माँ काली का संदेश आज मैं तुमसे बहुत क्रोधित हूं - Kabrau Mogal Dham

माँ काली का संदेश आज मैं तुमसे बहुत क्रोधित हूं

[संगीत] मेरे प्रिय बच्चे आज तुमने मुझे विवश कर दिया है यदि आज तुमने मेरे इस संदेश को

अनदेखा किया तो मैं तुम्हें हमेशा के लिए छोड़कर चली जाऊंगी और फिर कभी भी तुम्हारे

पास कोई संदेश लेकर नहीं आऊंगी क्योंकि तुमने मेरे प्रत्येक संदेश को

इग्नोर करके मुझे दुखी किया है इस वजह से मेरे हृदय को बहुत चोट पहुंची है क्योंकि

मेरे बच्चे में तुम्हारी भलाई के लिए ही और तुम्हें सही मार्ग दिखाने के लिए ही संदेश लेकर

आती हूं और तुम मेरे संदेश को अनदेखा कर देते हो मेरे बच्चे तुम्हें अपनी काली

माता पर विश्वास बनाए रखना चाहिए यदि तुम इस प्रकार से अपना विश्वास तोड़ोगे तो

तुम्हें मेरी कृपा कभी भी प्राप्त नहीं हो सकती हे मेरे बच्चे अगर तुम्हें अपनी काली

माता पर तनिक भी विश्वास है तो इस वीडियो को तुरंत लाइक कर दीजिए और चैनल को

सब्सक्राइब करके कमेंट में जय काली माता हर हर महादेव जी लिख दीजिए और अपने नाम का

पहला अक्षर दर्ज करके अपनी स्वीकृति मुझे प्रदान करा दीजिए मेरे बच्चे आज का यह

दिव्य संदेश तुम्हें यूं ही नहीं प्राप्त हुआ है वास्तव में इस संदेश को तुमने अपनी

तीव्र ज्योति की ऊर्जा से आमंत्रित किया है इस संदेश को तुमने अपने आकर्षण शक्ति से

अपनी ऊर्जा क्षेत्र में खींच लिया है मेरे बच्चे तुम्हारी जो लंबे समय से प्रार्थना

रुकी हुई थी तुमने जो कुछ मुझसे कहा था अब उसे पूर्ण करने का एक बहुत ही खूबसूरत समय

आ गया है मेरे बच्चे मैं तुम्हारी सभी बातों को निरंतर सुन रही थी तुम्हारी सभी

भावनाएं बहुत सच्ची थी जो भी तुमने मुझसे मांगा है वह करना कोई बड़ी बात नहीं है और

इसलिए मैं उसे पूर्ण करूंगी मेरे बच्चे तुम्हें यह संदेश पूरा सुनना है

किसी भी परिस्थिति में तुम चाहे जिस भी हाल में है इसी बीच में छोड़कर जाने की

भूल ना करना मेरे बच्चे तुम एक पवित्र आत्मा हो तुम्हारा हृदय सच्चा है तुमने

मुझसे जो भी कहा है उसे बड़े ही साफ मन से कहा है और यही कारण है कि आज तुम्हारे

सामने यह दिव्य संदेश प्रकट हो गया है वास्तव में यह तुम्हारी ही प्रार्थना हों

का फल है जो तुम्हें आज मिला है यह संदेश तुम्हारे लिए अत्यंत ही महत्त्वपूर्ण है इसमें उन सभी

सवालों का जवाब है जो तू इधर-उधर घूम रहे हैं मेरे बच्चे अभी संदेश को लाइक करें यह

करना तुम्हारे लिए आवश्यक है यह सांकेतिक रूप में तुम्हें सब कुछ समझाएगा लेकिन

तुम्हें विचलित नहीं होना है तुम्हें डरना नहीं है मैं यहां आई हूं ताकि तुम्हारी

सभी परेशानियां जड़ से खत्म हो सके क्योंकि एक बात यदि उनका अंत हो गया तो वह

तुम्हें कभी पीड़ित नहीं करेंगे यह वही चमत्कार है जिसकी आशा में तुम मुझसे रोज बातें

करती हूं मेरे बच्चे मैं तुम्हें यहां राज बताने आई हूं कि जब जीवन में दुख आता है

तो सुख सुख भी उसके पीछे छुपा हुआ होता है पड़ा उड़े सुर्खियां आस लगाए बैठा होता है

कीका दुख अपनी पूर्ण चरम सीमा को प्राप्त करें और सुख उसका विनाश करके हावी हो जाए

यह सुख तुम्हारे जीवन में आ चुका है दुख का समय भले ही लंबा हो सकता है लेकिन वह

कभी भी हमेशा के लिए नहीं होता दुख को भी एक समय के बाद पलायन करना ही पड़ता है

इसलिए मेरे बच्चे धैर्य रखो जो धैर्य रखता है उसका जीवन सरल और सफल होता है मुझे पता

है तुम कभी भी हार नहीं मानते और हमेशा अपने मन में यह विश्वास रखते हो कि तुम

अपनी हर हार को जीत में बदलो मेरे बच्चे तुम परिश्रमी हो तुम बहुत मेहनती हो बस

तुम्हें वहां मार्ग धूल लगा है वह कार्य ढूंढना है जिसमें तुम सबसे ज्यादा मेहनत

कर सको जिसमें तुम्हें संतोष का अनुभव हो सके मेरे बच्चे अपने मन की व्याकुलता को

शांत करने के लिए तुम्हें अपनी भीतरी मन को करना आवश्यक है जब तुम्हारा भीतरी मन

शांत होगा तभी तो अपनी परिस्थितियों को समझ पाओगे मेरे बच्चे एक रिश्ते में एक

दूसरे के साथ रहने के लिए तुम दोनों को ही अपने आप को साबित करना होगा तुम दोनों एक

नए रिश्ते को समझने के कितने लायक हो पहले तुम्हें यह सिद्ध करना होगा और मैं यहां

तुम्हारे आत्म संघर्ष की बात करे रहे मैं तुम्हारे उस साथी की बात कर रहे

हैं जो जन्मों जन्मों से तुम्हारा अंश रहा है जो तुम्हारे ना केवल जीवन का बल्कि

सूक्ष्म जगत का भी अंश रहा है मेरे बच्चे मनुष्य रिश्ते का चयन तो बहुत आसानी से

कर लेता है लेकिन उसे निभाने के लिए उसे अपने आप को सक्षम बनाना पड़ता है यह कार्य

दुष्कर प्रतीत होता है कठिन प्रतीत होता है इसमें जटिलता आती है मेरे बच्चे

तुम्हें बस कुछ समय का रिश्ता तो नहीं चाहिए तुम्हें एक ऐसा रिश्ता चाहिए जो

सालों साल तक चले जो हर पल नया हो जो अनोखा हो जो एक ऐसी मिसाल बने कि दूसरे भी

उस रिश्ते को देखकर गर्व महसूस करें दूसरे भी यह सोचे कि रिश्ता कितना खूबसूरत और

प्यारा है मेरे बच्चे आने वाला समय तुम्हारे लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है आज से

ही तुम्हारे जीवन में बहुत सी घटनाएं घटित होने लगेंगी और आने वाला वह समय होगा जब

यह अपने चरमोत्कर्ष पर होगा यहां से तुम्हारे लिए चीजें बदलेगी नई चुनौतियां आएंगी लेकिन नए

अवसर भी सामने आएंगे मेरे बच्चे वह लोग जो कभी तुम्हें गिराना चाह रहे थे वह

तुम्हारे सामने झुके हुए वह अपनी हार स्वीकार करेंगे और तुमसे भीख मांगेंगे यह

भी धमकी नहीं बल्कि रहम दिल्ली की होगी उनका बुरा समय जब शुरू होगा तो सहायता के लिए

तुम्हारे ही समक्ष आएंगे यहां भी तुम्हारे लिए चुनौती होगी यहां भी तुम्हारे कर्मों

का चयन होगा लेकिन मेरे बच्चे मैं जानती हूं कि तुम कितने सक्षम मनुष्य हो तुम

दूसरों को पीड़ित नहीं देख सकते तुम तो अपने शत्रुओं का भी भला करने का ही विचार

करोगे लेकिन यह वही समय है जब उन्हें यह सबक हासिल होगा कि उन्हें तुम्हारे साथ

कोई भी बुरा व्यवहार या कोई भी बुरा षड्यंत्र नहीं रखना चाहिए था मेरे बच्चे आने वाले

समय में तुम्हें एक खुशखबरी प्राप्त होगी जिसके होने का तुम इंतजार कर रहे थे वह

कार्य बहुत ही कुशलता के साथ संपन्न होगा ऐसे शुभ संयोग बनेंगे जिससे तुम्हारी

समस्त कामनाएं पूर्ण होने लगेंगी तुम अपनी जीत की ओर आगे बढ़ो अपनी जीत को अपनी ओर

आकर्षित करोगे तुम्हारे प्रेम संबंध में जो भी खटास चल रही थी उस संबंध में इतनी

मधुरता आ जाएगी कि तुम्हारा हृदय खुशी से झूम उठेगा तुम्हारा साथ ही उसके मन में इतनी

