काली माँ संदेश अब तुम्हारी प्रचंड जीत की शुरुआत हो चुकी है???? - Kabrau Mogal Dham

काली माँ संदेश अब तुम्हारी प्रचंड जीत की शुरुआत हो चुकी है????

मेरे बच्चे तुम अपने आत्मा की आवाज को सुनना शुरू करो क्योंकि यही है जो इस

कोलाहल के समय तुम्हें सही सलाह दे सकता है यह संदेश तुम किसी सहयोग वश नहीं पढ़

रहे हो बल्कि तुम्हारे ही प्रश्नों के उत्तर स्वरूप यह संदेश तुम्हें आज प्राप्त

हुआ है मेरे बच्चे यदि तुम इस वक्त उलझन में

फंसे हुए हो और सही मार्गदर्शन की प्रतीक्षा में हो तो निश्चित तौर पर यह

संदेश तुम्हारे लिए ही आया है मेरे बच्चे तुम इस समय इतना चिंतित क्यों हो रहे हो

जबकि तुम जानते हो कि वास्तव में सही क्या है तुम्हारा हृदय तुम्हें बारबार सही सलाह

दे रहा है लेकिन तुम अपने ही हठ में उलझे हुए हो जरा रुको और अपने मन की पुकार को

सुनो तुम्हें तत्काल ही आराम और सौहार्द की अनुभूति होगी

मेरे बच्चे अभी तुम जिस परिस्थिति में हो वह परिस्थिति सदा के लिए नहीं है अस्थाई

है तुम्हारे इस भविष्य से वास्तविक में कोई संबंध नहीं है इसलिए वर्तमान की

स्थिति को बार-बार भविष्य में कल्पना करना बंद कर दो जो चीज अभी घटी ही नहीं है तुम

उसकी चिंता क्यों कर रहे हो तुमने अपने विचारों से बहुत ज्यादा कल्पना कल्पित

किया है ऐसी चीज जो वास्तव में होंगी भी नहीं लेकिन तुम इन

बातों में इतना उलझे हुए हो कि तुम्हारा हृदय बेचैन होता जा रहा

है लेकिन मेरे बच्चे अब मैं इस ऊर्जा को बदल रही हूं अब तुम्हारी बीमारी तुम्हारे

लिए अच्छे स्वास्थ्य में तब्दील होगी मन से भय निकलने वाला है तुम्हारे जीवन में

उत्साह उमंग की लहरें चलने वाली है अब तुम वह पाने वाले हो

जो पाने की तुम्हारी कामना रही है लेकिन मेरे बच्चे जब तुम स्वयं से यह प्रश्न

करते हो कि यह सब कैसे संभव है तो बताओ क्या यह संभव हो पाएगा इस वक्त में

तुम्हारे भविष्य में उस घटना को हो हुए स्वयं ही देख रही हूं जहां तुम एक उमंग के

साथ एक उत्साह के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ रहे हो अपने कार्यों को कर रहे हो

जहां तुम आनंदमय हो तुम्हारा जीवन प्रेम से लबालब भरा हुआ है तुम अपने ही सपनों के

घर में रह रहे हो तुम्हारा यह सपनों का घर प्रकृति की सुंदर सुनहरे गोद में है मेरे

बच्चे इस ऊर्जा को तत्क्षण आकर्षित करो संख्या दो दो दो को अभी अवश्य लिखो और

ब्रह्मांड में अपनी इच्छा जाहिर करो मेरे बच्चे तुम्हारा शरीर स्वस्थ है

और तुम्हारे सम्मान में वृद्धि हो रही है तुम्हारी समृद्धि बढ़ती चली जा रही है तुम

अपने जीवन में सफलता के नए नए अस्त्रों को स्थापित कर रहे हो ऐसे स्तर जिनसे ना केवल

