जिस किसान की रोटी खाते PM उसके रास्ते में कील ठोक दिए । Navin Kumar - Kabrau Mogal Dham

जिस किसान की रोटी खाते PM उसके रास्ते में कील ठोक दिए । Navin Kumar

नमस्कार आदाब सत श्री अकाल जय भीम जोहार
मेरा नाम है नवीन कुमार कोई 56 इंच का
सीना नहीं है इतना सा दिल और सीना है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बात अब
कहे जाने की जरूरत है क्योंकि जिस तरीके

से भारतीय जनता पार्टी किसानों के साथ जिस
सलूक पर उतर आई है जिस तरीके से बर्बरता
और बेरहमी का व्यवहार कर रही है यह बात
दिखाने के लिए काफी है कि किसानों को लेकर
नरेंद्र मोदी के मन में प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी के मन में ना कोई इज्जत है
और ना कोई उनके हौसले को लेकर उनके मन में
कोई सम्मान है यह बात कहे जाने की जरूरत
है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निर्लज्ज

पर उतर आए हैं यह बात कहे जाने की जरूरत
है कि प्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक
कायर तानाशाह की तरह व्यवहार कर रहे हैं
ड्रोन से जी हां ड्रोन से किसानों पर आंसू

गैस के गोले बरसाए जा रहे हैं पूरी दुनिया
के इतिहास में ऐसा आज तक कभी नहीं हुआ जब
किसानों पर निहत्थे लोगों पर लोकतांत्रिक
तरीके से चुनी हुई सरकार के खिलाफ

प्रदर्शन करने आ रहे लोगों पर आसमान से
आंसू गैस के गोले बरसाए जा रहे हैं की ठोक
दी गई सड़कों पर सिंघु बॉर्डर पर बैरिकेड
पर बैरिकेड खड़े कर दिए गए चारों तरफ से

दिल्ली की घेरे बंदी कर दी गई ट्रेनों से
किसानों को रेलगाड़ियों से उतार लिया गया
जबरदस्ती गांव में जाकर लाउड स्पीकर पर
पुलिस ने ऐलान किया कि किसान आंदोलन में

जाने का अंजाम अच्छा नहीं होगा पासपोर्ट
नहीं बनेंगे तुम्हारे यह देश है यह कह
जाने की जरूरत है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी ने इस देश को एक तमाशे में तब्दील कर

दिया है आप किसानों के साथ इस तरीके का
सलूक नहीं कर सकते और किसी भी सभ्य समाज
में किसी भी लोकतांत्रिक समाज में किसी भी
मानसिक समाज में इस तरह की बर्बरता हों की

कोई जगह नहीं होती सरकार के खिलाफ आंदोलन
करना आवाज उठाना अपनी मांग मनवाने के लिए
लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करना
संवैधानिक हक है और से कोई भी नरेंद्र

मोदी कोई भी भारतीय जनता पार्टी भारत के
किसी भी नागरिक से नहीं छीन सकते नहीं छीन
सकते इतना डर इतना खौफ इस तरीके का
कायराना व्यवहार इस तरीके का निर्लज्ज
व्यवहार और अभी से अभी से

मीडिया जुटने लगा है किसानों को अपराधी
साबित करने में रईस साबित करने में अमीर
साबित करने में
एक फोटो बहुत सारे लोगों ने ट्वीट करना
शुरू किया और ट्वीट में क्या लिखा कि

किसान जो है
mercedes-benz दिखाई देता है ऑल्ट न्यूज़
ने इसका भंडा फोड़ किया है कि जिस पर
की गाड़ी है और कोई मर्सडीज नहीं है लेकिन
भारतीय जनता पार्टी के
दलाल नरेंद्र मोदी के चरणों में झुके रहने

वाले
पत्रकार राजनीतिक कार्यकर्ता यह फैलाने
में जुट गए हैं कि दरअसल यह खाए पिया अ
घाई लोगों का प्रदर्शन है और किसान एमएसपी
मांगने नहीं आ रहा है उसके पास बहुत पैसा

है ऐसी डपर शंख ऐसी गंदी सोच के लिए कलेजा
होना चाहिए जो इस देश के किसानों को कहता
है कि यह बहुत बड़े रईस हैं
इनको कोई एमएसपी की जरूरत नहीं है सरकार
की दलील है कि हमने इतने हजार करोड़ रुपए

