कौन है महाकाली के माता पिता ? कैसे हुआ उनका जन्म - Kabrau Mogal Dham

कौन है महाकाली के माता पिता ? कैसे हुआ उनका जन्म

यह आदेश जय सेवा जय महाकाल श्री महाकालाय

नमः आज हम आपके लिए लेकर आए निरस्त होने

की खास पेशकश जिसका नाम है दैवीय रहस्य अब

इसके अंदर हम अनेकानेक रहस्यों को उजागर

करेंगे जो कि ना कभी आपने सुने होंगे ना

ही कभी जाने होंगे परंतु जिज्ञासा तो हर

किसी के मन में होती है और जिज्ञासाओं को

शांत जाना अति आवश्यक हैं तो फिर आज हम

देरी ना करते हुए इस पेशकश को आगे बढ़ाते

हैं आज की पेशकश में हम जानेंगे श्री

महाकाली जी के बारे में महाकाली साक्षत

महाकाल की अर्धांगिनी इनके विषय में सबके

मन में कुछ न कुछ जिज्ञासा रहती है कि

महाकाली है कौन महाकाली उत्पन्न कहां से

हुई महाकाली करते हैं प्रज्ञा सुनने

महाकाली ने क्या करें मधु-कैटभ को मार

दिया मधु का टॉपिक हमारा रक्त बीच कुमार

आशीष विष्णु के पैरों में आगे नहीं यह सब

चीजों तो ठीक ही नहीं अलग तथा तो कुछ और

ही है रहस्य कुछ हो रही है जो लोग नहीं

जानते कि क्या है रहस्य क्यों है महाकाली

के चरणों में महाकाल इसको जाएंगे हम आगे

कई सारे इसमें भागी बनेंगे शायद आप

महाकाली को

हां जान पाए कि महाकाली है क्या इसमें

महाकाली के तांत्रिक स्वरूपों को बताएंगे

कि महाकाली के तांत्रिक स्वरूप क्या है

महाकाली करते क्या है महाकालिका उत्पन्न

कहां से हुई है तो फिर आज हम जानते हैं

सबसे पहले जानेंगे कि महाकाली की उत्पत्ति

कैसे हुई महाकाली एक अनंत ब्रह्मांड यह कह

सकते हैं काला ब्रह्मांड का कुछ भी नहीं

था वहां पर स्थित काला ब्रह्मांड तो जब

शीशे की बनी तो साले ब्रह्मांड कोई

महाकाली बताइए आप देखेंगे कि अकाश रहेंगे

अक्षित अपना रहनुमा आते हैं तो आकाश में

क्या दिखता है राष्ट्रीय सूरज अपनी

कर्त्तव्य में नीलाकाश टिप्स हैं परंतु

हैं साला अंधकार चुप पूरा ब्रह्मांड है वह

है काला हो

कि वह महाकाली उन्हें हम अलग-अलग रूपों

में अलग-अलग नामों से जानते हैं कभी वह

महाकाल बन जाती हैं कवि व श्रीकृष्ण बन

जाती हैं कभी व श्री महागणपति बन जाती है

वह गार्लिक और कोई एक फूल रूप नहीं है वह

एक निराश शक्ति हैं समझ लीजिए कि मेरे पास

यहां पर एक पत्थर है मुझसे महाकाली के रूप

में पूछ रहा हूं क्या वह हमें हमारी इच्छा

पूरी नहीं करेगी या फिर एक मूर्तियां

महाकाली उसे पूछ रहा हूं वह इच्छा पूरी

करेगी महाकाली निराकार शक्ति है जैसे कि

शक्ति का कोई आकार नहीं होता ना तो

महाकाली का भी कोई अधिकार नहीं होता केवल

और केवल भक्तो के मनोरथ पूर्ण करने के लिए

उनकी इच्छाएं पूर्ण करने के लिए महाकाली

अनेक रूपों में प्रकट होती हैं तो सबसे

पहले ब्रह्मांड में क्या था अंधकार में

