त्राटक साधना कया है?त्राटक साधना से माँ काली? की सिद्धी कैसे प्राप्त होगी!!दिव्य दृष्टि ?कैसे खुलेगी - Kabrau Mogal Dham

त्राटक साधना कया है?त्राटक साधना से माँ काली? की सिद्धी कैसे प्राप्त होगी!!दिव्य दृष्टि ?कैसे खुलेगी

नमस्ते दोस्तों सबसे पहले आप सबको मेरी

तरफ से जय माता

दी तो दोस्तों आज का जो टॉपिक

है कि अगर आपको हो रहे हैं यह अनुभव तो

मान लीजिए आपके इट आपके घर के मंदिर में

विराजमान

है जी फ्रेंड्स जब हम पूरे श्रद्धा भाव से

भक्ति से मां काली की पूजा करते हैं या

फिर जो भी आपके इष्ट हो जिनकी भी आप पूजा

करते हैं जैसे श्री कृष्ण जी है भगवान शिव

है मां दुर्गा है वैसे तो मां दुर्गा मां

काली माता रानी तीनों एक ही है तो आप

जिसकी भी पूजा करते हैं जो भी आपकी इष्ट

है अगर पूरी श्रद्धा भाव और भक्ति से आप

पूजा पाठ कर रहे

हैं तो भगवान आते हैं और भगवान जब आते

हैं तो वह कुछ संकेत ऐसे देते हैं कि

जिनसे आप यह पता कर सकते हैं कि आपके घर

में आपके घर के मंदिर में आपके इष्ट स्वयं

विराजमान है और वह कैसे विराजमान है आपकी

पूजा पाठ से आपकी सच्ची श्रद्धा और भक्ति

भाव

से प्रसन्न हो होकर आपके घर के मंदिर में

विराजमान होते हैं तो इसके कुछ संकेत होते

हैं कुछ अनुभव होते हैं जो आपको महसूस

होते हैं जो संकेत आपको दिखाई देते हैं तो

आइए जानते हैं कि वह क्या संकेत है जिससे

हमें यह पता चलेगा कि हमारे जो इष्ट है वह

हमारे घर के मंदिर में विराजमान हो गए

हैं तो सबसे

पहले बात करते हैं नंबर एक तो पहला

जो संकेत है वह यह होता है कि आपको लंबी

लंबी उ बासिया आने लगेगी

जी दोस्तों क्योंकि पहले आपको यह चीज नहीं

होती थी लेकिन अब यह चीज

होंगी जब आप पूजा करते हैं पूजा पाठ करने

के समय में या फिर मंत्रों का जाप करने के

समय में आपको लंबी लंबी उबासी आने लगेंगी

आपने यह चीज गौर किया होगा कि पहले ऐसा

नहीं होता था लेकिन अब ऐसा हो रहा है तो

यह क्यों हो रहा है कि यह एक संकेत है कि

मां काली ने या फिर जो भी आपके इष्ट है

उन्होंने आपके घर में स्वयं विराजमान होने

का निर्णय लिया है आपकी सच्ची श्रद्धा भाव

भक्ति से प्रसन्न होकर वह आपके घर के

मंदिर में विराजमान

हुए हैं अब बात करते हैं दूसरे संकेत की

तो दूसरा जो संकेत

है वह है अगर

आप अगरबत्ती जलाते हैं अपने पूजा करते समय

अगर आप अगरबत्ती जलाते हैं तो अगरबत्ती से

जो धुआ निकलता है वह धुआ आपके ईट की ओर

जाने लगता है जबकि वहां कोई हवा नहीं

कोई हवा चल नहीं रही है कोई पंखा नहीं है

फिर भी आप यह चीज देखेंगे कि वह धुआ जो

अगरबत्ती से निकल रहा है वह आपकी इष्ट की

तरफ जाने लगता है अगर यह चीज आप देखते

हैं तो आप समझ लीजिए कि आपके इष्ट आपके

मंदिर में विराजमान है तभी यह चीज हो रहा

है क्योंकि आमतौर पर अगरबत्ती का जो धुआ

है वो ऊपर की ओर जाता है या फिर जिस तरफ

हवा चल रही होती है उस तरफ जाता है तो अगर

यह दोनों ही चीज नहीं होकर इसके विपरीत

मतलब अगरबत्ती का जो धुआ है वह आपके इष्ट

की ओर आपके देवी देवता की ओर जा रहा है तो

आप समझिए कि यह मां के तरफ से आपको एक

संकेत है कि आपके मंदिर में मां स्वयं

विराजमान है या फिर आपके जो इष्ट है उनके

तरफ से यह संकेत कि वोह आपके मंदिर में

विराजमान हो चुके

हैं अब बात करते हैं तीसरे संकेत की तो

तीसरा संकेत

है दीपक की लौ का तेज

होना जब आप पूजा करते हैं और जब आप दीपक

को जलाते हैं मां के

सामने तो दीपक का जो लॉ है वह आप देखेंगे

कि ऊपर की ओर उठती चली जाएगी एकदम ऊपर की

ओर ऊंचाइयों की तरफ उठती चली जाएगी कि

मतलब आप सोच में पड़ जाएंगे कि यह लॉ आखिर

इतनी तेज क्यों हो रही है इतनी ऊपर की ओर

तेज क्यों हो रही है ऐसा कैसे हुआ और यह

चीज होता है जब भगवान आपके मंदिर में

विराजमान होते हैं तो ऐसे बहुत से संकेत

आपको दिखाई देते

हैं तो उनमें से यह एक संकेत जब आप अपने

