छोटे-छोटे नेताओं के आगे क्यों झुक रहे Modi | BJP 272 तक नहीं पहुंच रही ! | - Kabrau Mogal Dham

छोटे-छोटे नेताओं के आगे क्यों झुक रहे Modi | BJP 272 तक नहीं पहुंच रही ! |

नमस्कार
बीजेपी ने अभी से अभी से ऐलान कर
दिया है कि मोदी जी ने फाइनल जीत लिया है
2024 का फाइनल जीत लिया है और देश के सबसे
बड़े चैनल आज तक ने बकायदा अपने

प्रोजेक्शंस में बीजेपी को 300 पार करा
दिया मोदी जी को 300 पार करा दिया आज तक
ने 3 4 सीटें दी है और जो बाकी जो गोदी
मीडिया चैनल है उन्होंने 304 से भी ज्यादा
सीटें दी लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने जी

हा मोदी ने इस आंकड़े को खुद से लोकसभा
में राज्यसभा में उन्होंने खुद ऐलान किया
कि 304 नहीं 310 नहीं मोदी जी ने खुद कहा
कि वह 370 सीट ला रहे बीजेपी 370 सीट ला

रही है
370 भारतीय जनता पार्टी को 370 सीट अवश्य
देगा अब दोस्तों मोदी जी के ये जो दावे
हैं और गोदी मीडिया के जो प्रोजेक्शंस हैं

2024 अगर इनको हम थोड़ा अलग कर द थोड़ा
अलहदा रख द तो सवाल इस बात का है कि
बीजेपी को इस बार वाकई वाकई कितनी सीटें
मिलने जा रही हैं और क्या बीजेपी 272 272

का आंकड़ा टच कर रही है 272 की मैं बात
इसलिए कर रहा हूं क्योंकि लोकसभा में
सरकार बनाने के लिए कम से कम 272 सीटें
चाहिए तो क्या 272 का यह जो जादुई आंकड़ा
मेजॉरिटी मार्क है यह बीजेपी टच कर रही है

मोदी जी टच कर रहे और सवाल इस बात का भी
है कि जो न राज्य हैं जो बीजेपी के सबसे
मजबूत किले उत्तर प्रदेश है गुजरात है
राजस्थान है मध्य प्रदेश है छत्तीसगढ़ है

हरियाणा है उत्तराखंड है हिमाचल है दिल्ली
है 10 बोलिए तो आसाम भी मैं गिन लेता हूं
जहां बीजेपी सैचुरेशन पॉइंट पर जहां
बीजेपी सैचुरेशन पॉइंट पर पहुंच चुकी हो
2019 में क्या इससे आगे भी कोई गुंजाइश है

क्या इसके आगे भी कुछ सीटें मोदी जी ला
सकते हैं बिग क्वेश्चन और अगर वह ला सकते
हैं तो सीटें कहां से ला रहे हैं अब
दोस्तों इन न 10 राज्यों के अलावा मोदी जी

कहां से एक्स्ट्रा सीट ला रहे हैं जो वो
300 पार कर जाए 370 पहुंच जाए वो
एक्स्ट्रा सीट्स कहां से मिल रही है उनको
किस प्रदेश से वो सीटें ला रहे हैं और

कैसे ला रहे हैं इस पर जो हमारे आज टॉप
पॉलिटिकल एक्सपर्ट होंगे उनसे बातचीत होगी
कुछ खुलासे भी होंगे मोदी जी के बारे में
बीजेपी के बारे में चौकाने वाले लेकिन

पहले ये देखते हैं कि यह जो 2024 का जो
रियल गेम है ये जो असली खेला है यह किन
राज्यों में फंस रहा है और मुझे लगता है
कि चार ऐसे राज्य अभी भी चार ऐसे राज्य

हैं जो मोदी जी के लिए आप कह सकते हैं
दुखती रग बन रहे हैं जैसे 42 सीटों वाला
बंगाल है उसमें 40 सीटों वाला बिहार है
उसमें 48 सीटों वाला महाराष्ट्र है उसमें

28 सीटों वाला कर्नाटक है कुल मिलाकर 158
सीटें हैं जहां पिछली बार 2019 में मोदी
जी ने 104 सीटें हासिल की थी शतक मारा था
इन चार राज्यों में आज स्थिति नहीं है
नितीश के होते हुए भी मोदी जी की जो दिल

की धड़कने हैं वो थम नहीं रही पटना में
पाटलीपुत्र में और अगर आप
बंगाल की स्थिति देखें तो ममता बनर्जी अभी

