काली माँ संदेश मां काली का संदेश महाविनाश की शुरुवात हो चुकी है... - Kabrau Mogal Dham

काली माँ संदेश मां काली का संदेश महाविनाश की शुरुवात हो चुकी है…

मेरे बच्चे मैं तुमसे कुछ जरूरी बात करना

चाहती हूं यदि आपके करीब बार-बार यह आ रही

है तो आप निश्चित ही समझ लो कि यह आपके

जीवन में कुछ बहुत बड़ा घटित होने वाला है

और तुम्हें इस बात के बारे में मैं पूर्ण

रूप से अवगत कराना चाहती हूं इसलिए मैं रे

करीब आई हूं लेकिन मेरे बच्चे तुम्हें

सबसे पहले मेरी बातों को सुनकर डरना नहीं

है है बल्कि तुम्हें केवल बां को समझना है

यदि तुम समझ गए तो आने वाली उस चीज का

सामना तुम बहुत आराम से कर पाओगे क्योंकि

जीवन में घटित होने वाली अच्छी या बुरी

चीजें बार-बार

जीवन में आने का अर्थात प्रवेश करने का का

पूर्ण रूप से प्रयास करती है तो इसका अर्थ

यह है कि तुम जब भी किसी कार्य को करते हो

तो उस कार्य से आकर्षित समय तुम्हारे जीवन

में प्रवेश करने का प्रयास करता है वह

अच्छा भी हो सकता है और बुरा भी और वह

बार-बार प्रयास करता है कई बार तो अच्छा

होते होते रह जाता है और कई बार बुरा होते

होते रह जाता है उसका कारण केवल इतना होता

है कि तुम ध्यान नहीं देते और उसके

साथ-साथ यदि कुछ बुरा होने वाला होता है

तो तुम्हारे पास देवीय शक्तियां होती है

तुम अपने आप को सुरक्षा कवच में सुरक्षित

रखते हो इसलिए मेरे बच्चे तुम्हें कोई ऐसी

शक्ति नुकसान नहीं पहुंचा पाती जो तुम्हें

नुकसान पहुंचाना चाहती है इसके कई अर्थ

होते हैं लेकिन आज जो मैं बताने आई हूं

उसको सु सुनने से पहले तुम एक बार जय हो

माता रानी जरूर लिखना इससे मुझे बहुत

प्रसन्नता होगी मेरे बच्चे जब तुम्हारे

करीब कोई भी ऐसा इंसान यदि आता है जिससे

तुम्हें खतरा महसूस होता है या तुम्हें डर

लगने लगता है या तुम्हारे हृदय को यह आभास

होता है कि इस व्यक्ति से तुम्हें नुकसान

पहुंच सकता है तो तुम्हारा मन बार-बार

डरने लगता है और तुम

उससे दूर हटने लगते हो तुम उसके करीब नहीं

जाते लेकिन कई बार ऐसा दिख ने वाला

व्यक्ति जिससे से तुम्हें बिल्कुल भी डर

ना लगे तो तुम उसे पहचान ही नहीं पाओगे कि

तुम्हें नुकसान पहुंचाना चाहता है या नहीं

चाहता या तुम्हारे करीब आने वाली ऐसी

अदृश्य शक्ति जो कि तुम्हें दिखाई नहीं

देती लेकिन ना वह तुम्हें नुकसान पहुंचा

सकती है अब जो चीज तुम्हें दिखाई नहीं

देती उसे केवल तुम हृदय से आभास कर सकते

हो आंखों से देख नहीं सकते क्योंकि वह हवा

में विलीन होती है लेकिन मेरे बच्चे वह

कोई कमजोर शक्ति नहीं होती बल्कि इतनी

शक्तिशाली शक्ति होती है कि तुम्हें

नुकसान पहुंचा सकती है लेकिन जब तुम्हें

कोई चीज दिखाई ना दे तो तुम उससे बचने का

प्रयास कैसे कर सकते हो यह भी जानना जरूरी

है कि जो व्यक्ति तुम्हें दिखाई दे रहा है

और यदि वह तुम्हें खतरा महसूस नहीं करवा

रहा लेकिन तुम उससे खतरा है उससे कैसे

बचना है इसके साथ-साथ तुम्हें एक बात को

और जान लेना होगा जो मैं तुम्हें आज

बताऊंगी यदि तुमने उस बात को भी जान लिया

तो निश्चित ही आने वाली चाहे कोई भी हो

