माँ काली का संदेश आज मैं तुम्हें कुछ विशेष आशीर्वाद देने आई हूं| - Kabrau Mogal Dham

माँ काली का संदेश आज मैं तुम्हें कुछ विशेष आशीर्वाद देने आई हूं|

मेरे बच्चे आज मैं तुम्हें बताने आई हूं कि मैं तुम्हें एक वरदान देने वाली हूं और

उस वरदान को प्राप्त करते ही निश्चित ही तुम प्रसन्नता से झूम उठोगे उस वरदान को

प्राप्त करने के बाद पूरी तरह से खुश हो जाओगे क्योंकि वरदान ही कुछ ऐसा है जो कि

हर बच्चे का प्रिय है जो कि हर बच्चे को बहुत ही ज्यादा प्रिय है तुम इस बात को

समझो मेरे बच्चे यदि तुम्हारे जीवन में तुम्हें

वह चीज प्राप्त हो जाए जो तुम्हें बहुत ही ज्यादा प्रिय लगती है तो निश्चित ही तुम

खुश हो जाते हो तुम्हें बहुत ही खुशी होती है उसका कारण केवल इतना है कि तुम्हारे मन

मंदिर में जो चीज चल रही होती है उसे प्राप्त करने की जिसकी लालसा तुम लगाए

बैठे हो यदि वह प्राप्त हो जाती है तो निश्चित ही तुम खुश हो जाते हो और यदि

तुम्हें वह चीज जो प्राप्त हो रही है प्रिय नहीं है तो निश्चित ही चाहे वह

कितनी भी बड़ी चीज हो प्राप्त होने की पश्चात भी तुम बिल्कुल

खुश नहीं होते और तुम्हें इस बात से ना तो जीवन में फर्क पड़ता है कि कौन सी चीज

तुम्हें प्राप्त हो रही है और ना ही इस बात से फर्क पड़ता है कि किसने तुम्हें वह

चीज प्राप्त कराई है क्योंकि मेरे बच्चे सबसे ज्यादा यदि कुछ जरूरी होता है तो

केवल यह समझना कि तुम्हें कब और किस चीज से खुशी प्राप्त हो रही है और तुम्हारे

लिए सबसे ज्यादा मुख्य बात यही होती है कि जो चीज तुम्हें प्राप्त हो वह तुम्हें खुश

कर देने वाली हो या तुम्हें जो प्रिय है वह तुम्हें प्राप्त करा दी जाए तो तुम

निश्चित ही प्रसन्न हो जाते हो और प्रसन्न मन से झूमने लगते हो तुम्हें सामने वाला

व्यक्ति फिर ईश्वर दिखाई देने लगता है तुम्हारे लिए वह इतना अपना हो जाता है कि

तुम्हारा प्रेम उसके लिए बरसने लगता है उसका कारण केवल इतना ही होता है कि वह

व्यक्ति तुम्हें तुम्हारी प्रिय वस्तु दे रहा है और दूसरा कोई कारण नहीं

होता मेरे बच्चे जब संसार में कुछ ऐसी चीजें तुम्हें प्राप्त होने लगे जिनको

प्राप्त करना तुम चाहते हो तो निश्चित ही तुम समझ लेना कि कोई तुमसे बहुत ज्यादा

प्रसन्न है और किसी के प्रसन्न होने से तुम्हें वह चीजें प्राप्त हो रही हैं जो

तुम प्राप्त करना चाहते हो मैं तुम्हें वरदान देना इसलिए चाहती हूं क्योंकि उस

वरदान के द्वारा ही तुम इस संसार में जीत हासिल करोगे और मैं यही चाहती हूं कि मेरे

बच्चे को हर कार्य में जीत हासिल हो मेरा बच्चा जो चाहे जो सोचे वो कर

पाए क्योंकि मेरे बच्चे एक मां को सबसे ज्यादा खुशी तब होती है जब उसका बच्चा हर

कार्य में जीत हासिल कर ले और हर कार्य में जीतता चला जाए लेकिन जब कार्यों में

हारता चला जाता है तब उसे बहुत ही ज्यादा दुख होता है और वह मैं नहीं चाहती कि

तुम्हें दुख हो क्योंकि मेरे बच्चे जब तुम उदास हो

जाते हो और दुखी होकर हताश होकर बैठ जाते हो तो सबसे ज्यादा मेरे हृदय को कष्ट होता

है क्योंकि एक मां कभी भी यह बात बर्दाश्त नहीं कर पाती है कि उसका बच्चा उदास हो

जाए और गुमसुम चुपचाप बैठा रहे उसका कारण केवल इतना होता है कि मां को अपने बच्चे

के लिए और उसके भविष्य के लिए बहुत ही ज्यादा चिंता रहती है मां हर पल इसी बात

की चिंता में लगी रहती है कि मेरा बच्चा बहुत आगे तक जाने के साथ-साथ बहुत कुछ

प्राप्त भी करें और इसी वजह से मैं तुम्हें बुद्धि देना चाहती हूं बुद्धि इस प्रकार की कि