भी भारी पड़ रहे हैं जो बंगाल से खबरें आ
रही वो यही है कि बहुत सी सीटों पर अमित
शाह और नड्डा को भारी अच्छे कैंडिडेट नहीं

मिल रहे उपयुक्त कैंडिडेट्स नहीं मिल रहे
कमी है वहां पर क्योंकि जो कैंडिडेट्स थे
जो उम्मीदवार थे व मोदी जी से उम्मीद

छोड़कर दीदी के साथ चले गए बहुत सी और भी
क्राइसिस है और भी कई क्राइसिस है बंगाल
कई क्राइसिस बंगाल फसा हुआ
है बिहार की मैंने स्थिति आपको बता दी और
महाराष्ट्र अगर महाराष्ट्र में अगर मैं

गोदी मीडिया क ही आपको आंकड़ा दे देता हूं
आज तक का खुद कहना है वह आज तक जो 300 पार
करा रहा है मोदी जी को उसका मानना है कि
महाराष्ट्र मोदी जी के लिए फसा है और

महाराष्ट्र की सरजमीन पर अभी भी शरद पवार
और उधव ठाकरे टू ओरिजिनल मैन ऑफ टू
अपोजिशन पार्टीज शरद पवार की एनसी जो

जिसका नाम बदल गया है और उद्धव ठाकरे की
शिवसेना बाला साहब ठाकरे वाली शिवसेना ये
जो दोनों खिलाड़ी हैं दिग्गज आज भी
इन्होंने मोदी जी के सपने महाराष्ट्र में

तोड़ रखे हैं मिसाल के तौर पर अगर आप
देखें 48 में से सिर्फ 22 सीटें बीजेपी को
मिल रही है पिछली बार एनडीए के साथ 41 सीट

मोदी जी ले गए यहां से और कांग्रेस को 11
सीटें मिल रही है 14 सीटें यहां पर उद्धव
ठाकरे शरद पवार को मिल तो कुल मिलाकर

महाराष्ट्र में मोदी जी को 50 फीसद सीटों
का लॉस हो रहा और यह मैं नहीं कह रहा हूं
मोदी जी के चैनल बता रहे हैं उनका
प्रोजेक्शन तो जो महाराष्ट्र में हालत है

कहीं ना कहीं वही हालत कर्नाटक में भी है
बंगाल में भी है यह जो चार राज्य यह एक
बहुत बड़ी पहेली है मोदी और अमित शाह के
लिए और इस पहेली को कैसे सॉल्व करते

हैं यह तय करेगा कि मोदी जी इस बार ताज
पहनने जा रहे हैं कि नहीं पहनने जा रहे
तीसरी बार व शपथ लेंगे कि नहीं लेंगे अभी

भी यह चार राज्य हैं जो बहुत डिसाइडिंग
होने वाले हैं और अभी दोस्तों मैंने
उड़ीसा का जिक्र ही नहीं किया है मैंने
आंध्र प्रदेश तेलंगाना का जिक्र ही नहीं

किया मैंने केरल और तमिलनाडु का जिक्र
नहीं किया 100 से ज्यादा सीटें यहां भी
है और मोदी जी यहां भी बहुत कमजोर है अब
दोस्तों जो सबसे बड़ा सवाल है कि क्या

मोदी जी मैजिक मार्क 272 का ये जो आंकड़ा
है जादुई आंकड़ा जो आपको चाहिए लोकसभा में
सरकार बनाने के लिए शपथ लेने के लिए 272
सीटें आपको चाहिए यू नीड इट क्या मोदी जी

को ये 272 सीटें मिल रही हैं और मुझे लगता
है कि ये जो सवाल है इसका जवाब के लिए
मुझे किसी सर्वे पर डिपेंड नहीं होना है
आज मैं एक ऐसा एक्सपर्ट आपके सामने लेके आ

रहा हूं जो पिछले छ सात महीनों से पास्ट
सिक्स सेवन मंथ्स वो चाहे महाराष्ट्र हो व
चाहे बंगाल की स्थिति हो वह चाहे उत्तर
प्रदेश हो व चाहे हरियाणा हो व चाहे

उत्तराखंड हो चाहे हिमाचल प्रदेश हो व
मध्य प्रदेश हो
राजस्थान छ सात महीने से उनकी एक जबरदस्त
स्टडी चल रही है मोदी को लेकर बीजेपी को
लेकर इलेक्शन प्रोस्पेक्टस को लेकर और यह

जो साहब हैं जिनकी स्टडी है पिछले छ सात
महीनों की ये कोई मामूली पत्रकार नहीं है
पिछले 35 वर्षों से उमाकांत लखड़ दिल्ली
में कई बड़े अखबारों में रहे कई बड़े