तरह पाएगी कि वह तुम्हारे बिना रह नहीं पाएगा वह निरंतर तुम्हारे पास खिंचा चला

आएगा तुम दोनों का रिश्ता इतना मजबूत हो जाएगा कि तुम सोच भी नहीं सकते तुम दोनों

अपने रिश्ते की गहराई को समझोगे मेरे बच्चे या तुम्हें आकर्षित करना है इससे

तुम्हें अपने जीवन में उतारना है संख्या लिखकर अपने साथी को अपने प्रेम को

और जीव को आकर्षित करें तुम निरंतर यह संकल्प लो कि तुम आगे बढ़ रही है अपने

आपको को स्वीकृति दो वह सब स्वीकार करने की जो तुम्हें जीत की ओर ले जाएगा मेरे

बच्चे अपने आप को मजबूत रखने के लिए अपने प्रेम संबंध को मजबूत रखने के लिए तुम्हें अपनी

स्वीकृति देनी होगी निरंतर बोलो कि मैं अपनी खुशियों को आकर्षित कर रहा हूं मेरे

बच्चे यह संदेश जो आज तुम्हें मिल रहा है यह बहुत महत्त्वपूर्ण है इसकी महानता यह

है कि इसे सुनने के बाद तुम्हारे जीवन में दिव्य ऊर्जा का समागम हो जाएगा इतनी तेजी से एक

ऐसे ग्रह से दिव्य ऊर्जा निकल पड़ी है जो तुम रे माथे से होते हुए तुम्हारे हृदय

में गुजरेगी फिर तुम्हारे पास से होते हुए तुम्हारे संपूर्ण अंगों में विचरण

करेंगे यह तुम्हारे लहो में घोलकर तुम्हें दिव्य तेज प्रदान करेगा मेरे बच्चे बहुत

से बुरे लोगों ने तुम्हारे खिलाफ षड्यंत्र रचने की गलती की है उन्हें इसका एहसास

नहीं कि वह कितनी बड़ी भूल कर रहे हैं लेकिन मैंने सदैव तुम्हारी रक्षा की है

मैंने सदैव तुम्हें बुरे लोगों से बचाया है सदैव तुम्हारे प्रार्थना हों को सुना है अपने होने का एहसास तुम्हें निरंतर

कराते आई हैं मेरे बच्चे कुछ ऐसी बातें हैं जो सांकेतिक रूप में ही कही जा सकती

है अन्यथा उसका महत्व कम हो जाएगा कई बार चीजों के महत्व को निर्धारित करने के लिए

उसे पहेलियों के रूप में बुझाना ही पड़ता है किंतु या मनुष्य की महानता होती है यह

मनुष्य मनुष्यता अपना विवेक होता है जो उसे यह समझने में कुशलता प्रदान करता है

कि उसे क्या क्या चाहिए और उसे क्या दिया जा रहा है मेरे बच्चे तुम्हारी सभी परेशानियों को हल करने के लिए ही यह दिव्य

ऊर्जा निकली है और यूं ही नहीं यहां तुम्हारे जीवन में आएगी बल्कि तुम्हारे कुशल मन तुम्हारे

करुणापुरम जीव उतर रही है अब तुम्हारे जीवन में सहायता आ रही है मेरे बच्चे अब

जो चुनौतियां आएंगी तो उनसे इतनी आसानी से पार पा लोगे कि तुम्हें अपने आप पर गर्व

महसूस होगा तुम जब तक संघर्ष करते आए हैं अब तुम्हारा फल भोगने का समय आ गया है अब

तुम्हें किसी भी चीज से घबराना नहीं है जो भी सामने आए उसका डटकर सामना करो तुम्हारे

मन में कभी भी घबराहट नहीं है बल्कि एक जिज्ञासा रहे हैं बल्कि तुम लला रहोगे नई

चुनौतियों को पाने के लिए क्योंकि इससे तुम्हें गर्व की अनुभूति

होगी मेरे बच्चे अपने मन की जिज्ञासा को भी तुम धीरे-धीरे धीरे शांत कर लोगे और

अपने आप को इतनी ऊर्जा से भर लोगे कि तुम्हारा आभामंडल चमक उठेगा तुमसे देंगे

ते स्वयं कि प्रवाहित होने लगेगा और तुम्हारे और में आया हुआ प्रत्येक मनुष्य स्वयं को

सौभाग्यशाली समझेगा मेरे बच्चे तुम अपने साथी के लिए वरदान बनोगे अपने परिवार के

लिए एक ऐसे रोशनी का निर्माण करोगे जिसकी ज्वाला में तुम्हारा समस्त परिवार

फलता फूलता रहेगा तो फल देने वाले वृक्ष मात्र नहीं है बल्कि एक पूरे पर्यावरण को

चलाने वाले एक पूरे तंत्र हो तुम सामान्य नहीं हो मेरे बच्चे में निरंतर तुमसे यह

कहते है कि तुम विशिष्ट हो तुम्हें अपनी विशिष्टता को पहचानना है अपने गुणों को

देखना है तुम जो कि निरंतर अपनी कमियों का ही विचार करते हो इसलिए स्वयं के

आत्मविश्वास को कमजोर कर बैठते हैं स्वयं ही ऊर्जा शक्ति को कम कर बैठते हैं जबक

तुम्हे अपनी पूरी क्षमता इस बात में लगानी चाहिए कि तुम्हारे अंदर क्या अच्छाइयां है

वह कौन से गुण है जिसकी वजह से तुम्हारी माता ने तुम्हारा चुनाव किया है इसका

विचार करो तुम लोगों से अलग हो जब तुम इसका आकलन करोगे तो तुम यहां देख पाओगे कि तुम भिन्न

क्यों है मेरे बच्चे तुम विपरीत हो किंतु तुम गलत नहीं हो तुम मेरी करुणा है

तुम्हें कई बार लगता है कि तुम संसार में जीने के योग्य नहीं है वास्तव में तुम

ही इस संसार में जीने के योग्य हो क्योंकि तुम्हारे भीतर प्रेम बसा है क्योंकि

तुम्हारे भीतर ऐसी करुणा बसी है जिसकी छाव में हर मनुष्य बनना चाहता है मेरे

बच्चे तुम्हारा मुझसे जो रिश्ता है वह अटूट है इस बंधन को कोई भी तोड़ नहीं सकता

और तुम्हें अपने इस रिश्ते को मेरे साथ और भी ज्यादा मजबूत बनाना होगा मेरे बच्चे

संख्या लिखकर इस ऊर्जा की पुष्टि करो यह पुष्टि करो कि तुम मेरे साथ

जुड़ने को सदैव तैयार बैठे हो मेरे बच्चे इस संसार में जहां हर व्यक्ति मसीहा बनना

चाहता है वहां तुम इन चक्रों से दूर केवल अपने जीवन को बेहतर करना चाहते हो और यह

एक गुण है जिसके बारे में अभी तुम्हें ज्ञान नहीं है है लेकिन धीरे-धीरे तुम

अपनी महानता को अपनी विशिष्टता को जान जाओगे मेरे बच्चे स्वयं को स्वीकार करना

सीखो स्वयं को पहचानना सीखो दूसरों से अपनी तुलना बंद कर दो तुम्हारी विशिष्टता

अलग है तुम्हारी किसी से कोई तुलना नहीं है तुम प्राकृतिक तौर पर भौतिक तौर पर

शारीरिक तौर पर अपने आप को बहुत ज्यादा तुलनात्मक रूप में रखते हैं ऐसा करने से

तुम अपनी ऊर्जा शक्ति छेद कर लेते हुए यह सही नहीं है है

मेरे बच्चे तुम्हारा चयन किया गया है क्योंकि तुम में एक अलग बात है तुम्हें अलग तरीके से बनाया गया है और यह श्रेष्ठ

बात है तो धीरे-धीरे यह जान जाओगे कि इसमें कितनी श्रेष्ठता छिपी हुई है मेरे बच्चे

तुम्हारे जीवन में दिवसीय कार्य भी भेजा जा रहा है तुम्हें सफलता पूर्वक उस दिव्य

कार्य का संपादन करना है इसलिए स्वयं से प्रेम करना जारी रखूंगा तुम्हारा मंगल होगा तुम्हारा

कल्याण होगा मेरे बच्चे परिवर्तन जो तुम्हारे जीवन में आने वाला है उससे तुम्हारे विचारों में भी बदलाव आएगा

तुम्हारे विचारों में जो बीस दबे हुए हैं वह मान्यताओं के गुलाम हो चुके हैं तुम इस

संसार में गुलाम बनने नहीं आए हो तुम्हें अपने मान्यता दे डीयू को तोड़ना होगा

विभिन्न प्रकार के लोगों ने तुम्हें विभिन्न प्रकार की बातें सिखलाई है किंतु

वास्तव में यह तुम्हारे जीवन में लागू नहीं होती जरूरी नहीं है जो किसी के जीवन

में पूर्णत लागू होता है वैसा ही तुम्हारे जीवन में भी श्रेयस्कर होगा मेरे बच्चे

तुम्हारा जीवन अलग है तुम्हारे जीवन में घट रही घटनाएं अलग है तुम्हा रे जीवन में

जो हो रहा है तो बिल्कुल ही विपरीत है इसलिए तुम्हें किसी और की विचारधारा पर

नहीं चलना है स्वयं के लिए क्या श्रेष्ठ है इसे धूने का प्रयत्न करो तुम्हारी जी

बहुत जल्द होगी तुम्हारी जीत की कहानी बहुत पहले से लिखी जा चुकी है यह केवल लागू होना है या