इष्ट के सामने दीपक को प्रज्वलित करते हैं

दीपक जब चलाते हैं तो दीपक की ल ऊपर की ओर

उठती चली जाएगी और बहुत तेज हो

जाएगी तो यह एक संकेत है कि आपके इष्ट

आपके मंदिर में विराजमान है अब बात करती

हूं चौथे अनुभव के तो चौथा अनुभव या

संकेत क्या है

तो चौथा

अनुभव यह है कि आपको सपने में मां के

दर्शन होना या फिर आपके ईष्ट के दर्शन

होना सपने में आपके इष्ट आपको आके दर्शन

देते हैं आप कुछ भी देख सकते हैं जो भी

आपके इष्ट हैं अगर आप श्री कृष्ण की पूजा

करते हैं तो आप लड्डू गोपाल देख सकते हैं

सपने में या फिर उनकी पूजा कर रहे यह देख

सकते या फिर उनका कोई मंदिर देख सकते हैं

या फिर उनकी बांसुरी देख सकते या फिर मोर

पंख देख सकते हैं ऐसा

आपको दिखाई पड़ सकता है सपने में अगर आप

माता काली के भक्त है तो उनसे जुड़ी हुई

चीज आपको दिखाई देगी सपने में या फिर आप

शिव जी के भक्त तो उनसे जुड़ी हुई चीज जो

है आपको सपने में दिखाई देगी तो भगवान

आपको सपने में दर्शन ी देते हैं जब वह

आपके पूजा पाठ से खुश होते हैं जब आपके

आसपास होते हैं आपके मंदिर में विराजमान

होते हैं आपको देख रहे होते हैं तभी वह

आपको दर्शन देते हैं आपकी पूजा पाठ से

प्रसन्न होकर आपके आसपास रहते हैं तो अपने

इष्ट का सपने में दर्शन पाना या फिर उनसे

जुड़ी किसी चीज की दर्शन सपने में पाते

हैं अगर आप तो आप समझ लीजिए कि आपके इष्ट

आपके मंदिर में विराजमान

है अब पांचवा जो संकेत है वह यह है कि मां

को निहारते रहना जी हां जब आप पूजा पाठ

में एकदम लीन हो जाते हैं मां की भक्ति

में या फिर अपने इष्ट की भक्ति में लीन हो

जाते

हैं तो उनको निहारते रहते

हैं और उनको निहारते निहारते कितना सम सम

बीत जाता है इस बात का आपको पता भी नहीं

चलता क्योंकि आप उनकी भक्ति में एकदम लीन

हो जाते

हैं और

बस देखते हैं निहारते हैं और मन में यही

सोचते हैं कि आज मेरे इष्ट कितने सुंदर लग

रहे हैं ऐसा व्यतीत होता है मन में कि

मेरे इष्ट मुझे देख रहे हैं और मैं अपने

इष्ट को देख रही हूं ऐसा लगता है कि अब

मेरे इष्ट कुछ बोल पड़ेंगे

या फिर वह मुझसे कुछ कह रहे

हैं या फिर वह अपने पलके झपका देंगे ऐसा

मन में प्रतीत होने लगता है हमारे मन में

बहुत तरह की धारणाएं बनने लगती है और हम

अपने इष्ट को देखते निहारते कितने समय बीत

जाते हैं इस बात का हमें कोई ध्यान कोई

ख्याल नहीं होता क्योंकि हम अपने इष्ट के

भक्ति भाव में लीन हो जाते

हैं तो अगर यह संकेत आपको मिलता है क्या

आप अपने इष्ट को निहारते रहते हैं उनको

निहारने का ख्याल आपके मन में आता है और

उनको निहारते निहारते कितना समय बीत गया

होता है इस बात का आपको ध्यान ही नहीं

होता तो अगर यह संकेत आपको मिलते हैं या

फिर यह अनुभव आपके साथ हो रहा है तो आप

समझिए कि आपके इष्ट आपके घर के मंदिर में

विराजमान

है जो भी बातें मैंने आपको बताई है वह

बिल्कुल सच

है और अगर यह संकेत सच में आपको मिल रहे

हैं अगर यह अनुभव आपके साथ जरूर हो रहा है

अगर तो आप मान के चलिए कि आपके इष्ट आपके

मंदिर में विराजमान है और आपके आसपास है

और हमेशा आपके साथ रहने वाले हैं आपके

बड़े से बड़े दुखों का कष्टों का निवारण

होने वाला है आपकी मनोकामनाएं पूरी होने

वाली है आपके जीवन के सारे जो भी दुख दर्द

है वह दूर होने वाले हैं क्योंकि जब इष्ट

साथ होते हैं और हमारे इष्ट का हाथ हमारे

सर पर होता है तो हमारा

कोई कितना भी बड़ा से बड़ा दुख भी क्यों

ना हो वह हमें कुछ नहीं कर सकता हमारा कुछ

नहीं बिगाड़

सकता तो चलिए फ्रेंड्स आशा करती हूं कि

वीडियो आप लोगों को बहुत ज्यादा

इंफॉर्मेशन लगा

होगा अब आप लोगों से अल विदा लेती हूं

मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में तब तक के

लिए जय माता दी जय मा काल

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