पितृ पक्ष में ये ३ पौधे लगाने से होती है धन की प्राप्ति | Pitru Paksha - Kabrau Mogal Dham

पितृ पक्ष में ये ३ पौधे लगाने से होती है धन की प्राप्ति | Pitru Paksha

नमस्कार आप सभी का स्वागत है दोस्तों भगवान श्री कृष्ण ने तीन ऐसे शुभ वर्षों के बारे में बताया है जिनका रोपण करने से मनुष्य कई जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है इन वृक्षों का रोपण करने वाले मनुष्य के पित्र देव

अत्यंत प्रसन्न होते हैं श्री कृष्ण कहते हैं जिस मनुष्य की कोई संतान नहीं होती है उसके द्वारा लगाए गए वृक्ष उसके लिए श्रद्धा तथा दान करते हैं जो मनुष्य अपने पितरों के लिए वृक्ष लगता है उसके समस्त दुखों का नाश हो

जाता है पितरों की कृपा से उसे जीवन में सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है इसीलिए प्रत्येक मनुष्य को पितृपक्ष में इन तीन वर्षों का रोपण अवश्य ही करना चाहिए शास्त्रों के अनुसार प्रतिवर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की

पूर्णिमा से पितृपक्ष का आरंभ होता है पितृपक्ष को आध्यात्मिक पर्व कहा जाता है इस साल पितृपक्ष 29 सितंबर शुक्रवार के दिन प्रारंभ हो रहा है और 14 अक्टूबर के दिन पितृपक्ष का समापन होगापितृ पक्ष में जो भी मनुष्य

मृत्यु को प्राप्त हो जाता है उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है भगवान विष्णु से वरदान प्राप्त कर समस्त पितृगन पितृपक्ष में अपने परिजनों से मिलने के लिए पृथ्वी पर पधारते हैं अपने प्रिय जनों द्वारा दिए गए सम्मान से वे अत्यंत संतुष्ट

होकर उन्हें आशीर्वाद प्रदान करते हैं इसी कारण से प्रत्येक मनुष्य को पितृपक्ष में अपने पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए विधि विधान से श्रद्धा तथा तर्पण करना चाहिए पितरों के लिए दान धर्म करना चाहिए द्वार पर आए या काको

को सम्मान से भोजन करना चाहिए पितृपक्ष में कौवा गए तथा कुत्ता आदि प्राणियों को भोग चढ़ाना चाहिए श्री कृष्ण कहते हैं जो मनुष्य पितरों के लिए श्रद्धा तथा दान धर्म नहीं करता है उसके पुण्य कर्म नष्ट हो जाते हैं पितरों

का अपमान करने वाले को पितृ दोष लग जाता है जिससे उसके जीवन में कई समस्याएं प्रकट हो जाती है पितृ दोष से व्यक्ति अपना मान सम्मान खो देता हैपूर्वजों द्वारा अर्जित धन संपत्ति का नाश हो जाता है इसीलिए मनुष्य

को भूल से भी अपने पितरों का अपमान नहीं करना चाहिए जो व्यक्ति पितरों के लिए वृक्ष लगता है उनके लिए दान धर्म करता है उसे पितरों का आशीर्वाद मिलता है पितरों के आशीर्वाद से वह व्यक्ति सदैव भी उन्नति करता

है तो चलिए जान लेते हैं पितृपक्ष में कौन से वृक्ष लगाने से मनुष्य को पितरों की कृपा प्राप्त होती है और उसके जीवन में सुख समृद्धि आती है दोस्तों अगर आपने अभी तक इस चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है तो

सब्सक्राइब जरूर करें साथ ही वीडियो को लाइक करना ना भूले और कमेंट में जय श्री कृष्णा जय पित्र देव जरूर लिखें सबसे पहले है पीपल का वृक्ष श्री कृष्ण कहते हैं वर्षों में मैं अश्वेत हूं पीपल को संस्कृत भाषा में अश्वेत

कहा जाता है यह वृक्ष अत्यंत पवित्र है इसमें समस्त देवी देवताओं का वास होता है पीपल की जड़ में विष्णु तने में केशव शाखों में नारायण पत्तों में भगवान हरि और फलमें सभी देवताओं के साथ अछूत सदा निवास करते हैं

इसलिए इसे साक्षात विष्णु स्वरूप बताया गया है पीपल के पेड़ को पानी देने से व्यक्ति जन्म जन्म के पापों से मुक्तिपा जाता है माना जाता है कि पितृपक्ष में समस्त पितृगन पीपल के माध्यम से ही पृथ्वी लोक पर प्रकट होते

हैं इसीलिए पितृपक्ष में पीपल पर पितरों का वास होता है प्रत्येक मनुष्य को पितृपक्ष में पीपल के वृक्ष की पूजा अवश्य ही करनी चाहिए पीपल को चढ़ाया हुआ जल तथा अन्य पितरों को प्राप्त होता है श्री कृष्ण कहते हैं जो

मनुष्य पीपल का वृक्ष लगता है उसके समस्त पापों का नाश होता है यह वृक्ष जितने वर्षों तक पृथ्वी पर जीवित रहता है उतने वर्षों तक उसके लिए पुण्य अर्जित करता है पितरों के लिए पीपल के वृक्ष का रोपण करने से मनुष्य

के पितृ गण प्रसन्न होकर उसे सुख समृद्धि प्रदान करते हैं पीपल में मां लक्ष्मी का वास होता है इसीलिए जो भी इसका रोपण करता है उसे धन संपत्ति की प्राप्ति होती है दूसराहै बेल का वृक्ष बेल का वृक्ष भगवान शिव को

सबसे अधिक प्रिय होता है यह वृक्ष जिस स्थान पर होता है वहां पर कभी दुष्ट शक्तियों वास नहीं करती हैं भगवान शिव पर बिल्व पत्र चढ़ाने से वे अत्यंत प्रसन्न होते हैं पितृपक्ष में इस वृक्ष को अपने घर के आंगन में लगाने से घर

में सुख समृद्धि आती है और पित्र देव अत्यंत प्रसन्न होते हैं तीसरा है तुलसी का पौधा भगवान श्री कृष्ण कहते हैं तुलसी सबसे अधिक पवित्र पौधा है भगवान विष्णु तुलसीपत्र के बिना भोग स्वीकार नहीं करते हैं जिस स्थान पर

तुलसी का पौधा होता है वहां पर मां लक्ष्मी निवास करती है श्री कृष्ण के अनुसार महाराणा सानिया व्यक्ति के मुख में तुलसी पत्र डालने से उसके समस्त पापों का नाश हो जाता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है इसी

कारण से पितृपक्ष में तुलसी का बहुत अधिक महत्व होता है पितृपक्ष में पितरों के लिए तुलसी के पौधे का रोपण अवश्य करना चाहिए

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