खानदान की बात करके बीजेपी ने छेड़ा | Akhilesh के जवाब से सब सन्न रह गए | UP Vidhansabha - Kabrau Mogal Dham

खानदान की बात करके बीजेपी ने छेड़ा | Akhilesh के जवाब से सब सन्न रह गए | UP Vidhansabha

डुबो देता है कोई नाम तक भी खानदान का
डुबो देता है कोई नाम तक भी खानदान का और
किसी के नाम से मशहूर होकर गाव
चलता बात खानदान तक पहुंची है तो खानदान
बढ़ाने के लिए भी कुछ करना

चाहिए
अब तो बात पहुंच गई कहां पहुंचने
थी पीडी का मतलब है परिवार डेवलपमेंट
अथॉरिटी अखिलेश के चाचा थे हैं

और डुबा देता है कोई नाम तक भी खानदान का
किसी के नाम से मशहूर होकर गांव चलता है
अरे अपना गांव तो बता दो कौन सा है आपका

है लेकिन इस बजट सत्र में बहुत कुछ देखने
को मिला कई शेर शायरी सुनने को मिली तो कई
हसी मजाक देखने को मिले जोरदार हमला भी
किया गया एक दूसरे को ऊप सत्ता पक्ष और

विपक्ष के बीच में जोरदार हमला भी देखने
को मिला एक तरफ मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ ने चाचा शिवपाल को लेकर कटाक्ष
किया तो उस पर शिवपाल यादव ने भी जवाब

दिया और अखिलेश यादव ने भी जवाब दिया वह
हम आपको इस वीडियो में बताने जा रहे हैं
और इसके साथ ही साथ अखिलेश यादव के खानदान
वाले बयान को लेकर काफी चर्चा हो रही है

उस खानदान वा वाले बयान के पीछे की असली
कहानी क्या है वह हम आपको बताने जा रहे
हैं क्यों उस खानदान वाले बयान को के बाद
पूरा सदन ठाक से गूंज उठा क्यों उस खानदान

वाले बयान के बाद विधानसभा अध्यक्ष भी
अपनी हंसी नहीं रोक पाए और उस बयान के बाद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मुस्कुराते
हुए दिखाई दिए क्या थी उस बयान के पीछे की

पूरी कहानी व भी हम आपको बताएंगे और इस
वीडियो में आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर
इस पूरे सत्र के दौरान क्या कुछ हलचल
देखने को मिली है क्या कुछ कुछ छीट कशी

क्या कुछ कटाक्ष देखने को मिले हैं वह हम
आपको बताने जा रहे हैं तो सबसे पहले योगी
आदित्यनाथ ने दो दिन पहले क्या बयान दिया
था जिसको लेकर यह बहस छिड़ी और जो कि आज

तक जारी है और अखिलेश यादव ने इस पर आज
बयान दिया है विधानसभा में खड़े होकर तो
सबसे पहले योगी आदित्यनाथ ने क्या कुछ कहा
था वह हम आपको सुनाने जा रहे हैं बताने जा

रहे हैं योगी आदित्यनाथ ने कहा कि
मुख्यमंत्री ने कहा कि इनका पीडीए यानी कि
परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी है परिवार
परमेंट

अथॉरिटी बजेश जी ने अभी अपने उसमें
कहा उनके पीडीए में और लोग हैं लेकिन
चचूड़ी ठगे जाते हैं आगे बोलते हैं यहां
पर सीएम योगी आदित्यनाथ वो कहते हैं एक

बार पढ़िए महाभारत परिवार के तीन सदस्यों
के नाम थे चच्चना क्यों नहीं था अगर प्रभु
राम को मानते रामायण से सीखते या महाभारत
से ही सीखते तो चचूड़ी मान नहीं करते अगर

प्रभु राम को य लोग मानते तो चचों के साथ
अन्याय नहीं
करते रामायण से
सीखते रामायण में

सीखते या फिर कम से कम महाभारत सेही सीख
जाइए और आप तो वैसे भी कभी कभी आपके बयान
आते रहते हैं लेकिन आप फिर भी बोलते हैं
आप आस्था के बारे में जरूर बोलते हैं आप