तुम्हें हर बात को सोचने समझने का और उसे आकलन करने का ज्ञान प्राप्त हो और तुम जब

भी किसी कार्य को करने के लिए अपने ज्ञान के द्वारा हर उस कार्य को कर पाओ जिसे तुम

सोचते क्योंकि मेरे बच्चे जब जब किसी कार्य को

सोचा जाता है तब तब उसके पीछे कोई देवीय शक्ति होती है भले ही वह तुम्हारे मन के

अंदर अपने आप ही आ जाएगी और तुम अपने आप ही उस बात को सोच लोगे जिस बात को तुम

पहले नहीं सोच पाते थे क्योंकि जब इंसान के पास बुद्धि होती है तब इंसान किसी भी

बात को सोच पाता है और जब बुद्धि हो जाती है तो सोची गई बात पर ना तो वह कार्य कर

सकता है और ना ही बुद्धि के बल पर किसी भी चीज को प्राप्त कर सकता

है क्योंकि मेरे बच्चे किसी भी इंसान के लिए किसी भी चीज को प्राप्त करना तभी संभव

है जब वह बुद्धि के बल पर किसी कार्य को कर सकता हो अर्थात बुद्धिमान व्यक्ति ही

किसी कार्य को कर सकता है और जो बुद्धिहीन है वह नहीं कर सकता यह बात सत्य है कि

जीवन में किसी भी इंसान का स्वभाव तब तक सही रहता है जब तक उसकी बुद्धि सही रहती

है और जैसे ही उसकी बुद्धि क्षीण होना प्रारंभ हो जाती है उसके स्वभाव में भी

परिवर्तन आने लगता है इसलिए मेरे बच्चे मैं चाहती हूं कि

तुम्हारे पास बुद्धि रहे क्योंकि बुद्धि रहेगी तो तुम अपने माता-पिता का भी आदर

सम्मान के साथ-साथ उनकी सेवा भी कर पाओगे और उन्हें वह सुख

दे पाओगे जिस सुख के लिए वह हमेशा परेशान रहते हैं और तुम अपने जीवन में वह बहुत

सारे ऐसे कार्य भी कर पाओगे जो अभी तक अधूरे रहे लेकिन अब अधूरे नहीं रहेंगे

इसके साथ-साथ तुम लोगों के हित के बारे में भी तभी सोच सकते हो जब तुम्हारे पास

बुद्धि हो अगर तुम्हारे पास बुद्धि ही ना हो तो तुम किसी की भलाई के बारे में ना तो

सोच सकते हो और ना ही ऐसा कोई कार्य कर सकते हो जिससे किसी का कुछ अच्छा हो

पाए मेरे बच्चे जीवन में इस बात को बहुत कम लोग होते हैं जो समझ पाते हैं कि जिस

व्यक्ति को बुद्धि प्राप्त है वह बुद्धिमान व्यक्ति है और इस संसार में

सबसे बड़ा व्यक्ति वही है और जो बुद्धिहीन है वह कुछ भी ना तो कार्य कर सकता है और

ना ही उसकी बस का कुछ रहता है क्योंकि उसके पास जब बुद्धि नहीं होती है तो वह

अपने किसी भी कार्य को करने से पहले ही बिगाड़ लेता है वह चाहता तो है बहुत कुछ

करना लेकिन उसकी बुद्धि उस कार्य पर लग नहीं पाती कि वह उस कार्य को किस प्रकार

से पूर्ण करें और किस प्रकार से उसे सही करें बल्कि वह कार्य जो कर रहा होता

उसे भी बिगाड़ कर रख देता है मेरे बच्चे इस बात को समझना बहुत ही कम

लोगों के बस की बात है कि जीवन में तुम बुद्धि के बिना बहुत ही अधूरे हो एक जानवर

के समान हो क्योंकि जानवर को भी बुद्धि होती है कि वह अपने बच्चों से प्रेम करें

और बस खाने की साधारण ता मनुष्य को यह बुद्धि दी गई है और जब तुम्हें बुद्धि का

मालिक बना रही हूं तो निश्चित ही तुम समझ लो कि उस बुद्धि का लाभ सही से तुम्हें

उठाना है और उस बुद्धि के बलबूते पर तुम्हें आगे कुछ करके दिखाना है क्योंकि

मेरे बच्चे जो चीज तुम्हारे लिए संसार में सबसे ज्यादा जरूरी है अगर मैं तुम्हें

वरदान स्वरूप तुमको दे रही हूं तो तुम्हें खाली नहीं बैठना है तुम्हें कुछ करके

दिखाना है इसी वजह से मैं तुम्हें बुद्धि प्रदान कर रही हूं और तुम इस बात को बहुत अच्छे से समझो कि

जीवन में किसी भी कार्य को करने से पहले कई बार सोचना क्योंकि जब मैं तुम्हें

बुद्धि दे ही रही हूं तो तुम जल्दी बाजी किसी भी कार्य को करने के लिए बिल्कुल भी

मत करना बहुत ही ज्यादा सोच विचार करके किसी कार्य को करना और इसके साथ

साथ तुम बुद्धि का इस प्रकार से प्रयोग करो मेरे बच्चे तुम मुझसे एक वादा करो कि

कभी भी किसी भी असहाय पर कष्ट होगा तो तुम उसकी मदद अवश्य करोगे यदि कोई व्यक्ति

किसी पशु को मारने का प्रयास करेगा तो तुम उसे बचाओगे किसी भी पशु को कष्ट नहीं होने

दोगे और कष्ट में रहता पशु तुम उसकी मदद अवश्य करोगे क्योंकि पशुओं में भी आत्मा

होती है और वह भी हम ईश्वर की एक देन है इसलिए तुम उन्हें भी अपने जैसा

समझोगे मेरे बच्चे तुम अपनी बुद्धि का प्रयोग करके केवल खुद के लिए ही कार्य

नहीं करोगे और ना ही तुम अपने लिए ही धन कमाते रहोगे बल्कि तुम इसलिए भी कार्य

करोगे कि तुम जीवन में कुछ प्राप्त कर पाओ और इसलिए भी कार्य करोगे कि यदि कोई

व्यक्ति तुम्हारे लिए कुछ ना करे तो तुम स्वयं के लिए बहुत कुछ कर पाओ अर्थात तुम

अपने जीवन में ऐसी ऊंचाई को छुओ जैसी ऊंचाई को छूने के लिए कोई भी व्यक्ति

परेशान रहता है और वहां तक जहां तक वह जाना चाहता है जा

पाए इसलिए मेरे बच्चे तुम इन बातों को बहुत ही आराम से समझना क्योंकि इनको समझना

इतना आसान नहीं है बल्कि तुम इन बातों को तभी समझ सकते हो जब तुम किसी से प्रेम कर

मुझसे प्रेम करते हो तो तुम्हें मेरी बातों को समझना भी उतना ही जरूरी है जितना

कि मैं तुम्हारी बातों को समझती हूं तुम्हारी हृदय की भावना को जानती हूं कि

तुम क्या चाहते हो और तुम्हारे मन को पूर्ण रूप से पढ़कर ही तुम्हें संदेश के

माध्यम से हर वह बात बता कर जाती हूं जिसके लिए तुम बहुत ज्यादा बेचैन हो

क्योंकि मेरे बच्चे जो जिससे प्रेम करता है उसे पूर्ण रूप से

पढ़ सकता है और उसके बारे में हर बात को जान सकता है क्योंकि यदि इंसान सच्चा दिल

किसी से लगाता है तो निश्चित ही उसे सामने वाले के हृदय की भावना का बहुत अच्छे से

ज्ञात हो जाती है और वह बहुत अच्छे से ही उसे समझ सकता है मेरा आशीर्वाद सदैव

तुम्हारे साथ है जय मां काली हर हर महादेव

मेरे बच्चे मैं आज तुम्हें बताने आई हूं कि जहां पर तुम सोते हो वहां पर ऐसा कुछ

है जिस पर तुम्हें ध्यान देना अति आवश्यक है क्योंकि सोते समय और पूर्ण रात्रि गुजर

जाने के बाद प्रातः काल जब तुम उठते हो तो कुछ ऐसा होता है जिसको आज मैं तुम्हें

बताऊंगी और तुम्हें इस बात को जान लेना अति आवश्यक है क्योंकि समय शी ही निकट आ

रहा है वह समय जिस समय के लिए तुम्हें कुछ खास बातों पर ध्यान देना होगा और मैं जो

बताऊंगी उन बातों को सुनकर समझना भी होगा क्योंकि मेरे बच्चे जीवन में कुछ ऐसा

जरूरी होता है जिसे समय रहते ही जान लेना अति आवश्यक होता है और तुम इस थोड़े से

समय उस बात को जान लो तो यह तुम्हारे लिए अति उत्तम होगा की उन बातों पर ध्यान देना

तुम्हारे जीवन में बहुत ही ज्यादा जरूरी है मेरे बच्चे मैं तुम्हें उस बात का

पूर्ण ज्ञान दूंगी कि सोते समय और जहां तुम सोते हो उस जगह पर तुम्हें ऐसी कौन सी

बात है जिसे ध्यान देना बहुत जरूरी है सबसे पहले मैं तुम्हें बताऊंगी लेकिन

सुनने से पहले केवल एक बार मेरी खुशी के लिए जय हो माता रानी जरूर लिखना इससे मुझे

अत्यंत प्रसन्नता होगी मेरे बच्चे मैं तुम्हारी मां आज

तुम्हें बताने आई हूं कि जहां पर तुम रात्रि में आराम करते हो और जिस बिस्तर पर

सोने के बाद तुम अपने सपनों में खो जाते हो तुम्हारा शरीर आठ कुछ घंटे जिस विस्तर

पर रहता है और तुम्हारी आत्मा सपनों में विलीन हो जाती है उस समय तुम्हें कुछ ऐसा

करना है जो तुम्हारे जीवन के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है मेरे बच्चे सबसे पहले तो