केवल दृश्य मान रूप में तुम्हें दिखाई देना है यहां सब कुछ हो रहा है तुम्हारी

आंखों के सामने यह प्रकट हो रहा है तुम इसे स्वीकार करो बच्चे संख्या लिखकर

अपनी जीत की पुष्टि करो यह पुष्टि करो कि तुम चाहते हो कि तुम्हारी जी को बहुत जल्द

से जल्द तुम्हारे जीवन में भेज दिया जाए याद रखो तुम इस संसार में जो बांटते हैं वही प्रा करते हो तुम धन

दोगे धन पाओगे प्रेम बांटो दोगे प्रेम पाओगे कुछ भी बचाकर अपने जीवन में तुम आगे

नहीं बढ़ सकते मेरे बच्चे प्रेम को बांटना प्रारंभ करें करुणा को बांटना प्रारंभ

करें और अपने जीवन में दुख के क्षणों को भूल जाओ यही तुम्हारे लिए आवश्यक है एक

बात सदैव याद रखना चाहिए संसार में कोई तुम्हारा साथ दे या न दे चाहे समस

तुम्हारे विपरीत हो जाए चाहे हर कोई तुम्हें गलत ठहराया तुम्हारे अपने भी तुम्हारे विपरीत

हो जाए तब भी उन क्षणों में भी मैं तुम्हारा साथ नहीं छोडूंगी चाहे तुम कुकर करो चाहे सत्कर्म करो चाहे तुम्हारे कितने

ही नीच हो जाए चाहे कितने ही श्रेष्ठ हो जाए मैं उन

मैं तुम्हारे साथ हूं मैं तुम्हें सही रास्ता दिखाऊंगी मैं कभी तुमसे प्रश्न

नहीं करूंगी मैं सदैव तुम्हारा साथ दूंगी क्योंकि तुम मुझे प्रिय हो तुम मेरी ही

बच्चे हो मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है मेरे आने वाले

संदेशों की प्रतीक्षा करना मैं पुनः आऊंगी तुम्हारा मार्ग दर्शन करने में जीत के

मार्ग पर ले जाने के लिए यह बात अपने जीवन में सदैव याद रखना सदा सुखी रहो तुम्हारा

कल्याण हो जाएं और माता रानी हर हर महादेव मेरे बच्चे यदि तुम्हें आज हमारा संदेश प्राप्त

हुआ है तो तुम इतना समझ लो कि एक व्यक्ति तुम्हारे जीवन में ऐसा आने वाला है जिस

व्यक्ति के आते ही तुम्हारे जीवन में सब कुछ बदल जाएगा और तुम निश्चित ही अब तक

जिस कार्य में लगातार प्रयास कर रहे थे या जिस बात के बारे में सोच रहे थे उसमें तो

अवश्य ही जीत जाओगे और वहां कैसे होगा वह हम तुम्हें बताएंगे इसलिए हमारी बातों

कोडो बहुत ही ज्यादा ध्यान से सुनना और सुनने के पश्चात उन बातों पर विस्तार से

विचार करना तभी तुम अपने जीवन में जीत को हासिल कर पाओगे लेकिन मेरे बच्चे उससे

पहले तुम्हारी अपनी माता के लिए केवल एक बार जाए और माता रानी जरूर लिखना क्योंकि मुझे ऐसा

करने से बहुत ज्यादा प्रसन्नता होगी मेरे बच्चे मैं आज तुम्हें कुछ ऐसी बातें बताने

आई हूं जिन बातों को जानने के पश्चात तुम रा जीवन शीघ्र ही किसी के आदते

बदल जाएगा और तुम अपने जीवन में उस जीव को हासिल करोगे जिस जी को हासिल करने के लिए

तो क्या संसार का हर व्यक्ति परेशान है और हर व्यक्ति चाहता है कि उसे भी ऐसी जीत

हासिल हो लेकिन मेरे बच्चे यदि तुम मेरी बातों को बहुत ही ज्यादा ध्यान से

सुनो गई और समझोगे तभी तो जीत पाओगे यदि तुमने मेरी बातों को आधा अधूरा सुनकर छोड़

दिया तो यह तुम री सबसे बड़ी भूल होगी कि पूर्व ज्ञान ही बहुत काम का होता है और

आधार ज्ञान किसी काम का नहीं होता इसलिए मेरे बच्चे जो मैं बोल रही हूं उसको

तुम्हें पूर्ण रूप से जानना अत्यंत आवश्यक है और उस व्यक्ति के बारे में भी जाना

अत्यंत आवश्यक है जो व्यक्ति तुम्हारे जीवन में आएगा और वह करवाएगा कैसे आएगा तो मैं

तुम्हें आज बताऊंगी और वह तुम्हें किस प्रकार से जीत हासिल करवाएगा इस बात को

जान लो तो निश्चित ही तुम बहुत आगे तक जाओगे मेरे बच्चे यह सत्य है कि किसी भी

इंसान का तुम्हारे जीवन में आना अच्छा प्रभाव या बुरा प्रभाव डालता है लेकिन

निर्भर इस बात पर करता है कि तो उस व्यक्ति से कितना ज्ञान प्राप्त कर रहे हो

अर्थात तुम्हारे निकट आने वाला व्यक्ति जो कहता है उसका तुम पर कितना प्रभाव होता है

तुम उससे कितना ज्ञान अर्जित करते हो और तो उसकी बात को किस हद तक मान हो क्योंकि

मेरे बच्चे जिस हद तक तो उसकी बातों को मानोगे वैसे कार्यों को करोगे क्योंकि जिस

हद तक तुम किसी कि बातों को मानोगे और ज्ञान अर्जित करोगे वैसे ही तुम बन जाओगे

क्योंकि सबसे पहले तुम्हें इस बात को समझना होगा जो व्यक्ति गलत व्यक्ति के साथ

रहता है उसका प्रभाव गलत ही होता है और दूसरा व्यक्ति जो उसके साथ रहता है उसकी

मनोवृत्ति भी उसी व्यक्ति जैसी हो जाती है मेरे बच्चे ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वह

व्यक्ति धीरे-धीरे करके तुम्हारा मित्र बनता जाता है और उसके साथ मित्रता निभाते

हुए उसकी बातों को ड सुनते हो और अपनी कुछ बातों को उसके समक्ष कहते हो वह कुछ ऐसी

बातें बताता है जिससे कि तुम्हारी मनोवृत्ति दूसरी तरफ परिवर्तित होती जाती

है अर्थात एक ऐसे भाव में बहना प्रारंभ कर देती है जो दिशा ही गलत होती है लेकिन तुम

मित्रता के भाव में आकर ध्यान ही नहीं दे पाते कि तुम एक ऐसी धारा में बह रही हो जो

कि तुम्हारे जीवन के लिए सही नहीं है आने वाली परेशानी से तुम्हें समझ में आती है

कि तुम गलत रास्ते पर चल चुके हैं एक ऐसा रास्ता तुमने किसी के भाग में आकर चुन

लिया है जो कि तुम्हारे जीवन के लिए सही नहीं है और तुम धीरे-धीरे करके अपने मन और

हृदय की भावना को भी बदलते जाते हैं लेकिन तुम्हें ज्ञात नहीं हो

पाता कि तुम यहां पर क्या गलती है कर चुके हो और करते चले जा रहे हैं मेरे बच्चे अब

तुम्हारे जीवन में एक ऐसा व्यक्ति आने वाला है जो कि बुद्धि का बहुत ज्यादा तेज

है और अपने कार्यों पर वह बहुत ही ज्यादा ध्यान देता है इसलिए उस व्यक्ति के

आते हैं क्योंकि इस बात को समझो कि जो व्यक्ति बुद्धि का तेज होता है अगर ऐसा

व्यक्ति तुम्हारे साथ रहे तो उसकी छाया में रहो और था उस की बुद्धि जिस प्रकार से

कार्य करती है यदि तुम भी उसकी बुद्धि के मुताबिक कार्यों को करोगे तो निश्चित

तुम्हारे अंदर भी बहुत गुण विद्यमान होना प्रारंभ हो जाएंगे जो कि वह करता है

क्योंकि मेरे बच्चे रास्ते यदि तुम्हें खुद ना प्राप्त हो तो दूसरों के रास्तों

को देखकर भी तुम उस मंजिल को प्राप्त कर सकते हो जो उसने प्राप्त की है इसलिए सबसे

पहले तो तुम्हें इस बात का ध्यान रखना है कि जो व्यक्ति तुम्हारे करीब आने वाला है

है उसके भविष्य कोडो देखो अर्थात वह जो इस समय कर रहा है

उसको देखो और यह भी देखना अत्यंत आवश्यक है कि वह किस मुकाम को हासिल कर चुका है

यदि वह ऐसा मुकाम हासिल कर चुका है जो कि तुम्हें देखने में बहुत ही ज्यादा अच्छा

और सुंदर दिखता है अर्थात वह पढ़ाई में हो सकता है वह व्यवसाय में हो सकता है नौकरी

में हो सकता है वह किसी भी क्षेत्र में हो सकता है उस व्यक्ति के साथ-साथ जब तुम

रहना प्रारंभ कर दोगे तो उसके मन को पढ़ना प्रारंभ करो कि वह किस प्रकार से

सोचता है किस प्रकार से अपने कार्यों को करता है कब सोता है क उठता है तब कितनी

बारीकी से अपने कार्य के बारे में सोचकर वह अपनी योजना बनाता है मेरे बच्चे कुछ

बातों को ड तुम उससे पूछ भी सकते हो और कुछ बातों को देखकर सीखना प्रारंभ करें

क्योंकि पूछी गई बातें जब वह तुम्हें बताए तो तुम उन बातों को अपने ध्यान में उतार

लो और उन बातों को एक कागज पर लिखकर रख लो क्योंकि कुछ ऐसी बातें जो हमेशा तुम्हें

ध्यान रहे उनको किसी कागज पर उतार कर रख लेने से और उस कागज पर लिखे उन शब्दों को

बार-बार देखने से तुम्हें वहां बातें हमेशा याद रहती है और लिखी हुई बातें तुम

यदि बार-बार देखोगे तो तुम उस समय को अर्थात उन बातों को को अपनी और आकर्षित कर लोगे और जीवन