प्रकाश में रहे और आठ नौ प्रधानमंत्री ट
टू नाइन प्राइम मिनिस्टर्स वो इन्होंने
कवर किए हैं कम से कम 35 वर्षों से चुनाव
कवर कर रहे हैं लोकसभा के विधानसभा के और

इनकी जो स्टडी है मैं उसके लिए इसलिए उसको
तवज्जो दे रहा हूं इसलिए इंपॉर्टेंस दे
रहा हूं कि उमाकांत लखेला के जो
प्रिडिक्शंस रहे हैं चाहे वो किसी भी

अखबार में काम कर रहे हो जो उनकी
इलेक्टोरल स्टडीज रही हैं
वह जो भाड़े के जो सेफोलॉजिस्ट हैं गोदी
मीडिया के उनसे कहीं ज्यादा बेहतर है मुझे

लगता है कि इनसे थोड़ा सा समझना होगा
स्थिति को एक ऐसा व्यक्ति जो भ्रमण पर है
दौरे पर है इंडिविजुअल लेवल पर स्टडी कर
रहा है और सारे राज्यों में कम से कम

लोगों के संपर्क में उमाकांत लखड़ मोदी जी
के बारे में भी बहुत कुछ बोलने जा रहे हैं
मोदी जी का असेसमेंट क्या है क्या मोदी एक

तानाशाह है डिक्टेटर है वो भी हम आज कोशिश
करेंगे पता लगाने मुझे लगता है कि उमाकांत
जी से जो बातचीत है यह आपको एक नया
पर्सपेक्टिव देगी एक ऐसा पर्सपेक्टिव जो

गोदी मीडिया के सर्वे या जो भाड़े के जो
सेफोलॉजिस्ट है पॉलिटिकल साइंटिस्ट सो
कॉल्ड उनसे थोड़ा सा अलग होगा कोशिश करते
हैं हिंदुस्तान को समझने की मोदी को समझने

के और एक बात इन्होंने कही है बहुत
इंपॉर्टेंट है कि मोदी के लिए जो चुनाव है
यह डू और डाई है करो या मरो मोदी को हर
कीमत पर यह चुनाव जीतना

है नहीं जीतेंगे तो क्या होगा इस पर भी
रोशनी डालेंगे ज्यादा समय नहीं लेंगे
सुनिए एक बार उमाकांत जी को मा फर्स्ट
क्वेश्चन कि क्या मोदी आसानी से आसानी से

जैसा कि इंडिया टुडे ग्रुप का कहना है
आसानी से वो 300 पार हो रहे हैं वह सरकार
बना रहे हैं या फिर आपको लगता है कि मोदी
सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है वह 272
पहुंच रहे हैं या 272 के नीचे हैं लखड़

साहब जी जी देखिए सैद्धांतिक रूप से मैं
कभी भी इस पक्ष में नहीं रहा हूं कि हम इस
तरह से कोई कोई सर्वे आया है उस सर्वे पर
को हम सही बताएं या गलत बताएं मैं तो

जमीनी हकीकत की बात करूंगा और मैं यह
मानता हूं साफ तौर पर
कि मोदी इस समय इस चुनाव में जो 2024 का
चुनाव है उसमें जो
न्यूनतम आंकड़ा 272 का उसको टच नहीं करने

जा रहे हैं य इसके बहुत सारे कारण जी जी य
इसके बहुत सारे कारण है तीन कारण तीन
दक्षिण भारत की जो कम से कम 130 सीट हैं

वहां भारतीय जनता पार्टी की हालत खराब है
दूसरी बात है कि जहां उसका हिंदी बिल्ट
में जहां वह को बेल्ट की पार्टी मानी जाती

है जहां उसका राम जन्मभूमि आंदोलन में
इमरजेंस हुआ है वहां वो जो पीक उसके पास
था यूपी बिहार और बाकी राज्य मध्य प्रदेश
छत्तीसगढ़ राजस्थान और बाकी राज्यों में

जहां जहां उसका परचम लहरा रहा था 2019 में
2014 में तो मुझे लग रहा है कि वह सारी
चीजें अब वहां उन नदियों में बहुत पानी बह
चुका है अब वो दोबारा स्थिति लौटने वाली

नहीं है आप जी मैं चीज पूछना चाह आपने
बड़ी बात कही कि मोदी कहीं ना कहीं एक
बेचैनी है और वह हर कीमत पर यह चुनाव
जीतना चाह रहे हैं मैं आपसे पूछना चाह रहा