प्रकाश अंधकार में प्रकाश तय किया था कि

जब सब कुछ हीरो था कि वो क्या होता है

महाकाली को क्या बोला जाता है सुनने की

अधिष्ठात्री अगर हम धीरे को किसी

मल्टिप्लाई करते क्या हो जाता है वह शून्य

महाकाली अपने स्व

मैं पालन करती हैं जन्म देती हैं वह अंत

में सुधार भी कर देती हैं अंत में सब कुछ

सारा ब्रह्मांड जो आप देखते हैं ना वह सब

महाकाली में लीन हो जाता है महाकाली अपनी

मां योनी ही सब को जन्म देती हैं हां जी

महाकाली की योनि से ही सबसे ज़ोर है उसी

महामुनि में सब कुछ हमारा है योनि तंत्र

में साक्षात महा यूनिक की छुट्टी कर दी गई

है उनकी वंदना की गई हैं कि माता की महा

योनी सही सब का सृजन पालन और संहार होता

है भगवान शिव क्या बोलते हैं देवी आपका जो

योनि है उसे मेरा त्रिशूल कभी नहीं दे

सकता आपको धर्म है उसका में कभी पार नहीं

पा सकता लेकिन माता महाकाली के गर्भ में

ही हम सब का जन्म होता है वह घर में फंसे

मुसीबत में नष्ट हो जाते हैं

मेरे दोस्त महाकाली के गर्भ में सब जाकर

नष्ट हो जाएंगे और उसमें सब स्टेशन भी

होगा पालन भी होगा हम कहां रह रहे इसमें

अनंत काली मां में क्या है काली मां सोचिए

ताली शब्द बना है कैसे सिर्फ अंधकार था

उससे काली शब्द की उत्पत्ति हुई थीं कि उस

वक्त कुछ भी नहीं था सिर्फ अंधकार था वहां

से ज्योति प्रकट होती है उस अंधकार में एक

वह ज्योति हुई थी जो रोशनी चला रही थी

कहते उस ज्योति के किरण थी उससे सूर्य के

प्रति होती हैं सोचिए उस ज्योति को क्या

बोला कि जो महाकाली से उत्पन्न हुई

क्योंकि महाकाली बहुत विशाल है उनका आकार

तो हम सोच भी नहीं सकते हैं क्योंकि वह

केवल अंधकार है उनको साकार रूप में भक्तों

ने ही दिया कि मां हां यह हम जैसे हैं

वैसे ही हम अपने भगवान को भी तो देखते हैं

ना इसे एक कुत्ता है अपने भगवान को पुत्री

के रूप में देखेगा एक जानवर है वहीं जानवर

के रूप में देखेगा वृक्ष हैं वृक्षों के

रूप में देखेंगे वैसे ही हम भी अपने भगवान

को इंसानी रूप में देखते हैं भगवान पर कोई

रुख नहीं देते शिव का लिंग रूप में वैसे

ही शक्ति का अनंत योनी स्वरूप है या फिर

एक

करते हैं एक रूप है एक नूर है ऐसे मुसलमान

तंत्र में बताया कि हर जगह आप बाइबिल को

नियुक्ति कर दी गई है शीघ्र ही उदाहरण

दिया गया है वह क्या है वहीं है हमारी

महाकाली जिससे सबसे ज्यादा होता है उस

ज्योति से ज्योति ज्योति हिस्सा मां

लक्ष्मी दुर्गा ही सब्सक्राइब तो

महालक्ष्मी का रहस्य दुर्गा सप्तशती के

अंदर वहां महालक्ष्मी महाकाली महासरस्वती

महालक्ष्मी महालक्ष्मी महालक्ष्मी महाकाली

एवं महासरस्वती अपने घोड़े सरस्वती

लक्ष्मी काली ये कहा जाता है महक