में तुम चाहोगे वह प्राप्त होता जाएगा उसके लिए तुम्हें केवल यह बातें ध्यान में

रखना जरूरी है कि कार्य करने का तरीका और दिशा दोनों ही यदि सही हो तो ज्यादा वक्त

नहीं लगता जीतने में मेरे बच्चे अब सुनो और समझो यदि कोई भी तेज बुद्धि वाला

व्यक्ति ज्यादा मेहनत करता है और ज्यादा बुद्धि का प्रयोग करता है तो तुम्हें उससे

भी ज्यादा मेहनत करनी होगी और उसके तरीके को समझकर अपनी बुद्धि से इस्तेमाल करके उस

कार्य पर लगा जाना होगा अपना दिमाग क्योंकि दिमाग और बुद्धि दोनों व्यक्ति के

पास अलग-अलग होती है किसी में समान बुद्धि नहीं होती और किसी का तरीका जिस तरह से

कार्य करने का होता है यदि तुम भी उसी तरीके से प्रयास करोगे अर्थात चलने का

तरीका सही होगा जो तुम्हें चलने में कठिनाई उत्पन्न करें लेकिन जीवन में सफलता

अवश्य दिलाएगा क्योंकि मेरे बच्चे हमेशा इस बात को ध्यान रखना कि सफलता और बहुत

बड़ी सफलता को प्राप्त करने में तुम्हें बहुत ही ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना

पड़ता है और जो मंजिल बहुत ही ज्यादा मुश्किलों में प्राप्त हो वह मंजिल भी

काफी ऊंची होती है क्योंकि शीघ्र ही भर जाने वाला बहुत ही छोटा सा खड़ा होता है

और बड़े घड़े को भरने में काफी समय लगता है मेरे बच्चे इस बात को ध्यान रखो और उसी

व्यक्ति की तरह मेहनत करो अर्थात वह किसकी पूजा करता है इसे भी देखें क्योंकि तुम

अपने ईष्ट देवता का स्मरण करते हो वह बहुत अच्छी बात है लेकिन हो सकता है कि वह किसी

ऐसी खास पूजा को करता हो तो तुम भी उसे करना प्रारंभ करो क्योंकि एक ऐसी पूजा जो

कि किसी के द्वारा बताई गई है या कोई ऐसा व्यक्ति करता है तुम अगर उसे विश्वास के

साथ करोगे तो इसमें कोई बुराई नहीं है बल्कि तुम्हारे जीवन में भी उसके जीवन की

तरह वह इकट्ठा होना प्रारंभ हो जाएंगे और धीरे-धीरे करके जिस

कार्य को तुम मेहन से करने का प्रयास कर रहे हो या करना प्रारंभ करते हो वह कार्य

भी तुम्हारा पूर्ण होना प्रारंभ हो जाएगा लेकिन मेरे बच्चे तुम कभी भी इस बात का

ध्यान रखना कि यदि किसी भी ऐसी देवीय शक्ति के लिए जिसके लिए वह व्यक्ति

विश्वास रखता है और तुम्हें अपने हृदय में यदि विश्वास उत्पन्न ना हो तो तुम निश्चित

ही ऐसी देव्य शक्ति की पूजा मत करना क्योंकि बिना विश्वास से की हुई पूजा या

मंत्र जाप व्यर्थ हो जाता है और यदि तुम्हें विश्वास है तभी तुम उस पूजा उस

मंत्र जाप का उच्चारण करना और धीरे-धीरे करके तुम्हारे जीवन में भी तुम देखना उस

व्यक्ति के साथ तो चलने पर तुम्हें अपने जीवन में बहुत बड़ा बड़ा यह संपूर्ण होता

दिखाई देगा क्योंकि मेरे बच्चे एक अच्छे व्यक्ति के साथ रहने पर उसी प्रकार जीवन

में परिवर्तन आता है जिस प्रकार ज्ञानी और महात्मा के संपर्क में रहने से तुम्हारा

जीवन भी ज्ञान से भर जाता है और यदि कोई व्यक्ति मूर्ख व्यक्ति के साथ रहता है तो

उस व्यक्ति की बुद्धि काम करना छोड़ देती है उसकी बुद्धि काम नहीं कर पाती है उसका

कारण केवल इतना होता है कि वो कुछ ऐसे कार्यों को करने लगता है जिससे कि उसे

नहीं करना चाहिए मेरे बच्चे नियम के विरुद्ध कार्यों को करने से जीवन में उत्पन्न हुई शक्ति नष्ट होने लगती है और

उसका जीवन एक ऐसी दशा में जाने लगता है जिस दिशा में उसका जाना बिल्कुल भी सही

नहीं होता मेरे बच्चे मेरे आज तुम्हें बताने आई हूं कि तुम्हारे जीवन में किसी

व्यक्ति का किसी शक्ति का और किसी ऐसे इंसान का प्रवेश होने वाला है जिसके

प्रवेश होते ही तुम्हारे जीवन में तुम्हारी जीत अवश्य होगी सात को तुम जान

लो कि वह वक्ति कोई साधारण व्यक्ति नहीं है जो तुम्हारे जीवन में आएगा और तुम्हें

सही मार्ग दिखाएगा वह बताएगा कि तुम्हें किस मार्ग पर चलना है और तुम्हें समझाएगा

कि किस तरह से कार्यों को करना है क्योंकि मेरे बच्चे सब कुछ समझाने वाला व्यक्ति

साधारण व्यक्ति इसलिए नहीं है क्योंकि मेरे द्वारा भेजी हुई शक्ति से वह तुम्हें

तुम्हारी बुद्धि को प्रबल करने में सहायता करेगा उसका कारण केवल इतना है कि मैं

स्वयं तुम्हारे करीब ना आकर अपने रूप में उसको तुम्हारे करीब भेज रही है क्योंकि

मेरे बच्चे मैं चाहती हूं तुम तो और जीत तुम्हें प्राप्त हो इसीलिए ही मैं उस

व्यक्ति को अर्थात एक ऐसा व्यक्ति जो कि बहुत बुद्धिमान है लेकिन वह व्यक्ति कोई

दूसरा नहीं है और तुम्हारे जीवन में पहले से मौजूद है लेकिन तुम्हें अभी तक उस व्यक्ति

का आभास नहीं हुआ है लेकिन अब तुम्हें आभास होगा तुम समझो उस व्यक्ति की बातें

और तो उस पर पूर्ण रूप से विचार करो कि उसने क्या कहा है मेरे बच्चे यह सच है कि

तुम्हारे पास बुद्धि है लेकिन तुम अपनी बुद्धि के साथ इंसान दूसरे इंसान की बातों

को भी सुनकर उस पर अवश्य विचार करें क्योंकि तुम्हारी बुद्धि जितना सोच सकती

है उतना ही तुम कार्य को करते हो लेकिन किसी के द्वारा बताए हुए कार्य को करने से पहले उस

पर अवश्य विचार करो क्योंकि वह व्यक्ति हो स है कि तुमसे ज्यादा अच्छा मार्ग बताए जो

तुम सोच नहीं सकते बात तुम्हें समझाए उसे समझने में कोई बुराई नहीं है क्योंकि मेरे

बच्चे व व्यवहार से नहीं बल्कि तुम्हारे ही घर से तुम्हारा ही कोई अपना तुम्हारे

निकट आएगा वह व्यक्ति तुम्हारा मित्र हो सकता है तुम्हारा भाई बहन हो सकता है या

कोई ऐसा जो अभी तक तुमसे मिला नहीं है लेकिन इस बात को ध्यान रखना कि वह भले ही

तुमसे ना मिला हो लेकिन जब वह तुम्हें सही मार्ग दिखाएगा तो तुम्हारे हृदय को स्वयं

यह आभास होने लगेगा कि वह व्यक्ति तुम्हारे जीवन से धीरे-धीरे करके जुड़ने

लगा है क्योंकि निश्चित ही वह व्यक्ति तुम्हारे जीवन में कुछ समय के बाद प्रवेश

करेगा या करेगी अर्थात वह तुम्हारे जीवन से इसलिए जुड़ेगा क्योंकि वहां तुम्हारा

जीवन साथी बनेगा मेरे बच्चे यदि तुम्हारा विवाह हो चुका है तो तुम्हारी जीवन संगिनी

तुम्हें इस बात को पूर्ण रूप से अवगत कराएगी कि तुम अब तक क्यों गलतियां कर रहे

थे क्या कारण था और ऐसी कौन सी वजह थी जिस वजह से तुम अभी तक जीत नहीं पा रहे थे

मेरे बच्चे एक बात को और अवश्य याद रखना कि कभी-कभी किसी छोटे व्यक्ति की बुद्धि

उतनी कार्य करती है जितनी कि तुम्हारी बड़े होकर भी नहीं करती क्योंकि हर

व्यक्ति की बुद्धि भिन्न है और हर व्यक्ति के चलने का तरीका भी भिन्न है सोच समझ

भिन्न है इसी वजह से जो भी छोटा व्यक्ति तुम्हें कोई बात बताए उसको भी तो अनसुना

करने की भूल बिल्कुल भी मत करना मेरे बच्चे इस बात को ध्यान रखना कि ध्यान से

सुनने में तुम्हारा कुछ नहीं जाता लेकिन तुम हर व्यक्ति के सोचने के अनुसार उसकी बुद्धि