हूं लख साहब ये आपकी थ्योरी मुझे समझ नहीं
आई मैं आपके कई आर्टिकल्स भी देख रहा था
कई आपके मैं प्रोग्राम्स भी देख रहा था आप

सीनियर जर्नलिस्ट है आप यह कई दिनों से कह
रहे हैं कि मोदी के लिए डू और डाई इलेक्शन
मोदी को हर कीमत पर चुनाव जीतना है चाहे
कुछ हो जाए राहुल गांधी से भी ज्यादा ऐसा

क्यों कह रहे हैं आप कि मोदी के लिए चुनाव
डू और डाई है करो या मरो है हर कीमत पर व
चुनाव जीतना है उनको ऐसा क्यों ऐसा क्या
डर है देखिए देखिए एक बहुत सिंपल सा पनी

यह कोई इसको कहते हैं रॉकेट साइंस नहीं है
मोदी का जो 2002 में मोदी 2000 के शुरुआत
में मोदी जब गुजरात के चीफ मिस्टर बने
उसके बाद उन्होंने जो भी खेल खेला जो भी

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में जिस तरह
से उन्होंने वो चौथे पांचवी पंक्ति के
नेता थे और हमको पता है वो चौथी पांचवी
पति कई गिनती नहीं होती थी जो जो उनकी जो
जमात थी पार्टी की भारतीय जनता पार्टी का

जो बड़ा था अटल बिहारी बाजपे की और आडवाणी
का जो दौर था उसके पहले का जो दौर था
उसमें कहीं पर भी बड़े ल साहब लख आपने
दिल्ली में मोदी जी को ऑटो रिक्शे पर चलते

देखा है मैं जानता हूं यह बाल जो आपके पके
हैं ऐसे नहीं पके हैं मैंने तो पहले कहा
आप 3035 साल से इलेक्शन कवर कर रहे हैं
मैं ये कह रहा हूं कि मोदी जी डरे क्यों

है ये आपकी थ्योरी क्या है डर किस बात अग
मोदी चुनाव हार जाएंगे तो क्या हो जाएगा
वो
डरे देखिए देखिए वो डरे इसलिए है कि देखिए
तमाम तरह के जो पिछले 20 22 साल की जो

उनकी सत्ता थी गुजरात से दिल्ली तक उन उस
पूरी सत्ता के दौरान उन्होंने जो भी
राजनीतिक फायदे पार्टी को उठाए या खुद
उठाए या लोगों को अडानी अमानी और तमाम तरह
के जो उनके आसपास इर्दगिर्द जो तमाम

पूंजीपति हैं चाहे वह गुजरात दंगे हो चाहे
वोह गोदरा हो जा लोया का केस हो और भी
लोगों के मर्डर हुए और भी लोगों के कत्ल
हुए हैं यह जो राजनीतिक हत्याएं हुई है यह

सारी मैं ये बिल्कुल भी नहीं कह रहा हूं
कि राजनीतिक हत्याओं में किसका ये सारी
फाइलें खुलेंगे और ये सारी फाइलें खुलेगी
तो इसके जो छ हैं इसके छेटे कहीं ना कहीं

सारे सामने आएंगे और संजीव भट्ट ने जो
सुप्रीम कोर्ट की टास्क फोर्स के सामने जो
हल्प नामा दिया जो अफेट बिट दिया जो
उन्होंने बड़े रहस रहस उद्घाटन किए गुजरात

रॉयट के मामले में वो सारी चीजें जब सामने
आएंगी तो मुझे ऐसा लगता है कि मोदी इसीलिए
मोदी और उनके जो एडवाइजर्स है वो इसीलिए
हार को अफोर्ड नहीं कर सकते उनको जीतना है
इसीलिए ये बताइए कि मैंने आठ प्रधानमंत्री

देख लिए पार्लियामेंट के अंदर भाषण देते
हुए किसी प्रधानमंत्री का भाषण उठा के देख
लीजिए किसी प्रधानमंत्री ने चुनावी भाषण
संसद के अंदर नहीं दिया ये नहीं कहा कि हम

इतनी सीटें जीतेंगे हम 400 पार ये जो ये
जो आप दावे कर रहे हैं ये जो हताशा आपकी
दिखा रही है ये आप पहले भी आप करते थे
पहले भी आप बोलते थे और आपके जो पूरी जो
जीत के जो समीकरण है जो इक्वेशंस है जो आप

बना रहे हैं देश में वो वो जो आप आर्थिक
नीति पर जो बोल रहे हैं जो इंटरनल
सिक्योरिटी पर बोल रहे हैं जो बॉर्डर
सुरक्षा पर जो बोल रहे हैं जो जो आंकड़े

