काली मां तुमने सबको हैरान कर दिया है - Kabrau Mogal Dham

काली मां तुमने सबको हैरान कर दिया है

काली मां कहती हैं मेरे बच्चे तुम्हारी

पुकार मुझ तक पहुंच चुकी है अब तुम यही

सोच रहे हो ना कि यदि तुम्हारी पुकार मुझ

तक पहुंच गई है तो मैं चुप क्यों हूं

तुम्हारी पुकार को सुनने के बाद मैं

तुम्हारी समस्या को समाप्त क्यों नहीं कर

रही सुनने के बाद मैं तुम्हारी समस्या को

सवाल बार-बार उठ रहा है और तुम रा मन

विचलित हो रहा है शीघ्र ही उत्तर जानने के

लिए शीघ्र यह जानने के लिए कि मैं

तुम्हारी समस्याओं की पुकार सुनने के

पश्चात शीघ्र समाप्त क्यों नहीं कर रही

परंतु मेरे बच्चे तुम इन बातों से अभी तक

अनजान हो कि यदि मैं चुप हूं तो इसका अर्थ

यह नहीं कि मैं कुछ कर नहीं रही या कुछ

बड़ा सोच नहीं रही बल्कि की मैंने

तुम्हारे लिए बहुत कुछ सोच रखा है और बहुत

ही अलग सोच रखा है इसके लिए ही मैं

तुम्हें तैयार कर रही हूं तुम्हारी

परीक्षाओं के उपरांत ही मैं तुम्हें उस

मंजिल पर अवश्य ही पहुंचा दूंगी जिस मंजिल

पर तुम पहुंचना चाहते हो परंतु उसके लिए

तुम्हें पूर्ण रूप से तैयार होना होगा

तुम्हें अपने अंदर इतनी शक्ति विधमान करनी

होगी कि मैं जब तुम्हारे जीवन में चमत्कार

करूं तो तुम उसे देखने के लिए फौरन तैयार

रहो तुम्हारी परीक्षाओं के पीछे तुम्हारा

सुनहरा भविष्य जो मैं अब तुम्हें दे रही

हूं तुम्हारे आसपास के किसी भी व्यक्ति को

तुम्हारे कारण कष्ट ना हो तो तुम स्वयं को

भाग्यशाली समझना तुम्हारे अच्छे दिनों की

शुरुआत हो चुकी है परंतु इसके साथ-साथ

मेरे बच्चे यह भी याद रखना है मैं

तुम्हारे साथ हूं तुम्हारे सामने ना सही

परंतु तुम्हारे आसपास हूं बस तुम उस रूप

को अपने सच्चे मन की शक्ति से मुझे देख

नहीं पा रहे हो क्योंकि मुझे देखने के लिए

या मेरा दर्शन प्राप्त करने के लिए एक

सच्चे मन और सच्चे हृदय की आवश्यकता होती

है जो कि तुम्हारे पास है बस तुम उसे सही

समय पर सही तरह से इस्तेमाल नहीं कर पा

रहे हो अपने मन को जागृत करो मेरे बच्चे

मैं जानती हूं कि अभी तुम परेशानी में हो

जिस कारण तुम्हें इस शक्ति को नहीं पहचान

पा रहे हो पर एक ऐसा समय आएगा कि तुम

शक्ति को पहचान लोगे क्योंकि मैं तुम्हारा

मार्गदर्शन करूंगी मेरा मार्गदर्शन ही

तुम्हारी परीक्षा होगा अगर तुम इसमें सफल

हो जाते हो तुम्हारी इच्छा पूर्ण हो जाएगी

उसके पश्चात तुम्हें अपनी मां से कोई

शिकायत नहीं रहेगी तो अब तुम तैयार हो ना

यदि मेरा संदेश तुम्हें प्राप्त हुआ है तो

सिर्फ तुम आज जीवन का एक ऐसा सत्य जानोगे

जिसे जानकर तुम्हें हैरानी होगी क्योंकि

तुम्हारे मन में उठता हर समय यह प्रश्न है

कि मैं इतना पूजा पाठ करता हूं फिर भी

कार्य पूर्ण क्यों नहीं हो

रहा मेरे बच्चे उसका उत्तर आज तुम्हें मिल

जाएगा क्योंकि मेरे बच्चे हर बात के पीछे

कारण होता है कारण अच्छा हो या बुरा लेकिन

होता जरूर है यह बात सत्य है बस केवल

तुम्हें साधारण आंखों से ना तो वह कारण

दिखाई देता

है ना ही तुम जानते हो कि आगे तुम्हारे

जीवन में क्या होने वाला है तुम केवल यह

देख सकते हो वर्तमान में चल रही बातों

को जान सकते हो जैसा समय तुम्हारे समक्ष