सब्सक्राइब महाकाली महालक्ष्मी नाम लिया

जाता है लेकिन अंत में कोई नहीं कर सकता

कहां हो

यहां पर खत्म हो जाते हैं तो हम जानते हैं

कि महाकाली इन सब उत्पत्ति करने के बाद

किया तो महालक्ष्मी ज्योति उन्होंने तीनों

को उत्पन्न किया इन त्रिदेवों गौर से

देवियों को त्रिदेव त्रिदेव पत्तियों गई

फिर उसने अपने नलिन कर लें क्योंकि उन्हें

प्रकट कर रहा था बाद में तो सृष्टि का

सृजन तो दिखाना यह अगर महाकाली हजका

आइडियल बन जाएगी हर जगह अपने आप को अहम रख

देगी तो कैसे चलेगा काम तो फिर महाकाली

महाकाली योगी के बाद नियुक्ति करने की

हमें पत्ती करने का जो उनके मन में इच्छा

उत्पन्न करवाई थी उनकी मन में इच्छा

उत्पन्न हुई थी यह सब चीजें लीला करने

वाली कौन है महाकाली महाकाली महालक्ष्मी

के मन में इच्छा उत्पन्न खरीद उनसे ही

रीजन इत्यादि कार्य करवाने शुरू करें तो

महालक्ष्मी कौन है महालक्ष्मी का एक

स्वरूप है जिन दुर्गा देवी के नाम से

जानते हैं जो अठारह भुजाओं में व्याप्त

जगत के अंदर आगे हम जाने के महाकाव्य से

देखिए कैसे है परंतु अभी के लिए हम उनकी

तथा जानते कि उन्होंने आगे किया था तो

कहते हैं जब महालक्ष्मी सप्ताह शेयर किया

था तो महालक्ष्मी के मुख से पसीने की बू

अच्छी तरीके से उस पसीने की बूंद का आप

सोचिए महाकाली सुपर हुई महालक्ष्मी

महाकाली मां से उनकी पावर की अधिकतम की

बूंद पसीने की बूंद से महासागर उत्पन्न

हुआ था जो केवल पूरे ब्रह्मांड में स्थल

की जेल की जरूरत उस जल पर क्या हुआ था कि

महाकाली ने एक शिशु को जन्म दिया था

महाकाल के साथ वह शिशुक एक बरगद के पत्ते

पर छोड़ दो सागर में छोड़ दिया दुश्मन कौन

था वह चुप के पत्ते पर बोझ को योनि श्री

हरि नारायण विष्णु से श्री हरि नारायण

विष्णु को इस लोक में दिया था वह स्ट्रोक

सुनकर भगवान विष्णु की वंदना गलत समझ गए

कि शायद आदिशक्ति ही फील कर रही है

उन्होंने योग का सहारा ले योगाभ्यास के

साथ निद्रावस्था यानि स्थिति निद्राथन

कहते हैं या फिर भगवान विष्णु शेष शैया पर

सो जाते हैं तो उन्हें योग माया अपने अधीन

कर लेती योग माया महाकाली महाकाली ने क्या

किया

आधुनिक आगे चार हाथों वाले श्री हरि

विष्णु शेष शैया पर लेटे हुए थे सोचे

भगवान विष्णु योगनिद्रा के अधीन रहकर केवल

मार्कर ध्यान में लगे रहते तो शीघ्र

प्रारंभ कैसे होते तो महाकाली ने योग में

उत्पन्न खरिहानी माया उत्पन्न कर दी उसका

योग में बाधा डालने के लिए तो भगवान

विष्णु के नाभि से उत्पन्न करें ब्रह्मा

यह नाभि से एक कमल उत्पन्न हुआ जिससे शिव

धम्मा उत्पन्न हो गए थे तो फिर इच्छा हुई

कि अब तोशी प्रारंभ होने के लिए दो चीज़ें

तो आ गई लेकिन सृष्टि की इस पर तो इस

ट्रिक को दिखाने के लिए उन्होंने भगवान