पेश कर रहे हैं कि अपनी सरकार की सेहत के
बारे में इन सबकी पोल खुल गई और मोदी मैं
एक शब्द कहना चाहता हूं मोदी हार को
अफोर्ड नहीं कर सकते मोदी अपनी हार को

बर्दाश्त नहीं कर सकते ऐसा मैं मानता हूं
क्योंकि उनको पता है कि जैसे ही वो
हारेंगे या सत्ता से दूर जाएंगे उस उसमें
जो नया रेजीम आएगा वह क्या करेगा इसकी
परिकल्पना करके भी उनकी रूह कांप रही है

ऐसा मैं मानता हूं नहीं नहीं एक चीज एक
चीज एक चीज आपने ने कहा कि आप आठ नौ
प्रधानमंत्री आपने उनको कवर किया है देखा
है सुना है सारी चीजें आपने बोल दी ठीक है

आप 35 साल से संसद देख रहे हो केंद्र
सरकार देख रहे हो राजनीत में चुनाव कवर कर
रहे हैं एक चीज जो आप कह रहे हैं कि साहब
मोदी अगर हार जाते हैं तो तमाम फाइलें खुल

जाएंगी वो चाहे रफेल की डील है वो फिर से
खुल जाएगी अडानी को जो उन्होंने
एयरपोर्ट्स दिए या सीपोर्ट की जो डील्स
हुई है या और बहुत से मामले तमाम चीजें

खुले शेयर बाजार भी हो सकता बहुत कुछ हो
सकता है क्योंकि आज की तारीख में एक्सेस
नहीं है पत्रकारों को या आज की तारीख में
इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी बीजेपी और सरकार या
सीएजी बीजेपी और सरकार का ऑडिट नहीं होता

चलिए मैंने मान लिया लेकिन यहां पर थोड़ा
सा लखड़ साहब मैं कहना चाहूंगा आप कह रहे
हो फाइल खुल जाएंगी मोदी जी कह रहे हैं कि
वोह जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन उन्होंने

इतिहास में सबसे बड़ा भ्रष्टाचार पर
अभियान छेड़ रखा है उन्होंने भ्रष्टाचार
को जड़ से मिटाने की कसम खाई है कि मठ्ठा
डालेगा मैं तो भ्रष्टाचार में आप कह रहे

हो कि मोदी जी की फाइलों में जो है तमाम
मामले खुल जाएंगे वो तो कह रहा है कि भाई
मुझसे सच्चा कोई आदमी नहीं है आप कह रहे
उससे कच्चा कोई आदमी नहीं
है देखिए देखिए मैं सिंपल सा यह बात बोल

रहा हूं देखिए वो डिफेंड अपने को करेंगे
आप मुझे यह बताइए कि वोह जो पब्लिक में जो
भाषण देते हैं चाहे इकॉनमी पर जो भाषण
देते हैं जो वो दावे कर रहे हैं
भ्रष्टाचार के दावे कर रहे हैं अ देखिए वह

क्या कर रहे हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ
जो मुहिम है वह राजनीतिक विरोधियों के
खिलाफ उन्होंने 2 आज से नहीं 2014 15 16
17 आप 2019 के बाद के देखिए कि राजनीतिक

विरोधियों के खिलाफ वो दुष्प्रचार करने का
उनका एक तरीका है उनका एक स्टाइल है और उस
स्टाइल में वो सक्सेस हुए हैं एक
पॉलिटिशियन एक राजनेता जो साम दाम दंड भेद

की राजनीति की पराकाष्ठा तक पहुंच रहा हो
और वो वो छिपाते नहीं है वो अगर मीडिया को
क्रश कर रहे हैं वो देश की कुछ भी
राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कंपेन कर रहे
हैं तो पहले क्या होता था कि उसको लोग

छुपाते थे कि नहीं नहीं हम ऐसा नहीं अब तो
वो वो किसी चीज को छिपाते भी नहीं है तो
मुझे मुझे ऐसा लग रहा है कि एक जो जो
डिक्टेटरशिप होती है जो इमरजेंसी के भी

बदतर हालात है सभी क्षेत्रों में और जो
संस्थाएं हैं सुप्रीम कोर्ट हो पाल भारत
की संसद हो जो सूचना आयोग राष्ट्रीय सूचना
आयोग हो तमाम तरह की जो इंस्टीट्यूशंस है
जिसके लिए भारत को क्यों जाना जाता है