जो है किसान सम्मान निधि पर खर्च किए हैं
किसान सम्मान निधि यह किसान अपमान निधि
है किसान अपना हक चाहता है नरेंद्र मोदी
के फेंके हुए टुकड़े नहीं और हक यह है कि

एमएसपी की गारंटी होनी चाहिए हक यह है कि
फसलों का वाजिब दाम मिलना चाहिए आपने तो
एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न दिया है ना
साहब तो उन्हीं स्वामीनाथन साहब की
सिफारिशें लागू कर

दीजिए कर दीजिए क्या कहा था
स्वामीनाथन आयोग ने यह कहा था ना कि
एमएसपी की गारंटी होनी चाहिए और एमएसपी
कितनी होनी चाहिए लागत मूल्य से 50 प्र
ज्यादा बस इतनी साधारण सी बात और 2014 के

चुनाव से पहले तो आप ही कहा करते थे हुजूर
कि एमएस स्वामीनाथन की सिफारिशों को आज तक
जिन लोगों ने लागू नहीं किया उनको पहचानिए
आज हम पहचान रहे हैं जिन लोगों ने एमएस
स्वामीनाथन की कमीशन की सिफारिशों को लागू

नहीं किया उन लोगों की सरदारी कर रहे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्यों डरते हैं
इतना आप तो दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी और
दुनिया के सबसे ब लोकप्रिय नेता है ना तो
किसानों में अपनी लोकप्रियता को साबित

कीजिए तानाशाही व्यवहार हमेशा तानाशाही ही
कहा जाएगा इसको किसी भी लोकतांत्रिक ढांचे
में फिट कर करने की गुस्ताखी बेनकाब होकर
रहेगी और जिस तरीके
से रोका जा रहा है किसानों को और निर्लज्ज

से रोका जा रहा है उसे मंजूर नहीं किया जा
सकता उसे कबूल नहीं किया जा सकता पुलिस को
जिस तरीके से गुंडा टोली में तब्दील करके
धमकियां दिलवाई जा रही है हम जानते हैं कि
पुलिस सरकार की कठपुतली है पुलिस वही

करेगी जो सरकार कहेगी लेकिन जो हो रहा है
उसकी तरफ से आंखें बंद नहीं की जा सकती और
सच यह है कि नरेंद्र मोदी एक डरपोक
प्रधानमंत्री की तरह अपने परकोटे में छिपे

हुए हैं उनकी हिम्मत नहीं है किसानों का
सामना करने
की किसानों के सवाल बहुत मामूली है
किसानों की मांगे बहुत वाजिब है देश का हर
वह

नागरिक चाहे वह बच्चा हो बुजुर्ग हो बीमार
हो नौजवान हो स्त्री हो दलित हो पिछड़ा
आदिवासी अल्पसंख्यक हो जो लोग भी अनाज
खाते हैं उनके सामने यह चयन का वक्त है कि

वह किसानों के साथ है या फिर किसानों पर
बर्बरता के साथ टूट
रहे ड्रोन से आंसू गैस के गोले बरसा
रहे पुलिस से किसानों को सबक सिखाने का
ऐलान करवा
रहे उन लोगों के साथ जिनको आपने सत्ता

सौंपी थी यह सोचने का वक्त
है यह देश किधर मुड़े
यह तय करने का वक्त है कि किसान या
किसानों को रने वाला
निजाम फैसला करना ही पड़ेगा आज नहीं तो कल
किसान इस सवाल के साथ लाखों की तादाद में

दिल्ली की तरफ बढ़ते चले आ रहे हैं उनमें
बहुत सारे किसान बुजुर्ग हैं बहुत सारे
नौजवान है बहुत सारे बच्चे हैं बहुत सारी
औरतें अगर आप किसानों का स्वागत नहीं कर
सकते तो इतना तो कर ही सकते हैं कि जो लोग

उनका अपमान कर रहे हैं उनका विरोध
कीजिए लोकतांत्रिक तरीके से उन्हें आईना
दिखाइए कि आपका चेहरा दरअसल कैसा है आप वह
है जो इश्तेहार में दिखते हैं या फिर आप
वह हैं जो आप करते हुए दिखाई देते हैं इस

वीडियो में इतना ही लेकिन अगर आपने
आर्टिकल 19 इंडिया को अब तक सब्सक्राइब
नहीं किया है तो फौरन कीजिए

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