क्यों काली माँ ने शिव के ऊपर अपना पाँव रखा - Kabrau Mogal Dham

क्यों काली माँ ने शिव के ऊपर अपना पाँव रखा

[संगीत]

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको मां काली और

रक्तबीच नमक एक व्यक्ति की कहानी सुनने जा

रहे हैं

रक्तबीज बहुत ही शक्तिशाली था पुराने के

अनुसार रक्त बेचे लगभग लाख वर्षों तक तब

किया और ब्रह्मा जी की स्तुति की रक्तबीज

की तपस्या से ब्रह्मा जी बहुत प्रश्न हुए

और उसके सामने प्रकट हो गए और उसे कहा

मैं तुम्हारी तपस्या से प्रश्न हूं कहो

तुम्हें क्या चाहिए

ब्रह्मा जी मुझे अमरता का वरदान चाहिए

[संगीत]

मुझे नहीं मार सके मुझे ऐसा वरदान दो

भगवान

[संगीत]

देता हूं की युद्ध में अगर तुम्हारे शरीर

से एक भी रथ की बूंद धरती पर गिरेगी तो

उससे नया रक्तबीज जन्म लेट और किसी के लिए

भी तुम पर विजय पन असंभव होगा

[संगीत]

अब मुझे युद्ध में कोई परस्त नहीं कर सकता

स्वर्ग पर हम असुरों का राज होगा ना की

देवताओं का

इंद्रदेव को चुनौती देता हूं

अगर साहस है तो मेरे संयुक्त करने आओ नहीं

तो स्वर्ग लोक से भाग कर कहानी मोर छिपा

कर बैठ जो

[हंसी]

[संगीत]

को युद्ध के लिए ललकार है अब हमें उससे

युद्ध करना होगा

[संगीत]

[संगीत]

आप सही का रहे हैं देव ऋषि नारद हम सब

देवी दुर्गा की स्तुति करते हैं अब वही

हमें संकट से बच्चा शक्ति है

देवी

वहां प्रकट होती है इंद्र देवता कहते हैं

[संगीत]

केवल आप ही दिल शक्ति हैं हमारी मदद कीजिए

माता

इंद्रदेव आप सभी देवता निश्चित रहिए रक्त

बीच का संघर्ष होगा

दंड अवश्य मिलेगा देवताओं को आश्वासन देकर

देवी मां रक्तबीज को युद्ध के लिए ललकारती

है

[हंसी]

ललकार रही है

मुझे ब्रह्मा से मरता का वरदान प्राप्त है

तो मेरा कुछ नहीं बिगड़ पाएगी

[संगीत]

मैं भी देखा हूं यह कैसे संभव होता है

[संगीत]

शुरू हो गया जैसे ही मां दुर्गा के वार से

रक्तबीज घायल होता

और उसकी रक्त की बंदे धरती पर गिरती वैसी

एक नया रक्त बी उन बूंद से पैदा हो जाता

एक रक्त बीच मरता तो दूसरा सामने ए खड़ा

होता अरे ये सब क्या हो रहा है यह रक्तबीज

मा क्यों नहीं रहा है

[संगीत]

रक्त को पीना होगा ताकि उसकी एक भी बूंद

धरती पर ना गियर ब्रह्मा जी के वरदान के

अनुसार

पृथ्वी पर गिरते ही सैकड़ो रक्तबीज पैदा

हो जाएंगे इसका संघर्ष

का रक्त धरती पर ना करें

[संगीत]

इसके लिए तो देवताओं को मां पार्वती की

स्तुति करनी पड़ेगी ताकि वह मां काली का

अवतार लेकर इस दानव का विनाश करें

टीटागढ़ मिलकर मां पार्वती का आह्वान करते

हैं देवी पार्वती देवताओं के सामने प्रकट

हो जाति है मां दुर्गा कहती है देवी

पार्वती आपको मां काली का रूप धरण करना

होगा ताकि जब भी मैं इस रक्षा पे प्रहार

करूं आप इसका रथ खबर में लेकर रक्तपान

करें

आप चिंता ना करें देवी दुर्गा मैं इस दानव

के रक्त की एक बूंद भी जमीन पर गिरने नहीं

दूंगी ऐसा कहकर मां पार्वती काली का रूप

धरण कर लेती है

इतना भयानक रूप देख वह खड़े सारे देवता

रक्त पीना शुरू कर दिया जिससे नया दैत्य

उत्पन्न नहीं हो रहा था उन्होंने कई

राक्षसों को निगल लिया ऐसे में मां काली

का क्रोध बढ़ता ही जा रहा था मगर

[संगीत]

[संगीत]

जैसे आपने बोला वैसे ही होगा देवी दुर्गा

रत बी और देवी दुर्गा में घमासान युद्ध

शुरू हो गया

रक्तबीज मां दुर्गा के हर प्रहार से बैक

जाता देवी दुर्गा ने रक्तबीज के बाजू पर

वार किया

मां दुर्गा के कहे अनुसार मां काली ने

रक्त को खबर में ले लिया और रक्त तूफान

करने लगी

देवी दुर्गा ने रक्तबीज के सर को घर से

अलग कर दिया

और खपर में रख दिया जिसे मां काली ने सर

रक्त पी लिया

देवी दुर्गा ने कहा है शिवा है गली के

सारे व्यक्तियों का वध और रक्तबीज का भी

वध हो चुका है अपना क्रोध शांत करो देवी

काली मुझे दानवों का रक्त दो मुंड दो देवी

दुर्गा ने मां ही मां सोचा काली को रोकने

का अब उसे एक ही उपाय है भगवान शिवा वही

काली के क्रोध को शांत कर सकते हैं सारे

देवता भगवान शिवा के पास पहुंचे और उनसे

विनती करने लगे

भगवान मां काली का क्रोध बढ़ता ही जा रहा

है उन्हें रोकना गया तो उनके क्रोध से

साड़ी सृष्टि का विनाश हो जाएगा हमारी मदद

करें भगवान

मुझे रख दो मुझे मुंडे दो देवी का क्रोध

आक्रामक हो गया

[प्रशंसा]

पर और देवी काली का पर उनके ऊपर पद जाता

है भगवान शिवा को अपने कदमों में बड़ा देख

देवी काली की जी बाहर ए जाति है और वह

अपने वास्तविक रूप में ए जाति है

महादेव आप मुझे क्षमा कीजिए मैंने क्रोध

में आपकी और देखा नहीं

तत्पश्चात सभी देवी देवता मिलकर भगवान

शंकर और माता पार्वती पर फूलों की वर्षा

करते हैं

तो दोस्तों ऐसा हुआ था दाना रक्तबीज का

संघार और मां काली का क्रोध शांत अगर आपको

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