दुनिया के देशों में भारत को इसलिए जाना
जाता है कि भारत में जो संस्थाएं हैं जो
इंस्टीट्यूशंस है वो बहुत स्ट्रांग है
बहुत मजबूत है और भारत का जो संविधान है

इन सारे संस्थाओं को प्रोटेक्ट कर रहा है
आज हालत यह है कि कोई भी संस्था सुरक्षित
नहीं है मैं एक चीज और पूछना चाह रहा हूं
आपसे महाराष्ट्र की आप स्थिति देख रहे हैं
जहां पर उद्धव ठाकरे और शरद पवार और

कांग्रेस एक तरफ है और बीजेपी और शरद पवार
के चेले और उद्धव ठाकरे के बागी एक तरफ है
अभी जो यह पोल आया में बताया जा रहा है कि
महाराष्ट्र में बीजेपी को मुश्किल है
बिहार में भी कोई स्थिति में बहुत सुधार

नहीं है कर्नाटक में भी स्थिति में सुधार
नहीं है और पश्चिम बंगाल में भी फाइट टफ
है इस बार तो बंगाल बिहार महाराष्ट्र और
कर्नाटक ये चार बड़े राज्य हैं आप इन

चारों राज्यों में गए हैं और आपके सारे
वहां लिंक है आप लगातार रिपोर्टिंग कर रहे
हैं इन चारों राज्यों की संक्षेप में मैं
जाना चाहूंगा कि जो चार राज्य हैं 42
सीटों वाला बंगाल 40 सीटों वाला बिहार

उसके अलावा 48 सीटों वाला महाराष्ट्र और
28 सीटों वाला कर्नाटक एक बहुत बल्क ऑफ
सीट्स है क्या वाकई देर इज अ चैलेंज मोदी
को चैलेंज है यहां पर

जबरदस्त मैं मैं मैं इस चीज को दो पॉइंट
में फिनिश करना चाहूंगा नंबर एक बात तो यह
है कि पहले उनकी बात कर लेते हैं जहां
भारतीय जनता पार्टी का परचम बहुमत है

उत्तर प्रदेश राजस्थान पूरी की पूरी सीट
बीजेपी की जेब में है मध्य प्रदेश एक सीट
को छोड़ कर के सारी बीजेपी की जेब में है
छत्तीसगढ़ एक दो सीट को छोड़कर सारी

बीजेपी की जेब में है आप आप झारखंड आ जाइए
झारखंड में बीजेपी कहीं नहीं है हरियाणा
में सारी की सारी बीजेपी की जेब में आप यह
बताइए मेरे को सिंपल का क्वेश्चन दिल्ली
में दिल्ली में सब के सब जो सात सीट सातो

के सातो बीजेपी की जेब में उत्तराखंड में
सातों के सातों बीजेपी की जेब में है
हिमाचल प्रदेश में चार में से एक हिमाचल
में चार है चार लोकसभा सीट है उतराखंड में

पाच पांच है तो पांच की पांच आप ये बताइए
कि क्या उत्तराखंड में उत्तराखंड में हम
ये मान के चले कि सात सीटों पर जीतेगी
सीटें तो उतनी है ना पांच है ना पांच ही

तो जीतेगी हम तो ये कह रहे कि पांचों
पांचों जीत रही है हम तो कह रहे हैं कि जो
यूपी में जो 66 61 65 जो भी सीट है हम कह
रहे हैं वो दोबारा रिपीट करेगी हम कह रहे
हैं राजस्थान में पूरे के पूरे रिपीट

करेंगे सवाल ये है कि कि क्या ये ये अगर
400 पार का दावा कर रहे हैं या 300 पार का
दावा फिर से कर रहे हैं तो कहां से सीट
बढ़ा रहे हैं वो य ये बताइए कि आप केरल

में कहां से आपको सीट आने वाली है जैसे अब
आपके सवाल पर आ रहा हूं मैं जो आपने सवाल
पूछा पश्चिम बंगाल में क्या जो उनकी
वर्तमान संख्या है क्या उसको पार करने

वाले हैं बिल्कुल नहीं करने वाले हैं आप
आप झारखंड में जो सिचुएशन इन्होंने कर दी
है क्या उसको पार करेंगे जो भद्र पिट गई
है बिहार में कि आपके लाले पड़े हुए हैं
आपने नीतीश कुमार को गोद में बिठा दिया वो

एमएलए को ढूंढते ढूंढते आप परेशान है कहां
भाग गए कल सुबह पता नहीं कल तो शक्ति
परीक्षण है पता नहीं क्या होने वाला है तो
तो आप ये बताइए कि कहां से आपके उड़ीसा
उड़ीसा से आपके कौन सी सीट आप बता रहे हैं