लेकिन तुम उससे बच जाओगे सबसे पहले तो

तुम्हें इस बात को जान लेना जरूरी है कि

यदि तुम मेरी आधी अधूरी बातों को सुनोगे

तो तुम्हें पूर्ण रूप से बचने का रास्ता

प्राप्त नहीं हो पाएगा यदि तुम पूर्ण रूप

से बचना चाहते हो तो तुम्हें मेरी पूरी

बातों पर ध्यान देना होगा और अपने मन में

हर बात को उतारना होगा क्योंकि मेरे बच्चे

एक चीज से बच सकते हो तो दूसरी से खतरा हो

सकता है यदि सभी से बचना है तो तुम्हें

कुछ बातों को जान लेना बहुत ज्यादा जरूरी

है क्योंकि कई बार मैं तो तुम्हें बचा

लेती हूं लेकिन तुम कहीं ना कहीं कोई ऐसी

गलती कर देते हो तो नुकसान तुम्हारा होने

के साथ-साथ दुख मुझे भी होता है इसलिए

मेरे बच्चे आज मैं तुम्हारी मां तुम्हें

पूर्ण रूप से बचाने आई हूं तुम किसी के

नुकसान पहुंचाने पर एक भी रास्ता ऐसा नहीं

होना चाहिए कि तुम्हें कोई नुकसान पहुंचा

पाए या तुम्हें उस बात के बारे में अवगत

ना हो और यही मेरा धर्म बनता है क्योंकि

मैं एक मां हूं और मां अपने बच्चों की हर

प्रकार से रक्षा करती है वह हमेशा अपने

बच्चों का भला चाहती है उसके मन में हमेशा

यही डर लगा रहता है कि कहीं मेरे बच्चे को

कोई नुकसान ना हो जाए किसी भी कारण बस और

यही मेरा भी है मैं भी तुम्हें बारबार हर

बाप के लिए इसलिए बताती हूं और आगाह करती

हूं जिस जिससे कि तुम्हें जीवन में कोई भी

परेशानी ना घेरे क्योंकि मेरे बच्चे में

मां होकर अपनी ममता को कैसे रोक सकती हूं

सबसे पहली बात तो तुम्हें इस बात का स्मरण

रखना होगा कि स्त्री हो या पुरुष यदि उससे

कोई स्त्री या उससे कोई पुरुष जबरदस्ती

मित्रता निभाना चाहता है अर्थात तुम्हारे

मना करने पर भी वह बार-बार तुमसे बातें

करने का प्रयास करें बार-बार बार तुम्हारे

करीब आने का प्रयास करें और तुम उससे

अनदेखा कर रहे हो फिर भी वह तुम्हारे करीब

आती चली जा रही है या वह तुम्हारे करीब

आता चला जा रहा है तुमसे मित्रता बनाने के

लिए बार-बार कहता है और तुम्हें ऐसा आभास

होता है कि वह तुम्हारा मित्र बनना चाहता

है या चाहती है तो तुम निश्चित ही इस बात

को समझ लो कि वह कोई साधारण इंसान नहीं है

बल्कि वह जो तुमसे जबरदस्ती मित्रता

निभाने की या तुम्हारे अनदेखा करने के

पश्चात भी तुमसे मित्रता बनाने की कोशिश

कर रही है वह जरूर कोई ना कोई परेशानी

लाने वाला है क्योंकि मेरे बच्चे उसके

इरादे नेक नहीं है जो अच्छा इंसान होता है

जिसकी भावनाएं अच्छी होती है मित्रता वह

भी करते हैं लेकिन वह केवल

सामने वाले की भा भावनाओं को देखकर

मित्रता करते हैं जबरदस्ती किसी के ऐसे

पीछे नहीं पड़ते और जो ऐसा करते हैं

निश्चित ही उनके मन में कुछ ना कुछ सामने

वाले के प्रति गलत भाव रहती है वह कुछ ना

कुछ नुकसान पहुंचाना चाहते हैं और इसी

इरादे से वह बार बार करीब आने की कोशिश

करते हैं जिससे कि व्यक्ति कभी ना कभी

उनसे मित्रता करें और इसी का वह फायदा

उठाकर आपका नुकसान करते हैं अर्थात आपके

जीवन में कुछ ना कुछ ऐसा नुकसान करेंगे

जिससे कि आपको जीवन भर पछताना पड़ेगा