तुम मुझे एक बात का उत्तर दो कि तुम हर जगह का चुनाव करते हो अर्थात तुम्हारा

स्नान का एक समय निश्चित हो या ना हो तुम्हारे वस्त्र तुम ना जानो कि कौन से आज

पहनो तो कोई बात नहीं लेकिन तुम स्नान घर एक ही रखते हो एक ऐसी जगह जहां पर जाकर

तुम स्नान कर शुद्ध हो जाते हो और इसी प्रकार से तुम्हारी कुछ जगह निश्चित है

जैसे तुम्हारा रसोई घर जिसमें तुम भोजन पकाते हो और जहां अन्नपूर्णा मां का वास

होता है अर्थात जहां गेहूं चावल और खाने का सभी सामान उपस्थित होता है वहां पर तुम

चप्पल पहनकर नहीं जाते क्योंकि तुम्हें इस बात का अनुभव है कि वहां लक्ष्मी जी का

वास होता है अर्थात रसोई में चप्पल पहनकर जाना शुभ नहीं होता और तुम बहुत सारी ऐसी

जगहों पर विशेष ध्यान रखते हो लेकिन मेरे बच्चे क्या तुमने इस बात के

बारे में कभी सोचा है जो मैं तुम्हें बताने वाली हूं कि सोने से पहले तुम जिस

बिस्तर पर बैठते हो और सोने के बाद रात्रि भर अर्थात जिस बिस्तर पर तुम्हारा शरीर

रहता है और तुम्हारा मन जो कि पूरे ब्रह्मांड में सपनों में घूमता रहता है और

तुम्हें ऐसी बहुत सारी देवीय शक्तियों से मिलवा है और तुम स्वप्न में कई बार देवीय

शक्तियों से मिलते हो तुम्हारे जीवन की जो परेशानी होती है उसका हल भी वह देवीय

शक्ति तुम्हें बताती है और ऐसी बहुत सारी बातें बताती हैं

जो तुम पहले से नहीं जानते और कुछ बातों का तुम्हें संकेत स्वप्न में भी प्राप्त

होता है लेकिन मेरे बच्चे तुम एक बात नहीं जानते सोने से पहले तुम्हें अपने बिस्तर

को पूर्ण रूप से साफ करके सोना चाहिए और इसके साथ-साथ कभी भी अपने हाथ पैरों को

बिना धोए नहीं सोना चाहिए क्योंकि बाहर से आते समय तुम्हारे हाथ पैरों में जो धूल

मिट्टी लग जाती है उसके साथ-साथ रास्ते पर चलते हुए ऐसे बहुत सारी नकारात्मक ऊर्जा

तुम्हारे साथ आ सकती है और यदि तुम शुद्ध होकर नहीं सोते तो यह तुम्हारे लिए

बिल्कुल भी सही नहीं होता क्योंकि मेरे बच्चे इससे तुम्हें

स्वप्न बहुत ही ज्यादा डरावनी और तुम्हें भयभीत करने वाले आते हैं और इसके साथ-साथ

कुछ आने वाले ऐसे स्वप्ना जिनको देखकर तुम बहुत ही ज्यादा आश्चर्य में पड़ जाते हो

तुम्हें ऐसा आभास होता है कि तुम्हारे जीवन में कोई घटना होने वाली है या कोई

ऐसा स्वप्न तुम्हें दिखाई देता है जिसे सुनकर तुम बहुत ही ज्यादा डर जाते हो और

वह डरना भी इसीलिए होता है क्योंकि तुम अपने साथ नकारात्मक ऊर्जा को लेकर सोते

हो मेरे बच्चे अगर तुम अपने हाथ पैरों को शुद्ध करके सोना प्रारंभ करो और मेरे बताए

अनुसार सोना प्रारंभ करो तो निश्चित ही इस बिस्तर पर सोने की पश्चात सुबह उठते ही

तुम्हें तुम्हारी पूरी ऊर्जा प्राप्त होगी और वह ऊर्जा होगी दैवीय शक्ति के द्वारा

दी गई ऊर्जा क्योंकि शुद्ध होकर सोने से तुम रात्रि में और भी ज्यादा ऊर्जा

प्राप्त करोगे और देवीय शक्तियों के द्वारा दी गई शक्ति भी प्राप्त

करोगे क्योंकि मेरे बच्चे जब हम अपने मन से और शरीर से शुद्ध होते हैं तब हम ईश्वर

शक्ति से रात्रि निकल जाने के पश्चात जब प्रातः काल का समय आता है उस समय देवीय

शक्तियां तुमसे संपर्क करती हैं और तुम्हारे निकट आती हैं उस समय तुम्हारे

मस्तिष्क पर तुम चाहे जगे हुए या सो रहे हो उस समय सबसे ज्यादा तुम्हारे शरीर पर

और तुम्हारे दिमाग पर उन शक्तियों का असर होता है और वह शक्तियां केवल तब तुम्हारे

करीब आती हैं प्रात काल के समय जब तुम शुद्धीकरण करके सोते हो अर्थात अपने हाथ

पैरों को धोकर और अपने मुहा को साफ करके और किसी भी मंत्र का

उच्चारण करके सो जाओ उसके पश्चात तुम्हें खुद ही इस बात का आभास हो जाएगा कि हां सच

में कोई देवीय शक्ति तुम्हारे निकट आई और तुम्हें आशीर्वाद दिया तुमसे वह सब कहा जो

तुमसे अभी तक किसी देवीय शक्ति ने नहीं कहा था क्योंकि मेरे बच्चे उस समय सबसे

ज्यादा ऊर्जा तुम्हारे निकट आती है और वह देवीय शक्ति जो कि तुम सोते हो जिस मंत्र

का उच्चारण करके और जो सोचते हो उसी के अनुसार वही देवीय शक्ति तुम्हारे निकट आती

है क्योंकि तुम्हारा मन जब शांत रहता है और तुम सो जाते हो तो तुम चाहे कितना भी

प्रयास करो लेकिन तुम्हारे हृदय में केवल वही देवीय शक्ति सोने के कुछ आखिरी पलों

में रहती है जिस देवीय शक्ति को तुम सबसे ज्यादा मानते

हो मेरे बच्चे अगर तुम मेरी शक्ति को सबसे ज्यादा मानते हो तो तुम्हारे हृदय के अंदर

