फरेब भी

करता है और धोखा भी देता है यह दो दोनों कार्य वही करता जिसके मन में छल होता है

और उसे किसी का महत्व ज्ञात नहीं होता ना ही उसे किसी देवीय शक्ति का डर होता है और

ना ही प्रकृति का वह केवल अपने में जीता है उसे कर्म में अच्छे कर्म और बुरे कर्म

का ज्ञात नहीं होता वह केवल अपने स्वार्थ में जीता जाता है मेरे बच्चे भले ही किसी

भी व्यक्ति को उससे दुख प्राप्त हो लावा प्राप्त हो उसे धोखा प्राप्त हो भले ही

किसी का दिल टूटे उसे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता यदि उसे किसी बात से फर्क

पड़ता है तो बस यह कि वह कैसे लोगों को बेवकूफ बनाए कैसे वह अपने स्वार्थ को किसी

से पूरा करें और ऐसे व्यक्ति के निकट यदि तुम भी रहोगे तो तुम एक दिन अवश्य ही उसके

लावे में आ जाओगे वो एक दिनव ही तुम्हें भी धोखा देगा क्योंकि तुम उसे कभी पहचान

नहीं पाओगे और तुम उसके निकट रहोगे तो वह तुम्हारी सभी योजनाओं को सही से जान लेगा

और फिर तुम पर कई दिनों के बाद एक बार में ही प्रहार करेगा अपने झूठ का अपने फरेब का

अपने धोखे का और उस समय तुम टूटकर बिखर जाओगे तुम्हारे पास केवल एक ही रास्ता

रहेगा रोने का और बीते गुजरे वक्त पर पछताने का लेकिन उससे कुछ नहीं होगा

क्योंकि मेरे बच्चे जो उस समय तुम अपने हाथों से गवा बैठोगे वह फिर वापस नहीं

आएगा और वह है तुम्हारा कीमती वक्त जो कि एक बार किसी भी व्यक्ति के हाथों से चला

जाता है तो इंसान लाख पछता ले लाख कोशिश करें लेकिन वह वक्त लौटकर कभी नहीं आता

मेरे बच्चे वक्त रहते ही यदि तुम उस कार्य को सुधार सकते हो तो अच्छी बात है इसलिए

ऐसे व्यक्ति के निकट रहना तुम्हारे लिए उचित नहीं यदि तुम उस व्यक्ति के बारे में

जान चुके हो कि वह झूठ बोलता है तो तुम यह भी समझ लो कि वह तुम्हारे साथ भी झूठ

बोलेगा और तुम्हें भी धोखा देगा ऐसे अवगुण व्यक्ति के करीब रहना तुम्हारे जैसे

सद्गुण व्यक्ति के लिए सही नहीं मेरे बच्चे जीवन में तुम बहुत ऊंचाइयों पर

जाओगे क्योंकि मेरा साथ तुम्हारे साथ है क्योंकि मैं साया बनकर तुम्हारे साथ चल

रही हूं तुम्हें पलपल देख रही हूं हर वक्त तुम्हें संकेत देती रहती हूं मेरे संकेतों

को समझा करो मेरे बारे यदि अच्छे संकेत प्राप्त होते हैं उनको भी यदि तुम्हारे

जीवन में कुछ घटना होने वाली होती है उन संकेत को भी देती हूं तुम्हारे हृदय में

किसी भी बात के लिए डर का उत्पन्न होना यही संकेत है कि वह सही नहीं है उस कार्य

के बारे में मत सोचो या किसी भी आने वाली घटना के बारे में तुम्हारा हृदय पहले से

आभास देता है तो तुम समझ लेना कि मैं तुम्हारे हृदय में विराजमान होकर उस संकेत

को दे रही हूं मेरे मेरे बच्चे अभी भी वक्त है अभी से तुम अपने जीवन में होने

वाली घटना को रोक सकते हो कई बार अच्छा होने के पहले भी मैं तुम्हें संकेत देती

हूं क्योंकि मैं खुश हो जाती हूं तुम्हारे जीवन में और तुम्हें बताने के लिए विवश हो

जाती हूं मेरे बच्चे तुम्हारे प्रेम बस की मेरे बच्चे को यह संकेत दूं जिससे वह खुशी

