‘बैरिकेड तोड़ दो’ किसानों की आहट से डरी दिल्ली, JCB वाले ने किसानों का प्लान खोला। Farmers Protest - Kabrau Mogal Dham

‘बैरिकेड तोड़ दो’ किसानों की आहट से डरी दिल्ली, JCB वाले ने किसानों का प्लान खोला। Farmers Protest

यहां पर कहीं ना कहीं ऐसी स्थिति है कि
बिल्कुल सन्नाटा है एक परिंदा भी पर नहीं
मार सकता जो कहते
हैं कमर कमर पर खोद दिया है कोई इस बार
आने का अंदर कोई तरीका नहीं है सरय आंसू

गैस की गोला आ रहा था हमारे छत तक गिरे थे
तो इन सब डर तो था पिछले बार आज से ही काम
बंद है हमारा गाड़ी नहीं चल सकता ना इधर
गाड़ी हमारी लगी हुई साइड में कुछ ज्यादा

परेशानी होगी तो फिर अपने गांव जाएंगे और
क्या करेंगे इस टाइम तो बहुत दिक्कत प्लिक
को काम करने वाले सबको बहुत दिक्कत का
सामना करना पड़ा महिला सब परेशान हो रही

थी एक एक घंटा रास्ता नहीं मिल रहा था जब
मैं उधर से क्रेन लेक आ र मेरे को पकड़
लिया इतना ही हुआ इसी बात प मेरे प गर्दन
पर तलवार रख

द इस वक्त हम सिंघु बॉर्डर पर मौजूद हैं
और यहां की जो स्थिति है आप देख सकते हैं
मेरे पीछे आपको बैरिकेट्स नजर आ रहे हैं

और यह एक आधा बैरिकेड नहीं है यह वैसा
बैरिकेड नहीं है जो ट्रैफिक को रोकने के
लिए या गाड़ियों को रोकने के लिए लगाया
जाता है यह बैरिकेड का जखीरा है से आप कह
सकते हैं पीछे अगर आप देखेंगे तो

बैरिकेट्स के पीछे बैरिकेट्स और उनके पीछे
दीवारें उसके पीछे वायर और मतलब पूरे चाक
चौबंद इंतजाम यहां पर दिल्ली पुलिस ने किए
हैं के अगर किसानों का कोई भी दस्ता कोई

भी दल यहां पर आता है तो वह इस इलाके को
पार नहीं कर पाएगा जब हम यहां पे इस पूरे
इलाके का मुआयना करने आए हम यहां पे देखने
के समझने के लिए आए कि क्या हालात है

बॉर्डर एरियाज के तो हमें यहां पे एक
मार्केट दिखी सिंघ बॉर्डर का जो फ्लावर के
नीचे का इलाका है इधर साइड में मार्केट है
जहां पे कुछ दुकानें हैं कुछ क्रेन सर्विस

की दुकानें हैं कुछ मेडिकल स्टोर हैं एक
ढाबा है उससे पहले कुछ जनरल स्टोर दिखे
कुछ जैसी एक नॉर्मल बाजार होता है वैसा ही
बाजार है बॉर्डर से लगा हुआ और यहां पे

कुछ हमें हमारे युवक कुछ दोस्त मिले इधर आ
जाइए जो बिल्कुल जहां पे बैरिकेट्स हैं
उनका घर यहीं पे है और वह यहीं पर रहते
हैं तो उनसे बात करूंगा समझूंगा कि वो किस

तरीके से इस वक्त यहां पर रह रहे हैं आपका
क्या नाम मोहम्मद कयूम नाम है मोहम्मद
कयूम कहां से आ मोहम्मद आप बिहार से बिहार
से हैं बिहार में कहां से मधुबनी जिला जी

मधुबनी जिले से तो आप बिल्कुल यहीं रहते
हैं जी यहीं रहता हूं कब से रह रहे हैं आप
यहां पे एक साल हो गया एक साल से ऊपर जो
पिछले बार किसान बैठे जब से अच्छा तो ये

अपना घर है यहां पे या आप रेंट पे रहते
हैं मैं ड्राइवरी करता हूं मालिक का मकान
है अच्छा आप ड्राइवरी करते हैं और ये आपके
मालिक का मकान है तो इसमें आप रहते हैं

मतलब आप यहां प मजदूरी करते हैं दिल्ली
में बिहार से आके काम की तलाश में आप यहां
पर रह रहे हैं तो यहां पर आप एक साल से रह
रहे हैं तो अभी जो हालात हैं जो इस वक्त

यहां पर हम देख रहे हैं बिल्कुल सन्नाटा
पसरा हुआ है कोई नहीं है कल किसानों का यह
अनाउंसमेंट किया हुआ है कि कल वह दिल्ली
कूछ करेंगे दिल्ली में आएंगे किसान आप

लोगों को कैसा लग रहा है कोई डर जैसा कुछ
माहौल लग रहा है नहीं सर पिछले बार थोड़ा
डर सा माहौल था इस बार नहीं है अच्छा
पिछली बार डर का माहौल था इस बार नहीं ऐसा

क्यों इस बार कुछ ज्यादा मतलब सेफ है जगह
बेगेटर लगा हुआ है आप सामने देखो दबालबरी
गली गली जाम है इस बार इस बार इस बार सारी
गलियां जाम है बिल्कुल सर इस बार कोई डर

की बात नहीं है मतलब आपने देखा है इलाके
में घूम के क्या बिल्कुल इस बार पूरा गली
गली बंद है सर अच्छा हर गली बंद है आप बता
भी रहे थे पहले कि कोई गली खोद दी भी गई
है जी कमर कमर भर खोद दिया है कोई इस बार

आने का अंदर कोई तरीका नहीं है सर अच्छा
कोई नहीं आ पाएगा तो पिछली बार जो आप
लोगों को डर था तो जब किसान यहां पे आए थे
अ नहीं था ना सर अंदाजा नहीं था तना कि

इतने जनसंख्या में आएंगे और इस तरह से
नहीं हो पाया था इस बार पहले से सारा चका
व्यवस्था ऐसी कुछ घटना हुई थी क्या या कुछ
ऐसा हुआ था मतलब डर ठीक है कई बार हमें डर

होता है भीड़ को देख के डर लगता है कि यार
ये भीड़ आ रही है कुछ भी हो सकता है लेकिन
क्या कुछ ऐसा हुआ भी था सर डर तो इस बात
का था कि जैसे यहीं पर हम रहते हैं और

यहीं पे ये चीजें होती है आंसू गैस की
गोला आ रहा था हमारे छत तक गिरे थे तो इन
सब ची का डर तो था पिछले बार तो अब अभी इस
बार आप लोगों को डर की स्थिति नहीं इस बार

नहीं डर लग रहा है इस बार सही है शेप है
पूरा इधर दूर तक है इस बार ऐसा कोई दिक्कत
नहीं है कि यहां तक हम कोई खतरा हमें हो
सकता है अच्छा कल के लिए क्या प्लान है

आपका मतलब कल आप काम जाएंगे य रहेंगे क्या
कर काम नहीं होगा आज से ही काम बंद है
हमारा गाड़ी नहीं चल सकता ना इधर गाड़ी
हमारी लगी हुई साइड में अच्छा आज भी काम

नहीं था और कल कल भी कहां होगा इसी चक्कर
में बंद है ये बैरिकेट्स कब लगे यहां प ये
तो सर रात को आ गई थी यहां प कल रात में आ
गए थे रात से लगना शुरू हो गए थे जी रात

से लगना शुरू हो गया अभी शाम तक में इतना
कंप्लीट हुआ अभी और बेगेटर आ ही रहा है
अभी तक हा बिल्कुल अभी जिस वक्त हम बात भी
कर रहे हैं तब भी यहां पर कुछ बैरिकेट्स

उतारे गए हैं और पीछे अगर मोहन दिखा पाए
तो पीछे देखिए यहां पर ये बिल्कुल
जो तार होते हैं उनकी तैयारियां चल रही है
बहुत सारे बंडल्स है जिन्ह खोला जा रहा है

यहां पर लगाए
जाएंगे और आपसे मैं अगर समझना चाहूं कि
यहां पर अब यह पूरी मार्केट एरिया है क्या
यह चहल पैल इस वक्त बंद हो जाती है या
रहती है इस टाइम तक सर यहां तो 11 बजे रात

तक फुल ट्रैफिक रहता है जो काम करने वाले
लोग हैं य 5:00 बजे से छुट्टी होना
स्टार्ट हो जाता है इंस्ट्रिंग एरिया
कुंडली का तो 78 बजे तक तो पब्लिक का भीर

बहुत ज्यादा रहता है इधर उसके बाद गाड़ी
घोरा यानी मान लो कि रात रात भर इधर गाड़ी
खूब चलती है दबा के आदमी भी हां लेकिन इस
टाइम तो बहुत दिक्कत हुआ आज पब्लिक को काम

करने वाले सबको बहुत दिक्कत का सामना करना
पड़ा महिला सब परेशान हो रही थी एक एक
घंटा रास्ता नहीं मिल रहा था उसको आज सब
लोग परेशान यहां सेसे ई रिक्षा वगैरह जाते

हैं कुछ नहीं सर आज सुबह उधर दिन में चालू
किया हुआ था थोड़ा उधर साइड से रास्ता था
लेकिन उसके बाद दूर कर दिया तो दिक्कत
होने लग गई उसके बाद सब दूर कर दिया आपका

क्या नाम है मेरा नाम अरुण है अरु अरुण आप
भी यही रहते हैं हां मैं भी नहीं रहता हूं
इसी घर में तो आप साथ ही में रहते हैं
कयूम के साथ ही आप हां साथ ही रहते हैं

चार लोग रहते हैं साथ रह क्या उम्र है
आपकी मेरी उम्र है 18 साल साल आप क्या
करते हैं य ड पर आए हैं ल् परही करते हैं
कल के लिए तैयारी कल के लिए क्या यही है अ
ऐ सही देखेंगे आगे और

क्या ऐसा कहीं लग रहा है कि हम लोग
बिल्कुल बॉर्डर प हैं एक तरीके से किसान
आएंगे तो यहीं आएंगे अगर पहुंचते हैं तो
क्या कोई डर जैसी

स्थिति नहीं यही बात तो हमको नहीं मालूम य
हमने सुनी थी पहले य हता रहे थे इनके
उस्ताद जी जब हता रहे थे इनके बारे में
हमको नहीं पता हम तो अभी आए हमको एक डेढ़

महीना हुआ हुए है आप कहां से हैं वैसे हम
यूपी से आस आस के रहने वाले हैं
आप अब कल मतलब आप यहीं रहेंगे और जो
स्थिति होती है उसे

देखेंगे कुछ कुछ ज्यादा परेशानी होगी तो
फिर अपने गांव जाएंगे और क्या करेंगे फिर
मजदूरी जो काम करते हैं आप
य गांव में जाएंगे फिर हमको दिक्कत होएगी

तो फिर गाम में जाएंगे और क्या तो यहां पे
मतलब आप कैसे छुट्टी ट्टी लेके जाएंगे तो
काम फिर आपका नहीं छुट्टी पुट्टी है कर
जाएंगे ये यह मैटर सारा सिंट जाएगा फिर

आएंगे वापस और क्या है छुट्टी मिल जाएगी
आपको हां मिल जाएगी छुट्टी यह तो जब खामी
नहीं चलेगा तो छुट्टी तो मिलेगी हमें यहां
पे एक शख्स मिले अ ड्राइवर हैं अजय जी अजय

जी से जब मैं मिला तो वह काफी डरे हुए थे
मैंने उनसे पूछा कि क्या हुआ मतलब आप
क्यों घबराए हुए हैं तो उन्होंने बताया कि
इस वक्त पहले आप कैमरे पर बताइए कि क्या

मतलब किसान आंदोलन है कैसा लग रहा है आपको
सर जो किसान आंदोलन है जो भी मैं तो भाई
एक ऑपरेटर हूं जो भी पहले जो मेरे साथ हुआ
है वो बैरी गटर हटाने के बोल रहे थे इधर

से जब मैं अग्रवाल के पास में क्रेन लेके
आया था मैं अग्रवाल स्वीट जो दुकान है
कोने प उसी के पास में आया था मेरे पास ये
कब की बात बता र आप जब ये पिछली इससे पहले