देखि देखो अ महोदय महोदय कैमरे में क्यों
नहीं थे कैमरे के से बाहर क्यों थे
साइडलाइन क्यों थे उसको भी नेता पक्ष प्
आप जब बोल तो कोई भी नहीं बोला सीएम योगी

आदित्यनाथ ने क्या कुछ कहा शिवपाल सिंह
यादव को लेकर किस तरह से कटाक्ष किया और
उसके बाद चाचा शिवपाल खड़े होते हैं एक
दिन बाद वह क्या कहते हैं शिवपाल यादव ने

कहा कि कभी-कभी नेता सदन को हमारी चिंता
हो जाती है नेता सदन यानी कि सीएम योगी
आदित्यनाथ ऐसा प्रतीत होता है शिवपाल जी
बोलते हैं कि ऐसा प्रतीत होता है कि सदन

में कोई कार्यक्रम चल रहा है चाचा पर
चर्चा नेता सदन को मेरी चिंता हो जाती
है ऐसा प्रतीत होता है मानो सदन में कोई
कार्यक्रम चल रहा है चाचा पर चर्चा वहीं
शिवपाल यादव के इस बयान को सुनकर सदन में

बैठे सभी नेता हंसने लगते हैं और खुद सपा
मुखिया अखिलेश यादव भी इस दौरान अपनी हंसी
रोक नहीं पाते शिवपाल यादव कहते हैं कि
चाचा पीडीए के थे और रहेंगे चाचा पीजीए के

थे हैं और रहेंगे कादी समाजवादी थे हैं और
रहेंगे अखिलेश के चाचा थे हैं और
रहेंगे तो यह तो हो गया शिवपाल सिंह यादव
का बयान अब अखिलेश यादव ने दोस्तों किस

तरह से पलटवार किया किस तरह से शिवपाल
सिंह यादव की बात का जवाब यहां पर दिया वह
हम आपको बताने जा रहे हैं दोस्तों अयोध्या
का जिक्र बहुत हो रहा है राम मंदिर का

जिक्र बहुत हो रहा है और इसी कड़ी में राम
मंदिर का जिक्र करते-करते अखिलेश यादव ने
अपनी बात रखी अखिलेश यादव ने कहा कि पीएम
मोदी का उन्होंने नाम तो नहीं लिया लेकिन

उन्होंने कहा कि जब पहली बार दिल्ली वालों
की यात्रा हुई तो आप किस नंबर की गाड़ी
में बैठे थे दिल्ली वालों से उनका
तात्पर्य था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
ऐसा लोग कह रहे हैं अखिलेश ने कहा कि आप

पर वह लाइन सटीक बैठती है हुजूर आला आज तक
खामोश बैठे इसी गम में महफिल लूट ले गया
कोई जबकि सजाई हमने हजूर
आला आज तक खामोश बैठे इसी गम

में महफिल लूट ले गया कोई जबकि सजाई
हमने पहले तो वहां के हर प्रचार में दिखे
[संगीत]
लेकिन पहले तो वहां के हर प्रचार में दिखे
लेखन
जब सही समय आया तो फोकस से आउट थे और फिर

जब फोकस में नहीं
थे तो हम लोगों को बड़ी मुश्किल से
दिखे और जो
बहुत
महंगा और आलीशान आलीशान नहीं बोलूंगा

मैं महंगा लाल रंग का कारपेट
बिछा लाल का लाल कारपेट पर महोदय कहीं
नहीं दिखाई
दि अगर कहीं दिखाई दिया हो तो बता दें
हम और वो भी लाल कारपेट

पे मार्क्ड
था क्या अध्यक्ष महोदय कहां मुड़ना है और
ये निर्देश थे कि लाल कारपेट पर कोई नहीं
रहेगा उन्होंने बताया कि आप कई बार वहां
पर गए उन्होंने कहा कि आप पहले तो वहां के

प्रचार में दिखे लेकिन उद्घाटन वाले दिन
जब सही समय आया तो फोकस से आउट थे यह बात
उनकी तरफ से कही गई उन्होंने भी अखिलेश
यादव ने भी योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष किया