को प्राप्त कर पाते हैं अर्थात तुम्हारे पास जो ज्ञान है वह तुम्हारे पास रहता है

लेकिन किसी दूसरे के बाद दिया गया ज्ञान भी तुम्हें अर्जित होता है है और कभी भी

किसी का निरादर भूलकर भी मत करना मेरे बच्चे ध्यान रखना कि तुम्हारे करीब आने

वाला व्यक्ति मेरे रूप में तुम्हारे करीब आ रहा है और वहां जो बता रहा है उसको सुन

लेना इसके साथ-साथ जब भी तुम्हें कोई परेशानी जब भी तुम किसी

कार्य पर असमर्थ हो रहे हो तुम ऐसा आभास हो रहा है कि तुम जीत हासिल नहीं कर पा

रहे हो और तुम निराश होने लगे हैं थकने लगे हो तुम्हारे हृदय को ऐसा लगने ल है कि

तुम बार-बार हार रहे हो जी क्यों नहीं रहे मेरे बच्चे तब उस समय केवल एक कार्य को

करना प्रारंभ कर देना तुम निश्चित ही जीत हासिल करोगे बस अपने मन के अंदर इस

विश्वास को धारण कर लिया कि तुम्हें भले ही कुछ ना आता हो लेकिन तुम्हारा यह

विश्वास है कि हां तुम कार्य को पूर्ण कर लोगे चाहे कैसे भी करो लेकिन तुम करोगे और

तुम करके ही रहोगे मेरे बच्चे इस विश्वास को बार-बार अपने मन के अंदर उतारो और

आंखें बंद करके हर समय इस बात को सोचना प्रारंभ करें क्योंकि जब जब तुम इस बात को

सोचोगे तब तब तुम्हारे हृदय में विश्वास उत्पन्न होगा और यह विश्वास ही तुम्हें

तुम्हारे जीवन में हर जंग से लड़ना सिखाता है और तुम्हें जी हासिल कर आता है क्योंकि

जीतने से पहले तुम्हारे मन को जीतना पड़ता है था तुम्हारे हृदय में यहां विराजमान

होना कि तुम अवश्य जीतोगे तुम्हें जिएगा और ऐसा सच भी है क्योंकि मेरे बच्चे बात

सुनने में भले कि साधारण है लेकिन सत्य है इसलिए जो मैंने आज तुम्हें बताया है उन

बातों को हमेशा स्मरण रखना और कभी भी भूल गए तो फिर वापस तुम्हें उन बातों को सूचना

है जो तुम्हारे लिए मैंने आज बताई है क्योंकि यह सत्य है कि जीवन में बहुत सारी

परेशानियों का सामना और कठिनाइयों का सामना हर व्यक्ति को चलने में और किसी भी

मंजिल को प्राप्त करने में करना पड़ता है मेरे बच्चे जो अपने हृदय के अंदर विश्वास

रखता है धैर्य रखना है और उसके मन में हमेशा यह विचारधारा रहती है कि वह कर रहा

है वह सही कर रहा है और जिस कार्य पर जीत हासिल करना चाहता है उस पर जीत हासिल होगी

अवश्य होगी क्योंकि उसके मन से सोची गई यह बातें ही उसे जीवन में अपने हर कार्य पर

सफल होना सिखाती है मेरे बच्चे ऐसा व्यक्ति जो ऐसी विचारधारा रखता है वह

अवश्य जीतता है किसी भी व्यक्ति को छोटा बड़ा समझने की भूल मत करना क्योंकि कोई भी

व्यक्ति जो तुम्हारे जीवन में आ रहा है और जो व्यक्ति तुमसे संपर्क रख रहा है हो सकता है कि वह

मेरी ही रूप में तुम्हारे निकट तुम्हें कुछ बताना चाहता है और तुम जिस मार्ग को

तुम चुनाव नहीं कर पा रहे हो उसका चुनाव करने में बहुत तुम्हारी सहायता कर मेरे

बच्चे इस बात का खास ध्यान रखना कि तुम्हें ऐसा व्यक्ति जब कभी भी मिले और

तुम्हें कुछ समझाने का प्रयास करें तो तुम निश्चित ही उस व्यक्ति की बातों को बहुत ही ज्यादा ध्यान से सुनना और समझना कि

तुम्हें किसी भी व्यक्ति के बारे में ऐसी कौन सी खास बात है जो सबसे ज्यादा अच्छी

लगी है अर्थात किसी की कोई ऐसी बात जो तुम्हें अपनी र आकर्षित कर दी है वो उसकी

एक खास बात है अर्थात वह उसकी शक्ति है और ऐसी शक्ति है व्यक्ति

को आकर्षित करती है इसके साथ-साथ देवीय शक्ति को आकर्षित करती है मेरे बच्चे सभी

देवीय शक्तियां ऐसे व्यक्ति से प्रसन्न हो जाती है और वह ऐसे ही धीरे-धीरे

करके शक्तियों को इकट्ठा करती है क्योंकि जब देवीय शक्तियों को आकर्षित करने में

सक्षम होता है तब उसके जीवन में एक बड़ा परिवर्तन आता है जो कि उसे किसी भी काम पर

या किसी लक्ष्य पर कामयाबी के रूप में प्राप्त होती है और यदि धीरे-धीरे करके

अपनी शक्तियों को क्षीण करता चला जाता है और अपने हृदय में अविश्वास को उत्पन्न

करता है तो ऐसा व्यक्ति भले ही किसी की बात को सुने या जान या किसी के कहने के

अनुसार भी वह उन कार्यों को करना प्रारंभ करें लेकिन फिर भी वह व्यक्ति कभी भी किसी

के बताए हुए अनुसार ही काम करने पर भी ना तो जीत हासिल कर पाता है और और ना ही उस

कार्य को वह सही से कर सकता है क्योंकि मेरे बच्चे किसी भी कार्य को करने से पहले उस

पर विश्वास होना जरूरी है और अपने हृदय में भी यह विश्वास उत्पन्न होना जरूरी है

कि तुम जो कर रहे हो उस पर तुम जीतोगे अवश्य और विश्वास भी यूं ही उत्पन्न नहीं

होता बल्कि तुम्हारे हृदय में विराजमान विश्वास तभी उत्पन्न होता है जब तुम सही

मार्ग पर चल रहे होते हो तभी तुम्हारे हृदय में ना तो डर रहता है और विश्वास

उत्पन्न हो जाता है और यदि गलती कर रहे हैं किसी काम को सही से नहीं कर रहे फिर

भी जीत प्राप्त करना चाहते हो तो तुम्हारे हृदय को निश्चित ही डर महसूस होगा और

तुम्हारा हृदय बार-बार इस बात को सोचेगा कि पता नहीं तुम्हें जीत हासिल होगी भी या

नहीं तुम कार्य को कर रहे हो उस पर जीत हासिल कर भी पाओगे या नहीं ऐसे असमंजस में

पड़े रहते हो और ऐसे करते करते तुम्हारा समय निकल जाता है लेकिन तू उस कार्य को

पूर्ण नहीं कर पाते जिससे तुम दूर करना चाहते हो इसलिए मेरे बच्चे तुम्हारे समक्ष

आने वाले व्यक्ति के बारे में सबसे पहले तो तुम्हें विचार करना है कि वह व्यक्ति

खुद सफल या असफल है क्योंकि ऐसे ही व्यक्ति के बारे में तुम्हें जाना है जो

व्यक्ति खुद सफल हो भले ही वा किसी कार्य पर सफल हो अपनी पढ़ाई पर सफलता प्राप्त कर

रहा हो या अपने व पर सफलता प्राप्त कर चुका है क्योंकि मेरे बच्चे तुम्हें ऐसे

व्यक्ति के करीब नहीं रहना है जो खुद ही असफल हो क्योंकि ऐसा व्यक्ति तुम्हें जीत

की ना तो योजना बता सकता है और नहीं तो उसके कार्यों को देखते देखते जीत हासिल कर

सकते हो क्योंकि वह खुद भी तुम्हारी तरह अभी तक बस केवल प्रयास भी कर रहा है और वह

खुद भी अभी किसी कार्य पर सक्षम नहीं है इसलिए मेरे बच्चे तुम केवल ऐसे व्यक्ति के

संपर्क में आए तब उसके लक्ष्य पर और उसकी मंजिल पर बहुत ही ज्यादा ध्यान देना और

उसके बारे में पूर्ण रूप से जानकारी लेने के पश्चात ही वह जो कर रहा है जैसे कर रहा

है किस प्रकार से अपने सभी कार्यों को अंजाम देता है उस पर ध्यान देना लेकिन

ध्यान रखना कि वह व्यक्ति सही होना चाहिए गलत इरादे वाले व्यक्ति के संपर्क में

तुम्हें नहीं आना है सही और अच्छा आचरण वाला व्यक्ति होगा और वह सफल व्यक्ति बन

चुका है तभी तुम्हें उसके जीवन में प्रवेश भी करना है और उसकी बातों को भी सुनना है

क्योंकि जब जब तुम उसकी बातों को सुनोगे उसकी बातों का प्रभाव तुम पर होगा और उसके

जीवन में क्या चल रहा है इसका प्रभाव भी तुम पर होगा उसके जीवन का छाप तुम्हारे

जीवन पर पड़ने लगेगा और तुम्हारा जीवन धीरे-धीरे करके परिवर्तित होगा मेरे बच्चे

मैं चाहती हूं कि तुम हमेशा हर कार्य पर जीत हासिल करो तुम्हारे जीवन में तुम्हें

हर मुकाम पर जीत हासिल हो कभी भी तुम किसी भी कार्य पर असफल रहा हो क्योंकि तुम

जीतोगे तो तुम्हारी मां को तुमसे भी ज्यादा प्रसन्नता होगी क्योंकि मेरा हर

संदेश तुम्हारे लिए आ रहा है तुम्हें सही रास्ता दिखाने के लिए और तुम्हें जीत

प्राप्त कराने के लिए ही आज मैं तुम्हारे दिक्कत आई हूं क्योंकि मैं चाहती हूं कि तुम्हें जीत हासिल हो मेरा आशीर्वाद सदैव

