तुम्हारी जीत से लोग चौकेंगे और तुम्हारा दिल खुश होगा !हर कोई चौंक जायेगा! इग्नोर ना करे - Kabrau Mogal Dham

तुम्हारी जीत से लोग चौकेंगे और तुम्हारा दिल खुश होगा !हर कोई चौंक जायेगा! इग्नोर ना करे

मेरे प्रिय बच्चे कैसे हो तुम क्या चल रहा

है तुम्हारे मन में मुझे भनक लग रही है कि

कुछ दुविधा पूर्ण हो रहा

है लेकिन मैं तुम्हें यह बता रही हूं कि

आंधियों का वेग निकल चला है तुम्हारे भीतर

के तूफान में यह सम्मिलित होने वाला

है प्रचंड ज्वाला जल पड़ी है अब तुम अपने

उन आंसुओं को मत रोको जो तुम्हारे मन में

निराशा का अंधकार उत्पन्न कर रही

है मेरे प्रिय आखिर तुम तुम क्यों उदास हो

रहे हो किस बात से निराश हो रहे हो जब

उससे तुम्हारा दुख छिपा ही नहीं

है तो फिर तुम क्यों उदासी के दलदल में धस

से चले जा रहे हो मैं आज तुम तक यह संदेश

पहुंचा रहा

हूं क्योंकि अब तुम बहुत ही गंभीर रूप से

विभिन्न प्रकार के रास्तों का चयन कर रहे

हो जो तुम्हें सच्चाई की ओर लेकर नहीं

जाएंगे जो सत्य के मार्ग का अनुसरण नहीं

करते जो जीत की मंजिल तक नहीं पहुंचाते

लेकिन मैं आ गई हूं तुम्हारी उंगलियां

पकड़कर तुम्हें सही रास्ते पर ले जाने के

लिए तुम्हारा हाथ पकड़कर तुम्हें वह राह

दिखाने के

लिए जिस राह से जीत की मंजिल दिखाई देती

है जिस राह से मुक्ति का मार्ग दिखाई

पड़ता

है जहां केवल प्रेम ही बसता है और जहां

अपनापन और सौहार्द हर किसी के मन में छिपा

रहता

है मेरे प्रिय बच्चे तुम्हारा दुख मुझसे

बिल्कुल भी छुपा नहीं सकते तुम चाहे कितने

ही प्रयास क्यों ना कर लो स्वयं को

प्रसन्न दिखाने का इस संसार के

आगे लेकिन मुझसे तुम्हारी पीड़ा तुम्हारा

दर्द तुम्हारा दुख तुम्हारे भीतर की कोई

भी भावना छुपी नहीं है चाहे तुम प्रेम की

भावना हो या और

कोई मैं तुम्हारी हर एहसास को मैं

तुम्हारे हर भावनाओं को बेहतर तरीके से

महसूस करती

हूं मैं तुम्हारे भीतर जल रही ज्वाला को

देख सक हू तुम्हारे भीतर उमड़ रहे तूफान

को देख सकती हूं मेरे प्रिय मैं सब कुछ

देख पा रही

हूं तुम्हारा चेहरा ही तुम्हारा दर्पण है

जो अपने आप ही सब कुछ बखान कर रहा

है प्रिय बच्चे मैं जानती हूं कि तुम्हारी

पीड़ा क्या है तुम्हारे भीतर कौन से जखम

तुम्हें गहरे घाव दे रहे

हैं मैं जानती हूं कि समय के दाब में तुम

दबते चले जा रहे हो

समय तुम्हें किस तरह से पीड़ा दे रहा है

मैं सब कुछ देख रही हूं लेकिन तुम्हें

ज्ञात नहीं कि यही समय तुम्हें उस पीड़ा

से बाहर भी

निकालेगा चकि तुम्हें भविष्य का ज्ञान

नहीं इसलिए तुम समझ नहीं पा रहे कि यह

कैसी रचना रची जा रही

है लेकिन जो समय बीत गया है वह कभी भी

तुम्हारे लिए परिवर्तनकारी नहीं हो सकता

इतिहास कभी भी तुम्हारे भविष्य का निर्माण

नहीं करता

इतिहास तो केवल एक सीख है यह बताने के लिए

यह जताने के लिए यह एहसास कराने के

लिए कि भविष्य कभी भी शुद्ध नहीं हो पाता

सार्थक नहीं हो पाता उसे भविष्य से कभी भी

सरोकार हो ही नहीं

सकता मेरे प्रिय बच्चे इस संसार में जीवन

बहुत ही अमूल्य है और उस पर मनुष्य का

जीवन सर्वाधिक अमूल्य