उस आखिरी पल में मेरी ही शक्ति रहेगी और यदि तुम किसी और देवीय शक्ति को मानते हो

तो वह शक्ति तुम्हारे हृदय में सोने के कुछ पल रहेगी इस बात का तुम ध्यान रखना कि

जो देवीय शक्ति तुम्हारे सोने के कुछ फल रहे हृदय में वही देवीय शक्ति तुम्हें

प्रातः काल आएगी कुछ बताने और तुमसे कुछ कहने क्योंकि मेरे बच्चे जब भी तुम परेशान

होते हो या तुम्हारे मन के अंदर दिन भर कोई प्रश्न चलता है या तुम किसी बात को

लेकर चिंतित होते हो तो यह निश्चित है कि वह देवीय शक्ति तुम्हारे निकट अवश्य आती

है लेकिन प्रकृति के नियमों के चलते वह देवीय श जब तुम जगे रहते हो तब नहीं आ

पाती वह शक्ति केवल तुम्हें स्वप्नों में ही दिखाई देती है और तुम्हें इस बात का

आभास कराती है कि वह तुम्हारे निकट है तुम्हारे साथ

है मेरे बच्चे तुम्हें किसी भी बात की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि

देवीय शक्तियां केवल उन्हीं को स्वप्न में दिखाई देती हैं जिनके जीवन में उनका सबसे

ज्यादा आगमन है अर्थात वह देवीय शक्तियों को अपनी ओर आकर्षित कर पाते हैं और ऐसे

मंत्रों का उच्चारण करते हैं जिनसे वह देवी शक्तियां प्रसन्न हो जाती हैं और फिर

वह उनका सच्चा भक्त बन जाता है और जब भी भक्त परेशान होता है तो देवीय शक्तियां

दौड़ी चली आती हैं अपने भक्त की पुकार सुनकर क्योंकि मेरे बच्चे वह अपने भक्त को

जरा भी परेशान नहीं देख पाती क्योंकि उनके हृदय के अंदर बहुत ही ज्यादा

परेशानी उत्पन्न होने लगती है जब उनका भक्त परेशान होता है वह उस समय अपने पाव

नहीं रोक पाती और तुम्हारे निकट चली आती है तुम्हें हर बात बताने हर बात का आभास

कराने लेकिन वह केवल तभी दिखाई देती है जब तुम शुद्धीकरण करके सोते हो अगर यूं ही सो

जाते हो तो तुम्हारे इर्दगिर्द पहले ही तुम नकारात्मक र्जा को विद्यमान कर लेते

हो उस समय तुम्हारे निकट देवीय शक्तियां नहीं आ पाती है मेरे बच्चे आज मैं तुम्हें बताना चाहती

हूं कि सोते समय क्या तुम इस बात को ध्यान रखते हो यदि हां तो तुम्हारे जीवन में

इसका क्या प्रभाव पड़ेगा क्योंकि जहां पर सोते हो वहां पर तुम्हें कुछ खास बातों का

ध्यान रखना चाहिए उस कोने का उस बिस्तर का और उस पूरे इर्दगिर्द माहौल का जिस माहौल

में तुम सो रहे हो क्योंकि मेरे बच्चे यदि तुम इन बातों का ध्यान रखते हो तो निश्चित

ही तुम्हें तुम्हारे जीवन में इसका बहुत ज्यादा प्रभाव देखने के लिए मिलेगा और तुम

यदि इन बातों का ध्यान रखते हो तो अगले कुछ दिनों में तुम्हें इसका प्रभाव भी

शीघ्र ही दिख जाएगा और वह कौन से कार्य हैं कौन सी बातें

जो तुम्हें ध्यान रखनी चाहिए मैं तुम्हें विस्तार से समझाऊ और

बताऊंगी लेकिन मेरे बच्चे तुम भी मुझसे वादा करो कि तुम मेरी बोली हुई बातों को

बहुत ही ज्यादा ध्यान से सुनकर समझकर उन पर अमल करोगे क्योंकि तुम कई बार मेरी

बातों को सुनने के पश्चात तन सुना करने लगते हो और सुनी गई बातें तुम्हें फिर याद

नहीं रहती जिनको याद रखना बहुत जरूरी होता है क्योंकि याद रखना तुम्हारे ऊपर निर्भर

करता है और ना याद रखना भी तुम्हारे ऊपर निर्भर करता है मेरे बच्चे किसी भी बात को बहुत ज्यादा

ध्यान से सुन लोगे और अपने हृदय में धारण कर लोगे तो निश्चित ही वह बात हमेशा

तुम्हारे मन के अंदर विराजमान रहेगी और यदि तुम हृदय में बसी बात को निकाल दोगे

तो निश्चित ही तुम उस बात को याद नहीं रखते पाओगे क्योंकि याद रखने के लिए

तुम्हें वह बात हमेशा स्मरण रखनी होगी और हर समय जब भी तुम उस कार्य को करो तो मेरी

आज कही हुई बात को स्मरण रखो मेरे बच्चे सबसे पहले तो तुम इस बात

का ध्यान रखो कि सोते समय ना तो तुम्हें अपने तकिए के नीचे कोई वस्तु रखनी है और

ना ही अपने पलंग के इर्दगिर्द कोई भी वस्तु रखनी है कोई भी ऐसी वस्तु जो कि

नकारात्मक है या कोई भी खाने पीने का झूठा सामान तुम अपने बिस्तर के आसपास बिल्कुल

भी ना रखो क्योंकि वहां का वातावरण पूरी तरह से शुद्ध होना चाहिए और दूसरा तुम इस

बात का ध्यान रखो कि जब तुम सोते हो तो तुम ध्यान रखो कि तुम्हारा सिर किस तरफ से

है अर्थात तुम या तो अपना सिर पूर्व की तरफ रखो या फिर तुम

अपना सिर पश्चिम की तरफ रखो किसी भी अन्य दिशा में तुम्हें अपना सिर नहीं रखना है

उससे तुम्हारे जीवन पर बहुत ही ज्यादा गहरा प्रभाव पड़ता है तुम्हें खराब सपने

आते हैं और तुम भयभीत हो जाते हो मेरे बच्चे इसके साथ-साथ तुम्हारे हृदय

में भी एक गलत विचारधारा विद्यमान होती है क्योंकि सोने से दिशा का बहुत ज्या महत्व

रहता है जब तुम सो जाते हो तुम्हारा शरीर बिस्तर पर पड़ा रहता है और तुम्हारी आत्मा

पूरे ब्रह्मांड में घूमती है स्वप्न बनकर और तुम जिस दिशा में सोते हो और जिस दिशा

में तुम्हारा सिर रहता है उस दिशा का बहुत ज्यादा तुम्हारे सिर पर मस्तिष्क पर

तुम्हारे मन पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है अगर सही दिशा में तुम अपने सिर को रखते हो