तुम्हा साथ रहेगा तुम्हारा कल्याण हो जाए वह माता रानी हर हर महादेव मेरे बच्चे में

कुछ जरूरी बात करने आई है मैं तुम्हें केवल समझाने आई कि तुम जो कार्यों को कर

रहे हो उन कार्यों को रो संभाल लो क्योंकि यदि तुम अपनी गाड़ियों में अभी भी आखिरी

बार समझाने के बाद भी परिवर्तन नहीं लेकर आए तो निश्चित ही मेरी क्रोध का कारण तुम

ही बनोगे क्योंकि मेरे बच्चे मैं कई बार तुम्हें समझा चुके हैं और तुम बार-बार उन्हें कार्यों को

करते जा रहे हो तुम समझ नहीं रहे सुन रहे हो और तुम्हें ज्ञात दी है लेकिन तुम्हारी

लापरवाही तुम्हारे ऊपर मेरे क्रोध का कारण बन सकती है इसलिए मेरे बच्चे मैं केवल

तुम्हें प्रेम से आज आखिरी बार समझाने आए यदि तुमने अभी भी अपने कार्यों में

परिवर्तन नहीं किया तो निश्चित ही तुम मेरा क्रोध देखोगे क्योंकि जो कार्य मुझे

प्रिय नहीं है और जो नियम के विरुद्ध है यदि तुम अब अपने स्वार्थ वश या अपनी

लापरवाही से उन कार्यों को करते रहोगे तो निश्चित ही एक दिन मेरा क्रोध पर पूर्ण

रूप से फूड पड़ेगा और फिर मेरा क्रोध में स्वयं भी नहीं संभाल पाएंगे क्योंकि मेरे

बच्चे जब मैं प्रसन्न होती है तो मेरा रूप पार्वती माता का है लेकिन जब मैं क्रोध

करती हूं तो मैं अपना रूप बदलकर कालिका भी रख लेती है यह तुम्हें बहुत अच्छे से

ज्ञात है इसलिए मुझे क्रोध करने पर म दूर मत करो मैं जो कह रहे हैं उन बातों को

सुनो और समझो मेरे बच्चे सबसे पहले तो तुम इस बात को जान लो कि जीवन में बहुत सारे

ऐसे मोड़ आते हैं जिन मोड़ पर तुम अपने कार्यों में न चाकर भी परिवर्तन ले आते हो

लेकिन तुम्हें परिवर्तन लाना तो है अपने कार्यों में क्योंकि संसार में प्रकृति

में और सभी जगह परिवर्तन होता ही है यह आवश्यक है बिना परिवर्तन के ना छोटा बच्चा

बड़ा हो है ना विद्यार्थी अपनी कक्षा में उत्तीर्ण हो सकता है परिवर्तन आवश्यक है लेकिन वहां

परिवर्तन अच्छाई की ओर होना चाहिए इसलिए मेरे बच्चे तुम्हारे जीवन में जब कोई भी

मोड़ आ रहा है वह भी मैं तुम्हें बताऊंगी कि कौन सा मोड़ आ रहा है लेकिन तुम उस

मोड़ पर स्वयं को संभालो यदि तुम्हें इस बात का ज्ञान होता है कि तुमसे कोई गलती

हो रही है तो वहीं पर रुक जाओ और अपने ध्यान से उस कार्य को रोक लो जिस कार्य को

रो लगातार करते रहे हो लेकिन मेरे बच्चे जो गलत हो रहा है जिस प्रकार तुमने किसी

की मदद तो की रुपए पैसे से या वैसे जैसे भी तुमसे सहायता बंद पड़े तुमने की लेकिन

जब तुम्हें वह चीज वापस लेने का समय आया तो तुम उस इंसान की बहुत ज्यादा बेसिक

करने पर उतारू हो जाते हो तुम यह समझ ही नहीं पाते कि जब वह व्यक्ति कमजोर है और

तुम्हारी चीज को वह जो तुमने मदद में दी है उसे अभी नहीं लौटा सकता तो तुम उसकी

मदद के बदले उसकी बेटी करो तो यह बिल्कुल भी सही नहीं है क्योंकि मेरे बच्चे जो

सबसे कमजोर इंसान होता है जिसकी सामर्थ्य बहुत कम होती है यदि वह समय पर तुम्हें

कोई भी चीज लौटा नहीं सकता तो तुम्हें या तो मदद नहीं करनी चाहिए थी और यदि तुमने

अपना बड़पन दिखाया उदार हृदय से तुमने उसकी मदद करती है तो तु तुम्हे कुछ समय

शांति रखनी होगी और इस बात को तुम्हें भली भाति समझना होगा कि उस व्यक्ति की स्थिति

अभी भी सही नहीं है मेरे बच्चे यदि उस व्यक्ति की स्थिति सही हो तब तो उसे मांग

सकते हो जो चीज तुमने दी या रुपए पैसे ढंग से तुमने उसकी मदद को तो उसे वापस मांग

लेकिन उसका अर्थ यह नहीं कि तो उसकी कई लोगों के सामने बेजती करो यदि तुम इस

कार्य को कर रहे हो या जो भी मेरा बच्चा इस कार्य को कर रहा है मेरे बच्चे आज से

बल्कि अभी से इस कार्य को रोक लो क्योंकि उस व्यक्ति के हृदय में भी मैं विराजमान

हूं और तुम्हारे हृदय मैं भी में विराजमान है ऐसे व्यक्ति का जो समय खराब चल रहा है

उसको यदि तुम बेसी करते हो तो तुम साक्षात मेरा भी अपमान कर रहे हैं क्योंकि किसी भी

इंसान को कोई भी चीज देना और उससे मांगना एक नियम के अनुसार होना चाहिए और दूसरी

बात यह है कि किसी के भी सामने तुम अपने पैसे का कभी भी घमंड मत दिखाओ क्योंकि

मेरे बच्चे यदि मैंने तुम्हें कुछ धन दिया है तुम्हारी इच्छाओं को तुम्हारे कर्मों

के अनुसार फो कि है तो उसका अर्थ यह नहीं कि तुम किसी को छोटा समझो तुम जो कर रहे

हो अपनी दिनचर्या गुजार रहे हो अपनी मौज मस्ती रहे हो जैसा भी अच्छा जीवन जी रहे

हो वह केवल तो स्वयं के लिए कर रहे हो और जो व्यक्ति कमजोर है वह पैसे में धनवान

नहीं है उसकी स्थिति सही नहीं है वह स्वयं के लिए कर रहा है जो भी है वह स्वयं के

लिए है मेरे बच्चे यदि तुम बड़े विदाई वाले हो तो तुम पैसे के साथ-साथ अपना हृदय

भी विशाल दिखाओ किसी को छोटा दिखाने के प्रयास या अपने अंदर अहंकार को विद्यमान मत होने दो

क्योंकि पैसे तो आकर चले जाएंगे लेकिन यह अहंकार किसी भी इंसान को कहीं का नहीं

रहने देता मेरे बच्चे इंसान यदि अपने अंदर अहंकार बसा लेता है तो फिर उसके अंदर से

अच्छे और बुरे की समझ खत्म हो जाती है और उसकी बुद्धि कार्य करना पूर्ण रूप से बंद

कर देती है क्योंकि यदि तुम्हारे अंदर से अच्छे बुरे की समझ निकल गए तुम्हारी

बुद्धि पूरी तरह से कार्य करना बंद कर देगी मेरे बच्चे इस बात को भी बहुत अच्छे

से समझ लो कि जो कार्य तुम्हें अच्छा लगे और जिसके लिए तुम्हारा हृदय यह माने कि

तुम सही नहीं कर रही है अर्थात तुम्हारे मन में और हृदय में कहीं ना कहीं यह बात

जरूर उत्पन्न होगी कि जो तुम कर रहे हो कहीं ना कहीं कुछ अजीब सा हो रहा है कुछ

सी हो रही है मेरे बच्चे मैंने ऐसा बोल दिया लेकिन क्या मुझे बोलना चाहिए था कहीं

मैंने गलत तो नहीं बोल दिया ऐसी बहुत सारी विचारधाराएं तुम्हारे मन में जब उत्पन्न

होने लगे तो तुम समझ लेना कि कहीं ना कहीं कोई ना कोई ऐसी गलती तो उनसे हो रही है जो