विष्णु के कानों से दो राक्षस उत्पन करें

and भगवान विष्णु के कानों से मैल निकल

उससे क्या हुए दो राक्षस उत्पन्न हो गए

जिनके नाम पर मत दो और कैट अब हम अधिक लटक

की उत्पत्ति तो हो गई फिर उनके उन्होंने

सोचा कि हमारे सिस्टम करता खून है क्योंकि

वह जल के ऊपर ऐसे कैसे खड़े हुए थे भगवान

विष्णु जल के नीचे भगवान ब्रह्मा जल के

ऊपर तो उन्होंने वहां योग माया की तपस्या

करी महायज्ञ का ध्यान किया उन्होंने

उन्हें इच्छा मृत्यु का वरदान देती

आप सोचिए योग माइक नोटिफिकेशन और की

ज्योति की जो महालक्ष्मी उपयोग मैं

महाकालउपयोग माया है महालक्ष्मी महाकाली

कोई भेद नहीं सारी दुनिया एक ही है उनका

सज्जन एक ही से होता है सबका सजग यह कैसे

होता है जो कि है महाकाली तो उन्होंने

इच्छामृत्यु का वरदान दे दिया इस समिति का

गठन कर दिया फिर क्या होगा हुआ यूं कि उन

दोनों के मन में इच्छा उत्पन्न हो गई कि

थोड़ी इच्छा उत्पन्न करने वाला कौन सा

महाकाली तो इच्छा उत्पन्न हुई कि हम दोनों

इस जल में कैसे खड़े हैं तो हम नंबर है

हमें इच्छामृत्यु का वरदान है हम क्या

करेंगे या नहीं करेंगे वह सोचने लगे उसी

पल तूने क्या लिखा है कि ब्रह्मा जी का

मंदिर बैठे हैं तो ब्रह्मा जी के पास

पहुंचे और ब्रह्माजी से लड़ने का निवेदन

करने लगा ब्रम्ह ही बचकर भाग नीचे की तरफ

विष्णु जी की तरफ पहुंचे तो उन्होंने देखा

कि उनकी स्थिति नहीं क्यों योग की शक्ति

इतनी ज्यादा है कि इतनी ज्यादा कि उसे कोई

भी प्रभावित नहीं कर सकते तो उन्होंने स्व

में काली योग माया की स्तुति करे स्तुति

महाकाली योग में घी सुखी करते ही उनके कान

आंख नाक हाथों को छोड़कर योग माया

निरीक्षण किया तो वहां जाकर अखंड

ब्रह्मांड में व्याप्त हो गया वहां पर

जाकर वह योग माया साक्षत महामाया

स्वरूपिणी महाकाली के रूप में प्रकट हुई

थी तो वहां पर उन्होंने देखा विष्णु जी

उठे तो देखा कि नंबर से डरे हुए हैं वह

समझ गई सब महामाया योग माया कि नीला है यह

महाकाली ही नीला है तो उन्होंने क्या किया

उन्होंने देखा मधु-कैटभ से युद्ध किया इस

युद्ध बहुत वर्षों तक चलता है जिसकी कोई

सीमा नहीं है तो युद्ध चला युद्ध में

विष्णु जी हाथ से जा रहे थे कार से जा रहे

थे फिफ्थ गए उन्होंने कातिल भरी नजरों से

माता योग महंगी सुख अधिकारी उन दोनों से

कहा कि तुम रिपोर्ट उन्हें स्तुति करिए जो

मैंने क्या कहानी महाकाली मां ने क्या कहा

कि पुत्र वस्त श्री विष्णु आप यूज करें कि

आप दोबारा यूज करें मैं इनकी बुद्धि को

मोहित कर दूंगी सोचिए महाकाली की शक्ति के

बारे में

मैं किसी को भी मोहित करने की आकर्षण मोहन

वशीकरण सब महाकाली करती हैं हर चीज दसों

महाविद्याओं का सूजन जो होता है वह

