माँ काली अब तुम्हारे शत्रु की हस्ती मिटने वाली है। उसकी वजह से तुम रोये हो । - Kabrau Mogal Dham

माँ काली अब तुम्हारे शत्रु की हस्ती मिटने वाली है। उसकी वजह से तुम रोये हो ।

[संगीत]

मेरे

बच्चे मैं तुम्हारी व्याकुलता समझती

हूं मैं जानती

हूं कि जिम्मेदारियों के बोझ तले तुम दबे

जा रहे

हो अपने परिवार का

दुख तुमसे देखा नहीं जा रहा

है ऐसा लग रहा

है जैसे पूरी दुनिया का दुख दर्द

तुम्हारे ही जीवन में आ गया

[संगीत]

है तुम अपने परिवार से इतना प्रेम करते

हो कि तुम उनके लिए कुछ भी कर सकते

हो कोई भी खुशी त्याग सकते

हो परंतु उन्हें कष्ट में नहीं देख

सकते कुछ वर्षों से तुम्हारे घर

में बहुत तमाशा हो रहा है

दुख दर्द बीमारी से हर कोई वैसे ही परेशान

है उसके ऊपर से तुम्हारे आसपास के

लोग तुम्हें परेशान कर रहे

हैं जिनके पास अधिक धन

है वह तुम पर दबाव बना रहे

हैं अपनी ताकत का प्रदर्शन करके

तुम्हारा हक तुमसे छीन रहे

हैं निरंतर कुछ ना कुछ ऐसा हो रहा

है तुम्हारी या तुम्हारे परिजनों की कोई

गलती नहीं

होती फिर भी कुछ लोग आ कारण

[संगीत]

ही तुम्हें परेशान कर रहे

हैं तुम्हारे बारे में अभद्र बातें बोल

रहे

हैं लोग से तुम्हारी बुराई कर रहे

हैं और लोग भी उन्हीं का साथ दे रहे

हैं किंतु तुम चिंता मत

करो वह जो कर रहे

हैं उसे नजरअंदाज

करो मैं जानती

हूं उन लोगों की

बातें कड़वे घूंट के समान होती हैं

जिसे ना चाहते हुए भी तुम्हें पीना पड़ता

है किंतु तुम्हारा यह मौन व्यर्थ नहीं

जाएगा तुम्हारी आत्मा बहुत पवित्र

[संगीत]

है तुम किसी का बुरा नहीं

चाहते किसी की चुगली नहीं

करते किसी को दुख नहीं देना चाहते

[संगीत]

इसलिए जो लोग बेवजह तुम्हें रुला रहे

हैं एक दिन उनका सर्वनाश अवश्य

होगा और तुम देखना मौत से भी

बदतर जीवन होगा

उनका तुम्हें कुछ करने

की कुछ कहने की आवश्यकता ही नहीं

[संगीत]

पड़ेगी अपने विनाश का कारण वह लोग स्वयं

[संगीत]

बनेंगे उनकी चालाकियां ही उनके जीवन को

बर्बाद कर

देगी तुम अपने आप को

छोटा या कमजोर महसूस मत

करना समझ लो कि यह तुम्हारे

सब्र और उसके अहंकार के परीक्षा

है मेरे बच्चे तुम्हारे जीवन में तनाव

बहुत

है इसलिए तुम्हारा मन विचलित हो रहा

है कभी-कभी तुम अपनी

तुलना दूसरे सफल लोगों से करने लगते

हो और फिर हताश हो जाते

हो मेरे बच्चे एक बात का ध्यान

रखना हर व्यक्ति अपने आप में अनमोल

है तुम मेरी संतान हो

अपने आप को बेबस मत

समझना अपनी शक्ति पर अपनी प्रतिभा

पर कभी संदेह मत

करना तुम्हारी तुलना किसी से हो ही नहीं

सकती भले ही लोग

अभी तुमसे अधिक पैसे वाले

हैं समाज में उनकी अलग पहचान

है अलग रुतबा

है किंतु उनके पास वह विवेक नहीं

है जिससे वह अपनी प्रगति कर

सके अपनी संपत्ति को आगे बढ़ा

सके या कोई नया इतिहास रच

सके उनके पास जितना

है उतना भी नहीं रहेगा

धीरे-धीरे करके वह भी नष्ट हो

जाएगा किंतु तुम्हारे पास ज्ञान की ताकत

है केवल तीन वर्ष प्रतीक्षा कर

लो अपनी बुद्धि के बल

पर तुम वह इतिहास रचो

ग कि तीन वर्षों में

ही तुम उनसे वर्ष आ ग निकल

जाओगे अपनी कमियों को अपनी कमजोरी मत

बनाओ समझ लो कि तुम्हें अवसर मिला

है खुद को रास

का मेरी बात पर विश्वास

[संगीत]

रखो जितना तुम्हें जलाया गया

है उससे कई गुना अधिक

वह भी

जलेंगे कई रातें तुम्हारे परिवार

ने चिंता में जाग कर बिताया

है परंतु बहुत जल्द तुम्हारे जीवन

में वह उजाला

होगा जिससे उनकी आंखें चौध आ

जाएंगी और तब उनकी रातें जाग कर नहीं रोकर

गुजरेगी

मेरे बच्चे तुम्हें क्या लगता

है कि मैं तुम्हारे साथ हुए अन्याय को

देखकर भी मौन

[संगीत]

हूं नहीं मैं चाहूं तो एक क्षण

में उसका अस्तित्व मिटा सकती

हूं उसकी हस्ती मिटा सकती

हूं किंतु मैं चाहती हूं

उसे दंड तुम्हारे ही हाथों

[संगीत]

मिले और ऐसा बहुत जल्द

होगा दंड की प्रक्रिया शुरू भी हो गई

है अपने कर्मों की वजह

से वह लोगों की नजरों से गिर रहा

है उसकी ताकत खत्म हो रही है

उसके सभी साथी उसके अपने उसे छोड़कर जा

रहे

हैं सबको उसकी चाल समझ में आ रही

है अपने घमंड के कारण अपने स्वार्थ के

कारण उसके भी बहुत सारे शत्रु बन रहे

हैं उसके संबंध बिगड़ रहे

हैं लोगों का हक छीनकर

उसने अपना घर सजाया

है अब उसके घर में उत्पात

मचेगा उसके घर के सुख शांति नष्ट

होगी अब वह ऐसा उपद्रव देखेगा जो उसने कभी

सोचा भी नहीं

था मेरे बच्चे तुम्हारे दर्द का हिसाब

होगा बहुत बड़ी सफलता के रूप में तुम्हें

न्याय मिलेगा

तुम्हारे परिवार को वह खुशी वह सुकून

मिलेगा जो तुम उन्हें देना चाहते

हो जिसके वह हकदार

है खुश

रहो मेरा आशीर्वाद तुम्हारे साथ

है तुम्हारा कल्याण

हो सच्चे मन से कहो

जय माहाकाली

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *