क्या उसने अपने किये का अफ़सोस है ???? - Kabrau Mogal Dham

क्या उसने अपने किये का अफ़सोस है ????

मेरे

बच्चे तुम दोनों के रिश्ते में बहुत खटास

आ गई है उसकी जबान तुम्हारे लिए हमेशा

तलवार की तरह काम करती है वह हमेशा

तुम्हें अपने शब्दों से चोट पहुंचाता

है तुम्हारे ऊपर हमेशा किसी तीसरे व्यक्ति

को रखता है हमेशा तुम्हें नीचा दिखाता है

और कभी भी तुम्हारे साथ वफादार नहीं रहा

वो लेकिन उसके इतने बुरे बर्ताव के बाद भी

तुमने हमेशा उस पर यकीन रखा उसे हमेशा

प्रेम मान सम्मान ही दिया है अपनी तरफ

से तुमने कभी भी उसके प्रेम पर उसके

चरित्र पर प्रश्न नहीं

उठाया उसने तुमसे जो कुछ भी बताया जितना

भी बताया तुमने सब कुछ सुना और आंख बंद

करके यकीन कर

लिया तुम रिश्तों में दिमाग नहीं लगाते हो

मेरे

बच्चे किसी के खिलाफ मन में दुश्मनी नहीं

रखते

हो अगर तुम्हें किसी की भी बात बुरी लगती

है तो तुम उसी वक्त उस व्यक्ति को वह बात

बोल देते

हो चाहे वह बात लाख कड़वी

हो तुम्हें झुकने में भी कोई शर्म नहीं

आती अगर तुम गलत हो या तुमने किसी के बारे

में गलत सोचा और वह व्यक्ति वैसा नहीं

था तो तुम उससे माफी मांगने में भी नहीं

कतराते और रिश्तों की य पारदर्शिता तुम

सामने वाले से भी उम्मीद रखते हो लेकिन यह

व्यक्ति हमेशा हर बात में तुमसे झूठ बोलता

है तुमसे बोलता तो बहुत कुछ है बहुत

बड़ी-बड़ी बातें करता है लेकिन उसका

बर्ताव ऐसा नहीं

है वो तुम्हारे साथ हमेशा ऐसे बर्ताव करता

है जैसे उसके जीवन में तुम्हारी कोई कदर

नहीं है कोई अहमियत नहीं है तुम्हारी

अब तुम्हें समझ में आ गया है तुम्हें कभी

भी इस व्यक्ति पर यकीन नहीं करना चाहिए

था एकएक करके उसके सारे झूठ तुम्हारे

सामने आ रहे हैं पर वह इतना बेशर्म है कि

वह अभी भी सीना चौड़ा करके झूठ बोल रहा

है और तुम्हारे ही प्रेम पर तुम्हारी ही

सच्चाई पर उंगली उठा रहा

है वह कभी भी सच का सामना नहीं करता है

तुमने उसे किसी और के साथ देख भी लिया है

फिर भी वह अपनी गलती को मानकर तुमसे माफी

मांगने के लिए तैयार नहीं

है तुम दोनों के रिश्ते में सच्चाई बची ही

नहीं है कोई तीसरा व्यक्ति भी है जो इसके

अंदर तुम्हारे लिए बहुत जहर भर रहा

है और उन दोनों का धोखा तुम्हारे सामने आ

गया

है इसने कभी तुम्हारे बारे में नहीं सोचा

मेरे

बच्चे अब तुम भी इसके बारे में सोचना छोड़

दो क्योंकि अब वह भी वही सब झेलने वाला है

जो उसने तुम्हारे साथ किया है वह कहते हैं

ना इंसान जो बोता है वही काटता है अब वक्त

आ गया है जब वह व्यक्ति अपनी बोई फसल

काटेगा किसी व्यक्ति के कहने पर इसने

तुम्हारे जीवन में बहुत जहर के बीज

बोए अब भी उसी जहर को पीना होगा इंसान

अपने कर्मों से नहीं बच पाता है मनुष्य जो

करता है वह लौटकर उस पर जरूर आता

है अब उसे तोहफे के रूप में वह दर्द दूंगी

मैं जो उसने तुम्हें

दिया अब उसे खुद को और अपनी सोच को बदलना

ही होगा तुम्हारे खिलाफ उठाए हर कदम

तुम्हारे साथ किए हर बुरे बर्ताव का अफसोस

होगा

उसे वह अब खुद को बदलना चाहता है अपनी की

गलतियों को बदलना चाहता

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