अखिलेश यादव ने आगे क्या कहा दोस्तों वह
सुनिए उन्होंने लिखा कि आपने लाखों दिए
जलाए लेकिन खुद को रोशनी में नहीं ला पाए
इसे कहते हैं सच में चिराग तले अंधेरा

होना यह बड़ा हमला किया उन्होंने
बातों-बातों में अब आ जाते हैं कि अखिलेश
यादव ने शिवपाल सिंह यादव की बात पर क्या
बयान दिया है वह सुनिए अखिलेश यादव ने कहा

कि आप उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं आप
चाचा के ना पर हमें छेड़ते हैं मैं किसी
के नाम पर आपको नहीं छेड़ना चाहता सुना है
किसी ने तस्वीर ट्वीट की थी वह भी डिलीट

करनी पड़ी सुनते हैं हम आपको सुनिए नेता
सदन आप उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
है आप चाचा के नाम पर हमें छेड़ते
हो मैं लेकिन कुछ लोगों के नाम पर आपको
नहीं छेड़ना चाहता

हूं मैं समझ सकता हूं जो मुख्यमंत्री होता
है कितने दबाम में काम करता
है सुना है किसी ने तस्वीर ट्वीट कर दी
थी वो भी डिलीट करनी पड़ी तो सुना आपने

दोस्तों यह तो थी अखिलेश यादव की बात
अखिलेश यादव ने कहा कि भाई हम मुख्यमंत्री
नेता सदन के लिए बोला उन्होंने
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए कि हम

आप पर किसी का नाम लेकर कटाक्ष नहीं
करेंगे आपको छेड़ नहीं और बातों-बातों में
बहुत सारी बातें बोल गए अब बा शुरू होती
है कि आखिर क्या कुछ कहा यहां पर अखिलेश

यादव ने जिसके बाद सभी लोग हंसने लगे कोई
अपनी हंसी नहीं रोक पाया आखिर उस खानदान
वाले बयान की पीछे की कहानी क्या है
दोस्तों वो हम आपको बताने जा रहे हैं

सिलसिलेवार तरीके से बताते हैं कि आखिर
हुआ क्या तभी आपको समझ में आएगा कि आखिर
इसके पीछे का मतलब क्या था अखिलेश यादव
कहते हैं कि बजट में जो आखिरी में कुछ

कविताओं की लाइने लिखी हुई थी वो
समाजवादियों की कविता थी मुझे समझ नहीं
आता अध्यक्ष महोदय इतने बड़े बजट में
समाजवादियों की कविता कैसे आ गई मुझे समझ

में नहीं आता अध्यक्ष
महोदय इतने बड़े बजट
में समाजवादियों की कविता कैसे आ
गई और अध्यक्ष महोदय य
बात हमारे वित्त मंत्री ज्यादा स्पष्ट कर

द क्योंकि अपने शेर तो व कम रखते हैं
दूसरों के शेर ज्यादा पड़ते इसके बाद
दोस्तों गांव का जिक्र हुआ सदन के अंदर
उसमें अखिलेश यादव ने बोला मुझे नहीं पता

कि किसके गांव का पता ढूंढ रहा था हमें तो
आपके गांव का नाम ही नहीं पता यह बात
अखिलेश यादव ने कही और कहा कि आगे आगे कहा
कि जिनकी इन्होंने लाइने लिखी हैं उन्हीं

से चार लाइने मैं फिर मांग के लेकर आया
हूं और फिर वो लाइने वो पढ़ने लगे जरा वो
चार लाइने सुन
लीजिए जिनकी वो चार लाइने इन्होंने पढ़ी

है उन्हीं से मैं फिर लाइन मांग के ले आ
गया यहां कुछ और कहता है
वहां कुछ और कहता
है हकीकत कुछ है लेकिन दास्ता कुछ और कहता
है यहां कुछ और कहता

है वहां कुछ और कहता है हकीकत कुछ है
लेकिन दासता कुछ और कहता है कली से ताज की
फूलों से खुशबू हो गई
गायब कली से राजगी फूलों से खुशबू हो गई
गायब चमन का हाल कुछ ऐसा कुछ है बागवा कुछ

