माँ काली अगले तीन दिन में कुछ ऐसा होगा मैं तुमसे इसी क्षण बात करना चाहता हूं ।। - Kabrau Mogal Dham

माँ काली अगले तीन दिन में कुछ ऐसा होगा मैं तुमसे इसी क्षण बात करना चाहता हूं ।।

मेरे बच्चे तुम्हें मेरा संदेश प्राप्त

होना कोई इत्तेफाक नहीं है बल्कि मैं

तुम्हें एक बात से अवगत कराना चाहती हूं

जिस बात को तुम्हें जानना बहुत जरूरी है

मेरे बच्चे एक बात को तुम समझ लो मेरे

बच्चे तुम अपने जीवन में कई बार समस्या से

गिर कर भी बच जाते हो कई बार मुसीबतें

आते-आते भी टल जाती हैं परंतु तुम्हें

ज्ञात नहीं होता कई बार तुमने महसूस किया

भी होगा कि तुम किसी दुर्घटना से होते

होते बच जाते हो कई बार ऐसा भी होता है कि

तुम किसी वाहन से गिर पड़ते हो या

तुम्हारा कहीं से पैर फिसल जाता है या

बहुत सारी बातें ऐसी होती हैं जो अचानक से

तुम्हारे ऊपर आई हुई मुसीबत टल जाती और

तुम्हें यह ज्ञात भी होता है कि तुम्हें

शति ने बचाया है तुम यह ज्ञात नहीं कर

पाते कि वह शक्ति तुम्हें क्यों बचा रही

है जो आज मैं तुम्हें बताऊंगी तुम्हारे

साथ ऐसा क्यों होता है इसलिए मेरे बच्चे

तुमको यह जानना अत्यंत आवश्यक है ताकि आगे

तुम कोई गलती ना करो जिससे तुम्हारे जीवन

में कोई दुर्घटना ना हो मेरी बातों को

पूर्ण रूप से सुनना और ध्यान देना मेरे

बच्चे कई बार तुम कुछ गलतियां कर देते हो

तो उसकी सजा के लिए तुम्हें दुर्घटना का

सामना करना पड़ता है परंतु वही तुम बहुत

सारे नियम निभाते हो पूजा आराधना करते हो

मेरे बच्चे तुम अपने अंदर यह विश्वास जगा

कर रखना कि मैं तुम्हारे साथ हूं और उस

जगह पर जाना जहां पर तुम्हें विश्वास होता

है मेरे बच्चे दुर्घटना प्राप्त होने से

पहले तुम्हें एक संकेत प्राप्त होता है जो

अनजाने में या जानबूझकर जो गलतियां कर रहे

हो उन गलतियों को सुधार लो अभी भी

तुम्हारा समय शेष है मेरे बच्चे इन

दुर्घटनाओं से तुम्हें सीखना चाहिए कि

तुम्हारे कर्मों में तुम्हें बदलाव लाने

की आवश्यकता है क्योंकि प्राकृतिक में

विद्यमान होकर ही मैं तुम्हें संकेत देती

हूं इसलिए मेरे बच्चे गलतियों को रोकने के

साथ-साथ नियमों को जो तुम निभाते हो उनको

सदा निभाते जाना क्योंकि नियमों को निभाने

से ही तुम्हारी ओर मेरी शक्ति आकर्षित

होती है क्योंकि किसी भी मुसीबत से बचने

के लिए बचाव से ज्यादा खुद को ताकतवर बनाओ

मेरे बच्चे मैं चाहती हूं कि तुम एक शक्ति

प्राप्त करो जो तुम्हारी सुरक्षा कवच की

तरह तुम्हारी रक्षा करें और वह शक्ति

तुम्हें में भोलेनाथ प्रदान करें जो देवों

के देव एक मृत शरीर में भी जान डाल देते

हैं मेरे बच्चे उनकी शरण में जाने से

तुम्हारी सभी मुसीबतें टल जाएंगी इसके

साथ-साथ उन्हें प्रसन्न रखने के लिए हर

सोमवार को उन्हें दूध अर्पित करने के

साथ-साथ

बेलपत्र अर्पित करो क्योंकि भोलेनाथ बहुत

ही भोले हैं थोड़ा सा दूध चढ़ाने से वैसे

ही प्रसन्न हो जा जाते हैं और अपने भक्तों