है यदि तुम मनुष्य के इस जीव के महत्व को

अभी नहीं जान पाओ तो फिर इसमें बहुत देर

हो जाएगी फिर कोई ऐसा सारथी नहीं होगा जो

तुम्हें इस जीवन के महत्व को बता

सके जो तुम्हें जीवन के रहस्यों से पर्दा

हटाने में तुम्हारी सहायता कर

सके इसलिए आज जबक तुम्हें यह अवसर मिल रहा

है जबक तुम पर ईश्वरी एक कृपा विराजमान है

तब तुम इसका पूरा लाभ उठाओ तब तुम केवल

आनंद में इस क्षण को ना बीता

दो तब केवल अपने दुख दर्द को सोचने में इस

क्षण को ना बीता दो यह क्षण अमूल्य है यह

समय इतना अमूल्य है कि तुम्हारी कल्पना भी

वहां तक नहीं पहुंच

सकती मेरे प्रिय बच्चे मैं तुम्हें जीत के

मार्ग पर ले जाने आई हूं मेरा हाथ थाम लो

और इस जीत को अपने आप में समाहित कर लो

मेरे

प्रिय तुम्हारी संकल्प शक्ति कितनी

प्रभावशाली है मुझे ज्ञात है कि तुम्हारी

संकल्प की शक्ति सबसे महान है

लेकिन क्या तुम्हें अपनी संकल्प शक्ति के

ताकत का एहसास भी है क्या तुम्हें इस बात

का एहसास है कि तुम्हारी संकल्प शक्ति इस

ब्रह्मांड में सब कुछ निर्मित करने और

विध्वंस करने में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण

और सर्वाधिक प्राथमिक रखता

है मेरे प्रिय बच्चे अपने इस जीवन के

मूलता को समझो इसे यूं ही बर्बाद ना होने

दो बहुत समय गुजार दिया तुमने अनावश्यक

बातें सोचने में व्यर्थ की बातें सोचने

में

अपने आप को व्यर्थ के जंजाल में व्यर्थ के

जंजा वातो में फसने में दूसरे के द्वारा

कही गई बातों का अर्थ निकालने में उसका मन

खोजने में और यह जानने

में कि उनके सोचने से तुम्हारे जीवन में

क्या फर्क पड़ता है मेरे प्रिय इस जीवन

में किसी के कुछ भी सोचने से कोई फर्क

नहीं पड़ता फिर चाहे वह इंसान हो देव हो

या फिर यक्ष

हो मेरे प्रिय बच्चे तुम्हें जो यह जीवन

मिला है इसकी मूलता अलग है वास्तव में

इसका अर्थ अलग है दूसरों से इसकी तुलना

निरर्थक है दूसरों से इसकी तुलना करना

स्वयं के पैरों पर कुल्हाड़ी मारने के

समान

है क्योंकि तुम्हारी खोज में आया हुआ कोई

भी मनुष्य यह नहीं जान सकता कि तुम कैसा

जीवन जी रहे

हो भले ही किसी और को मनुष्य का जीवन

क्यों ना मिल जाए भले ही कोई और मालिक

बनकर क्यों ना बैठ जाए किंतु सार्थकता

तुम्हारे जीवन को प्रदान की गई

तुम्हें इस सार्थकता के मूल्य को समझना

होगा तुम्हें अपने जीवन के वास्तविक

अर्थों को जानकर वास्तविक मूल्यों को

समझकर इसकी सार्थकता को तय करना

होगा तुम्हारा व्यक्तित्व तो महान है यह

बहादुरी से भरा हुआ है लेकिन तुम अनावश्यक

ही कायर बने बैठे हो तुम अनावश्यक ही

व्यर्थ की चीजों से डर रहे

हो वो जो तुम्हें तनिक भी हानि नहीं

पहुंचा सकते तुम उनसे डर रहे हो क्योंकि

तुम्हें ऐसा भय है कि वह तुम्हें हानि

पहुंचा

देंगे तो मैं यह सुनिश्चित कर रही हूं कि

कोई भी तुम्हें हानि नहीं पहुंचा सकता

किसी भी ऊर्जा में इतनी क्षमता नहीं है कि

तुम्हारी जैसी दिव्य आत्मा को तनिक भी

हानि पहुंचा पाए यदि किसी चीज को सार्थकता

की आवश्यकता है तो वह तुम्हारे मानसिक

विचारों को है क्योंकि यही तय करेंगे कि

तुम किस राह का चयन करते