महाकाली भी करती हैं महाकाली योग माया है

महाकाली विष्णु महाकाली महाकाल हैं सब कुछ

जो है वह महाकाली की है इससे इसको आप समझ

जाइए पर भ्रम एक हैं एक भगवान है कि हम

दूसरों के घर पर जाते हैं बार-बार हेल्थ

अब हम बाकी न की तरफ में हुआ यूं कि

महाकाली ने उन दोनों की बुद्धि को मोहित

करती बुद्धि बुद्धि को mojito करा फिर

उन्हों ने क्या का विष्णु जी से विष्णु जी

से कहा कि हे हरे आप वरदान मांगे तो

उन्होंने जब वरदान में भगवान विष्णु चलाकर

से क्या माना कि आप तुम दोनों मेरे हाथों

मारे जाओगे तो भगवान विष्णु कैसे वरदान

मांगने पर वह दोनों ठगे गए ऐसा समझा कि हम

दोनों को महामाया नहीं मोहित खराब है तो

उन्होंने सोचा कि मित्रों लेंगे हुए कहा

कि जहां झूमी ना वह हमारी मृत्यु हो तो

भगवान विष्णु की शक्ति तो साक्षत महाकाली

ही प्रधान है उनकी शक्ति कौन है योग माया

महा लक्ष्मी दोनों ने उन दोनों की जहां

उन्होंने

मैं अपने जांघों पर रखा और उनके चीज को

काट दिया कहते हैं उनके ही शरीर के

टुकड़ों उनके शरीर के मैल यानि उनके शरीर

ही बुद्ध जो निकलते हैं चर्बी मांग

हड्डियां उन ही इस पृथ्वी बनी है सोचिए उस

मेड से बनने के कारण पूछ चर्बी से बनने के

कारण तुम अधिक बैठक की इस पृथ्वी को क्या

बोला कि आप माइनिंग मैगनेट की उत्पत्ति

किस से भी अधिक सेटअप से पृथ्वी की

उत्पत्ति किसने करवाई महाकाली ने मधुक एक

ठोप को किसने उत्पन्न किया महाकाली ने हुआ

था इस वजह से था परंतु करवाने वाली करने

वाली कर्ता-धर्ता जो भी है वह गार्लिक तो

आज हमने महाकाली के विषय में बहुत सारी

चीजों जानिए जो कि आपकी जिज्ञासा को काफी

हद तक शांत कर चुकी होगी टीम अधिक ऐसा

कांटेक्ट माता की आरती है मधुकैटभहंत्री

कई वर्षों में बंद हो जाना नहीं किया रोल

था अब आगे की कथाएं बहुत अनंत है उसको हम

कहां तक बताएंगे फैशन कहते हुए आगे पालन

कैसे हुआ था उसे आप इसको एपिसोड पर समझा

देंगे परंतु अभी हम महाकाली को जा

एक व्यक्ति महाकाली कि नील आनंद है

महाकाली की कथा है अनंत है तो महाकालिका

तांत्रिक की स्वरूप आधा काली कौन है

महाकाली के चरणों में शिफ्ट क्यों है ऐसी

बहुत सारी दिलचस्प कथाएं और बातें केवल और

केवल दैवीय रहस्य में श्रीदेवी एसएम बहुत

सारी चीजों को कवर करने वाले हैं तो

नेक्स्ट पाठ में अब हम लिखेंगे महाकाली और

महाकाल का क्या संबंध है और महाकाली दिखती

कैसी हैं महाकाली करते क्या महाकालिका

पृथ्वी पर आती है कि महक की दुनिया की

तस्वीर साथ ऐसी बहुत सारी बातें अगले

कार्यक्रम में हम डिस्कस करने वाले हैं आप

हमारे साथ बने रहिए की खास पेशकश में

जिसका नाम घृत है

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