पर प्रसन्न होकर उनकी सभी समस्याओं को

समाप्त कर देते हैं और आने वाली मुसीबतों

को भी हर लेते हैं और उनके साथ रहते हैं

कमजोर से कमजोर व्यक्ति भी शक्तिशाली हो

जाता है क्योंकि उनकी शक्तियां तुम्हारी

सुरक्षा कवच बनकर तुम्हारा साथ देती हैं

और जिनका रक्षक स्वयं भोलेनाथ की शक्तियां

करें भला उसे कौन छू सकता है एक और जरूरी

बात जो मैं तुमसे कहना चाहती हूं इस बात

को तुम्हें जीवन भर याद रखना

होगा मेरे बच्चे इस संसार में हर व्यक्ति

का नियम है मुझे बुरे दिनों में तो सभी

याद करते हैं और अच्छे दिनों में भूल जाते

हैं मेरे बच्चे जो अच्छे दिनों में मुझे

याद करते हैं उनके सामने कभी बुरे दिन

नहीं आते उनका जीवन हमेशा खुशहाल रहता है

इसलिए मेरे बच्चे तुम भी मुझे अच्छे दिनों

में याद किया करो और यह बातें मुझे बहुत

ज्यादा प्रिय हैं इसलिए यदि तुम ऐसी बातों

को ध्यान रखते हो तो तुम्हें जीवन के आगे

के रास्तों में कांटों का सामना नहीं करना

पड़ेगा जीवन में आ रही सभी परेशानियों

कष्टों को मैं हर लेती हूं मेरे बच्चे

लापरवाही जीवन को कई बार खतरों में डाल

देती है मेरे बच्चे यह महत्व नहीं रखता कि

पूजा तुम किस समय कर रहे हो बस तुम्हारे

सच्चे मन से श्रद्धा भावना से की गई पूजा

मुझे बाध्य कर देती है और मैं तुम्हारी

सभी इच्छाओं को पूर्ण कर देती हूं मेरे

बच्चे सभी कार्यों पर ध्यान देने वाला

व्यक्ति उस फूल की तरह बन जाता है जिसकी

खुशबू सभी को महका देती है और यदि ऐसा

व्यक्ति जिसके साथ रहता है उस व्यक्ति के

जीवन में उन्नति ही उसकी पहचान होती है

उसे जीवन में किसी भी चीज की कोई कमी नहीं

होती क्योंकि लालच बस किसी की पूजा नहीं

करना है बल्कि श्रद्धा से भक्ति भाव से

उसका हर कार्य भली भाति हो जाता है इसलिए

मेरे बच्चे तुम भी ऐसा कोई कार्य मत करो

जिससे कि मुझे तुम्हारे किसी भी कार्य से

दुख हो बल्कि तुम्हारा जीवन तुम्हारी हर

बात से जुड़ा है तुम्हारा हर कर्म जुड़ा

हुआ है अच्छा कर्म हो या बुरा सबका

तुम्हारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है

मेरी हर बात का ध्यान रखना है मेरा

आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ है मेरे अगले

संदेश की प्रतीक्षा करना मैं फिर तुमसे

मिलने

आऊंगी

मेरे बच्चे तुम बारबार प्रयास करते हो

लेकिन फिर भी तुम्हारा काम अधूरा रह जाता

है ऐसा क्यों हो रहा है यह आज मैं तुम्हें

बताऊंगी इसलिए तुम ध्यानपूर्वक सुनना यदि

आज भी तुमने मेरी बातों को पूर्ण रूप से

नहीं सुना तो फिर मत कहना कि मैंने बताया

नहीं क्योंकि गलती इसमें तुम्हारी होगी

इसलिए जो बता रही हूं उसको ध्यानपूर्वक

सुनो तुम्हारे जीवन में यदि ऐसा हो रहा है

तो इसके के पीछे पांच कारण है उन कारणों

को जानकर तुम्हें उन पर ध्यान देना होगा

और उन्हें अपने अंदर धारण करना होगा सबसे

पहला कारण यदि जीवन में तुम अपने लिए अथक

प्रयास कर रहे हो तो इस बात का विशेष

ध्यान रखो कि किसी के बनते हुए कार्य को

