कोई आपका कदर न करे तो सुने| - Kabrau Mogal Dham

कोई आपका कदर न करे तो सुने|

कहते हैं खुद को कभी किसी का आदि मत होने देना क्योंकि इंसान बड़ा मतलबी है जब आपको पसंद करता है

तो आपकी बुराइयां भूल जाता है और जब आपको ना पसंद करता है तब आपकी अच्छाइयां भूल जाता है इंसान

खुद नहीं बदलता कुछ हाथ से ऐसे हो जाते हैं जो इंसान को बदलने पर मजबूर कर देते हैं समय अच्छा हो तो आपकी गलती भी मजाक लगती है और समय तो आपका मजाक भी गलती बन जाता है वक्त पर जाकर यह

एहसास होता है कि बेहतर होता कि अगर हम कुछ लोगों से मिले ही ना होते पैसा हो तो आपकी योग्यता भी किसी को नजर नहीं आती और गरीबी हो तो योगिता भी किसी को नजर नहीं आती अक्सर इंसान को वही रिश्ते

सजा देते हैं जो उनका इकलौता सुकून होते हैं जब किसी की जिंदगी में आपकी जगह कोई और आ जाए तो आपका पीछे हटना ही अच्छा होता है कोई तारीफ करें तो तुरंत नाचे मत लगा जाना याद रखना तारीफ के पुल

के नीचे मतलब की नदी बहती है झाड़ू में जब तक बंधन होता है को कचरे को साफ करता है बंधन खुल जाने पर झाड़ू खुद कचरा बन जाता है अकेले छोड़ने वालों को यह बताना जरूरी है कि आप अकेले ही काफी हो

कैसे अकेला रह जाता है कुछ लोग यही सीखने के लिए हमारी जिंदगी में आते हैं क्योंकि आजकल इंसान दिल से नहीं रिश्ते बनता है जिंदगी जीनी है

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