तुम्हारी पहचान होगी बल्कि तुम्हारे परिवार की भी पहचान बढ़ रही है तुम्हारे

ऐसे भविष्य को देखते हुए जब मैं अभी मुस्कुरा रहा हूं तो सोचो कि जब तुम इसे

जानोगे तो तुम कैसे मुस्कुरा हट से भर उठोगे मेरे बच्चे धैर्य रखो तुम्हारी

समस्त चिंताएं व्यर्थ है उनका वास्तव में कोई वजूद ही नहीं है जिसके कारण तुमने

अनावश्यक तनाव अपने सिर पर रखा हुआ है इसका वास्तव में कोई भी महत्व नहीं है अब

स्वयं को इससे पूरी तरह से मुक्त कर दो खुलकर जीवन जीना प्रारंभ करो और यह कहो कि

मैं अपनी सभी चिंताएं आज समा करता हूं क्योंकि मेरा भविष्य खुशियों से परिपूर्ण

है मैं नए जीवन नए उत्साह नए उमंग के साथ इस खूबसूरत जीवन को जीने वाला

हूं मेरे बच्चे तुम्हारे बाहर इस संसार में कुछ भी नहीं जो तुम पाना चाहते हो वह

तुम्हारे भीतर विराजमान है जब तुम निराश होते हो तब प्रकृति में कोई परिवर्तन नहीं

हुआ जब तुम प्रसन्न होते हो तब भी प्रकृति में कोई परिवर्तन नहीं होता है तो फिर तुम

क्यों चिंता करते हो क्या तुम इसका अर्थ जानते हो इसका अर्थ यह है कि जितने भी

परिवर्तन तुम अनुभव कर रहे हो वह तुम्हारे भीतर ही हो रहे हैं तुम्हें आनंद को महसूस