यदि तुम बिगाड़ देते हो तो जीवन में कभी

भी तुम चाहे कितना भी प्रयास कर लो

तुम्हारा कोई भी कार्य कितना भी चाहने के

बाद ब नहीं क्योंकि जो तुम दूसरों के साथ

कर रहे हो वही तुम्हारे साथ होगा और दूसरी

बात तुम परिश्रम कर रहे हो जिस कार्य के

लिए उस कार्य के लिए परिश्रम अभी और बाकी

है क्योंकि कोई भी कार्य पूर्ण होने में

जितना परिश्रम करना होता है वह परिश्रम

अभी भी तुम्हारे कार्य को पूर्ण करने में

कम पड़ रहा है इसलिए तुम अपने परिश्रम की

गति को बढ़ाओ उस पर इतना परिश्रम करो कि

तुम्हारे परिश्रम की हद पार हो जाए जिस

प्रकार लोहा अत्यधिक गर्म करने पर पिघल

जाता है उसी प्रकार तुम अपने आप को कर्मों

की अग्नि में पिघला लो और तीसरा तुम जिस

कार्य को कर रहे हो उस कार्य को लेकर तुम

पूरी आशा रखते हो लेकिन उससे कहीं अधिक

तुम्हें प्राप्त होगा लेकिन किसी भी चीज

को प्राप्त होने का एक निश्चित समय होता

है जिस प्रकार विद्यार्थी परीक्षा देने के

पश्चात उसका फल प्राप्त होता है उसी

प्रकार तुम्हारा उस चीज को प्राप्त करना

एक निश्चित समय पर निर्धारित करता है तो

तुम्हें उस समय का इंतजार करना ही होगा और

लगातार अपनी परिश्रम जारी रखना भी होगा

क्योंकि यदि तुम परिश्रम करना छोड़ दोगे

तो सफल नहीं हो पाओगे चौथा तुम किसी भी

कार्य को खुद या जबरदस्ती कर रहे हो और

तुम्हें उस कार्य को करते हुए खुशी ही

प्राप्त नहीं हो रही है तब तुम कार्य को

नहीं कर पाओगे और तुम्हारा कार्य नहीं

बनेगा बनकर भी बिगड़ने लगेगा क्योंकि ना

तो तुम उस पर ध्यान लगा

पाओगे और ना ही तुम्हारा उस कार्य पर

ध्यान रहेगा क्योंकि जब तुम्हें उस कार्य

को करने में खुशी नहीं होगी तो तुम केवल

अपना समय बर्बाद करोगे इसलिए ऐसे कार्य को

कभी मत करना जिसे करने में तुम्हें खुशी

प्राप्त नहीं होती मेरे बच्चे पांचवा यह

है कि अगर तुम आलसी व्यक्ति हो और कर्मठ

नहीं हो हाथ पर हाथ रखकर बैठकर केवल सपने

देखने वाले में से हो तो तुम्हारा कार्य

निश्चित ही नहीं बनने वाला क्योंकि कार्य

को बनाने के लिए मेरी पूजा प्रार्थना के

साथ-साथ परिश्रम करना भी अति आवश्यक है

इसलिए यदि तुमसे हो पाए तो करना मेरे

बच्चे लेकिन अपने अंदर घमंड कभी मत आने

देना क्योंकि कौन छोटा है कौन बड़ा यह सब

नहीं तुम्हें देखना है तुम्हें अपने आप को

देखना है कि तुम क्या हो यदि तुम सुखी हो

खुशी हो अपने जीवन में तुम्हें वह सब कुछ

प्राप्त हो रहा है जो तुम्हें चाहिए तो

तुम्हें भूलकर भी किसी को ना तो छोटा

समझना है और ना ही तुम्हारी बातों से किसी

के स्वाभिमान को चोट नहीं पहुंचने चाहिए

मेरे बच्चे कार्य तभी बिगड़ते हैं और बनते

हैं जब तुम अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी

मारते हो अर्थात तुम आलस करते हो या कर्म

करते हो तो तुम उस कर्म में खुशी प्राप्त

नहीं होती या तुम सच्चाई ईमानदारी के पथ

पर चलते हुए कार्य नहीं करते या तुम जिस