से झूम उठे और खुश हो जाए क्योंकि जब किसी भी बात से मुझे प्रसन्नता होती है तो मैं

क्यों ना अपने बच्चे को भी प्रसन्नता का वह कारण बताऊं जिससे मेरा बच्चा भी

प्रसन्न हो जाए और उसे जीवन में थोड़ी-थोड़ी खुशियां थोड़े-थोड़े पर

थोड़े-थोड़े समय में प्राप्त होते रहे जिससे कि वह इस संसार में इस जन्म को

पूर्ण खुशी से व्यतीत करें और अपने आगे के कार्यों को सही करने में रहे

क्योंकि मेरे बच्चे जब इंसान को थोड़ी-थोड़ी खुशियां प्राप्त होती है तब

उसे उन खुशियों से आगे लड़ने के लिए बल प्राप्त होता है उसे साहस मिलता है कि वह

आगे की कठिनाई को झेल सके आई मुश्किले जो उसे जीतने में उसका हौसला बढ़ा सके

क्योंकि यदि व्यक्ति कभी खुशी प्राप्त नहीं करेगा तो उसे आभास ही नहीं होगा यह

एहसास कभी नहीं हो पाएगा कि वह क्यों जीते किसलिए जीते जीतने से क्या होता है क्या

क्या प्राप्त होता है कितनी खुशी होती है उसके लिए यह जान लेना अत्यंत आवश्यक होता

है और यदि थोड़ी थोड़ी सी खुशियां प्राप्त होती है तो वह खुश हो मेरा आशीर्वाद सदैव

तुम्हारे साथ रहेगा तुम्हारा कल्याण होगा जय हो माता रानी हर हर

महादेव मेरे बच्चे तुम्हारे दिल की गहराई को छूने वाले अद्भुत शब्द मैं तुम्हें

बताने वाली हूं यह जानना तुम्हारे लिए अत्यंत आवश्यक है क्योंकि अब तुम जिस

मार्ग पर चलने वाले हो वह मार्ग चुनौतियों से भरा रहेगा लेकिन मेरे बच्चे उस मार्ग के अंत

में या यूं कहो कि उस मार्ग पर चलते चलते ही तुम्हें कितनी चीजें प्राप्त होंगी

जिसका तुम अंदाजा भी नहीं लगा तुम्हारे सारे कष्ट जो अभी तक तुम अनुभव

करते आए हो उन कष्टों का समापन अब ऐसे हो जाएगा जैसे कि तुमने कभी उसे महसूस ही ना

किया हो मेरे बच्चे मैं आ गई हूं तुम्हें तुमसे ही परिचित कराने के लिए तुम

वास्तविकता में ईमानदारी और सच्चाई के प्रतिबिंब हो मुझे तु गर्व भी है मेरे

बच्चे यह संदेश तुम्हारे लिए अत्यंत आवश्यक है इसलिए संदेश को पूरा सुनना इसे

बीच में छोड़ने की भूल ना करना मैं तुम्हें बता देना चाहती हूं कि तुम अपने

जीव के बहुत करीब आ चुके हो अब मधुर फलों का परिणाम प्राप्त करने का समय आ गया है

तुम्हारे लिए तुम एक पवित्र विचारों से परिपूर्ण सफलता की ओर निरंतर बढ़ रहे

व्यक्तित्व हो मेरे बच्चे तुम्हारे भीतर जो करुणा और दया विराजमान है वह सहज

अर्थों में तुम्हारे व्यक्तित्व को ही प्रतिबिंबित करती है उत्साह से भरे हुए

दिन तुम्हारा स्वागत कर रहे हैं अब तुम्हारे जीवन में वह घटने वाला है जिसको

घटित होने की कामना तुमने सदा से ही की है क्योंकि मेरे बच्चे तुमने उस वक्त भी

संघर्ष किया जब लोग हिम्मत हार के बिखर जाते हैं ऐसे ऐसे कष्ट जिनम लोग टूटकर

पूरी तरह से बर्बाद हो जाते हैं तुम उनमें भी डटे रहे तुम उनमें भी नहीं

हारे मेरे बच्चे मैं जानती हूं कि जब कोई तुम्हें अस्वीकार करता है या तुम्हारे

विचारों को अस्वीकार कर देता है तब तुम एक अलग ही प्रकार की निराशा को महसूस करते हो

