खड़गे धोते रहे,मोदी सुनते रहे तहलका मचा दिया बूढ़े शेर ने..!! - Kabrau Mogal Dham

खड़गे धोते रहे,मोदी सुनते रहे तहलका मचा दिया बूढ़े शेर ने..!!

क्यों नहीं देते हो अरे उसके घर में जाके
खाना खाके शो मचाते
हो समझते है तो उनको मंदिर में क्यों अनाव
नहीं
है थोड़ा सा कहिए अगर बुनियाद नहीं है

तुम्हारा बिल्डिंग कहां खड़ा
होगा कहीं भी जाओ हिंदू मुस्लिम हिंदू
मुस्लिम हिंदू मुस्लिम अरे वही है आपके
देश में फिर उसके बाद धर्म के नाम से जाति

के नाम से भाषा के नाम से आप हर एक को
डराते हो लेकिन इनको क्यों नहीं डरा रहे
और 14 से लेकर आप तक क्या किया ये सब मेरे
इसम

है और 14 से लेकर आप तक क्या किया यह सब
मेरे इसम है य अगर उतना टाइम अगर आप देते
हैं मैं कंपेरटिवली बोल सकता हूं लिटरेसी
रेट पहले क्या था लाइफ एक्सपेक्टेंसी क्या

था इफट मोरालिटी क्या था फीमेल लिटरेसी
क्या था एससी एसटी का ता सब सारी चीज बता
सकता हूं लेकिन इतने काम करने के बावजूद
भी आप में इतनी क्या कहेंगे हम इतनी लसी

क्यों भाई अपने बात को आप
रखिए लेकिन दूसरे जो काम किए उसकी भी
थोड़ा सा कहिए अगर बुनियाद नहीं
तुम्हारा बिल्डिंग कहां खड़ा

होगा जब बुनियाद नहीं है साब बुनियाद में
जो पत्थर जाते हैं वो किसी को नहीं
दिखते लेकिन ऊपर जो रहते हैं कोही
इनॉगरेशन के नाम दिखते

हैं इसीलिए मैं यह 10 पेज का पूरा यहां पर
रखूंगा लेकिन बोलने के समय भी मुझे कम है
लेकिन आप बड़े दिल वाले हैं मुझे मान्यवर
मान्यवर यह समय आपने निश्चित किया है आपकी

पार्टी का समय बचा हुआ है निश्चित किया
गया कि आप 35 30 मिनट बोलेंगे कल माननीय
दिग्विजय सिंह जी बोल रहे
थे जय राम रमेश ने इनको 10 मिनट और दे दिए

पर अब भी जितना समय है आप उसका उपयोग
कीजिए उतने समय का तो उपयोग करूंगा लेकिन
आपको डिस्क्रीशनरी पावर है ना
स हमने तो दिया है आपको इस हाउस को आगे

बढ़ाने का भी टाइम आपको आपके पास है सबका
सभी को पूछ के घंटा दो घंटे चार घंटे चला
सकते हैं आप तो सब सुप्रीम पावर आपके पास
है मेरे पास तो सिर्फ रिक्वेस्ट करने का

है क मैंने कोशिश की थी कि हाउस को 8 बजे
तक चलाएं जी समर्थन नहीं मिला
बड़ी कोशिश की थी क्योंकि द हाउस इ मेंट
फॉर डायलॉग डिबेट डिस्कशन ताकि पब्लिक इ
होए मेरा समय भी

जा
सर
और हमेशा प्राइम मिनिस्टर
साहब
ज्यादा अपने
डेवलपमेंट और गवर्नेंस

और पार्लिमेंट जब चलती है तो ज्यादा इधर
ध्यान दिए तो अच्छा रहेगा लेकिन वो हमेशा
इलेक्शन में मूड इलेक्शन मूड में ही रहते
हैं इधर पार्लिमेंट चलते रहता है उधर मेरे

