फाइटर जेट को मार गिराया इसको अमेरिका भी मांग रहा - Kabrau Mogal Dham

फाइटर जेट को मार गिराया इसको अमेरिका भी मांग रहा

भारत के सीक्रेट डिफेंस प्रोजेक्ट पर
अमेरिका का बड़ा खुलासा चीन और पाकिस्तान
की घातक मिसाइलें हो जाएंगी फुस दोस्तों
चीन अमेरिका और रूस जैसे देश हैरान हैं कि

आखिर भारत के डीआरडीओ ने ऐसी तकनीक कैसे
विकसित कर ली इजराइल भी हैरान है कि आखिर
भारत ने उसके आयरन डोम से भी बेहतरीन
मिसाइल डिफेंस सिस्टम कैसे विकसित कर लिया

जो आसानी से किसी भी तरह के बैलिस्टिक या
क्रूज मिसाइल अटैक को रोक सकता है फिर
चाहे वह शॉर्ट रेंज वाली मिसाइल हो या फिर
इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल हो जी

हां दोस्तों भारत उन देशों के लिस्ट में
शामिल हो चुका है जिनके पास बैलिस्टिक और
इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों को
रोक पाने की क्षमता मौजूद है फिर चाहे वे

परमाणु बम लेकर क्यों ना आ रही हो भारत के
पास अपना खुद का मल्टी लेयर बैलिस्टिक
मिसाइल डिफेंस सिस्टम मौजूद है ऐसे में
सवाल उठता है कि आखिर भारत का यह खुद का

मिसाइल डिफेंस सिस्टम कितना ताकतवर है इसे
देखने के तुरंत बाद आखिर क्यों दुनिया भर
के दर्जन भर से ज्यादा देश इसको खरीदने के
लिए टूट पड़े हैं और भारत को प्री ऑन

आर्डर देने में लगे हुए हैं दोस्तों आज की
इस वीडियो में हम भारत के इसी मिसाइल
डिफेंस सिस्टम की ताकत के बारे में बात
करेंगे वीडियो को पूरा देखने के बाद यकीनन

आपको अपने वैज्ञानिकों पर गर्व होगा
क्योंकि भारत के वैज्ञानिकों ने रूस के
s400 और इजराइल के आयरन डोम से भी ताकतवर
मिसाइल डिफेंस सिस्टम को तैयार कर डाला है

सबसे पहले जानते हैं आखिर भारत को अचानक
ऐसे मिसाइल डिफेंस सिस्टम की जरूरत महसूस
क्यों हुई है दोस्तों आप देख ही रहे होंगे
कि रूस यूक्रेन युद्ध में जब टैंक फाइटर
जेट और ड्रोन लगातार फेल हो रहे हैं तो

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ठान
लिया है कि वे यूक्रेन के ऊपर परमाणु
मिसाइलों का हमला कर सकते हैं और अगर रूस
की बैलिस्टिक मिसाइल फायर हुई तो यूक्रेन

छोड़िए 5 से 7 मिनट के भीतर पूरा का पूरा
यूरोप राख हो सकता है अमेरिका तक इन
मिसाइलों की आंच आने वाली है आप यह अंदाजा
लगाइए जिस दिन पुतिन का मूड घूम गया उस
दिन दुनिया में किस तरह की तबाही होगी अब

आपका सवाल होगा आखिर यहां मैं रूसी
मिसाइलों की बात क्यों कर रहा हूं तो
दोस्तों आपको बता दूं कि ऐसा भारत के साथ
भी हो सकता है चीन एक सिर भरा देश है और

पाकिस्तान पर भरोसा करना बेकार है
यानी यह दोनों देश कभी भी भारत के ऊपर
हमला बोल सकते हैं चीन के पास परमाणु
मिसाइलों की लंबी चौड़ी खेप मौजूद है

हालांकि चीन को जवाब देने के लिए भारत के
पास बॉर्डर पर s400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम
पहले से ही मौजूद है लेकिन बताया जा रहा
है कि शायद s400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम
इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइलों को रोकने में

कामयाब ना हो पाए हालांकि रूस इस बात का
दावा करता है कि उसका s400 मिसाइल डिफेंस
सिस्टम 400 किलोमीटर के दायरे में अपनी
तरफ आती किसी भी तरह की मिसाइल को रोक

सकता है लेकिन भारत किसी भी तरह का रिस्क
नहीं लेना चाहता लिहाजा 2022 में ही भारत
ने एक महा प्रोजेक्ट को शुरू कर दिया था
जो कि एक मिसाइल डिफेंस सिस्टम है लेकिन

इसकी रेंज इतनी है जिसके बारे में कोई सोच
भी नहीं सकता है जी हां दोस्तों मैं बात
कर रहा हूं भारत के बीएमडी शील्ड की जिसका
दूसरा चरण फिलहाल चल रहा है और दूसरे चरण
की पहली मिसाइल का टेस्ट किया जा चुका है

अब बारी है दूसरे चरण के दूसरे मिसाइल की
हालांकि अभी फाइनल स्टेज में है लेकिन
इसको लेकर दुनिया में कोहराम मचा हुआ है
पश्चिमी देश भारत के इस मिसाइल डिफेंस

सिस्टम को खरीदने के लिए आगे आ रहे हैं
वहीं अफ्रीकी देशों में इस तूफानी हथियार
का जलवा फैला हुआ है अफ्रीकी देश मुंह
मांगे कीमत पर भारत के इस हथियार को
खरीदना चाहते हैं दोस्तों भारत के स्वदेशी

मिसाइल डिफेंस सिस्टम को लेकर पहली बार
अमेरिका द्वारा कुछ ऐसा कहा गया है जिसे
सुनने के बाद आपका दिल भी बागबाग हो जाएगा
क्योंकि हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी के बाद

भारत का बीएमडी तमाम अमेरिकी तकनीकों पर
पानी फेरते हुए सबसे आगे निकल गया है खुद
रूस भी भारत की इस जबरदस्त तकनीक का फैन

बन चुका है और भारत इस मामले में पूरी
दुनिया से आगे निकल चुका है यानी कि
अमेरिका का थड इजराइल का आयरन डोम और रूस
के s400 और ए500 मिसाइल डिफेंस सिस्टम इस
हथियार के सामने पानी मांग नजर आएंगे

दोस्तों बीएमडी शील्ड को लेकर ऐसा ऐलान इस
इसलिए भी किया जा रहा है क्योंकि यह बात
खुद डीआरडीओ चीफ ने कही है दरअसल डीआरडीओ
ने खुशखबरी दी है कि दुनिया का सबसे

ताकतवर मिसाइल डिफेंस सिस्टम 2025 की
शुरुआत में बनकर तैयार हो जाएगा यानी कि
2025 तक इसके बचे हुए काम को कंप्लीट कर
लिया जाएगा और यह अपनी कैपेबिलिटीज पर काम

करना शुरू कर देगा डीआरडीओ द्वारा यह भी
कहा गया है कि बीएमडी को लेकर काम आखिरी
स्टेज में चल रहा है यानी कि एक साल के
भीतर भारत इसको लेकर पूरी तरह से तैयार हो

जाएगा बीएमडी शील्ड के लिए अहम एव मिसाइल
का सफल टेस्ट किया जा चुका है और जल्द ही
दूसरी मिसाइल को शामिल किया जाएगा जिसका
नाम है एडीटू मिसाइल जिसके बाद बीएमडी
शील्ड देश की सुरक्षा में लग जाएगा और

किसी भी खतरे को 6000 किलोमीटर दूर ही
मारकर गिरा देगा आप ही अंदाजा लगाइए कहां
केवल 400 किलोमीटर की रेंज और कहां 6000
किलोमीटर की रेंज दोस्तों इस समय

बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस के क्षेत्र में
टू टियर डिफेंस शील्ड को सबसे एडवांस माना
जाता है जो मिसाइल गिरने की गुंजाइश को
पूरी तरह से खत्म कर देता है भारत का

स्वदेशी बीएमडी कार्यक्रम पूरी तरह से टू
टियर बैलिस्टिक
मिसाइल डिफेंस शील्ड प्रोग्राम का हिस्सा
है जो देश को 6000 किलोमीटर दूर से आ रही
किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल या लड़ाकू विमान

से सुरक्षा प्रदान करेगा आपकी जानकारी के
लिए बता दूं कि बीएमडी के दो प्रमुख
हिस्से हैं पहला हिस्सा है पृथ्वी एयर
डिफेंस यानी कि पी एडी और दूसरा हिस्सा है

ए एडी यानी एडवांस एयर डिफेंस दोस्तों
पीडी हाई एल्टीट्यूड में आने वाले किसी भी
बैलिस्टिक मिसाइल को रोक पाने में सक्षम
है वहीं एडी को लोअर एल्टीट्यूड वाली

बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए तैयार
किया गया है यर डिफेंस शील्ड की पहली परत
एडी यानी पृथ्वी एयर डिफेंस है जो आसानी
से 50 से लेकर 180 किलोमीटर की बाहरी

वायुमंडलीय ऊंचाई पर मिसाइलों को रोककर
उनको नष्ट कर देगा पीडी के पास
674 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 3000
किमी दूर वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को मार
गिराने की क्षमता मौजूद है वहीं दूसरी परत

यानी कि एडवांस एयर डिफेंस कम ऊंचाई की
मिसाइलों को रोक देती है यह 40 किलोमीटर
मीटर की ऊंचाई पर बैलिस्टिक मिसाइलों को
खाक कर डालती है यानी कि अगर पीडी असफल भी

हो जाता है तो फिर एडी से कोई भी मिसाइल
नहीं पाएगी इस एंटी मिसाइल के साथ ही
डिफेंस सिस्टम में एक और ओवरलैपिंग
नेटवर्क मौजूद है जो रडार की मदद से पहले

ही वार्निंग देना शुरू कर देता है दोस्तों
यह सिस्टम किसी भी तरह के खतरे को भारत
में आने से पहले ही रोक देगा यानी कि भारत
के वैज्ञानिकों ने बहुत ही कमाल का
आविष्कार कर दिया है और इस महाबली हथियार

ने पूरी दुनिया में आग ही लगा दी है
दोस्तों भारत इस महाबली हथियार की मदद से
दुनिया में सबसे आगे निकल चुका है इस समय
तीन ही देशों के पास ऐसे सिस्टम मौजूद है

पहला है रूस दूसरा है अमेरिका और तीसरा है
इजराइल चीन इस समय अपने ब्लिस्ट मिसाइल
सिस्टम को अपग्रेड करने में जुटा हुआ है
वह कई बार इंटरसेप्टर मिसाइलों के सफल

परीक्षण के दावे कर चुका है लेकिन यह
कितने बार सफल हुए और कितने बार असफल हुए
इसको लेकर किसी के पास कोई सबूत मौजूद
नहीं है दोस्तों इसका एक छोटा सा उदाहरण

मैं आपको देता हूं चीन ने अपना एक ऐसा ही
सिस्टम पाकिस्तान को दे रखा है लेकिन जब
भारत से ब्रह्मोस मिसाइल मिसफायर हुई थी
तब पाकिस्तानी बॉर्डर पर तैनात चीनी

मिसाइल डिफेंस सिस्टम मुह ताकता रह गया था
उसे पता तक नहीं चला था कि कोई मिसाइल
उसके ऊपर से निकल गई है ऐसे में आप अंदाजा
लगा सकते हैं कि चीन का यह मिसा मि डिफेंस

सिस्टम कितना कारगर है लेकिन रूस अमेरिका
और इजराइल के पास पहले से ही टेस्टेड
मिसाइल डिफेंस सिस्टम मौजूद है ऐसे में
आपका सवाल होगा कि बीएमडी शील्ड रूसी