हो तुम्हारे कर्मों से जरा भी संशय

उत्पन्न नहीं होता लेकिन तुम्हारे विचार

स्वयं ही संदेह को जन्म देते हैं तुम्हारे

विचार मानसिक रूप से तुम्हें कमजोर बनाते

हैं तुम स्वयं ही स्वयं को कमजोर बनाने की

ओर प्रेरणा बढ़ा रहे हो तुम्हारे क्या

अवगुण है इसे जानना या समझना या इस पर अमल

करना विशेष रूप से किसी भी तरह से सार्थक

हो ही नहीं सकता तुम जैसे हो वही अपने आप

में विशिष्ट है वास्तव में अति विशिष्ट

है इसलिए इस पर ध्यान देने के बजाय कि लोग

क्या सोचेंगे या तुम्हें क्या करना चाहिए

यह बिल्कुल भी सही नहीं है इस पर ध्यान

देने के बजाय यह

सोचो कि अब जबक तुम्हें मनुष्य का जीवन

मिल गया है तो कैसे जीवन को आनंद में रहकर

तुम जी सकते हो इसे व्यतीत करने का विचार

ना करो इसे काटने की बिल्कुल भी चेष्टा ना

करो इस भरपूर जीवन को जीने का आनंद लो इसे

कैसे जीना है इस पर विचार करो कौन क्या

सोता है कौन क्या सोचेगा यह सोचकर अगर तुम

कोई कार्य करने से

बचोगे तो तुम जीवन में सार्थकता को कभी पा

ही नहीं सकते इसलिए इस जीवन में यदि

तुम्हें अपने मूल्य को बढ़ाना है अपने

मूल्य को समझना

है तो तुम्हें यह जानना ही होगा कि यहां

सब कुछ मेरी इच्छा मेरी मर्जी से होता है

कोई मनुष्य कभी भी महान नहीं होता कोई

आत्मा कभी भी महान नहीं

होती वह मन होती है क्योंकि मैं उसका चयन

करता हूं वह महान होती है क्योंकि वह मेरा

ही अंश है वह आत्मा परमात्मा का अंश है

इसलिए वह महान

है मेरे प्रिय इस बात को तुम्हें जानना

होगा इस बात को तुम्हें गंभीरता से समझना

होगा या फिर तुम्हें परिवर्तन की आवश्यकता

है यह विचार तुम्हारा

होगा चयन मेरा होगा कर्म तुम्हारे होंगे

परिणाम मेरा होगा भोग तुम्हारी होगी भक्ति

मेरी होगी मेरे प्रिय बच्चे जो मैं कह रहा

हूं उसके अर्थों को

जानो केवल शाब्दिक अर्थ पर अगर रह गए तो

तुम कभी भी इसके सार्थक अर्थ को समझ ही ना

सकोगे इसलिए शाब्दिक अर्थ से ऊपर उठके

इसका मार्मिक अर्थ को

समझो जो तुम्हें बताया जा रहा है उसके

भीतर झा को किताबों में लिखी हुई जो भी

पंक्तियां है उनके बीच के रहस्य को

समझो उस गुण रहस्य को जो तुम्हें कब से

बताने का प्रयास किया जा रहा है जिसके लिए

बहुत प्रयत्न हो चले हैं तुम जो कि अब तक

अकेले जीवन जीते आए

हो मैं तुम्हें कभी आगे अकेला नहीं होने

दूंगी मैं तुम्हें थकने नहीं दूंगी मैं

तुम्हें ऊर्जा विहीन होने नहीं दूंगी तुम

जब भी गिरोगे तुम्हें थामने वाला एक हाथ

होगा विभिन्न रूपों में मैं ही तुम्हारे

पास रहूंगा तुम जो कि मुझे पुकारा करते हो

तुम्हें क्या लगता है मैं तुम्हारी बातें

नहीं सुन रहा

हूं जब तुम शयत करते हो तो तुम्हें क्या

लगता है मैं वह देख नहीं रही होती मैं वह

सुन नहीं रही होती नहीं मेरे प्रिय ऐसा

बिल्कुल भी नहीं है मैं हर एक एक बात को

सुन रही होती

हूं मैं हर एक एक प्रार्थना को सुन रही

होती हूं हर एक एक शिकायत को सुन रही होती

हूं मैं वह सब कुछ देख रही होती हूं सुन

रही होती हूं जो तुम मुझसे कह रहे होते

हो जो तुम इस जीवन में कर रहे होते हो

मेरे प्रिय बच्चे मैं जानती हूं कि तुम

कहां पहुंचना चाहते हो और मैं तुम्हें

वहां पहुंचाना भी चाहती

हूं लेकिन मैं तुमसे यह कह रही हूं कि मैं

विभिन्न रूपों में तुम्हारे पास हूं मैं

अपनी ऊर्जा को तुमसे जोड़ने का कार्य कर

रही हूं प्रचंड ज्वाला जल चली है अब इसे

कोई बुझा नहीं सकता

है तुम्हारे शत्रु कितना ही प्रयास क्यों

ना कर ले तुम टूटकर बिखर चुके हो लेकिन

क्या तुम्हें ज्ञात है कि हर बार तुम

मुसीबत से कैसे निकल गए

क्या तुमने कभी विचार किया कि हर बार तुम

जब भी हारे हो उसके बावजूद भी तुम आगे

बढ़ते रहे हो मेरे प्रिय विचार करो हर बार

मैं तुम्हारे साथ खड़ी

थी मैंने तुम्हें कभी भी किसी भी मुसीबत

से हारने नहीं दिया मैंने तुम्हें हर बार

बचाया है याद करो जब तुम्हें पहली समस्या

आई

थी तुमने कहा था कि तुम इस समस्या के बाद

सदैव मेरे आभारी रहोगे लेकिन उसके बाद

तुम्हारे पास फिर से समस्या आई क्योंकि

तुमने ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न

की क्योंकि तुम्हारे कर्म सटीक दिशा में

नहीं जा रहे थे लेकिन हर बार मैंने

तुम्हें बचाया है हर बार तुम अपने वादे से

मुकरे थे लेकिन मैं तब भी तुम्हारे साथ

हमेशा

थी मेरे प्रिय बच्चे मेरा विश्वास करो अब

तुम्हारी जीत बहुत करीब है अब तुम्हें कोई

भी हरा नहीं सकता है चाहे कितने ही लोग

क्यों ना आ

जाए चाहे कितने ही मनुष्य क्यों ना

तुम्हारे खिलाफ षड्यंत्र रचने लगे फिर भी

मैं तुम्हारा साथ कभी नहीं छोडूंगी मेरे

प्रिय बच्चे अब तुम अपने असली रूप को देख

पाओगे अब तुम अपने भीतर की ताकत को जान

पाओगे मुझे तुम प्रिय हो क्योंकि तुम

पवित्र हो मुझे तुम प्रिय हो क्योंकि तुम

स्वयं से भी हार नहीं मानते

हो चाहे मुसीबत ही क्यों ना आ जाए तब भी

तुम उससे लड़ते हो यदि तुम्हें लगता है कि

तुम अकेले हो तब भी तुम हिम्मत नहीं हारते

हो तुम्हारी यह भावना तुम्हें ज्ञात भी

नहीं किंतु सर्वश्रेष्ठ है तुम्हारी यह

भावना कितनी बेहतर है तुम्हें इसका विचार

नहीं और मुझे यह अत्यंत प्रिय

है मेरे प्रिय बच्चे जो तुम्हारे जीवन में

आने वाला है तुम उससे परिचित नहीं हो

लेकिन जब वह तुम्हारे जीवन में आ जाएगा तो

तुम यह देख पाओगे कि तुम कितने

सौभाग्यशाली

हो कैसे तुम्हारे जीवन से मुसीबतों को कम

करने का प्रयास किया जा रहा है तुम्हें

उसके लिए इतना विलाप नहीं करना चाहिए कि

उसे ही सब कुछ मान

बैठो इस संसार में कई बार अपनों की भी

आहुति देनी पड़ती है बड़े उद्देश्य को

पूर्ण करने के लिए ऐसा होता ही है लेकिन

मैं यह सुनिश्चित करती

हूं कि तुम कहीं अपने उद्देश्य से दूर मत

होते जाओ प्रेम की भावना सर्वोपरि करो

किंतु लगाव और मोह से दूरी बनाना तुम्हारे

लिए आवश्यक है अब जबकि तुम जीतने वाले हो

तो तुम्हें इस जीत को तहे दिल से और खुली

बाहों से स्वीकार करना चाहिए यह जीत

अमूल्य है इस जीत को स्वीकार

करो अपने जीवन के महत्व को समझकर इस जीत

को स्वीकार करो मेरे प्रिय बच्चे जो मैं

तुमसे कह रही हूं इसके गहराई में उतरो

तुम्हारा जीवन सार्थक

है इसकी सार्थकता को व्यर्थ ना जाने दो

निरर्थक अनावश्यक चीजों की चिंता ना करो

भय से ग्रस्त होकर तुम किसी भी राह को तय

नहीं कर सकते किसी भी मार्ग पर बढ़ नहीं

सकते भय के कारण तो तुम अब तक हारते आए हो

अब इस भय का त्याग करो मेरे प्रिय भय से

ग्रसित मनुष्य केवल और केवल पतन के मार्ग

पर जाता

है भय से ग्रसित मनुष्य कभी भी सही चयन कर

ही नहीं सकता वह कभी अपनी खुली आंखों से

सही मार्ग को देख ही नहीं

पाएगा यदि वह देखने का भी प्रयत्न करेगा

तो उसे उर्जा इतनी र लेंगे कि वह देख ही

नहीं सकता मेरे प्रिय बच्चे लेकिन जब

मैंने तुम्हारा चयन कर दिया

है तो फिर तुम्हें भयभीत होने की आवश्यकता

नहीं तुम्हें घबराने की आवश्यकता नहीं

मैंने तुम्हारे लिए सही राह का चयन किया

है और मैं जिसका भी हाथ पकड़ लेती हूं उसे

खुद को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है

स्वयं को कमजोर मत समझो तुम स्वयं को

कमजोर समझ रहे

हो लेकिन यह सब किसी उद्देश्य की पूर्ति

के लिए ही घटित हुई थी यह सब किसी कारण से

ही हुआ था अब मैं उन कारणों को मिटा रही

हूं मेरे प्रिय अब केवल लक्ष्य और

उद्देश्य ही सामने आएगा इसे स्वीकार करो

और अपने लक्ष्य को हासिल करो और साथ ही यह

कहो कि तुमने इस बात की पुष्टि की

थी और जीत को आकर्षित किया था जीत को अपने

जीवन में सम्मिलित किया था तक्षण इस जीत

की पुष्टि करते रहो निरंतर किया करो

संख्या लिखकर इस बात की पुष्टि करो कि

तुम जीत को अपनाना चाहते हो मैं जीत रहा

हूं मैं जीतने के लिए बना हूं जीत मेरा

अधिकार है धन पर मेरा अधिकार

है धन पाना मेरे लिए अनिवार्य है मेरे

प्रिय बच्चे यह तुम अवश्य लिखो यह लिखना

तुम्हारे लिए जरूरी है साथ ही यह भी लिखो

कि तुम पर जीत की बरसात हो रही

है तुम पर कृपा बरस रही है और अब धन तो

इतनी मात्रा में आएगा कि तुम कल्पना भी

नहीं कर सकते कुछ चीजें तुम्हारी कल्पना

से परे

होंगी कुछ ऐसी जो शायद इस लोक में कोई

नहीं हो दोनों बाहे फैलाकर स्वीकार करो और

एक बात याद रखो तुम जो अपने लिए पाना

चाहते हो वह देना भी

सीखो चाहे वह धन हो प्रेम हो द्वेष हो

ईर्ष्या हो नफरत हो या फिर सम्मान हो आदर

हो सत्कार हो तुम जो पाना चाहते हो वह

बांटना मैं सदैव तुम्हारा साथ देती हूं

सदैव तुम्हारा साथ देती रहूंगी चाहे संसार

का प्रत्येक मनुष्य तुम्हारे विरोध में

क्यों ना हो जाए प्रत्येक ऊर्जा तुम्हारे

विरोध में क्यों ना हो

जाए मैं तब भी तुम्हारे साथ रहूंगी

तुम्हें जीत दिलाने के लिए और तुम्हें

प्रगति के मार्ग पर ले जाने के लिए

तुम्हारी तरक्की कराने के

लिए मेरे प्रिय मेरा आशीर्वाद सदैव हर हाल

में तुम्हारे साथ है सदा सुखी रहो मेरे

आने वाले संदेशों के प्रतीक्षा करना मैं

आऊंगी निश्चित तौर पर तुम्हारा मार्ग

दर्शन करने के

लिए तुम्हें सही राह दिखाने के लिए

तुम्हारी उंगली पकड़कर तुम्हें सही दिशा

में ले जाने के लिए मेरे प्रिय बच्चे

तुम्हारा इस जगत में कल्याण

होगा तुम्हें सही राह दिखाने के लिए

तुम्हारी उंगली पकड़कर तुम्हें सही दिशा

में ले जाने के लिए मेरे प्रिय बच्चे

तुम्हारा इस जगत में कल्याण होगा

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