कानस स में गए हैं
गुलबर्गा वहां पर लंबा के कान्फ्रेंस में
जाके पूरा हा अरे भाई मेरी एक ही कान
सुनसी मिल रही है आपको

और एक कानस में दो
मीटिंग एक कांस में दो मीटिंग नहीं सर यह
गहरी जांच का विषय है अरे मुझे बोलने तो
ये नजदीक संबंध है उन्हो भी हस रहे पहली

बार हस रहे मोदी साहब पहली बार हस रहे आप
उनको हसने भी नहीं दे
रहे मुझे एक बात याद आ गई 8 अगस्त को
8 अगस्त को आपने कहा था

और मेरे बारे में ही कहा
था अगर तलाश करूं तो कोई मिल जाएगा मेरे
प्र ऑफिस में थे यहां मगर आपकी तरह कौन
हमें

मिलेगा आपके
साथ यह मंजर रौनक जैसा है आपके बाद मौसम
बहुत सताएगा मौसम कहां सताए मौसम ठीक है
आप भी हंस रहे हैं इ बींग

शेड मैंने ये कहा था उस वक्त तो नायडू
साहब बैठे थे कहा मेरे लिए था आगे बहुत
सताएगा सुनिए आप उस वक्त नायडू साहब बैठे
थे मैं तो गए दिन तो ऐसे थे लेकिन आगे आने

वाला मौसम और भी खराब है ऐसा मैं
बो तो मेरे को ऐसा ही महसूस हो रहा है बात
करने नहीं
देते और 267 में चर्चा करने नहीं देते

और
कोई भी चीज हम उठाना चाहते हैं कि आप दिल
दरिया होना चाहिए कि आप उसको अलाव करना
चाहिए फिर बाद में सरकार है उसको निपटा है
व कह देते हैं इसको ठीक है नहीं है फिर आप

सबको समझा सकते हैं इसीलिए मेरा एक निवेदन
है आपसे कि य पार्लिमेंट डेमोक्रेसी में
तो चर्चा होती है जब होती है तो उसका
उत्तर भी मिलता है तो इसीलिए मैं आपसे फिर

एक बार निवेदन करता हूं कि आप हमको ऐसा ही
बोलने के लिए चांस देते जाओ डेमोक्रेसी
में सुनते जाओ और उसको सुलझाओ जो भी हम
सला देते स दूसरी

बात अब भारत जोड़ो
यात्रा हम राहुल गांधी जी कन्याकुमारी से
लेकर कश्मीर तक चले और मैं हर स्टेट में
मैं भी उसमें हाजिर हुआ व अपनी बात बहुत
से जगह

कहे
और बहुत से जगह अपनी बात को मैं रखा और यह
जो भारत जोड़ो
यात्रा य कोई किसी के खिलाफ नहीं है य एक
3000 600

किलोमीटर
चलना और लोगों के विचार को सुनना और लोग
जो कहते हैं वह आगे के लिए मार्गदर्शन
उसका लेना यही मकसद
था

लेकिन यहां पर
जो सदन में मैं देखता हूं सदन के बाहर भी
मैं देखता हूं
कि कभी भी या तो नफरत की बात ज्यादा करते
हैं बार-बार मैं देखता हूं हमारे

रिस्पांसिबल
एमपी
मिनिस्टर्स ऐसी बात करते हैं कि कहीं भी
जाओ हिंदू मुस्लिम हिंदू मुस्लिम हिंदू
मुस्लिम अरे वही है आपको देश में हिंदू

मुस्लिम ही मिलता है दूसरे सब्जेक्ट नहीं
मिलते य और दूसरे तरफ कहीं क्रिश्चन का
चर्च है उसके तरफ आपकी निगाह कहीं शेडल
कास्ट किसी मंदिर में गया तो उसको मारते
हो उसकी सुनवाई नहीं होती

है देखिए एक क्या
है आज हम शेडल कास्ट को हिंदू समझते ना

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