तो तुम्हें बुद्धि प्रदान होती है और यदि तुम गलत दिशा में अपने सिर को रखकर सोते

हो तो तुम्हारी बुद्धि भी धीरे-धीरे करके क्षीण होती है क्योंकि मेरे बच्चे गलत

दिशा में सिर रखने से नकारात्मक ऊर्जा तुम पर हावी होती है और धीरे-धीरे करके

तुम्हारी बुद्धि कार्य करना बंद कर देती है कुछ बातों को तुम समझ भी नहीं पाते और

ना ही किसी से कह पाते हो तुम्हें अचानक से ऐसा आभास होने लगता है कि मेरे साथ यह

क्या हो रहा है जो मुझे समझ नहीं आ रहा क्योंकि तुम्हारी समझ से परे कुछ ऐसे

कार्य होने लगते हैं जो तुम्हें समझ नहीं आते और ना ही तुम समझ पाते

हो इसलिए मेरे बच्चे इस बात का ध्यान रखो कि सोते समय तुम्हें अपने सिर का विशेष

ध्यान रखना होगा और इसके साथ-साथ तुम इस बात का भी ध्यान रखो कि तुम्हारा शरीर

बिल्कुल सीधा रखकर सोए क्योंकि तुम्हारे शरीर के अंग सब सही से सीधे होने चाहिए

उससे तुम्हारे शरीर के अंदर खून का संचार सही रहता है और तुम्हारा शरीर जो पूरी रात

लेटा रहता है उसके अंदर भी दैवीय शक्ति विद्यमान रहती है क्योंकि तुम्हारे हृदय

के अंदर भी देवीय शक्ति विद्यमान रहती है और जब प्रातकाल देवी शक्ति तुम्हें

आशीर्वाद देने आती है तो तुम एकदम सीधे

सोते हो तो तुम पर बहुत ही प्रेम आता है क्योंकि मेरे बच्चे देवीय शक्तियां भी तो

तुम्हारी मां है बिल्कुल जन्म देने वाली मां की तरह और वह तुम्हें आशीर्वाद देकर

चली जाती है इसके साथ ही तुम्हें एक बात का विशेष ध्यान रखना अति आवश्यक है कि

सोते समय कभी भी क्रोध करके नहीं सोना चाहिए क्योंकि क्रोध करने से मन के अंदर

और हृदय के अंदर नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है जो कि पूरी रात्रि तुम पर हावी

रहती है बल्कि सोने से दो घंटे पहले तुम्हें शांत रहना चाहिए और ईश्वर का

स्मरण करते हुए ही तुम्हें रात के इस पहर को गुजारना चाहिए उसके

पश्चात ही सोना प्रारंभ करना चाहिए क्योंकि मेरे बच्चे रात्रि का एक

ऐसा समय है जिस पहर में केवल तुम अपने शरीर को ही नहीं अपने मन को भी आराम देते

हो और हृदय को भी आराम देते हो उस आराम के समय यदि तुम्हारे हृदय में कोई दूसरी

ऊर्जा वास करती है तो फिर अगले दिन के लिए उस ऊर्जा का तुम पर वास रहता है तुम ना तो

किसी भी अपने कार्य को सही से कर पाते हो और ना ही तुम्हारा मन किसी भी कार्य पर

लगता है क्योंकि जब तक मन शांत नहीं रहेगा तब तक किसी भी कार्य पर नहीं

लगेगा क्योंकि मेरे बच्चे तुम्हारे जीवन में सोने का उतना ही महत्व है जितना कि

तुम्हारे जीवन में खाने का पहनने का उठने का बैठने का तुम्हारी पूजा करने का और

तुम्हारे जीवन जीने का महत्व है क्योंकि सोने को जो लोग एक आराम की व्यवस्था समझते

हैं वह बहुत ही बड़ी गलती करते हैं क्योंकि शरीर आराम करता है लेकिन उस समय

मन और आत्मा सबसे ज्यादा ऊर्जा प्राप्त करती है और अगले दिन तरोताजा ऊर्जा

प्राप्त की हुई मन और भी ज्यादा किसी कार्य पर लग पाता है लेकिन मेरे बच्चे

ऊर्जा केवल मन तब प्राप्त कर पाता है जब तुम सोने की प्रक्रिया को सही से करते हो

यदि तुम इस प्रक्रिया में कुछ ऐसी गलतियां करते हो जिनको नहीं करना चाहिए तो फिर तुम्हारा

सोना भी जिसमें तुम्हें ऊर्जा को प्राप्त करना रहता है उसमें तुम ऊर्जा को प्राप्त

ना करके बहुत सारी ऊर्जा को क्षीण कर देते हो इसलिए बताई हुई बातों को ध्यान रखोगे

तो आगे के लिए तुम्हारे जीवन में तुम दिन प्रतिदिन ऊर्जा इकट्ठी करते चले

जाओगे मेरे बच्चे एक बात का विशेष ध्यान रखो कि तुम्ह यह कार्य शीघ्र ही करना होगा

क्योंकि इसके लिए बहुत कम समय बचा है और वह कम समय इसलिए बचा है क्योंकि तुम पहले

ही बहुत सारी ऐसी गलतियां कर चुके हो जो तुम्हें नहीं करनी चाहिए थी और उन गलतियों

को अब सुधारते हुए तुम्हें आगे के जीवन को भी सुधारना है अगर तुम बार-बार इन्हीं

गलतियों को करते रहोगे तो तुम जिस ऊर्जा को इकट्ठा करना चाहते हो उसे इकट्ठा नहीं

कर पाओगे मेरे बच्चे तुम इस प्रकार से समझो

किस किसी शक्ति वाली चीज को खाने से तुम्हारे शरीर को शक्ति प्राप्त होती है

उसी प्रकार से यदि तुम हृदय में शक्ति को उत्पन्न करना चाहते हो तो तुम ईश्वर की

भक्ति करते हो पूजा पाठ करते हो ईश्वर को प्रसन्न करने वाले सभी कार्यों को करते हो

इसी प्रकार से जब तुम रात्रि में आराम करते हो उस समय भी तुम्हें ऊर्जा प्राप्त

करनी है शरीर के अंदर शक्ति प्राप्त करनी है अर्थात दोनों के अंदर तुम्हें शक्ति

प्राप्त करनी है इसके लिए जो बताया है वैसे कार्यों को करना अति

आवश्य य है क्योंकि मेरे बच्चे मैंने कई

बार तुम्हें संदेशों के द्वारा समझाया है लेकिन फिर भी तुम कहीं ना कहीं कोई ऐसी

कमी कर देते हो कोई गलती कर देते हो जो जो तुम्हें नहीं नहीं करनी चाहिए जीवन में

गलतियां इंसान को बहुत पीछे धकेल देती हैं और जो बच्चा गलतियां नहीं करता है वह अपने

जीवन को बहुत ही अच्छे से गुजारता है इसलिए मेरे बच्चे बताए हुए कार्यों को अभी

से करना प्रारंभ कर दो और आज रात्रि में ही तुम जब सोगे तो तुम्हें ध्यान रखना है

कि सबसे पहले तुम्हें खाना खाने के पश्चात अपने मुह हाथ पैरों को साफ कर लेना है और

उसके बाद ही अपने बिस्तर को साफ करना है पैरों को बहुत अच्छे से धोना है और बिस्तर

पर बैठकर सबसे पहले अपने ईष्ट देवता का स्मरण करना है और उसके पश्चात जब तुम

ईश्वर को स्मरण कर लोगे उसके बाद यदि तुम्हें स्वप्न सही नहीं आते हैं तो तुम

मां गायत्री का जाप करोगे उसके बाद ही तुम इस जाप के बात सोना प्रारंभ करोगे और सोते

