तुम्हारा शत्रु को नहीं पता है कि - Kabrau Mogal Dham

तुम्हारा शत्रु को नहीं पता है कि

मेरे बच्चे तुम जल्दी करो तुम्हारे हाथों से निकाला जा रहा इस समय को व्यर्थ की बातों में मत करना समय तुम्हारे

हाथों से निकल गया तो तुम्हें पछताना पड़ेगा सकता है इसलिए मेरे बच्चे संदेश को लाइक करके कमेंट में जय

हो माता रानी लिख दो बच्चे तुम मेरी बात को इस तरह से समझो कि यदि जब लोहार लोहा गरम होने पर ही हथौड़ी मारता है तभी उसे लोहे का कुछ बनाया जा सकता है गर्म होते ही पिघलता डालना चाहते हैं उसे जाकर

में डाल पाते हैं तुम्हारे हाथों से कीमती समय उसे पर तुम्हें विशेष ध्यान देना जरूरी है तुम्हारे कर्म रूपी हथौड़े को मारकर तुमने भाग्य रूपी लोहे को पिघला अर्थात भाग्य को परम सौभाग्य में बदलने की ताकत तुम रखते हो

बच्चे अपनी माता रानी के लिए कमेंट मिल जाए हो माता रानी लिखकर इस संदेश को लाइक कर दीजिए तुमने जो मुझे इतना प्रसन्न किया है जीवन में पीछे मुड़कर तुम कभी नहीं देखा क्या नहीं किया सही किया इससे तुम्हें

कुछ भी मतलब नहीं होना चाहिए गुजर चुका है उसे तुम वापस नहीं ला परंतु जो तुम आगे कर रहे हो उसे पर भी तुम्हें विशेष ध्यान दें करना है उसके बारे में सोचा जो करना है वह सही करना है तो तुम्हारा भाग चमक

उठेगा और इस कीमती समय को हाथों से मत जाने दो हर हर पल निकल रहा मेरे बच्चे 555 अंक लिखकर इस चैनल को सब्सक्राइब कर दीजिए जब तुम्हारा परीक्षा का दिन और समय निश्चित होता है तुम उसे दिन परीक्षा ना

दो क्या तुम परीक्षा के दूसरे दिन परीक्षा देने जाओ तो तुम किसी भी परीक्षा में पास नहीं प्रकार तुम्हारे किए गए

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