करने के लिए तुम्हें बाहरी प्रसन्नता की आवश्यकता ही नहीं है वह तुम्हें अपने ही

भीतर से प्राप्त होगी मेरे ब

यदि तुम्हें मेरी बात समझ आ रही है तो अभी जय मां काली लिखकर इसकी पुष्टि अवश्य

करो मेरे बच्चे कभी-कभी मनुष्य स्वयं को इतना विवश हारा हुआ और निराश महसूस करता

है कि वह अपना स्वयं का अस्तित्व भूल जाता है वह भूल जाता है कि वह उसकी माता के

द्वारा ही निर्मित है अपनी माता की इच्छा से निर्मित उनकी ही संतान है मनुष्य यह

भूल जाता है कि अनेक शक्तियों से सुशोभित सातों चक्र उसके ही शरीर में उपस्थित है

उन्हें तो केवल बस उन शक्तियों को जागृत करना है मूलाधार से लेकर सहस्त्र चक्र तक

उसके ही शरीर में विद्यमान है पाताल से स्वर्ग तक जुड़ने की ऊर्जा की शक्ति

मनुष्य के भीतर ही वेद य मान है यह कहीं बाहर नहीं

है मेरे बच्चे वह इस बात को भूल जाता है कि उसे जो पाना है वह कहीं भी बाहर नहीं

है वह भूल जाता है कि अनंत चेतना ब्रह्मांड से ही उसकी अपनी चेतना जुड़ी

हुई है जो सृष्टि के सृजन पालन और विनाश का मूल तत्व है मनुष्य इस बात को स्मरण

नहीं रख पाता कि वह मानव बुद्धि ही है जिसने ब्रह्मांड की इच्छा से हर प्रकार के

आधुनिक यंत्र का आवे विकार किया है और अभी भी नियमित कर रहा

है मेरे बच्चे तुम अपने आप को इतना कमजोर क्यों महसूस कर रहे हो यह तुम्हारी ही

बुद्धि है जिसने तुम्हें आज तक यहां तक लाने में तुम्हारी सहायता की है जिसकी वजह

से तुम अभी भी जीवन को जी रहे हो अच्छा बुरा जैसा भी है तुम यह जीवन जीते हुए इस

उम्र तक तक आप पहुंचे हो क्या अब तक तुम्हारे साथ कुछ ऐसा हुआ जो तुम्हारी

पूरी शक्ति और क्षमता को खो दे और तुम जीवन ना जी

पाओ मेरे बच्चे तुम अभी भी जीवन जी रहे हो ऐसा क्यों है ऐसा इस कारण है क्योंकि जो

भी समस्या तुम्हारे समक्ष आई वह तुम्हारी बुद्धि की वजह से है वह तुम्हारे मस्तिष्क

की वजह से है तुमने उस समस्या को इतना बड़ा बना दिया अपनी ही सोच में में हर

समस्या को तुम बड़ा बनाते गए मेरे बच्चे एक बार विचार करो हर समस्या का समाधान

तुम्हारे पास था केवल जरूरत थी बहुत साहस की कभी किसी के सामने खुलकर अपनी बात रखने

की तो कभी परिश्रम की मेरे बच्चे क्या तुमने कभी विचार किया

है कि तुम जो जीवन जी रहे हो उस जीवन में कष्ट क्यों रहे हैं क्या उस कष्टों का

कारण तुम्हारा आलस्य तुम्हारा भय और तुम्हारी खुलकर अपनी बात ना रख पाने के

कारण ही है और इन सब से तुम छुटकारा पा सकते हो तुम्हें अपने भीतर से भय समाप्त

करना है तुम्हें अपनी बात खुल के रखनी है जो होगा वह मेरे ऊपर छोड़

दो मेरे बच्चे जब तुम अपनी सारी चिंता इस प्रकृति पर छोड़ देते हो अपनी माता पर छो

देते हो और स्वयं को पहचानने लगते हो तुम्हें जो करना है उसे खुलकर करने लगते

हो तो तुम्हारी समस्या समाप्त होने लगती है लेकिन जब तुम यह सोचते हो कि सारे

परिवर्तन तुम स्वयं ही करोगे सब कुछ तुम स्वयं ही करना चाहते हो तो यह संभव नहीं

है मेरे बच्चे तुम्हारे जीवन में जितने भी दुख आए जितनी भी तकलीफें आई वह एक समय के

बाद समाप्त हो गई और हर बार एक नया दुख आया हर बार एक नई तकलीफ आई लेकिन क्या

तुमने बिना डरे हुए किसी दुख का सामना किया यदि तुम बिना भय के किसी दुख का

सामना करोगे तो इस संसार में किसी भी दुख की इतनी क्षमता इतनी शक्ति नहीं है कि

तुम्हें गिरा सके मेरे बच्चे किसी व्यक्ति की कुशलता इस

बात पर निर्भर करती है कि वह किन्ही परिस्थितियों में किस प्रकार

के निर्णय लेता है और उसका मस्तिष्क किस प्रकार का व्यवहार करता है यदि वह बिना

भयभीत हुए अपने जीवन को यूं ही छोड़कर आगे बढ़ते रहता है अपनी समस्याओं को भूलकर आगे

बढ़ता रहता है तो फिर उसकी सहायता करने के लिए प्रकृति के सारे तत्व एकजुट हो जाते

हैं लेकिन जो छड़ छड़ भय में ही अपना जीवन जीता है हर पल के केवल भय में डूबा रहता

है उसकी सहायता भला कौन कर सकता है मेरे बच्चे तुम्हारा मन विचलित हो सकता

है तुम गलत कदम उठा सकते हो लेकिन तुम्हारा मस्तिष्क तुम्हें इस बात की

सूचना देता रहता है कि तुम्हें ऐसा नहीं करना है क्योंकि तुम एक बेहतर जीवन जीने

आए हो तो यदि तुम्हें यह मानव जीवन मिला है तो इसे खुलकर जियो बिना किसी के दबाव

के बिना किसी के भय के मेरे बच्चे कोई नहीं जानता यह जीवन कब समाप्त हो जाए

लेकिन तुम अभी से भविष्य की चिंता में निरंतर रहते हो यह हो जाए वह हो जाए मुझे

यह मिल जाए मुझे वह मिल जाए इस तरह की भावनाएं तुम्हारे जीवन में निरंतर चलती

रहती हैं एक बार इनका त्याग करो और सोचो कि जो तुम्हारे पास अब उपलब्ध है क्या वह

कम है मेरे बच्चे अपने अंदर के उस तत्व को जाहिर करो उस तत्व को उजागर करो जो

तुम्हारे लिए देवीय शक्ति बन जाए तुम्हारे अंदर की देवीय शक्ति तब जागृत होगी जब तुम

नर्क के द्वार पर चल रहे हो और फिर भी तुम अपने जीवन में इस बात के लिए शुक्र गुजार

रहो इस बात के लिए आभारी रहो कि तुम्हारे पास पाव मजूद है जिस वजह से तुम उस नर्क

के द्वार पर चल पा रहे हो तुम कहीं भी चलो किंतु तुम्हारे पास पाव है इस बात का आभार

तुम्हें होना चाहिए जीवन में तुम्हारे पास जो भी है उसका आभार व्यक्त करो फिर देखो

तुम हरे जीवन में इतना आएगा कि तुम संभाल भी ना

पाओगे मेरे बच्चे आभार व्यक्त करना ही इस जीवन का आधार है

मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है तुम्हारा कल्याण हो जय हो माता रानी हर हर