समय तुम ध्यान रखोगे मेरे बच्चे तुम्हें जीवन में एक बात

को हमेशा स्मरण रखना चाहिए कि तुम जो कर रहे हो उससे कुछ ना कुछ ऊर्जा इकट्ठी कर

रहे हो अर्थात ऊर्जा चाहे नकारात्मक हो या सकारात्मक लेकिन तुम ऊर्जा अवश्य अपनी और

आकर्षित करते हो और वह ऊर्जा तुम्हारे कर्मों पर ही निर्धारित होती है कि तुम

क्या कर रहे हो इसलिए हर बात का मतलब समझना सीखो क्योंकि हर कार्य के पीछे और

हर बात के पीछे एक ना एक कारण अवश्य होता है जिस प्रकार से की गई पूजा तुम्हें

सकारात्मक ऊर्जा को एकत्र करने में सहायता करती है उसी प्रकार

कोई ऐसा कार्य भी होता है जो नकारात्मक ऊर्जा को तुम्हारी तरफ धकेल है और तुम इस

बात का आभास भी नहीं कर पाते हो कि अनजाने में तुम जो कर रहे हो वह एक ऐसी दिशा में

चले जा रहे हो जहां से तुम केवल नकारात्मक ऊर्जा को अपनी और एकत्र कर रहे

हो क्योंकि मेरे बच्चे उस ऊर्जा को एकत्र करने के पश्चात ना तुम्हारे सोचने समझने

की गति सही होती है और ना ही तुम्हारी वह चाल सही होती है क्योंकि जब तुम्हारी

सोचने समझने की शक्ति क्षीण हो चली जाएगी और तुम लगातार नकारात्मक ऊर्जा को अपनी ओर

आकर्षित करते चले जाओगे तुम चाकर भी एक सही दिशा में नहीं जा सकते उसका कारण केवल

इतना होता है कि तुम्हारी सोच तुम्हारे बिल्कुल विपरीत हो जाती है और समझने की

शक्ति बिल्कुल क्षीण हो जाती है मेरे बच्चे जब तुम्हारे सोचने की समझने

की शक्ति क्षीण हो जाती है तो तुम दिशा का ना तो अनुमान लगा सकते हो और ना ही सही

दिशा में चल सकते हो क्योंकि जब तक तुम्हें किसी बात का ज्ञान नहीं रहता तुम

जानते नहीं हो तो तुम निश्चित ही उसकी तरफ नहीं जा सकते तुम्हें पहले ही उस बात का

ज्ञान होना अति आवश्यक है तुम मेरी बात को इस प्रकार से समझो कि स्त्री घर के अंदर

कार्य करती है और सभी कार्यों के बारे में उसे विस्तार से पता होता है अगर उसे पता

कि सब्जी में कौन सा मसाला डालना है कितनी मिर्च डालनी है कितना नमक डालना है किस

तरह का मसाला डालने से सब्जी में स्वाद आता है तभी वह उस ज्ञान के जरिए सब्जी को

और रोटी को बहुत अच्छे से बना पाती है क्योंकि मेरे बच्चे उसे इस बात का पता

रहना है उसका ज्ञान है और यदि उसे इस बात का पता ही ना हो तो वह क्या स्वादिष्ट

खाना बना पाएगी निश्चित ही नहीं और वह ऐसा खाना बनाएगी जो किसी को भी स्वाद नहीं

आएगा खाने वाला व्यक्ति सोचेगा कि किसने यह खाना बनाया है शायद उसे कुछ नहीं आता

यही होता है बुद्धिमान और बुद्धि क्षीण व्यक्ति में अंतर क्योंकि मेरे बच्चे जिसको कुछ आता है

वही बुद्धिमान होता है और जिसको कुछ नहीं आता वह बुद्धिहीन व्यक्ति होता है लेकिन

यदि तुम्हारी बुद्धिहीन है तो तुम बुद्धिमान बन सकते हो अर्थात तुम्हें नहीं

बनाना आता है तो उसको सीख सकते हो क्योंकि संसार में जब बच्चा बहुत छोटा होता है तब

से लेकर बड़े होते समय तक वह कुछ ना कुछ सीखता रहता है क्योंकि जब तक जन्म से लेकर

इंसान बूढ़ा नहीं होता तब तक उसके सीखने की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है बच्चा

छोटा होता है तब कुछ खेल के बारे में खाने की प्रक्रिया कुछ ज्ञान पढ़ाई यह सब सीखता

है मेरे बच्चे जैसे ही वह बड़ा हो जाता है उस पर थोड़ा पढ़ाई का बोझ पड़ जाता है और

उसके बाद वह जैसे कुछ और बड़ा होता है तो उसके ऊपर नौकरी का भार आने लगता है और वह

नौकरी में व्यवसाय में व्यस्त रहने लगता है उसे पूरे दिन में समय प्राप्त नहीं हो

पाता स्वयं के लिए कि वह अपने लिए क्या सोचे कैसे सोचे और कई बार वह अपना ख्याल

भी रख नहीं पाता भूल जाता है अपना ख्याल रखना और धीरे-धीरे करके उसका जीवन इतना

व्यस्त रहने लगता है कि जब वह विवाह के बंधन में बनता है तो पूर्ण रूप से अपने घर

के सदस्यों का ख्याल रखना और उसके कंधों पर उसके भार को ढोना यही बस उसे आता है और

यही वह करता है मेरे बच्चे ऐसे समय में वह खुद का ना तो ख्याल रखना रख पाता है और

उसे जीवन भर ढोता रहता है जीवन चलता रहता है और धीरे-धीरे करके उसका जीवन समाप्ति

की ओर चला जाता है क्योंकि मेरे बच्चे जीवन है ही ऐसा कि

हर इंसान को कुछ ना कुछ कहीं ना कहीं जरूर सिखाता है और जब व्यक्ति जीवन के बंधन में

इस प्रकार से बनता है अर्थात अर्धांगिनी के साथ विवाह के बंधन में बनता है तो वह

अपने घर को चलाना सीखता है बच्चे होते हैं उनको पालना उनको बड़ा करना उनको योग्यता

प्राप्त कराना यह सब सीखता है फिर वह अपने बच्चों का भी विवाह करता है इसी प्रकार से

अपने जीवन को चलाता रहता है और पीड़ दर पीरी वह कुछ ना कुछ सीखता रहता है जैसे

जैसे जीवन आगे बढ़ता है इंसान का सीखना कभी भी समाप्त नहीं होता बस अंतर इतना होता है