अपने को नवीन पटना को आप मित्र बता रहे
हैं चुनाव के एक महीने पहले दो महीने पहले
तो सवाल ये है कि आपके तमिलनाडु से सीट
आने वाली कहां से आपकी सीटें बढ़ने वाली
है गुजरात में सारी की सारी सीटें बीजेपी
के पास है तो क्या व जितनी सीटें बीजेपी

के पास है क्या पाच सात 10 सीटें और बढ़ने
वाली है आपकी क्या पंजाब में आपकी सीटें
आने वाली है क्या सवाल यह है कि जम्मू
कश्मीर में आप कितने सीटें ले आएंगे जो
अभी आपके पास सीटें हैं उसके अलावा लेके आ

गए चाहे चाहे आपके साथ गुलाम नवी आजाद भी
चले जाए तो मेरा ये कहना है कि ये जो
देखिए जब आप इस देश की बात करते हैं तो इस
देश को राज्यों की राजनीति के हिसाब से
देखना पड़ेगा आपको इस देश को आप बंगाल की

राजनीति को बंगाल के हिसाब से देखना
पड़ेगा बंगाल की राजनीति को आप दिल्ली के
चश्मे से हरियाणा के चश्मे से गुजरात के
चश्मे से केरल के चश्मे से नहीं दे सकता

है ये राज्यों की राजनीति अलग-अलग है
उत्तर प्रदेश में अगर मायावती ने कल पतरा
बदल दिया तो मुझे नहीं लगता कि भारतीय
जनता पार्टी 40 पार कर पाएगी क्योंकि अगर

ये कॉमिनेशन बन गया मायावती समाजवादी
पार्टी कांग्रेस का चाहे वो लूज कॉमिनेशन
हो तो चार 40 से ऊपर नहीं जा सकते क्योंकि
देखिए पर जो जनता जो है ना एक ही मुद्दे
पर बारबार एक बार दो बार छह छह बार वोट

नहीं देती है लास्ट क्वेश्चन लास्ट
क्वेश्चन आपको क्या लगता है कि अभी भी आप
हिंदुस्तान भर की रिपोर्टिंग कर रहे हैं
लगातार आप कर रहे हैं 35 40 वर्षों का
तजुर्बा है और कई आपने खुद कहा कि आठ न

प्रधानमंत्री आपने अपने कलम से उनको कवर
किया है और हमारा सौभाग्य कि इतना वरिष्ठ
पत्रकार आज हमारे साथ है जो इस हिंदुस्तान
को कितने साल से लगातार देख रहा है और आज

भी रिपोर्टिंग आप कर रहे हैं तमाम
ऑर्गेनाइजेशन के आप रिपोर्टिंग कर रहे मैं
एक लाइन का उत्तर चाहता हूं कि आपको क्या
आज भी कांटे की टक्कर दिखती है मोदी
वर्सेस इंडिया मोदी वर्सेस अपोजिशन में

आपको टक्कर दिख रही है आज की तारीख में
देखिए मैं मैं आपको बताऊं कि जो बदलाव
होता है राजनीति में राजनीति में रोज एक
नया पन्ना खुलता है और लोग कई बार क्या

होता है कि आपकी गली में रोज अगर आप आप भी
रिलीजियस है धार्मिक है और गली में
रोज-रोज रोज रोज भगवती जागरण का ढोल पीटा
जा रहा हो तो एक जब आपके बच्चों का एग्जाम

हो रहा है तो एक दिन आपको भी लग जाएगा कि
यार भैया थोड़ा आवाज को कम कर दो तो लोग
ये आपकी पॉलिटिक्स से उकता जाते है एक ऐसा
समय आता है कि लोग जो है धीरे-धीरे करके

एक मुझे लगता है कि एक एक मेडिकल साइंस
में एक वर्ड होता है मेडिकल साइंस में एक
वर्ड है डॉक्टर इस्तेमाल करते हैं विड्रॉल
सिमटम्स तो मुझे लग रहा है कि भारत की

राजनीति में एक विड्रॉल सिमम शुरू हो गया
है और इन्होंने उसको विड्रोल सिटम को
पहचान लिया है उस विड्रोल सिटम को मतलब
लोग लोग ये हाथ पैर जो है लोग अपने हाथ

पैर छोड़ रहे हैं लोग विड्रॉ कर रहे हैं
अपनी चीजों को इसलिए इनको इनको चिंता है
उस विड्रॉल सिमम के मतदाताओं में जो
विड्रोल सिटम डेवलप हो रहा है उसको लेकर
के इनकी चिंता है इसीलिए यह दिन दिन रात