किसान किसान आ आंदोलन हुआ था जी अच्छा तब
की आप बात कर रहे हैं क्या हुआ था
एगजैक्टली बताइए सर मैं यह कह रहा हूं जब
मेरे के जब मैं उधर से क्रेन लेकर आ रहा
मेरे को पकड़ लिया सरदार जी ने तो बोले कि

या तो बैरियर हटा दो जो घोड़े खड़े करने
के लिए जगह उनको चाहिए ह उधर वो पुलिस
वाले मने कर रहे थे बस इतना ही हुआ इसी
बात प मेरे प गर्दन पर तलवार रख दी अच्छा
मतलब आपके साथ ऐसा हुआ

वो बोले कि आप या तो पत्थर हटा दो मतलब
फिर बाद में घुमा के पुलिस वालों ने भी
साथ दिया और सरदारों ने भी जब फिर बाद में
पत्थर हटाए जी कन मेरे पकने के बाद फिर

कैसे आप वहां से निकल पाए बचकर फिर बच के
सर में कन फिर वह पत्थर हटा के कैसे ही
करके पुलिस वालों से भी बात की और इनसे भी
बात करके जब थोड़ा जगह करके फिर कन लेक आ

गया जी अच्छा अभी क्या लग रहा है अभी जो
हालात है यहां पर अभी तो कुछ बता नहीं
सकते जो भी है अब आगे पता चलेगा जो भी अब
देख इस बार पुलिस ने बहुत ज्यादा यहां पर

पूरे बैरिकेट्स लगा दिए आपको लग रहा है इस
बार किसान यहां तक पहुंच पाएंगे अबकी तो
कोई समना दिख नहीं रही ना कुछ भी अब पहले
जो पहले तो जो मान लो पहले से ही सारा की

कर दिया ना इस चक्कर में बिल्कुल तो अजय
जी हमें मिले तो हमने सोचा कि इनकी जो
कहानी है वह भी आप तक पहुंचा चाहिए
क्योंकि हर चीज के दो पहलू होते हैं दो

पक्ष होते हैं और हर चीज में हर तरह के
लोग भी होते हैं इन्होंने बताया लेकिन
मुझे ऐसा लगता है कि आपको डरने घबराने की
जरूरत नहीं है क्योंकि आंदोलनकारियों ने

भी यह कहा है कि हम शांतिपूर्वक प्रदर्शन
करेंगे हां जी और कोशिश करेंगे कि किसी भी
प्रकार की हिंसक घटनाएं ना हो और पुलिस और
प्रशासन भी यही कह रहा है लगातार जब हम

यहां पर आए उससे पहले हमने ऑफ द कैमरा
क्योंकि कई बार जो प्रशासन के लोग होते
हैं पुलिस के लोग होते हैं वह कैमरे पर
बोलने से बचते हैं तो जब हमने उनसे बात की
तो उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास यही है

हम यहां पर जो बैरिकेट्स जो हम लगा रहे
हैं जो बॉर्डर सीज कर रहे हैं हमारा
प्रयास यही है कि किसी भी प्रकार की
जानमाल की क्षति ना हो किसी प्रकार की

हिंसक घटनाएं ना हो किसी भी प्रकार से
किसी भी आम जन को प्रदर्शनकारियों को या
पुलिस के जवानों को भी कोई चोटें ना आए
किसी भी प्रकार से कोई हिंसा ना हो इसीलिए

ताकि हम उनको रोक द और शांतिपूर्वक समझाकर
लौटा दें ऐसा प्रशासन का कहना है जबकि
किसानों का कहना यह है कि अगर उनकी मांगे
नहीं मानी जाती तो वो दिल्ली की तरफ कूछ
करेंगे खैर सिंघु बॉर्डर के ये हालात हैं

बाकी किसान आंदोलन से जुड़ा हर वीडियो
आपको ललन टॉप पर सबसे पहले मिल रहा है ललन
टॉप देखते रहिए क्योंकि लगातार किसान
आंदोलन से जुड़ा कवरेज हमारे चैनल पर जारी
है कैमरे के पीछे हैं मेरे साथी मोहन मेरा
नाम है विपिन किराड देखते रहिए दिन टॉप
शुक्रिया

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