कि जो जितना सीमा में रहता है उतना सीखता है और जिसका दायरा जितना छोटा होता है वह

इतनी छोटी चीजों को सीखता है लेकिन सीखना कभी भी बंद नहीं

होता इसलिए मेरे बच्चे कभी भी इस बात को मत सोचो कि तुम्हें सब कुछ आता है यदि

जीवन में कुछ प्राप्त करना चाहते हो तो हमेशा कुछ ना कुछ सीखते रहो अपने आप में

कुछ ना कुछ तरक्की करते रहो कुछ ना कुछ ऐसा बदलाव लेकर आओ जिससे कि तुम्हारा जीवन

पूरा परिवर्तित हो जाए एक ऐसी दिशा में जाए जहां से तुम अपने जीवन में पीछे

मुड़कर देखो तो तुम्हें स्वयं ही आभास हो जाएगा कि तुमने बहुत कुछ प्राप्त किया है

और तुम जहां थे वहां से बहुत उन्नति तरक्की कर चुके हो इसलिए मेरे बच्चे जो बताया है उन बातों

को ध्यान रखना क्योंकि यदि ध्यान रखकर आगे चलते जाओ तो जीवन में बहुत कुछ प्राप्त कर

लोगे और यदि मेरी बातों को सुनने के पश्चात अपने मन से उन बातों को यही के यही

छोड़ दोगे बेकार की बात समझकर उन्हें अपने अंदर से निकाल फेंको ग तो तुम जीवन में ना

तो आगे बढ़ने के उस मार्ग को प्राप्त कर पाओगे और ना ही आगे बढ़

पाओगे क्योंकि मेरे बच्चे जीवन में वही इंसान सीख पाता है जो जीवन में यदि सुख

पाना और दुख पाना तुम्हें बहुत ज्यादा आकर्षित करता है और तुम इस बात को बार-बार

सोचते हो कि तुम्हारे जीवन में कभी भी दुख ना आए

केवल खुशियां ही खुशियां प्राप्त हो तो ऐसा नहीं है क्योंकि खुशियां और दुख तो उस

धूप छाव की जैसे होते हैं जो हर व्यक्ति को भोगने ही पड़ते हैं क्योंकि जो सुख की

इच्छा करता है उसे कुछ ना कुछ दुख का सामना भी करना पड़ता है और परेशानियों का

सामना भी करना पड़ता है व्यक्ति यदि दुखों को देखकर पूरी

तरह से हताश हो जाएगा तो खुशियां किसके हिस्से में आएंगी खुशियों को तो वही झेल

सकता है जो दुखों को झलता है और तुम्हारे जीवन में तुम सोते समय ऐसा यदि करते हो तो

तुम्हारी बुद्धि सही से कार्य करना प्रारंभ कर देती है क्योंकि मेरे बच्चे जो

व्यक्ति सोते समय ध्यान रखता है कि वह केवल सोकर अपने शरीर को आराम नहीं दे रहा

बल्कि अपने आने वाले अगले दिन की तैयारियां कर रहा है अपने को शक्ति प्रदान

कर रहा है अपने शरीर को नई ऊर्जा दे रहा है और वह उसके शरीर को सही से प्राप्त

होनी चाहिए और उसके दिमाग को भी एक नई ऊर्जा प्राप्त होनी चाहिए और यदि वह

प्राप्त कराने में कामयाब हो जाता है तो निश्चित ही उसका जीवन एक अलग दिशा में

चलने लगता है और वह किसी से भी ना तो डरता है और ना ही कभी ऐसा सोचता है कि आगे जाकर

उसके जीवन में क्या होगा कैसे होगा क्या उसका जीवन गलत दिशा में जा रहा है बल्कि

वह बहुत ही ज्यादा सही और अच्छा निर्णय ले पाता है क्योंकि मेरे बच्चे जिस पर भगवान की

अर्थात देवीय शक्ति की दृष्टि होती है वह इंसान कितना भी चाहे अपने आप को अकेला

महसूस करना वह अपने जीवन में कभी भी ना तो अकेला रहता है और ना ही वह कभी भी अपने

जीवन में किसी भी ऐसे कार्य को करता है जिसे करने में उसे डर

लगे क्योंकि मेरे बच्चे डरता वही इंसान है जिसके पास देवीय शक्तियां नहीं होती जिसके

हृदय के अंदर नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है वही डरता है जिसके साथ देवीय

शक्तियां रहती है जिसके हृदय में विश्वास रहता है वह विश्वास से भरा पूरा रहता है

और इस बात को वह सोचता है कि चाहे दुनिया में कुछ भी हो जाए लेकिन वह किसी से ना तो

कभी डरेगा और ना ही ऐसा कोई कार्य करेगा जिससे उसे किसी से डरना पड़े मेरा

आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ रहेगा तुम्हारा कल्याण हो जय हो माता रानी हर हर

महादेव मेरे बच्चे आज मैं तुम्हें एक ऐसा वरदान देने आई हूं यदि तुमने मेरे वरदान

को प्राप्त कर लिया तो निश्चित ही तुम्हारा भाग्य उदय होना निश्चित है

क्योंकि जो वरदान मैं तुम्हें देने आई हूं वह वरदान किसी भी कीमत पर खाली नहीं जाएगा

इसलिए जो बातें मैं तुम्हें बताऊ उन बातों को तुम बहुत ही ज्यादा ध्यानपूर्वक सुनना

और तुम यदि इस संदेश को पूर्ण रूप से सुन लेते हो तो तुम इतना समझ लो कि एक ऐसा

वरदान तुम्हें प्राप्त होगा जो संसार का प्रत्येक प्राणी प्राप्त करने के पश्चात

और कुछ प्राप्त नहीं करना चाहेगा क्योंकि मेरे बच्चे वरदान इस

प्रकार का है क्योंकि एक ऐसी चीज जो संसार का प्रत्येक प्राणी प्राप्त करना चाहता है

संसार में जितने भी लोग जीवन जीते हैं उनमें से किसी भी व्यक्ति को इस वरदान की

आवश्यकता ना हो ऐसा हो ही नहीं सकता क्योंकि यह वरदान कोई साधारण वरदान नहीं

है बल्कि यह सत्य है जो आज मैं तुम्हें बताऊंगी मेरे बच्चे सबसे पहले तुम इस बात

को सुनो मैं तुम्हें जो वरदान देने आई हूं वह जीवन में तुम्हारे लिए बहुत ज्यादा

जरूरी है क्योंकि उस वरदान को प्राप्त करने के पश्चात तुम्हारी कुछ इच्छा ही

नहीं रहेगी क्योंकि वह सबसे ज्यादा कीमती है और तुम्हारे जीवन के लिए बहुत ज्यादा

जरूरी भी वह वरदान तुम्हारे जीवन से जुड़ा हुआ इसलिए है क्योंकि हर व्यक्ति चाहता है