महादेव मेरे बच्चे यदि आज तुम्हें मेरा यह संदेश प्राप्त हुआ है तो निश्चित ही तुम

बहुत ज्यादा भाग्यशाली हो क्योंकि एक ऐसी खुशी जो मैंने तुम्हारे लिए बचा कर रखी थी

वह मैं तुम्हें आज बताऊंगी क्योंकि आज मैं अत्यंत प्रसन्न हूं और क्यों प्रसन्न हूं

वह भी मैं तुम्हें विस्तार से बताऊंगी क्योंकि मेरी प्रसन्नता के पीछे तुम्हारा

ही हाथ है तुमने ही कुछ ऐसा कर दिया जिसकी वजह से मैं प्रसन्न हो उठी हूं और वह खुशी

अब मैं तुम्हें देना आवश्यक समझती हूं लेकिन मेरे बच्चे कहीं ना कहीं कुछ

ऐसी बातें जो मैं तुम्हें बताना जरूरी समझती हूं तुम उन बातों को सुन ने का आज

कुछ समय जरूर निकालना क्योंकि बातें बहुत जरूरी है इसलिए मेरी बातों को ध्यान से

सुनना और तुम मेरे संदेश को पूर्ण रूप से समझना क्योंकि जो खुशी मैंने तुम्हारे लिए

बचाकर रखी थी उस खुशी का संबंध तुम्हारी सोच से भी है और मेरी उस बात से जो मैं

तुम्हें बताने वाली हूं यदि जब तुम विस्तार से मेरी सभी बातों को सुनकर समझ

लोगे तो निश्चित ही तुम्हें मेरी बातें भी समझ में आ जाएंगी और

जो खुशी में तुम्हें बताने वाली हूं वह भी समझ में आएगी

मेरे बच्चे यह सत्य है कि जीवन में बहुत ज्यादा उतार चढ़ाव आते हैं जब सुख आता है

तो कुछ दुख भी साथ में लेकर आता है और जब कुछ दुख होता है तो उसके पश्चात जीवन में

बहुत सारा सुख भी प्राप्त होता है क्योंकि यह जीवन की नियति है कि हर

व्यक्ति को कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ दुख का सामना करना ही पड़ता है और यह भी सच है

कि जैसे ही तुम्हारे जीवन में कुछ दुख पड़ता है उसके पश्चात तुम्हें जीवन में

सुख भी प्राप्त होता है क्योंकि मेरे बच्चे जब तक तुम्हें दुख

नहीं मिलेगा किसी भी कारण वश तो तुम्हें सुख का अनुभव नहीं होगा जिस प्रकार कड़कती

धूप में चलते चलते जब तुम्हें किसी पेड़ की छाए मिल जाए तो तुम सुख का अनुभव करते

हो और तुम्हें उस पेड़ की छाया मिलते ही उस पेड़ की कीमत समझ में आती है कि यदि यह

पेड़ ना मिला होता तो तुम्हारा क्या हाल होता तुम धूप में कितने परेशान हो जाते और

यही आनंद छाय का तुम्हें जब प्राप्त होता है तब तुम आगे धूप में चलने के लिए और

साहस जुटा पाते हो इसी प्रकार की समस्याएं तुम्हारे जीवन की भी है इसलिए मेरे बच्चे

कभी भी कुछ समस्याएं यदि सामने आ भी जाए तो तुम समझ लेना कि तुम्हारे जीवन में तुम

एक बहुत बड़ा पड़ाव पार करने वाले हो एक ऐसा पड़ाव पार करने वाले हो जिसे पार करने

के लिए तुम काफी समय से सोच रहे थे क्योंकि अत्यधिक समस्याएं उसी प्रकार से

होती जिस प्रकार से बरसात आने की कुछ समय पहले बहुत ज्यादा गर्मी पड़ती है और उसके कुछ