अमेरिकी और इजराइली डिफेंस सिस्टम से
ताकतवर कैसे हो सकता है तो दोस्तों सबसे
पहले बात करते हैं अमेरिका की जिसके पास
थर्ड मिसाइल डिफेंस सिस्टम मौजूद है इसे

बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने के लिए
डिजाइन किया गया है लेकिन इस सिस्टम की
तकनीक काफी पुरानी हो चुकी है वहीं भारत
के बीएमडी में सबसे लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का

इस्तेमाल किया गया है भारत के बीएमडी में
मल्टी लेयर सिस्टम लगा हुआ है थर्ड सिस्टम
में शामिल मिसाइलों में सिंगल स्टेज रॉकेट

इंजन का इस्तेमाल किया जाता है इसके उलट
रूस वाले s400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम में
मल्टी लेयर मिसाइल लगी हुई है यानी कुछ हद
तक s400 भारत के बीएमडी शील्ड जैसा ही है
लेकिन फिर भी भारतीय मिसाइलें

जिसमें पृथ्वी मिसाइलें शामिल हैं इनकी
स्पीड मार्ग क्षमता और सटीकता काफी एडवांस
है अकेले ए1 मिसाइल की रेंज ही 3000 किमी
है दोस्तों अमेरिका के थर्ड की बात करें

तो यह सिस्टम बैलिस्टिक मिसाइलों को उनकी
उड़ान के शुरुआती दौर में ही गिराने की
क्षमता रखता है यह सिस्टम हिट टू किल
तकनीक पर काम करता है मतलब यह मिसाइल को
रोकने और भटकाने की जगह उनको बर्बाद कर

देता है दावा किया जाता है कि अमेरिका का
थर्ड मिसाइल डिफेंस सिस्टम 200 किलोमीटर
की दूरी और 150 किमी की ऊंचाई तक मिसाइलों

की रफ्तार ता हज किमी प्रति घंटे के आसपास
होती है अगर बात करें इजराइल के आयरन डोम
की तो सबसे पहली बात तो यह है कि इसकी
सटीकता केवल 90 पर है यानी कि अगर 100

मिसाइलों से हमला किया जाता है तो यह
सिस्टम केवल 90 मिसाइलों को ही मार गिरा
पाएगा जबकि बीएमडी शील्ड किसी भी मिसाइल
को नहीं छोड़ता है क्योंकि यह कई लेयर में

काम करता है सबसे बड़ी बात यह है कि जिस
मिसाइल को फिलहाल इस सिस्टम में शामिल
किया गया है वही मिसाइल फिलहाल के लिए
2000 किलोमीटर की दूरी से आती किसी भी

मिसाइल को बेअसर कर सकती है रक्षा मंत्री
राजनाथ सिंह जी ने इस मामले में कहा है कि
ऐसी तकनीक फिलहाल के लिए भारत के पास ही
मौजूद है अमेरिका द्वारा किए गए दावे को

माने तो हाइपरसोनिक मिसाइलों को छोड़कर अब
कोई भी मिसाइल भारत का बाल भी बांका नहीं
कर पाएगी और अगर भारत को टारगेट भी किया

गया तो भारत उस मिसाइल को कहीं भी खत्म कर
सकता है यहां तक कि जहां से उस मिसाइल को
लांच किया गया हो सबसे बड़ी बात यह है कि
बीएमडी शील्ड को खरीदने के लिए अभी से
लाइन लगनी शुरू हो गई है चीन की जिन देशों
के साथ दुश्मनी है उनके अलावा कई अफ्रीकी

देश भी इस मिसाइल डिफेंस सिस्टम को खरीदना
चाहते हैं तो दोस्तों इस वीडियो में
फिलहाल के लिए बस इतना ही वैसे आपको क्या
लगता है क्या भारत को बीएमडी शील्ड का
एक्सपोर्ट करना चाहिए या इसे स्वदेशी तौर

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