और कहता
है गली से ताजगी फूलों से खुशबू हो गई
गायब चमन का हाल कुछ है बागवा कुछ और कहता
है अखिलेश यादव यह लाइन बताते हैं और आगे
कहते हैं कि एक और शायरी पढ़ना उन्होंने

शुरू किया और जिस शायरी में खानदान और
गांव का जिक्र आया इस पर अखिलेश कहते हैं
कि अरे अपना गांव तो बता दो मुझे तो नहीं
पता गांव किसके गांव की कहां है एक गांव
तो बहुत सबको जानते हैं सब जानते उस गांव
को सब जानते उस गांव

को देखिए
आप यही तो लाइन में लिखा
था यही तो लाइन में लिखा
था यही तो कविता पढ़ी थी और मैं दोबारा
पढ़ देता हूं और इनके गांव कहां है यह बता

दे खुद जब भाषण नेता इसके बाद सदन में
अखिलेश यादव गांव पर ही काफी देर तक
उन्होंने बोला और कहा कि अपना गांव बनाओ
अगर सब अपने गांव की पहचान बना देंगे तो

उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल जाएगी उसके
बाद सभी जो समाजवादी पार्टी के विधायक थे
वह मेज थपथपा लगे और वाहवाही करने लगे जरा
वो भी सुनिए अरे अपना गांव तो बता दो कौन
सा है आपका

गांव अपना गांव तो बता
दो
अपने गांव की पहचान
बनाओ अगर सब अपने गांव की पहचान बनाएंगे
तो उत्तर प्रदेश की तस्वीर कुछ और होगी तो
यह तो हो गई दोस्तों गांव की बात खानदान

की बात कहां पर आ गई जिसको अखिलेश यादव
बार-बार जिसको अखिलेश यादव कह रहे थे और
वो बार-बार हर जगह पर आप देखने को भी मिल
रहा होगा बहुत ज्यादा सोशल मीडिया पर बयान

की चर्चा हो रही है अखिलेश यादव विशेष तौर
पर बार-बार बोल रहे थे गांव की बात बोल
रहे थे और इसके बाद जो आधा अधूरा बयान आप
जगह-जगह सोशल मीडिया पर सुन रहे हैं

अखिलेश यादव का खानदान वाला बयान वो लाइन
फिर अखिलेश यादव ने यहां पर रखी उस कविता
में उसका जिक्र होने के बाद खानदान का जब
शब्द आया तो अखिलेश यादव ने किस तरह से उन

लाइनों को रखा वो बयान दिया जरा वो सुनिए
बात खानदान तक पहुंची है तो खानदान बढ़ाने
के लिए भी कुछ करना चाहिए
अब तो बात पहुंच गई कहां पहुंचने

थी और जब सदन में सब हंस रहे थे और और मेश
थपथपा रहे थे और विधानसभा अध्यक्ष भी अपनी
हंसी नहीं रोक पा रहे थे तो पीछे से किसी
ने कुछ बोला तो अखिलेश यादव कहते हैं कि

बात पहुंच गई जहां पहुंचने थी यह बात
अखिलेश यादव बोलते हैं और वो भी
मुस्कुराते हुए दिखाई देते हैं जो विधायक
थे वो वहां पर हंस रहे थे बीजेपी के लोग

भी कुछ मंद मंद मुस्कुरा रहे थे विधानसभा
अध्यक्ष की हंसी तो हमने आपको दिखाई दी कि
वो अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे थे खैर जो
हुआ सदन में खट्टी मिठी यादें कहे जाएंगी

ये क्योंकि जबजब सदन चलता है और योगी
आदित्यनाथ और अखिलेश यादव आमना-सामना जब
सदन में होता है तो ती की नोक झोंक तो
देखने को मिलती है और बहुत सारे

हल्के-फुल्के अंदाज में हंसी ठिठोली भी
देखने को मिलती है यही इस बार भी सदन में
देखने को मिला बहुत शुक्रिया दोस्तों

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