उस समय के बारे में तुम्हें ज्ञात होता है

लेकिन कुछ ऐसी बातें हैं जो तुम्हें जानना

बहुत जरूरी

है क्योंकि जिसको संपूर्ण ज्ञान हो जाता

है वह ना तो परेशान होता है किसी चीज को

पाने के लिए और ना ही मन में इन प्रश्नों

को बार-बार सोचकर हैरान परेशान होता

कि उसकी इच्छा पूर्ण क्यों नहीं हो रही है

मेरे बच्चे इस बात को समझना जरूरी

है कि यदि तुम ऐसा सोच रहे हो कि तुम्हारी

उन्नति नहीं हो रही तो तुम गलत सोच रहे हो

आज से पहले के समय को देखो और आज के समय

को देखो दोनों में तुलना करोगे तो तुम्हें

खुद ही ज्ञात हो जाएगा कि तुम पहले से

कितना उन्नति कर चुके

हो बस फर्क इतना है कि तुम आज जो चाहते हो

उस चीज आज के समय में तुम्हें वह प्राप्त

नहीं है इसके साथ ही कभी-कभी तुम इतनी

बड़ी चीजों की आश कर लेते हो जो तुम्हारे

लिए बनी ही नहीं है क्योंकि जिस प्रकार एक

हाथ में पांच उंगलियां होने के बाद

भी कोई भी उंगली बराबर नहीं होती एक बड़ी

होती है दूसरी उंगली की तुलना में इसी

प्रकार यह जरूरी नहीं कि तुम जो सोच रहे

हो तुम्हें प्राप्त हो जरूरी यह है कि

तुम्हारे जीवन में कुछ अच्छा हो तुम

परिश्रम कर रहे हो उसका फल तुम्हें मिले

और तुम्हारी उन्नति

हो तुम जिस समय में हो उस समय से अच्छे

समय में आते चले जाओ कभी-कभी बड़ी उम्मीद

भी पूरा होने पर सुख का अनुभव करने से बंच

रह जाते हो और यही तुम सबसे बड़ी गलती

करते हो सुनो मेरी बात को ध्यान पूर्वक आज

जो परिश्रम कर रहे

हो ईमानदारी रख रहे हो उन सभी अच्छे

कार्यों को कर रहे हो जो तुम्हारे जीवन

में उन्नति का हर रास्ता खोल देती है तो

तुम्हें सब छोड़ देना चाहिए कि तुम्हारे

जीवन में कब कहां कैसे क्या होगा लेकिन बस

तुम्हें इस बात पर पूर्ण भरोसा रखना चाहिए

कि जो होगा वह अच्छा होगा क्योंकि जीवन

में अच्छा होना महत्व रखता है और इसके साथ

ही यह भी कारण है तुम्हारी सोची हुई मंजिल

पर शायद तुम्हारी परिश्रम पूरी नहीं हो

रही है किसी के जीवन में किसी भी इच्छा को

पूण करने के लिए जिस पर कार्य

करना जब तुम प्रारंभ करते हो तो उस पर

इतना परिश्रम करो कि तुम्हें ऐसा आभास

होने लगे कि इससे ज्यादा मैं और परिश्रम

नहीं कर सकता क्योंकि जब तक लोहा इतना

गर्म ना हो कि वह पिघलने ना लगे तब तुम उस

लोहे को कोई भी आकार नहीं दे सकते

हो इसलिए पहले जिस प्रकार लोहे को इतना ही

गर्म किया जाता है कि पिघलने लगे उसी

प्रकार खुद को कर्म की अग्नि में इतना

पिघला कि जैसा चाहो वैसे सांचे में डालकर

ढल सको अर्थात तुम्हारी किस्मत परिवर्तित

हो

जाए मेरे बच्चे हृदय की आवाज से सुनना

तुम्हारे हृदय में वही आवाज उत्पन्न होगी

क्योंकि किसी भी कार्य को पूण करने में

कार्यों की कमी तुम्हें उस मंजिल से दूर

ही रखती है ना तो मुझसे कुछ पूछने की

जरूरत है और ना ही तुम्हें अपने मन को

निराश करने की मेरे बच्चे तुम्हारा कार्य

पूरा होगा या नहीं कार्यों को करो

निस्वार्थ भाव से तब तुम्हें अवश्य फल

प्राप्त होगा मुझसे कुछ पूछना चाहो

तुम्हारे हृदय में उत्पन्न हुई आवाज ही

मेरी आवाज होगी तुम्हारे गलत कर्मों की

माफी तुम्हें मिल चुकी है मेरे बच्चे अब

तुम्हारी सभी

समस्या मेरे बच्चे माफी तुम्हें इसलिए

मिली है क्योंकि तुमने कुछ ऐसे कार्य किए

हैं जो पीछे की गई गलतियों से तुमने जो

अपने खराब समय को अपनी ओर आकर्षित कर लिया

था खराब समय को परिवर्तन किया था उसी

प्रकार तुमने कुछ ऐसे कार्य किए

हैं जिनके कारण से तुम्हारा अच्छा समय फिर

से प्रारंभ हो चुका है और फिर से तुमने

अपने कर्मों के द्वारा ही समय को फिर

परिवर्तित किया है आज मैं तुम्हें कुछ ऐसी

खास बात बताने वाली हूं जिसे सुनना

तुम्हारे लिए अत्यंत आवश्यक

है यह एक कड़वा सत्य है कि हर इंसान से

गलती होती है इसमें कोई संदेह नहीं कि

गुंजाइश ही नहीं है इंसान कोई ना कोई

जानकर गलती कर ही देता है लेकिन किसी भी

व्यक्ति को इस बात को कदापि नहीं भूलना

चाहिए कि यदि कोई भी इंसान जानबूझकर

सिर्फ उसका भागीदारी होता है अनजाने में

की गई गलतियों को मैं माफ कर देती हूं

उनकी उन गलतियों को दंड में नहीं देती

इसके साथ ही हमेशा कुछ अच्छे कार्य भी

जीवन में करते रहने चाहिए जिससे कि यदि

तुमसे कोई गलती हो ही जाती तो उसकी क्षमा

या तुम्हे मिल

जाए कठोर दंड का सामना नहीं करना पड़ता और

उन्हीं कार्यों में से कुछ कार्य हैं जो

तुम्हें हमेशा करते रहने चाहिए जैसे कि

भाग्य के भरोसे ना बैठे रहना क्योंकि

भाग्य तुम्हें तभी कुछ देता है जब तुम

स्वयं प्राप्त करना चाहते हो उसके लिए कभी

भी कड़ा परिश्रम करना ना

भूलना यदि तुम्हारा मस्तिष्क कुछ प्राप्त

करना चाहता है तो उसके लिए कठोर तपस्या

करना आवश्यक है इसके लिए तुम्हें ऐसी

शक्ति आकर्षित करनी होगी तुम्हें अपने मन

पर लगाम लगाना सीखना होगा दूसरों की मदद

करना सीखो कुछ ऐसे काम

करो जिनको करने के काफी समय पश्चात

तुम्हारे हृदय और तुम्हारे मन को खुशी हो

क्योंकि तुम इस बात को स्मृ

रखना किसी भी कार्य को करते समय भले ही तो

में खुशी ना हो लेकिन काम को करने के

पश्चात जिस कार्य के करने से हृदय और मन

को खुशी

हो वही अच्छा काम होता

है तुम गलत काम करोगे तो भी तुम्हारे हृदय

को जरूर अच्छा नहीं लगेगा इसके साथ ही

तुम्हें यह सोचना अत्यंत आवश्यक है कि

जीवन में मेरे बच्चे तुम्हें सभी देवताओं

की पूजा करना इतना जरूरी नहीं बल्कि अपने

कर्मों पर ध्यान देना जरूरी

है उससे भी ज्यादा जरूरी

है जब समस्या उत्पन्न होती है जब तुम उसे

उत्पन्न होने के लिए उसे अपनी ओर आकर्षित

करते हो अर्थात कुछ ऐसे कर्म करते हो

प्राकृतिक के खिलाफ है और प्राकृतिक ही

तुम्हारी और समस्याओं को आकर्षित करती है

इस बात को समझना

होगा कि तकदीर कुछ नहीं

है जब तुम स्वयं की बाग डोर स्वयं के हाथ

में रखो और जिस तरह से जीवन को चाहो उस

तरह से तुम चला सकते हो यदि तुम अपनी बाग

डोर तकदीर के हाथों में थमा करर बैठे

रहोगे तो आगे आने वाले समय में तुम्हें

कुछ भी प्राप्त नहीं

होगा यदि तुम अपनी बाग डोर अपने हाथों में

रखोगे तो स्वयं जिस चीज का निर्माण करना

चाहो उस चीज का निर्माण कर सकते हो

तुम्हें अपने आप ही स्वतः ही प्राप्त हो

जाएगी तुम्हारे अंदर ही वह शक्ति है अपने

आप को पहचानो मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद

सदा तुम्हारे साथ है तुम्हारा कल्याण

हो

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