कार्य को करते हो उस कार्य में पूरा

परिश्रम के साथ नहीं करते तो तुम्हारा

पूरा बल उस पर नहीं होता यदि तुम ध्यान

लगाकर किसी कार्य को करो तो तुम्हारा कोई

कार्य नहीं बिगड़ेगा अपने मन से सभी

चिंताओं को मुक्त कर दो अब तुम्हें केवल

प्रसन्न रहना है आज यह सृष्टि तुम्हें

बताना चाहती है यह प्रकृति तुम्हारी

सहायता करेगी कल का दिन तुम्हारे जीवन का

एक ऐसा दिन होगा जिसे देखकर तुम आश्चर्य

चकित हो जाओगे मेरे बच्चे तुम इतने चिंतित

क्यों होते हो मुझे सब ज्ञात है कि

तुम्हारे जीवन में सबसे ज्यादा महत्व क्या

रखता है किस चीज से तुम्हें खुशी हो सकती

है और किस चीज से तुम्हें दुख मुझे सब पता

है तुम अपने जीवन में क्या चाहते हो तुम

मेरा स्मरण करते हो मेरा ध्यान करते हो

मेरे बच्चे तुम्हारा जीवन मुझसे शुरू होकर

मुझ पर ही खत्म होता है मेरे बच्चे मेरे

कनकन में तुम ही तो बास करते हो वह समय

निकट है जब तुम सब देख पाओगे कल सुबह जब

तुम उठोगे तब मेरी शक्तियां हवा के साथ

मिश्रित होकर तुम्हारे शरीर के भीतर

विराजमान होंगी मेरे बच्चे तुम्हें एक बार

शांत मन से मेरी शक्तियों को महसूस करना

है मन ही मन स्मरण करना है कि तुम्हारे

पास एक पवित्र और शक्ति शाली ऊर्जा आ रही

है और वह पवित्र ऊर्जा तुम्हारे सांस के

साथ तुम्हारे शरीर के तब तुम देखोगे कि

तुम्हारे भीतर एक सकारात्मक ऊर्जा जन्म ले

रही है वह शक्तिशाली ऊर्जा तुम्हारे शरीर

को इतना बलशाली बना रही है मस्तिष्क को

इतना शांत और तेज प्रदान करेगी जिसके कारण

तुम अभी तक जो नहीं सोच पा रहे थे उस

कार्य को करने के लिए भी शक्ति आ जाएगी

मेरे अगले संदेश की प्रतीक्षा करना मैं

फिर आऊंगी तुमसे मिलने मेरे बच्चे मेरा

आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है तुम्हारा

कल्याण हो ओम नमः शिवाय जय माहाकाली मेरे

बच्चे तुम सदैव मेरे स्मरण में रहते हो

मैं तुम्हारी हर एक प्रार्थना को ध्यान से

सुन रही हूं तुम सदैव अपने लक्ष्य को

प्राप्त करने के लिए ना करते हो तुम अपने

लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भरपूर

परिश्रम भी करते हो परंतु तुम्हारे

परिश्रम में कहीं ना कहीं कोई कमी रह जाती

है तुम्हारा लक्ष्य तुम्हारे पास तो है

लेकिन तुम उसे प्राप्त करने में असमर्थ हो

तुम अपनी ओर से अपने लक्ष्य तक पहुंचने के

लिए अपना सब कुछ प्रदान कर देते हो किंतु

फिर भी तुम्हारे हाथ के केवल असफलता ही

आती है मेरे बच्चों मैं तुम्हें यह बताना

चाहती हूं कि तुम्हारे प्रयासों में कोई

भी कमी नहीं है बस आवश्यकता है तो तुम्हें

कुछ बातों पर ध्यान देने की तुम्हें यह

स्मरण रखना चाहिए कि किसी भी लक्ष्य को

प्राप्त करने के लिए दो चीजों की आवश्यकता

है वह है प्रार्थना और प्रयास जीवन में

कुछ भी प्राप्त करने के लिए तुम्हें कठिन

परिश्रम करना ही पड़ेगा इसके अलावा तो

तुम्हारे पास कोई अन्य रास्ता नहीं है यदि

तुम्हारा मन सच में लक्ष्य को प्राप्त