तुम एक ऐसे युग में जी रहे हो जो लोगों में भ्रम पैदा करता है यहां हर कोई कहीं

ना कहीं भ्रमित हो ही जा जाता है एक ऐसा भ्रम जाल इस संसार में फैला हुआ है जिसकी

माया में एक से एक ज्ञानी और बुद्ध पुरुष भी आ जाते हैं ऐसे में तुम इस माया को

तोड़कर बाहर निकलने की ताकत भी रखते हो और चाहत भी रखते हो मेरे बच्चे तुम्हारी यह

बात तुम्हें औरों से अलग बनाती है तुम जानते हो कि तुम इस भीड़ का हिस्सा नहीं

हो तुम जानते हो कि तुम्हे इस भीड़ का हिस्सा नहीं बनना है तुम्हें ज्ञात है कि

तुम क्या बनना चाहते हो किंतु मेरे बच्चे तुम्हें यह ज्ञात नहीं कि वहां तक तुम्हें

कैसे पहुंचना है तुम जानते हो कि वर्तमान में मिलने वाली छोटी छोटी असफलताएं

तुम्हारा रास्ता नहीं रोक सकती तुम जानते हो कि सफलता तुम्हें मिलकर रहेगी किंतु

वहां तक पहुंचने का मार्ग तुम देख नहीं पा रहे हो मेरे बच्चे तुम्हारे पास प्रकृति

का वह दिव्य खजाना है जो तुम्हारे जीवन को प्राकृतिक रूप से और मानसिक रूप से भी

खुशियों से भर सकता है मेरे बच्चे तुम्हारा जीवन किसी जादूगर द्वारा घुमाए

गए छड़ी की भांति बदलने वाला है तुम्हारे जीवन में जादू का प्रवेश होने जा रहा है

वास्तविकता में यह प्रकृति के नियमों के आधीन ही होगा किंतु यह असाधारण लगने वाली

घटना निरंतर नहीं होती इसलिए तुम्हें यह जादू जैसा प्रतीत

होगा ना केवल तुम्हे बल्कि उन सभी लोगों को जो तुम्हारे आसपास है वो सभी लोग जिसने

तुमसे उम्मीद खो दी है वो सभी लोग जिन्हे लगता है कि तुम अपने जीवन में आगे नहीं

बढ़ सकते और वह सभी लोग जिन्हे लगता है कि तुम उनके जीवन का सहारा हो उन सबको यह

जादू जैसा ही लगेगा क्योंकि मेरे बच्चे तुम्हारा जीवन

इस प्रकार से बदलेगा कि हर कोई चकित रह जाएगा हर कोई आश्चर्य से भर जाएगा खुशी की

उस तरंग में तुम स्वयं को महसूस करो मेरे प्रियम तुम्हारे लिए राह बन रहे हैं

रास्ते खुल रहे तुम्हारे सपनों की उड़ान भरने का समय आ रहा है समय आ गया

जब तुम अपने मन रूपी पंख को फैला करके इस संसार को नाप सको मेरे बच्चे तुम्हारे

जीवन में बहुत सारी खुशियां बहुत सारे मधुर संबंध बहुत सारे आलिंगन करने वाले

दिव्य चमत्कार तुम्हारे जीवन में आने के लिए बेताब है लेकिन मेरे बच्चे तुम्हें

विचार करना होगा तुम्हें विचार करना होगा इन बातों का जो मैं बोल रही हूं तुम्हे

विचार करना होगा बेहतर प्रेम संबंध का तुम्हें विचार करना होगा उस साथी का जो

तुम्हारे जीवन में अनिवार्य है तुम्हारा विचार ही तुम्हें बहुत आगे लेकर

जाएगा मेरे बच्चे तुम्हें उन बातों को बिल्कुल भी नहीं दोहराना है जिनसे तुम्हें

दुख महसूस हो जिनसे तुम्हें पीड़ा हो जिनसे तुम्हें जरा भी भी कष्ट महसूस होता

हो मेरे बच्चे यदि तुम निरंतर अपनी खुशियों का विचार करोगे निरंतर बेहतर

वाक्य को बोलोगे तो तुम्हारे जीवन में वह इस प्रकार से घटित हो जाएगा कि तुम स्वयं

भी नहीं सोच पाओगे कि इतनी जल्दी कैसे हो गया मेरे बच्चे तुम्हारे जीवन में बहुत

सारे मित्र आने वाले हैं ऐसे मित्र जिनसे तुम्हारा संबंध मधुर होगा ऐसे मित्र जो

तुम्हें प्रगति कराने में तुम्हारी सहायता करेंगे मेरे बच्चे तुम्हारा साथी तुम्हारे लिए अब