तुम्हें नहीं करनी चाहिए क्योंकि हृदय तभी डरता है किसी भी बात को लेकर जब कोई कार्य

तुम्हारे हाथों से सही नहीं होता मेरे बच्चे यदि कोई कार्य नहीं होता है तो

तुम्हारे हृदय में यह विश्वास उत्पन्न होता है कि तुम जो कर रहे हो वह बिल्कुल

सही कर रहे हो और तुम्हारा हृदय किसी भी बात को लेकर बिल्कुल भी नहीं लगता इस बात

का विशेष ध्यान रखें कि मैंने सभी को समान बनाया है कोई पै पसे में कम या कोई पैसे

में ज्यादा इससे मुझे कोई अंतर नहीं है मेरे बच्चे में सभी बच्चों को प्रेम करती

हूं उतना ही और यदि तुम थोड़ी ऊंची पदवी पर हो और मैंने तुम्हें कुछ ज्यादा दे

दिया किसी को कुछ कम दिया तो सबके अपने-अपने कम है इसलिए मेरे बच्चे यदि

तुम्हें कुछ प्राप्त हुआ तो तुम अपने कर्मों का और उस भक्ति का जो तुम मेरे लिए

रखते हैं उसका धन्यवाद करो क्योंकि उस लायक थे जो तुम्हें प्राप्त हुआ लेकिन यदि

आगे तुम ऐसी कोई गलती करोगे निश्चित ही तू पाप के भागीदार बनते जाओगे और तुम्हारे

कर्मों में भी कमी आती चली जाएगी इसलिए मेरे बच्चे आज जो बता रहे हैं उसको हमेशा

ध्यान रखना और यदि तुमने ध्यान नहीं रखा तो फिर हो सकता है कि मुझे तुम पर क्रोध

भी आ जाए क्योंकि यदि बार-बार समझाने पर तो उन्हें कार्यों को करोगे

समझने के बाद भी परिवर्तन नहीं लेकर आओगे जानबूझ करके किए गए कार्यों पर अर्थात की

गई गलतियों पर मेरा क्रोध ज्वालामुखी की तरह फूट पड़ेगा इसलिए मेरे बच्चे जो बताया

है उसको ध्यान रखना और कुछ ऐसी बातों को विशेष ध्यान में रखना जिससे कि मेरा क्रोध

नहीं मेरे प्रेम को तुम प्राप्त कर पाओ और मेरे क्रोध के केवल तीन कारण है यदि तुमहे

तीन गलतियों को जीवन में नहीं करते तो कभी भी मेरे क्रोध का सामना नहीं करोगे मेरे

बच्चे सबसे पहली गलती तो यहां कि तुम जानबूझकर किसी का भी अपमान करो वह

माता-पिता हो या तुम्हारा गुरु या तुम्हारे छोटे या तुमसे बड़े कोई भी हो सकता है यदि जानबूझकर तुम किसी को अपशब्द

कहते हो या किसी का अपमान करते हो या तुम्हें ऐसा कोई कार्य करवाना हो जिससे कि

तुम जोर जबरदस्ती से किसी को दान के करवाते हैं और अपना अधिकार नहीं अपनी धमकी

से तुम किसी को दो दबाव में लेकर किसी कार्य को कर ते हैं और तुम्हें ऐसा आभास

होता है कि तुम बहुत ही ज्यादा बलशाली हो और अपने बल पर किसी को भी अपने अधिकार के

द्वारा या अपने दबा के द्वारा किसी से भी कोई भी कार्य कोड़ो कमा सकते हो तुम भले ही अपने आप में

स्वयं को बलशाली समझो लेकिन यहां मेरे क्रोध का कारण है क्योंकि मेरे बच्चे तुम

बलशाली हो यह बहुत अच्छी बात है लेकिन अपने बल के प्रयोग से तुम किसी पर दबाव

बना कर किसी से कार्य नहीं करवा सकते और ना ही तुम किसी को मजबूर कर सकते हो तुम प्रेम

बस किसी को कोई कार्य करने के लिए कहा और यदि वह व्यक्ति तुम्हारी बात में अपनी

स्वीकृति दे और प्रेम से तुम्हारी बात को माने तो ठीक है मेरे बच्चे तुम यदि ऐसा

कोई कार्य करते हो तो निश्चित ही तुम्हें मेरे क्रोध का का सामना करना पड़ सकता है

क्योंकि हर व्यक्ति स्वतंत्र है इस संसार में और कोई किसी के दबाव में नहीं है और

नहीं इस संसार में किसी को अधिकार है किसी पर अपना दबाव बनाने का मेरे बच्चे तुम इस

प्रकार से समझो कि यदि कोई भी तुम्हें दबाव में किसी कार्य को करवाए तो तुम एक

ऐसा आभास होगा तुम्हारे हृदय को कितनी चोट पहुंचेगी तुम्हें कितना कष्ट होगा तुम्हें

बहुत बुरा लगेगा ऐसा आभास होगा कि ऐसा मेरे साथ क्यों हो रहा है इसी प्रकार से

कोई भी व्यक्ति है यदि जो बातें तुम्हें खुद के लिए पसंद नहीं है वह बातें तुम

किसी दूसरे के साथ करोगे तो निश्चित ही तो पाप के भागीदारी बन जाओगे इस बात को हमेशा

स्मरण रखना और दूसरा यह है कि तुम कभी भी किसी के साथ चोरी या किसी के साथ धोखा

धड़ी कभी मत करना यदि तुम किसी के लिए या किसी के साथ चोरी करते हो किसी के धन की

चोरी या किसी के सामान की चोरी या कोई भी ऐसी हेराफेरी जो कि चोरी के समान होती है

और तुम्हें मुफ में बैठकर कुछ भी प्राप्त करना होता है तो तू किसी दूसरे की चाहे

रुपए पैसे घर जमीन किसी भी चीज को यदि भूखे से हरा हो तो निश्चित ही तुम बहुत ही

गलत कार्य करते हो और इस बात पर मुझे क्रोध आएगा ही आए था क्योंकि मेरे बच्चे

यदि तुम खुद से नहीं कमा सकते तो दूसरों से छीने का अधिकार तुम्हें किसने दिया

किसी दूसरे से छीनकर खुद में कर्म करो और खुद में शक्ति इकट्ठा करो क्योंकि कर्मों

की शक्ति से तुम कुछ भी प्राप्त करने की चाह रखो तो मैं भरपूर तुम्हारा साथ दूंगी

और तुम्हें मेरे आशीर्वाद के साथ-साथ जो चाहे वह भी प्राप्त होगा लेकिन मेरे बच्चे

यदि तुम किसी से जबरदस्ती कोई ऐसी चीज छीनने के प्रयास करोगे या धोखा दोगे किसी

को तो तुम इतना समझ लो कि तुम्हारे पास जो कुछ भी है वह भी तुम्हारा तुम्हारे हाथ से

चला जाएगा क्योंकि मेरे शोध के सामने तुम्हारा कोई भी रहा हुआ सामान या कोई ऐसी

चीज जो तुमने चोरी से इकट्ठी की है वह मैं नहीं रहने दूंगी क्योंकि वहां तुमने अपनी

मेहन से नहीं कमाया है और न ही तुमने अपनी शक्ति से इकट्ठा किया है बल्कि किसी दूसरे

