जिसने तुम्हारा दिल दुखाया उस के साथ क्या करें ... - Kabrau Mogal Dham

जिसने तुम्हारा दिल दुखाया उस के साथ क्या करें …

आज आपको एक कहानी सुनाता एक बार एक नेत्रहीन व्यक्ति गया मंदिर ईश्वर के दर्शन प्राप्त करें अब जब वहां

उपस्थित लोगों को यह ज्ञात हुआ कि यह व्यक्ति नेत्रहीन है वह दृष्टि ही नहीं क्या करने आया हो गया प्रदर्शित

ईश्वर से शिकायत करने आया होगा कि क्यों आपने मुझे मेरी दृष्टि चेंज इन इन सभी बातों से स्वयं को पीड़ित नहीं होने दे मुस्कुरा कृष्ण केवल एक बात कही माना कि मेरे भाग्य ने मुझे मेरी दृष्टि छेनी किंतु में अभागा नहीं क्योंकि

मेरा वह मुझे देख सकता है मारेंगे केक दृष्टि नहीं दृष्टिकोण आवश्यक तेरी आंख का दृष्टिकोण शुभ तो अशुभ में भी शुभ स्वयं दिखने लगता है प्रसन्न होकर कहता राधे राधे एक ऐसी स्थिति जीव मन से अधिक गति से कार्य

करती है लालच वह मैंने स्थिति जिसमें सवाल करता है एपिसोड जिसमें व्यक्ति दूसरों से अधिक और इस इसमें व्यक्ति स्वयं के अस्तित्व को ही खो बैठता है और ही बन जा दूसरी हो आनंद वह स्थिति जिसमें आत्मा शरीर से

अधिक प्रसन्न होती वह पारंबा जिसमें हमारा दुख सब में बढ़ जाता है और सब का सुख हमने आ जाना तो आपको करो लालच शोध में रहना है आनंद में रहकर प्रेम से जीवन व्यतीत करना आपका क्योंकि मैं तो अपना निर्णय कब का ले चुका राधे राधे

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