चौगुनी दिनों दिन ये इनकी चिंता बढ़ रही
है और यह सोच रहे हैं कि भागते चोर की
लंगोटी कोई भी मिल जाए अ जैन चौधरी मिल
जाए जो डेढ़ और दो सीटों पर उनको दे दी है
दे दी है तो ये जो सवाल है ये जो हताशा है

ये जो परेशानियां है क्यों आप लेके आ रहे
हैं जब आपने मंदिर बनवा दिया आपके लोग कह
रहे हैं कि अब तो जय जयकार डंका बच गया है
तो मुझे ऐसा लग रहा है कि स्थिति भारतीय
जनता पार्टी के लिए इतनी सरल नहीं है उनके

समर्थकों के लिए इतनी सरल नहीं है हां ये
है कि आज जो परसेप्शन है परसेप्शन
उन्होंने मीडिया के जरिए अपना जो तंत्र है
उनका उसके जरिए और मैं अपोजिशन अपोजिशन को

भी यह कहूंगा कि अपोजिशन भी अगर एक बड़ी
चुनौती के लिए खड़ा है तो अपोजिशन को भी
उस तरह से गंभीरता से इन चीजों को लेना
चाहिए क्योंकि लोग अगर आपको जिताएंगे तो

आप तश्री में जीत हासिल नहीं करने देंगे
वो दौर नहीं है आज से 20 साल पुराना कि
लोग बीजेपी से नाराज होकर के आपको वोट दे
देंगे आपको उसके लिए प्रयास करना पड़ेगा
आपको लोगों से कांटेक्ट करना पड़ेगा यह

डेमोक्रेसी है लोकतंत्र है और सबसे बड़ी
बात है कि फ्री एंड फेयर इलेक्शन क्या
ईवीएम से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो
पाएगा आज भी लोगों में बहुत बड़ी चिंता है
जो विशेषज्ञ उन्म चिंता है और जो 2024 में

400 पार का जो डंका प जो पीटा जा रहा है
उसके पीछे एक बड़े समुदाय को इनके
समर्थकों को भी लगता है कि अरे चिंता मत
करो मोदी है तो मुमकिन है तो पता नहीं

क्या होता है अगले क्षण क्या होता है किसी
को पता नहीं है यही मैं कहना चाहता हूं जी
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया आपने कई बातें
कही और एक बात आपने कही कि एक विड्रॉल

सिटम सोसाइटी में दिख रहा है बातें बारबार
वही रिपीट की जा रही मोदी जी के पास
गुलदस्ते में नया फूल नहीं है वही पुराना
गुलदस्ता वही पुरानी महक वही पुराना कागज

के फूल दिखा रहे हैं वो इस वजह से लोगों
का एक मोह भंग सा हो रहा है कहीं ना कहीं
और उनको लग रहा है कि डिलीवरी है नहीं
बातें हैं और यह एक आपने कहा कि एक फेज
सोसाइटी में आता आपने एक मेडिकल टर्न दिया

विड्रॉल सिमटम्स का लेकिन एक चीज आपने
बहुत बड़ी कही कि अगर विड्रॉल सिमटम्स अगर
मोदी छटपटा रहे हैं जैन चौधरी और नितीश
कुमार जैसों को वापस ला रहे हैं उनके
कदमों में झुक कर ला रहे हैं या आपने कहा

कि भारत रत्न जैसे एक सम्मान का सर्वोच्च
सम्मान की सौदेबाजी राजनीतिक हो रही है
उसको वोट से पहली बार जोड़ के देखा जा रहा
है यह सारी चीजें तो है मोदी के जो पक्ष
में नहीं जाती लेकिन आपने एक मैसेज दिया

लखड़ साहब और मैं आपके इस तजुर्बे को सलाम
करता हूं आपने एक मैसेज ये दिया कि विपक्ष
को चीजें तश्तरी पर नहीं मिलेंगी प्लेट पर
वोट नहीं मिलेगा वोट के लिए उनको रीच करना
है यानी विपक्ष को मेहनत कर पड़ेगी फसल

तैयार है माहौल है लेकिन विपक्ष को भी आगे
बढ़ना होगा जो आपको दिख नहीं रहा आप आए और
आपने जो बेबाकी से चीजों को रखा लखड़ साहब
बहुत-बहुत शुक्रिया इस बिंदास और बेधड़क
बातचीत के लिए बहुत हिम्मत के साथ आप
कैमरे पर बोले थैंक यू सो मच
सर

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