उस ऊर्जा का केंद्र बनेगा जिससे मिलने के बाद तुम हमेशा हमेशा के लिए अग्रसर होने

को तैयार हो जाओगे तुम्हारा साथी उस प्रकार की ऊर्जा का केंद्र बनेगा जिसको

देखने मात्र से तुम्हारे जीवन में सकारात्मकता भर उठेगी तुम्हारे कानों में

विजय की गूंज सुनाई देने लगेगी तुम्हारे माथे पर विजय का तिलक लग जाएगा और तुम

विजय रथ पर सवार होकर विश्व विजय की तैयारी करने में लग

जाओगे मेरे बच्चे तुम्हें वह साथ मिलने वाला है जिसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप

में तुम महसूस करो और उस ऊर्जा को अपने भीतर समाकर लक्ष्य की तरफ बढ़

चलोगे मेरे बच्चे तुम्हारे जीत के दिन आ गए हैं अब वह दिन चले गए जिस दिन तुम

निराशा में थके हारे और ना उम्मीद होकर बिताते थे अपने आप को किसी भी प्रकार से

दोषी या पीड़ित ना मानो तुमसे जो भी भूल हुई वह अनजाने में हुई है इस बात को

स्वीकार कर स्वयं को सर्वप्रथम क्षमा कर दो मेरे बच्चे जब तुम स्वयं को क्षमा

करोगे तभी तुम में वह ताकत आएगी कि तुम दूसरों को भी माफ कर सको क्योंकि जब जब

तुम दूसरों को को माफ करोगे दूसरों को क्षमा करोगे तभी तुम अपने जीवन को आगे ले

जाने का विचार कर पाओगे प्रत्येक दिन एक बार सूर्य के समक्ष अवश्य जाना और सूर्य

से यह आग्रह करना कि वह तुम्हारे जीवन को भी तेज ओज प्रकाश से भर दे मेरे बच्चे तुम

संसार में हारने के लिए नहीं आए हो किसी की गुलामी करने के लिए नहीं आए हो किसी की

चातु काता जी जूरी करने के लिए नहीं आए हो तुम्हें मनुष्य का जीवन मिला है ताकि तुम

अपने जीवन का बेहतर उपयोग कर सको अन्यथा तुम पशु रूप में भी जन्म ले सकते थे किंतु

तुम्हे ना ही जड़ रूपी वृक्ष का जीवन मिला है ना ही जंगल में दर दर भटकने वाले पशु

का जीवन मिला है तुम्हें एक ऐसा जीवन मिला है जो सभ्यता से परिपूर्ण है तुम्हें अपनी

कमियों का विचार त्यागना होगा और उन चीजों का विचार करना होगा जो तुम्हें प्राप्त है

जिसका तुम्हें आशीर्वाद मिला है क्योंकि मेरे बच्चे जब तुम आभार व्यक्त करोगे जब

तुम उनका विचार करोगे जो तुम्हें प्राप्त है फिर चाहे वह भौतिक रूप में हो मानसिक

रूप में हो या प्रेम के रूप में हो जब तुम उसका विचार करोगे तब तुम्हारा जीवन और भी

ज्यादा समृद्धि शली होता जाएगा समृद्धि तुम्हारा स्वागत करने को तैयार खड़ी है बस

एक कदम और एक सही कदम और तुम उस विजय को प्राप्त कर लोगे जिसे प्राप्त करने का

स्वप्न बहुत से मनुष्य देखा करते हैं मेरे बच्चे तुम जीत के इतने करीब आ

चुके हो कि वास्तव में यदि तुमने एक सही कदम उठा लिया तो तुम उस प्रगति को प्राप्त

कर जाओगे जिसे प्राप्त करने के बाद तुम हमारे जीवन में कभी कोई कमी नहीं रह जाएगी

यह प्रगति केवल भौतिक नहीं होगी यह प्रगति शारीरिक भी होगी यह प्रगति आध्यात्मिक भी

होगी यह प्रगति ईश्वरीय होगी देवीय होगी दिव्यता से परिपूर्ण होगी तुम्हें आग्रह

करना होगा सूर्य से चंद्र से प्रकृति से ईश्वर से तुम्हें आग्रह करना होगा तुम्हें

कहना होगा कि हे ईश्वर मेरे जीवन को ओज से तेज से प्रकाश से भर दीजिए मेरे जीवन को

उम्मीद से भर दीजिए मेरे जीवन में मुझे वह सब प्रदान करिए जो प्राप्त करने का स्वप्न