करना चाहता होगा तो तुम्हें उसके प्रति

परिश्रम करने में तनिक भी कठिनाई नहीं

होगी उल्टा तुम्हें उस परिश्रम में आनंद

आने लगेगा तुम्हें परिश्रम कुछ इस प्रकार

करना चाहिए कि जैसे तुम्हारी सफलता केवल

तुम रे परिश्रम पर ही निर्भर है लक्ष्य को

प्राप्त करने में प्रार्थना का भी अहम

योगदान है प्रार्थना तुमको कठिन परिस्थिति

में भी उम्मीद प्राप्त करने का कार्य करती

है परिश्रम करने के बावजूद भी जब सफलता

प्राप्त नहीं होती तो धीमे-धीमे तुम मायूस

हो जाते हो इसी मायूसी और निराशा को दूर

रखने के लिए तुम्हें प्रार्थना की आवश्यक

पड़ती है प्रार्थना करने से तुम्हारे मन

में विश्वास उत्पन्न होता है जो तुम्हें

वापस उम्मीद की उंगली थमा देता

है यही उम्मीद तुम्हें निराशा के समय में

परिश्रम करने में मदद करेगी तुम्हें

प्रार्थना कुछ ऐसे करनी चाहिए कि जैसे

तुम्हारी सफलता केवल तुम्हारी प्रार्थना

पर ही निर्भर है अपने लक्ष्य की प्राप्ति

के लिए तुम्हें प्रार्थना और परिश्रम

दोनों की ही आवश्यकता है प्रार्थना

तुम्हें संयमित बनाती है और परिश्रम करने

का हौसला प्रदान करती है जब भी तुम्हें यह

महसूस हो कि तुम्हारे लक्ष्य की प्राप्ति

में अब विषम कठिनाइयां आ रही है तब

तुम्हें यह मान लेना चाहिए कि तुम्हारा

लक्ष्य अब तुम्हारे समीप ही है लक्ष्य

जितना ही करीब होता है उससे जुड़ी

कठिनाइयां ही विषम होती जाती है तुम्हें

मुश्किलों के प्रति अपनी मानसिकता को

बदलना चाहिए मुश्किल भले ही तुम्हारी

लक्ष्य प्राप्ति में बाधा बनती है मगर वह

तुम्हें मजबूत भी बनाती है तुम्हें

मुश्किलों को अपना मित्र समझकर उनसे और

अधिक परिश्रम करने की प्रेरणा लेनी

चाहिए मेरे बच्चों मैं तुम्हारे व्यवहार

से काफी प्रसन्न हूं तुम जिस भी लक्ष्य को

साधो ग तुम्हें उस लक्ष्य में सफलता अवश्य

प्राप्त होगी तुम्हारे लक्ष्य की प्राप्ति

में मैं स्वयं तुम्हारा सहारा बनूंगी

तुम्हारे जीवन को बहुत ध्यान से देखने पर

मैंने यह जाना है कि तुम्हारा मन भीतर से

प्रसन्न नहीं है तुम जिस लक्ष्य को

प्राप्त करने के लिए प्रयास कर रहे हो उस

लक्ष्य की प्राप्ति तुम केवल दूसरों के

लिए ही करना चा चाहते हो तुम अपना सारा

परिश्रम केवल इसलिए कर रहे हो जिससे

तुम्हारे आसपास के लोग तुम्हारा सम्मान

करने लगे तुम्हें ऐसा लगता है कि जब तक

तुम सामाजिक तौर पर सफल नहीं हो जाते तब

तक तुम प्रसन्न नहीं रह सकते हो तुम्हें

लगता है कि तुम्हारे जीवन में प्रसन्नता

की कुंजी तुम्हारी सफलता ही है तुम अपनी

प्रसन्नता के लिए कार करने के बजाय दूसरों

के सामने अपने सम्मान के लिए कार्य करने

में लगे हुए हो तुम्हें यह समझना चाहिए कि

तुम्हारे जीवन की प्रसन्नता तुम्हारी

सफलता पर नहीं बल्कि तुम्हारी सफलता

तुम्हारी प्रसन्नता पर निर्भर करती है जब

तक तुम अपने पूर्ण मन से प्रसन्न और

संतुष्ट नहीं रहोगे तब तक तुम सफल नहीं हो

सकते तुम्हारी प्रसन्नता तुम्हारे किए का