इसलिए मेरे बच्चे ऐसे व्यक्ति से सबसे

पहली बात दूर रहना रंभ करो और दूसरा तुम

इस बात को ध्यान रखो कि यदि तुम्हें कोई

भी ऐसी मानसिक स्थिति घेर रही है अर्थात

तुम्हारा मन बार-बार किसी भी बात को लेकर

परेशान हो रहा है या तुम बेवजह से किसी

बात से सबसे ज्यादा डर रहे हो तो तुम्हें

एक बात को स्मरण रखना चाहिए कि कोई ना कोई

ऐसी शक्ति तुम्हें घेर रही है जो कि

तुम्हारे हृदय के और मस्तिष्क के अंदर

नकारात्मक ऊर्जा को उत्पन्न कर रही है

अर्थात तुम्हारे मन के अंदर एक ऐसा

दृष्टिकोण बन रहा है जो कि किसी भी कार्य

को ना करने के लिए उकसा रहा है और

तुम्हारी शक्ति को

वह कमजोर कर रहा है अर्थात कहने का अर्थ

यह है कि एक नकारात्मक ऊर्जा तुम्हारे

जीवन में प्रवेश कर रही है जिस ऊर्जा को

तुम्हें नष्ट करना होगा और यह केवल तुम

अपने ईट देवता के मंत्रों को उच्चारण करके

ही कर सकते हो या तुम अपनी माता का नाम का

उच्चारण करो या फिर हनुमान चालीसा चालीसा

का पाठ करो कक कुछ-कुछ शक्तियां ऐसी है

जिनके मंत्रों का लगातार उच्चारण यदि तुम

करते हो तो निश्चित ही तुम उस शक्ति का

उच्चारण करते-करते उस शक्ति को अपने

इर्दगिर्द विद्यमान कर लोगे इस बात का

ध्यान रखो कि कभी भी किसी भी शक्ति के

मंत्र का उच्चारण करने से वह शक्ति

तुम्हारे जीवन में प्रवेश करने लगती है और

तुम्हारे इर्दगिर्द विद्यमान हो जाती है

तुम्हारी रक्षा करने के लिए क्योंकि तुम

स्वयं ही उस शक्ति को अपनी ओर आकर्षित

करते हो अपने मुख से निकले हुए एक-एक शब्द

से वह शक्ति तुम्हारे जीवन में धीरे-धीरे

करके प्रवेश करने लगती है और यदि कोई भी

नकारात्मक ऊर्जा यदि तुम्हारे मस्तिष्क

में प्रवेश करके विद्यमान हो जाती है और

तुम उसे अपने मस्तिष्क से अपने हृदय से

अपने पूरे शरीर से निकाल नहीं पा हो तो

उसका वास तुम्हारे शरीर पर होने लगता है

फिर जैसा वह चाहती है वैसा तुम करते हो

अर्थात वह कुछ ना कुछ तुम्हारे जीवन में

बिगाड़ करने के लिए आती है और

बिगाड़ करके ही वह जाती है क्योंकि उसका

काम ही ऐसा होता है कहीं पर भी विकराल रूप

धारण करना अर्थात कुछ ना कुछ ऐसा नुकसान

करना किसी के प्रति वह फिर तुम्हारे शरीर

में प्रवेश करके दूसरों का नुकसान करती है

क्योंकि इसी से उसको प्रसन्नता होती है

मैं तुम्हें डराना नहीं चाहती और ना ही

मेरा उद्देश्य है तुम्हें डराना लेकिन यह

सच है कि कुछ-कुछ ऊर्जा ऐसी होती है किसी

भी व्यक्ति की बुद्धि को पूर्ण रूप से बंद

कर देती है और उसकी सोचने समझने की शक्ति

को क्षीण कर देती है इसलिए कभी भी अपने

ऊपर ऐसी ऊर्जा को विद्यमान मत होने दो

क्योंकि यदि ऐसी ऊर्जा विद्यमान हो जाती

है तो तुम्हारे जीवन में बहुत बड़ा संकट

उत्पन्न करती है और खतरा भी लेकर आती है

यदि तुम्हारे मस्तिष्क के अंदर बार-बार

गलत विचारधाराएं उत्पन्न हो रही है बिना

वजह से कुछ ऐसी मानसिक स्थिति हो गई है

जिसमें तुम दूसरों का अच्छा ना सोचकर गलत

भावना लेकर आ रहे हो या तुम्हारे मन के

अंदर अपने आप ही गलत भावना उत्पन्न हो रही

है और तुम्हें ऐसा आभास होता है कि

तुम्हारे जीवन में तुम्हारे मन की जो

स्थिति है वह एक अलग दिशा में चली गई है

तुम्हें ऐसा नहीं सोचना चाहिए फिर भी

तुम्हारी मन की धारणाओं को तुम काबू में

नहीं रख पा रहे बार-बार तुम उन धारणाओं को

रोकने का प्रयास कर रहे हो लेकिन ऐसा नहीं

हो पा रहा है तुमसे और तुम जानबूझकर भी यह

नहीं करते लेकिन तुम्हारे जीवन में ऐसा हो

रहा है यह सत्य है कि कई बार जीवन में हम

जो सोचते हैं वह हम चाहते नहीं है और जो

हम चाहते हैं वैसा सोच नहीं पाते तो ऐसे

में तुम समझ लेना कि तुम्हारे मस्तिष्क पर

किसी और चीज का वास हो चुका है अर्थात

तुम्हारे हृदय में तो ईश्वर का वास है

लेकिन तुम्हारे मस्तिष्क में एक ऐसी ऊर्जा

विधमान हो चुकी है जिस ऊर्जा को तुम्हारे

मस्तिष्क में विद्यमान होने पर उसने

तुम्हारी दिशा ही मोड़ दी है इसलिए मेरे

बच्चे शीघ्र ही तुम्हें मंत्रों का

उच्चारण करना चाहिए और इन्हीं मंत्रों के

उच्चारण से तुम्हारे मस्तिष्क में ईश्वर

का वा होगा और जो तुम्हारी गलत दिशा में

मोड़ी हुई रुख वह सही दिशा में चलने लगेगी

मेरे बच्चे इस बात को हमेशा स्मरण रखना कि

तुम बहुत सोच समझ कर ही किसी भी कार्य को

चुनना और यदि तुम बार-बार ऐसा आभास करने

लगे हो कि यह तुम्हारा सोचा हुआ तुम्हारा

नहीं है किसी और का है तुम्हारे हृदय को

ऐसा आभास होने लगा है तो तुम इस पर पूर्ण

रूप से विचार करना और शक्तिशाली मंत्रों

का उच्चारण प्रारंभ करना तीसरी और सबसे

जरूरी बात मैं तुम्हें बताना चाहती हूं कि

आज के युग में अर्थात आधुनिक युग में जो

लड़कियां हैं वह सभी सही है लेकिन अभी भी

कुछ लड़कियां ऐसी होती हैं जो किसी भी

लड़के के जीवन में ऐसा नुकसान करके जाती

है और नुकसान के लिए ही वह प्रेम का संबंध

बनाती है वह सामने व को केवल लूटने और

बर्बाद करने के इरादे से उसके जीवन में

आती है यदि कोई भी लड़का भावुक होता है

लड़कियां उसका कई बार फायदा उठाती है

हर लड़की ऐसी नहीं होती लेकिन कुछ ऐसी

होती है मैं उन्हीं लड़कियों के लिए यह

बताना चाहती हूं मेरे बच्चे तुम दूसरों के

ऊपर मुसीबत लाने का या किसी के ऊपर मुसीबत

आने का कारण मत बनो क्योंकि यदि तुम

दूसरों के ऊपर मुसीबत लेकर आओगे अर्थात

दूसरों के प्रेम का फायदा उठाओगे और यदि

लड़का ऐसा करता है लड़कियों के साथ अर्थात

किसी भी लड़की की इज्जत नहीं करता उसका

मान सम्मान नहीं करता उसकी इज्जत का ख्याल

नहीं रखता तो उ उन दोनों के ऊपर निश्चित

ही संकट आता है क्योंकि वह आ रही बुद्धि

में गलत बात जो दोनों में से किसी की

बुद्धि में आ सकती है वह उसके जीवन को गलत

दिशा में मोड़कर ले जाती है और उसके

कर्मों को भी एक ऐसी दिशा में मोड़ देती

है जिससे कि उसकी बुद्धि ना तो कार्य कर

पाती है और ना वैसा व्यक्ति सोच पाता है

क्योंकि एक व्यक्ति तो भावनाओं से किसी के

साथ जुड़ता है लेकिन एक व्यक्ति केवल

स्वार्थ वस किसी को अपने साथ जुड़ता है और

अपने मन के अंदर षड्यंत्र भरकर रचता है

उसकी बुद्धि में केवल दूसरे को नुकसान

पहुंचाने का और कुछ ना कुछ ऐसी भावना जो

किसी के प्रति किसी को नुकसान पहुंचाने की

होती है और खुद का फायदा करने की होती है

बस इसी इरादे से वह व्यक्ति ऐसा करने की

कोशिश करता है मेरे बच्चे जो लोग ऐसा करते

हैं उनको मैं आज सावधान करने आई हूं

क्योंकि यदि तुम दूसरे के जीवन में ऐसा

करोगे तो तुम्हारे जीवन में भी मुसीबत

आएगी तुम्हारे जीवन में भी संकट आएगा

क्योंकि तुम अपने कर्मों को एक गलत दिशा

में ले जा रहे हो और जिन लोगों के साथ ऐसा

होता है उन्हें भी सावधान करने आई हूं

मेरे बच्चे तुम किसी से प्रेम तो करो

लेकिन ऐसा प्रेम मत करो जिसमें तुम ठगे

जाओ क्योंकि थोड़ा आंख खोलकर किसी से

प्रेम करो सोच समझकर प्रेम करो तुम हे यदि

किसी व्यक्ति से प्रेम हो जाता है या

तुम्हें कोई बहुत अच्छा लगता है इसमें

गलती तुम्हारी नहीं है क्योंकि हृदय से

प्रेम होता है तभी जब आंखों को कोई चीज

भाती है और हृदय उसके पीछे भाग पड़ता है

और तुम हृदय के पीछे भाग पड़ते हो तुम

चलते चले जाते हो एक ऐसी दिशा में जहां पर

सामने वाला व्यक्ति तुम्हारे प्रति छल रख

कर के कार्यों को करता है और तुम उसे भाप

नहीं पाते और ना ही परक पाते हो क्योंकि

तुम्हारी आंखों पर प्रेम की पट्टी बंधी

होती है और जिसकी आंखों पर पट्टी बंधी हो

वह व्यक्ति देख नहीं सकता

था प्रेम की पट्टी एक ऐसी पट्टी होती है

जो व्यक्ति सामने वाले को ना तो परखने की

चाह रख पाता है और ना ही उसे परक पाता है

क्योंकि उसके मन में यह भावना आती ही नहीं

कि सामने वाला व्यक्ति षड्यंत्र भी रख

सकता है क्योंकि जब वह किसी से सच्चा

प्रेम करने लगता है तो वह यह सोच नहीं

पाता कि कोई ऐसा भी कर सकता है उसकी भावना

तो केवल प्रेम की होती है और प्रेम उसके

हृदय में वास करता है और वह सोचता ही रहता

है कि मैं जिसे प्रेम करता हूं उसे कितना

प्रेम करूं जितना मेरा सामर्थ हो और जितने

मेरे बस के हो बहुत

ज्यादा उसे प्रेम करू बस यही धारणा रख कर

के वह व्यक्ति सामने वाले को प्रेम करता

चला जाता है और उसे परखने कीचा नहीं रख

पाता उसे अगर यह बात कोई तीसरा व्यक्ति

बता भी दे कि वह झल कर रहा है या कर रही

है तब भी उस व्यक्ति की आंखों पर प्रेम की

जो पट्टी बंधी होती है वह उस पट्टी को

उतार कर कभी भी परख खने कीचा नहीं कर पाता

क्योंकि उसे कुछ दिखाई नहीं देता सच तो

उसे बिल्कुल भी दिखाई नहीं दे पाता और जब

तक उसकी प्रेम की पट्टी आंखों से उतारी

जाती है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है

उसे यह जानते जानते काफी समय निकल जाता है

कि उसके जीवन में क्या हो रहा है और कोई

है जो उससे छल कर रहा है धोखा दे रहा है

उसे पेट में खंजर घोप रहा है बात-बात पर

उसका झूठ बोलना बात-बात पर उसका रूठ जाना

हर बात पर गुरुर दिखाना और बात बात पर

छोड़ के चली जाऊंगी या छोड़ के चला जाऊंगा

धमकी देना और जो जिससे प्रेम करता है वह

उसकी हर बात को स्वीकार कर लेता है डर के

कारण और यह डर कोई ऐसा वैसा डर नहीं होता

बल्कि अपने प्रेम को खोने का डर होता है

और यह भी सच है कि जो सच्चा प्रेम करता है

वह अपने प्रेम को खोने से बिल्कुल डरता है

क्योंकि वह उसके बिना रह नहीं सकता और रह

भी नहीं पाता है उसका फिर कहीं मन नहीं

लगता उसका दिल नहीं लगता तो वह उदास हो

जाता है वह हर समय सोचता ही रहे ना तो

किसी कार्य को कर पाता है और ना ही किसी

भी कार्य को करने में उसका मन लगता है

इसलिए वह विवश हो जाता है झुप जाता है

अपने प्रेम के सामने और ऐसे में ही सामने

वाला व्यक्ति जो केवल उससे दिखावा कर रहा

है प्रेम का छलावा कर रहा है प्रेम का और

षड्यंत्र रच रहा है उसके प्रति वह उसका

फायदा उठा लेता है और के उसके साथ धोखा

करके उसे बर्बाद करने ने की फिराक में

रहता है मेरे बच्चे यदि ऐसा प्रेम

तुम्हारे निकट आ रहा है तो सावधान हो जाओ

क्योंकि वह प्रेम प्रेम नहीं है बल्कि एक

बहुत बड़ा संकट है एक ऐसा संकट है जो यदि

तुम उसमें फंस गए एक बार तो उससे निकलना

नामुमकिन के बराबर हो जाता है क्योंकि

उससे निकलते निकलते बहुत देर हो जाती है

और हां तक कहा जाए तो तुम अपना सब कुछ गवा

बैठते हो तब तुम्हें ज्ञात होता

है इतनी ऊर्जा से भर लोगे कि तुम्हारा

आभामंडल चमक उठेगा तुमसे देंगे ते स्वय कि

प्रवाहित होने लगेगा और तुम्हारे और में

आया हुआ प्रत्येक मनुष्य स्वयं को

सौभाग्यशाली समझेगा मेरे बच्चे तुम अपने

साथी के लिए वरदान बनोगे अपने परिवार के

लिए एक ऐसे रोशनी का निर्माण करोगे जिसकी

ज्वाला में तुम्हारा समस्त परिवार फलता

फूलता रहेगा तो फल देने वाले वृक्ष मात्र

नहीं है बल्कि एक पूरे पर्यावरण को चलाने

वाले एक पूरे तंत्र हो तुम मान्य नहीं हो

मेरे बच्चे में निरंतर तुमसे यह कहते हैं

कि तुम विशिष्ट हो तुम्हें

अपनी विशिष्टता को पहचानना है अपने गुणों

को देखना है तुम जो कि निरंतर अपनी कमियों

का ही विचार करते हो इसलिए स्वयं के

आत्मविश्वास को कमजोर कर बैठते हैं स्वयं

ही ऊर्जा शक्ति को कम कर बैठते हैं जबक

तुम तुम्हें अपनी पूरी क्षमता इस बात में

लगानी चाहिए कि तुम्हारे अंदर क्या

अच्छाइयां है वह कौन से गुण है जिसकी वजह

से तुम्हारी मा माता ने तुम्हारा चुनाव

किया है इसका विचार करो तुम लोगों से अलग

हो जब तुम इसका आकलन करोगे तो तुम यहां

देख पाओगे कि तुम भिन्न क्यों है मेरे

बच्चे तुम विपरीत हो किंतु तुम गलत नहीं

हो

तुम मेरी करुणा है तुम्हें कई बार लगता है

कि तुम संसार में जीने के योग्य नहीं है

है वास्तव में तुम ही इस संसार में जीने

के योग्य हो क्योंकि तुम्हारे भीतर प्रेम

बसा है क्योंकि तुम्हारे भीतर ऐसी करुणा

बसी है जिसकी छाव में हर म मनुष्य बनना

चाहता है मेरे बच्चे तुम्हारा मुझसे जो

रिश्ता है वह अटूट है इस बंधन को कोई भी

तोड़ नहीं सकता और तुम्हें अपने इस रिश्ते

को मेरे साथ और भी ज्यादा मजबूत बनाना

होगा मेरे बच्चे संख्या लिखकर इस

ऊर्जा कि पुष्टि करो यह पुष्टि करो कि तो

तुम मेरे साथ जुड़ने को सदैव तैयार बैठे

हो मेरे बच्चे इस संसार में जहां हर

व्यक्ति मसीहा बनना चाहता है वहां तुम इन

चक्रों से दूर केवल अपने जीवन को बेहतर

करना चाहते हो और यह एक गुण है जिसके बारे

में अभी तुम्हें ज्ञान नहीं है

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