मैंने सदा से ही देखा है मेरे बच्चे अब तुम तैयारी कर लो क्योंकि यह माह का अंत

तुम्हें वह सब दे जाएगा जिसे पाने की तुमने लालसा रखी है माह के अंत में

तुम्हें वह सब प्राप्त होगा जिसे पाना तुम्हारा अधिकार है तुम्हारा धर्म है मेरे

बच्चे तुम बहुत करीब आ चुके हो अपनी जीत के वह सब प्राप्त करने के लिए तुम्हें

केवल एक उचित कदम उठाना है सर्वप्रथम तुम्हें अपने मन से भय को त्यागना है

क्योंकि यह माह का अंत ही है जो तुम्हें वह सब देने वाला है जो पाना तुम्हारा

अधिकार है जिसे पाने के तुम योग्य हो तुम्हें खुद पर संदेह करना बंद करना होगा

और विश्वास के साथ अपने बाहों को फैला लो वह सब समेटने के लिए जिसे तुम पाने की

लालसा रखते आए हो मेरे बच्चे समय आ गया है

जब तुम जीव को स्वीकार कर लो समय आ गया है जब तुम्हारे जीवन से निराशा के काले बादल

हट जाने चाहिए यही वह समय है जिसका तुमने सदा से ही इंतजार किया है मेरे बच्चे यह

सत्र तुम्हारे लिए बहुत भाग्यशाली होने वाला है इस सत्र में तुम वो सब पाने वाले

हो जो तुम पाना चाहते थे एक नया सवेरा होगा एक नया प्रकाश फैले एक नए सूर्य के

साथ तुम्हारा जीवन ऐसा परवान चढ़ेगा कि हर कोई बस तुम्हारे जीवन का आकलन ही करता रह

जाएगा हर कोई दंग रह जाएगा तुम्हारी प्रगति को देखकर तुम्हारी तरक्की को

देखकर मेरे बच्चे इसमें कुछ ऐसे लोग भी होंगे जो तुमसे जलन करेंगे जो तुम्हें आगे

बढ़ते हुए देखकर खुद को शर्मिंदा महसूस करवाते रहेंगे लेकिन तुम्हें उनका विचार

नहीं करना है तुम्हें उनसे नफरत नहीं करना है तुम्हें उनके बारे में सोचना ही नहीं

है तुम केवल अपना विचार करो अपने जीवन का विचार करो तुम आगे बढ़ चुके हो तुम सही

राह पर हो जीत के बहुत करीब हो मंजिल के बहुत पास हो मेरे बच्चे एक बात हमेशा याद

रखना कि तुम कभी भी अकेले नहीं थे ना ही कभी अकेले रहोगे क्योंकि मेरी शक्तियां

सदैव तुम्हारे समर्थन में रहेंगी क्योंकि मैं स्वयं सदा तुम्हारे लिए खड़ी

रहूंगी मेरे बच्चे मेरे आने वाले संदेशों की प्रतीक्षा करना और इस जीत को स्वी करने

के लिए इसकी पुष्टि करो इसकी पुष्टि तुम्हें अभी करनी होगी इसकी पुष्टि करने

के लिए तुम्हें भाग्यशाली अंक लिखना है और यह भी लिखना है कि हां मैं पुष्टि

करता हूं इस जीत की जो जीत मुझे मिलने वाली है यह जल्द से जल्द मुझे मिल जाए फिर

देखो तुम्हारे जीवन में चमत्कार बहुत जल्द घटित होने लगेंगे मेरे ब

मैं फिर आऊंगी तुम्हें अपना आशीर्वाद देने तुम्हारा मार्ग दर्शन करने और तुम्हें सही

राह दिखाने ताकि तुम्हें जल्द से जल्द जीत मिल सके मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद सदैव

तुम्हारे साथ है मेरा आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए लिखकर मुझे अपनी स्वीकृति

प्रदान करा देना और अपनी माता का अगला संदेश प्राप्त करने के लिए अपनी माता के

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संदेश आपको प्राप्त हो सके जय हो माता रानी हर हर

महादेव

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