का में साफ तौर पर दिखाई देती है यदि तुम

प्रसन्न चित होकर किसी कार्य को करते हो

तो उस कार्य को सफल होने से कोई भी नहीं

रोक सकता है तुम्हें अपने मन को अच्छी तरह

से खंगालना होगा और पता करना होगा कि आखिर

तुम्हारे लिए सफलता क्या है क्या सफलता

दूसरों के सामने सम्मान प्राप्त करना है

या फिर तुम्हारे मन की प्रसन्नता ही

तुम्हारी सफलता है यदि तुम्हारा मन

अप्रसार किए सभी कार्यों में एक प्रकार की

नकारात्मकता दिखाई

देगी भले ही तुम्हारा कार्य पूर्ण क्यों

ना हो जाए परंतु यह

नकारात्मकता दूसरों को तुमसे दूर ले जाएगी

इसके कारण तुम्हारे आत्मविश्वास में भी

कमी आएगी

तुम्हें सदैव उन कार्यों को करने में

अपना ध्यान लगाना चाहिए जिन कार्यों से

तुम्हारे मन को प्रसन्नता प्राप्त होती है

तुम्हें अपनी दिलचस्पी के अनुसार ही कार्य

करने चाहिए क्योंकि उन कार्यों को करने

में तुम्हें सफलता भले ही थोड़े समय बाद

प्राप्त हो परंतु प्रसन्नता तुरंत प्राप्त

होती

है मैं यह चाहती हूं कि तुम्हें संसार की

हर सुंदरता का आभास करने का सुख भी

प्राप्त हो मैंने यह देखा है कि तुमने अभी

तक संसार की असल सुंदरता की अनुभूति की ही

नहीं है ऊपरी तौर पर देखने पर जीवन

परेशानियों से भरपूर दिखाई पड़ता है किंतु

ध्यान से इस जीवन की अनुभूति करने पर इस

जीवन की सुंदरता का पता चलता

है जीवन की सुंदरता के बारे में ना तो

पढ़ा जा सकता है ना ही उसे देखा जा सकता

है और ना ही उसे सुना जा सकता

है जीवन की असल सुंदरता का आभास तो केवल

उसे जी करके ही किया जा सकता है तुम्हारे

जीवन का कोई भी एक हिस्सा उसकी सुंदरता को

नहीं दर्शा सकता तुम्हारा संपूर्ण जीवन ही

उसकी सुंदरता को दर्शा सकता है जीवन को

उसकी पूर्णत में जीने पर ही तुम्हें उसकी

असल सुंदरता का आभास हो सकता है तुम्हारे

जीवन में तुम्हें अनेक परेशानियों का

सामना करना पड़ेगा तुम्हें उन परेशानियों

से लड़ने के लिए अपनी क्षमता को बढ़ाने की

आवश्यकता भी पड़ेगी तुम्हारी क्षमता को

बढ़ाने के लिए तुम्हें जीवन में अनेक गुरु

मिलेंगे लेकिन तुम्हारे जीवन का सबसे बड़ा

गुरु यदि कोई है तो वह है स्वयं तुम्हारा

जीवन तुम्हारा व वन तुम्ह वह सबक सिखा

सकता है जो तुम्हें कोई और गुरु कभी भी

नहीं सिखा

पाएगा तुम्हारा जीवन एक अच्छे गुरु की

भाति तुम्हें किसी भी कार्य को करने की

स्वतंत्रता प्रदान करता है यदि तुम उस

कार्य को सही तरीके से कर लेते हो तो वह

तुम्हें उसका इनाम देता है और यदि तुम उस

कार्य को गलत करते हो तो वह तुम्हें उसका

दंड भी प्रदान करता है तुम्हें यह सदैव

स्मरण रखना चाहिए कि जीवन को जीने का सही

तरीका

है उसे आगे की ओर जीना और जीवन से सीखने

का सही तरीका है बीते हुए जीवन से सीखना

तुम्हें अपने बीते हुए जीवन से सीख लेते

हुए अपने आगे के जीवन को सुखमय बनाने का

प्रयास करना चाहिए

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