कि मैं अपने जीवन को पूरी तरह जो कोई भी व्यक्ति अधूरा जीवन नहीं जीना चाहता है हर

व्यक्ति यह कि उसका जीवन बहुत ही ज्यादा लंबा हो अर्थात

वह बहुत वर्षों तक जिससे और ऐसा ही वरदान मैं तुम्हें दूंगी लेकिन उसके लिए तुम्ह

भी कुछ करने होंगे तभी तुम मेरे उस वरदान को प्राप्त कर सकते

हो क्योंकि मेरे बच्चे तुम इस बात को भली भाति जान लोगे साधारण तरीके से बैठकर तो

मुंग में निवाला भी नहीं जाता उसके लिए भी तुम्हें अपने हाथों को कष्ट देना होता है

अर्थात हाथों से उठाकर भोजन करना होता है जब तुम्हारे मुख में भोजन जाता है इसलिए

जो मैं बताऊंगा केवल उसे करते जाना मेरा वरदान तुम स्वयं ही प्राप्त कर लोगे इस

कार्य को करने के लिए तुम बुधवार का दिन चुनो और तुम बुधवार के दिन प्रातः काल

उठकर सभी कार्यों से निवृत होकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करो और तुम थोड़ा सा

चंदन लेकर मेरे समक्ष बैठ जाओ चंदन को मंदिर में

चढ़ाते हुए उसमें से थोड़ा चंदन तुम अपने माथे पर लगाओ और तुम तुम बहुत ही ज्यादा

शांत मन से बैठकर मेरे उस मंत्र का उच्चारण करो जो कि जीवन दान देने वाला

मंत्र है अर्थात मेरा एक ऐसा मंत्र जिसके उच्चारण मात्र से तुम्हारा जीवन बहुत ही

ज्यादा दीर्घायु में परिवर्तित होगा मेरे बच्चे यदि तुम्हें वह मंत्र

नहीं आता है तो तुम अपने गुरु से या किसी से भी पूछकर उस मंत्र का उच्चारण करो

क्योंकि निश्चित ही तुम्ह वह मंत्र प्राप्त हो जाएगा और उस मंत्र का बार

उच्चारण करना है और उस समय तुम्हारा मन एकदम शांत होना चाहिए तुम एकाग्र मन से उस

मंत्र का उच्चारण करो और अपने मन को अत्यंत शांत और प्रेम भरे हृदय से इस

मंत्र का बार-बार उच्चारण करना इसके पश्चात तुम प्रतिदिन प्रातः काल इस मंत्र

का बार उच्चारण करना मेरे बच्चे जी जीवन में धन दौलत रुपए

पैसे सब कुछ प्राप्त हो सकता है लेकिन तुम्हें जो जीवन मिला है वह लंबे समय तक

चले सबसे ज्यादा तुम्हारे लिए यह महत्व रखता है जियोगे तभी तो तुम इन भौतिक

वस्तुओं को उपयोग कर पाओगे इसलिए लंबे समय तक जीवन को जीने के लिए तुम्हें यह कार्य

करना अति आवश्यक है और यदि तुमने कर लिया तो निश्चित ही मैं तुम्हें वरदान देती हूं

कि तुम्हारी आयु दीर्घ आयु बन जाएगी और तुम लंबे समय तक जीवन को जीते हुए आनंद

पूर्वक अपने परिवार के साथ रहोगे और तुम्हारे परिवार के सभी सदस्य भी खुश और

आनंदमय रहेंगे मेरे बच्चे इसके साथ तुम बच्चे हो

या बड़े बूढ़े हो या तुम्हारे घर की महिला तुम उन्हें भी इस मंत्र का उच्चारण करने

के लिए आग्रह करना अगर वह सभी सदस्य इस मंत्र का उच्चारण करते हैं तो मेरे वरदान

को वह भी प्राप्त कर पाएंगे और अपने जीवन को लंबे समय तक जी पाएंगे क्योंकि जीवन

दान देने वाला यह मंत्र जैसे जैसे तुम उच्चारण करोगे वैसे-वैसे तुम मेरे हाथों

से उस आशीर्वाद को प्राप्त कर लोगे जिसमें तुम्हें दीर्घ आयु प्राप्त

होगी इसलिए मेरे बच्चे तो जीवन में सबसे ज्यादा जरूरी किसी भी व्यक्ति का जीवन को

जीना होता है और अपने समय में व्यक्ति अपने परिवार के सदस्यों के साथ खुशाल जीवन

जीता है इससे बड़ा धन इससे बड़ी कोई भी वस्तु नहीं होती और तुम भाग्यशाली होते हो

जब तुम अपने परिवार के सभी सदस्यों के साथ लंबे समय तक जीवन को जीते हो और खुशियां

मनाते हो और तुम्हारे परिवार के सदस्य भी तुम्हारे साथ रहकर खुश रहते हैं क्योंकि

परिवार के सभी सदस्य रहते हैं तभी घर पूर्ण रहता है और परिवार के सभी सदस्यों

को एक दूसरे के रहने से खुशियां प्राप्त होती है मेरे

बच्चे इसके साथ-साथ एक बात को अवश्य स्मरण रखना कि यदि तुमने जीवन को जीते हुए किसी

का कोई गलत कार्य करते हो या किसी का कोई भारी नुकसान करते हो या किसी के साथ कोई

गलत व्यवहार करते हो तो ऐसा कदापि मत करना क्योंकि तुम्हारा किया गया एक गलत कार्य

तुम्हें गलत रास्ते पर ले जा सकता है और तुम अपनी आयु को बढ़ाने के लिए जिस मंत्र

का उच्चारण कर रहे हो उस मंत्र की शक्ति धीरे-धीरे करके कम होने लगती है कार्य वह

करो जिससे लोगों की दुआ मिले और उनका आशीर्वाद तुम्हें प्राप्त हो कभी भी

उनका यो को मत अपनाओ जिससे लोगों की बददुआ

या लोगों के गलत शब्द के अधिकारी तुम बन जाओ मेरे बच्चे इस बात का खास ध्यान रखो

और इस बात का भी स्मरण रखो कि जब जब तुम मेरे समक्ष बैठते हो तो पूर्ण विश्वास

रखकर बैठना और जैसे ही तुम आंखों को बंद करके मंत्र का उच्चारण करोगे मंत्र का

उच्चारण करते समय तुम्हारा मन शांत होना चाहिए अर्थात बोले गए एक एक शब्द का असर

तुम्हें तुम्हारे ऊपर स्वयं देखने के लिए प्रत्यक्ष मिलने लगेगा क्योंकि मेरे बच्चे जैसे जैसे तुम

एक एक शब्द का उच्चारण करोगे वैसे-वैसे तुम्हारा पूरा शरीर एकदम शांत और तुम्हारा

मन भी बहुत ज्यादा शांत हो जाएगा तुम्हें इस बात का स्वय आभास होगा कि सच में

तुम्हें बहुत ही ज्यादा अच्छा महसूस हो रहा है मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद सदैव

तुम्हारे साथ है मेरा आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए एक एक एक लिखकर मुझे अपनी

स्वीकृति प्रदान करा देना और अपनी माता का अगला संदेश प्राप्त करने के लिए अपनी माता

के इस संदेश को लाइक करके हमारे चैनल सुविचार विद अनन्या को सब सबब अवश्य कर

लेना ताकि आने वाला आपकी माता का संदेश आपको प्राप्त हो सके जय हो माता रानी हर

हर महादेव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *