तुम्हारा सबसे बड़ा शत्रु कौन हैं | - Kabrau Mogal Dham

तुम्हारा सबसे बड़ा शत्रु कौन हैं |

अगर दुनिया साथ नहीं देगी तो तुम क्या अकेले जीत नहीं सकते हो अगर प्रकृति साथ देना बंद कर दी तो क्या

तुम लड़कर जीत नहीं सकते हो यू कब तक हाथ पैर हाथ धरी बैठे रहोगे कब तक और हाथ पैर हाथ धरी बैठे

रहने से क्या हो जाएगा जिंदगी में क्या हासिल हो जाएगा जिंदगी में मन की कोई चीज ऐसी कोई है कि जिसके कारण जिंदगी रुक गई है सबके जिंदगी में होती है सबके जीवन में कुछ ना कुछ निगेटिव ऐसी घटनाएं होती है

जिसके बाद जिंदगी रुक जाती है तो क्या उसे एक घटना को तुम पकड़ के बैठे रहोगे माना कि तुम्हारे साथ किसी ने गलत किया प्रकृति ने गलत किया किसी लड़की ने गलत किया तो क्या तुम उसके लिए रुके रहोगे

जिंदगी का नाम है आगे बढ़ना जिंदगी में रुकना नहीं चाहिए जिंदगी में हमेशा तलाश करना चाहिए कि जिंदगी में मैं आगे कैसे बढ़े दुनिया में अपने आप को ऊंचा कैसे उठाऊं अगर तुम्हें लगता है कि तुम्हारी जिंदगी में अभाव है

बेचारा हो मेरे पास कोई रास्ता नहीं है तो खुद को बदलने की कोशिश करो जितना बदल सकते हो बदलो जो चीज तुम्हें नहीं आता है वह सीखो वशीकरण अपने आप को बना हुआ ऐसा कि तुम ना चाहते वह कर सको

अंग्रेजी नहीं आती है सीखो बात करने का सलीका नहीं आता है वह भी सीखो यू कब तक रोटी रहोगी कब तक अपने नसीब को पूछते रहोगे की नसीब ने तुम्हारे साथ बुरा किया भगवान ने इस धरती पर भेजा है सबको सब

को मौका मिला है वही युद्ध सबके जीवन में वही रणभूमि है कोई जीत जाता है कोई हार जाता है मिल्खा सिंह कहते हैं कि वह इंसान जिसके अंदर हार्ड वर्क करने की

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