की शक्ति से इकट्ठी की हुई चीज पर यदि तुम गलत नजर डालते हैं तो वह तो हमारा भाग्य

नहीं है मेरे बच्चे तुम्हारे भाग्य को तुम खुद कर्मों से उत्पन्न करो वही चीज

तुम्हारे भा की होती है और तो उसी चीज के लायक होते हैं यदि जबरदस्ती किसी से कोई

चीज को धोखा से हर को होगे तो वह कभी भी तुम्हारे पास नहीं रहेगी क्योंकि ब्राह्मण

की शक्ति और मैं हम दोनों ही मिलकर तुम्हारे पास से उस चीज को हटा देंगे मेरे

बच्चे यह मैं तुम्हें कोई ऐसे ही साधारण बात नहीं कह रहे बल्कि तुम प्रत्यक्ष में

कभी करके देखना इसका अंदाजा तुम्हें कभी लग जाएगा जब तो ऐसा किसी के साथ करोगे

क्योंकि उसका परिणाम कुछ समय के बाद मिलता है किसी चीज का परिणाम नहीं मिलता है तुम

भले ही कुछ समय प्रसन्न हो जाओ तो यह अलग बात है लेकिन तुम ज्यादा समय तक उस चीज से

खुश नहीं रह पाओगे और तीसरी बात यह है कि तुम दिन रात मुझे पुकारते हैं मेरी पूजा

करते हो मेरी आराधना करते हो तुम वह सभी कार्य करते हो तुम करके मुझे प्रसन्न कर

सकते हो लेकिन तुम अपने माता-पिता ये आज्ञाकारी नहीं है जिसके द्वारा में

मैंने तुम्हें इस धरती पर भेजा है यदि तुम उनका मान नहीं कर रहे हो और उनका सम्मान

नहीं कर पा रहे हो उनसे क्रोध बस कुछ भी कह देते हो या क्रोध बस जोर जबरदस्ती से

कोई भी चीज छीन लेते हो और तुम स्वार्थ बात करते हो नहीं तो तुम उन्हें दुत्कार

देते हो गुस्से में हर वक्त रहते हो और बात-बात पर बस क्रोध करते हो तुम्हारा मन

ऐसे करता है वैसे तो उनसे वार तालाब करते हो तो निश्चित ही मुझे तुम पर क्रोध आएगा

मेरे बच्चे यदि तुम ऐसा नहीं कर रहे हो जैसा मैंने आज तुम्हें बताया है तो तुम

मेरी बात को इस तरह से समझो कि जिसने यह गलतियां नहीं थी उसे मेरे क्रोध से डरने

की आवश्यकता नहीं है और जो इन गलतियों को कर रहा है उसे बहुत ज्यादा संभल कर रहने

की आवश्यकता है क्योंकि मेरे बच्चे जीवन इतना छोटा नहीं है जीवन काफी बड़ा है और

जीवन को जीते जीते तुम्हारे हृदय के अंदर भी बहुत सारे परिवर्तन आते हैं तुम जैसे

हो पहले तुम वैसे नहीं थे और आगे भी तुम वैसे नहीं रहोगे क्योंकि तुम्हारी उम्र

बढ़ रही है तुम्हारी सोच बढ़ रही है तुम्हारे कार्य भी बढ़ रहे हैं तो जाहिर

सी बात है कि तुम्हारी सोच में भी परिवर्तन आएगा लेकिन सोच में परिवर्तन के

साथ-साथ तुम उन कर्मों में परिवर्तन लाना क्योंकि जिस तरह से तुम बचपन में अपने

माता-पिता से प्रेम करते थे लोगों के साथ अच्छा व्यवहार रखते थे तो में अहंकार का

और किसी भी चीज का ज्ञात नहीं था तुम साधारण जीवन जीते थे उसी प्रकार से जीवन

को ओ मेरे बच्चे तुम्हारे पास यदि कुछ ज्यादा आ गया है तो तुम खुश रहो ना कि

दूसरों पर अपने उस ज्यादा कोरो प्राप्त करने का अहंकार जटाओ बल्कि यह सोचो कि तुम

भाग्यवान हो जो तुम्हें इतना सब प्राप्त हुआ और कभी किसी के साथ छल करो यदि

तुम्हें कुछ प्राप्त नहीं हुआ है तो इतना ध्यान रखो कि तुम्हारे भाग्य में जो है वह

तुम्हें अवश्य प्राप्त होगा किसी से छीनने से तुम कभी भी धनवान नहीं बन सकते और नहीं

छीनने से तुम कोई भी चीज प्राप्त कर सकते हैं मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद

सदैव तुम्हारे साथ है मेरा आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए लिखकर मुझे अपनी

स्वीकृति प्रदान करा देना और अपनी माता का अगला संदेश प्राप्त करने के लिए अपनी माता

के इस संदेश को लाइक करके चैनल को दो सब्सक्राइब अवश्य कर लेना ताकि आने वाला

आपकी माता का संदेश आपको प्राप्त हो सके जय माता रानी हर हर महादेव से यह उदासी

छोड़कर नाच उठो और मुस्कुराओ मेरे बच्चे मुझे तुम अभी तक यह

नहीं समझ पाए हो कि जो भी तुम्हारे साथ घट रहा है उस के पीछे कोई विशेष कारण है यह

जो कुछ भी हो रहा है उसके पीछे कहीं ना कहीं तुम्हारी भलाई छूटी हुई है और यही

तैयारी है तुम्हारे आने वाले सुनहरे कल की

शायद तुम्हें कुछ भी ज्ञात होता नजर नहीं आ रहा है किंतु तुम्हारा भविष्य मुझे

स्पष्ट दिखाई दे रहा है मेरे बच्चे भविष्य में जब तुम अपने समय के बारे में सोचोगे

तब तुम्हें स्वयं स्पष्ट हो जाएगा जो कुछ भी तुम्हारे साथ

हो रहा था वह तुम्हें तुम्हारे विषय तक पहुंचाने का एक रास्ता था इसलिए अब परेशान

होना छोड़ दो क्योंकि तुम्हारा बुरा समय गुजर जाएगा और वह समय जल्दी आएगा जिसका

तुम्हें इंतजार है जल्द ही तुम चमत्कार होते हुए महसूस करोगे और अपनी खुली आंखों

से देखो हो मेरे बच्चे जब भी मैं तुम्हें चिंता में देखता हूं तो मैं तुम्हें कोई

ना कोई विशेष संकेत अवश्य देता है संकेतों को भेजकर मैं तुम्हें बताने की

कोशिश करता है कि तुम मेरे इन संकेतों को समझो और अपने जीवन में आगे बढ़ो इन

संकेतों को समझने की कोशिश किया करो मेरे बच्चे तुम अपने सफर में अकेले नहीं है मैं

तुम्हारे साथ देता र सफलता के लिए तो केवल तीन ही चीज चाहिए

पहला भगवान का दूसरा मां बाप का आशीर्वाद तीसरा खुद पर भरोसा यदि कोई तुम्हारी

निंदा करता है बुराई करता है तो यह भी जीवन में

आवश्यक होता है क्योंकि यदि तुम हर रोज जीवन में तारों से सुनोगे तो तुम अपने

जीवन में ठहर जाओगे और आगे नहीं बढ़ पाएंगे इन बातो को हमेशा याद रखना मेरे

बच्चे तुम्हारा स्वभाव बहुत ही भिन्न है तुम किसी भी व्यक्ति के साथ तुरंत घुल मिल

जाते हो किसी से कुछ कहने से पूर्व तुम बहुत सोच विचार सकते हो क्योंकि तुम नहीं

चाहते कि तुम्हारी बातों से कभी किसी को कोई कष्ट हो तुम सदैव हर किसी को सुख देने

का प्रयास करते हुए मेरे बच्चे से तुम्हारी इसी सौभाग्य से प्रमाणित होता

कि तुम दिलके के साथ और दूसरों के लिए कितनी मददगार लोग चाहे कितनी भी नफरत

डालने की कोशिश करें परंतु तुमने कभी अपना दयालु

स्वभाव नहीं बदला तो सदैव हर किसी की सहायता करने की कोशिश की मेरे बच्चे

तुम्हारे ऐसे स्वभाव के व्यक्ति को ईश्वर किसी खास उद्देश्य के लिए चुनते

हैं और वह उद्देश्य तुम अपने साथ के कर्मों के माध्यम से जञा होगा

परंतु मेरे बच्चे भौतिक काल के साथ-साथ तुम्हारी आध्यात्मिक उन्नति भी बहुत

आवश्यक है क्योंकि आध्यात्मिक ही एक ऐसी सीधी है जिससे चढ़कर व्यक्ति पर सुख को

प्राप्त करता है और संसार के हर कष्टों से मुक्त हो पाता है तुम्हें भी अलौकिक और

अग्र भागने में दोनों को अनुसरण करते हुए आगे बढ़ना है भले तुम अपने वास्तविक

उद्देश्य को प्राप्त कर पाओगे क्योंकि इस रूप में तुम्हारा जन्म अपने उद्देश्य

कोड पूरा करने के लिए हुआ है आध्यात्म की सीढ़ी पर चढ़ना होगा इसके बाद तो सब कुछ

अपने आप ही क्या होता चला जाएगा सदा मुस्कुराते रहे और अपने जीवन में आगे

बढ़ते रहो मैं तुम्हारे साथ मेरे बच्चे मुझसे कुछ भी नहीं छिपा है मेरे बच्चे मैं

तुमसे जानना चाहते तोहे है साहस कहां से लाए इसके बाद भी तुम्हारे ने भी कभी

तुम्हारी अहमियत को नहीं समझा जब जब तुमने सत्य और धर्म को चुना है तब तब

तुम्हारे अपनों से दूर होने लगा है और अनेकों अनेक चुनौतियों का सामना करते चले

गए कभी गिरे तो कभी पहले कभी बहुत मुस्कुराया तो कभी मुस्कुराने के पीछे

आंखों को छुपा लिया परंतु मुझसे तो कभी भी नहीं छुपा सकता

वे तुम्हारा दर्द महसूस होता है मेरे बच्चे तुम्हारे सीने में छुपा है और जो

प्रेम है ने दोनों ही मैं महसूस करती हूं इसलिए आज मैं आशीर्वाद देना चाहती हूं कि

तुम सफल हो गए तुम्हारी जीत निश्चित है चुनौतिया तुम्हारे समक्ष क्यों ना आ खड़ी

हो जाए परंतु तुम उनको गिराते हुए सफल गए मेरे बच्चे तोहे शीघ्र ही अ सुखद समाचार

मिलेगा परम सौभाग्य प्रारंभ हो जाएगा मेरे बच्चे केवल एक बात याद रखना तुम्हारे साथ

जो कुछ भी हुआ है आपको यहां तक लाने के लिए बेहद आवश्यक था इसलिए कभी खुद पर

संदेह मत करना मेरे बच्चे में है जिन लोगों ने पीड़ा दी है उन लोगों को धन्यवाद

हो और उन्हें हृदय से क्षमा कर दो तो में तकलीफ देने वालों को सजा अवश्य मिलेगी तो

यदि मैं तुम्हें गिराते नहीं तो आज तुम आकाश में विचरण करने के काबिल कैसे होते

हैं मेरे बच्चे कई बार चुनौतियां पुण्य आत्माओं के लिए वरदान सिद्ध हो जाते हैं क्योंकि तुम भी

पुण्य आत्माओं में से एक हो मेरे बच्चे

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