समय के बाद बारिश शुरू हो जाती है इसी प्रकार जीवन में जब अत्यधिक समस्याएं

उत्पन्न होती हैं तो वह जीवन में कुछ ना कुछ बड़ा बदलाव लेकर आती हैं और

वह बदलाव कुछ अच्छा ही होता है मेरे बच्चे इसके साथ तुम्हें एक बात का

और ध्यान रखना है कि यदि जीवन में कुछ परेशानी का सामना तुम कर रहे हो और तुम

मेरे समक्ष यदि कुछ बोलते हो प्रार्थना करते समय तो तुम इस बात को कदापि मत भूलना

कि मैं तुम्हारी बातों को नहीं सुन रही बल्कि मैं हर बात को सुनती भी हूं और पहले

से ही जानती हूं क्योंकि तुम्हारे जीवन में जो होता है उसके पीछे कुछ कारण होता

है हर बात के पीछे एक वजह होती है और उस वजह को जाने बिना तुम परेशान हो जाते हो

क्योंकि तुम आगे के समय को नहीं देख पाते और तुम आगे के समय को नहीं जानते कि आगे

तुम्हारे जीवन में क्या होने वाला है तुम केवल वर्तमान को देखते हो जो इस समय

तुम्हारा चल रहा होता है उस समय में जो तुम्हें आभास होता है केवल तुम उसे महसूस

करते हो मेरे बच्चे तुम जो इस गुजरी नवरात्र में कर चुकी हो वह सब मुझे ज्ञात है तुम

करते हुए हिचके नहीं थे और ना ही तुम बिल्कुल भी किसी सोच में पड़े बल्कि

तुम्हें खुद में इस बात की खुशी थी कि तुम जो कर रहे थे बहुत अच्छा कर रहे थे

तुम्हारे हृदय में इस बात का आभास होना कि मैं अपने जीवन में जो भी कार्य करता हूं

वह बिल्कुल सही करता हूं और धर्म के अनुसार करता हूं हू और यह सच भी है कि

तुमने जो किया वह धर्म के अनुसार बहुत अच्छा था और आगे भी तुम इसी तरह के कार्य

को करते रहोगे मेरे बच्चे मैं जानती हूं कि इन

कार्यों को करने से तुम कभी भी पीछे नहीं हटोंग नवरात्र में तुम इतनी जल्दी में

होते कि तुम्हें काम पर जाने के लिए कुछ विलंब होता फिर भी तुम मेरे चरणों में कभी

भी नमन करना नहीं भूले कभी भी उनको स्मरण करना नहीं भूले कभी भी तुम मेरी आरती ना

नहीं भूले तुम उन दिनों में एक पल के लिए भी मुझे नहीं भूल पाए और तुम जब भी किसी

कन्या को देखते तो बस तुम्हारे मुख से एक ही ध्वनि निकलती कि यही तो है मेरी मां और

तुम उस कन्या में अपनी माता को देखने लग जाते थे मेरे बच्चे तुम्हारी आंखों में वह

प्रेम छलक लगता था जो मेरे लिए तुम्हारे हृदय में विराजमान है तुम जितना उनसे

प्रेम करते हो वह प्रेम तुम्हारी आंखों में साफसाफ दिखाई देता और यह देखकर मैं

बहुत ही ज्यादा प्रसन्न हूं इसलिए नहीं कि तुमने उन कन्याओं के पैर छूकर उन्हें कुछ

दिया या उन्हें देने के लिए तुम्हारे हृदय में खुशी थी बल्कि इसलिए कि तुम्हारे हृदय

में उनके प्रति बसा प्रेम मुझे बहुत ही ज्यादा प्रसन्न मन कर रहा है और तुम मुझे

अपनी र आकर्षित किए जा रहे थे मैं स्वयं ही आकर्षित हो रही थी उसकी वजह केवल एक है

कि जब तुम किसी भी ऐसी एक देवीय शक्ति के प्रति प्रेम बरसाना प्रारंभ कर देते हो और

तुम्हारे हृदय में विराजमान प्रेम जब उस देवीय शक्ति के लिए सब कुछ करना प्रारंभ

कर देती है तो बाकी की सभी शक्ति तुम्हारी ओर आकर्षित होना प्रारंभ हो जाती

है क्योंकि मेरे बच्चे हम सभी शक्तियां एक ही तो है हम भिन्न नहीं है और तुमने जो कि

इन दिनों में किया है तुमने मुझे अत्यंत प्रसन्न कर दिया और जो खुशी मैं तुम्हें

देना चाहती हूं वह भी कुछ इसी प्रकार की है और वह खुशी यह है कि शीघ्र ही तुम्हारे

हृदय के अंदर एक ऐसी ऊर्जा विराजमान होगी जिस ऊर्जा के माध्यम से तुम जो चाहो व

प्राप्त कर पाओगे क्योंकि तुम्हारे सोचने समझने की शक्ति कई गुना ज्यादा हो जाएगी

और तुम एक साधारण व्यक्ति की तरह नहीं सोचोगे बल्कि तुम बहुत आगे तक का सोच

पाओगे तुम्हारी सोच औरों से बिल्कुल अलग होगी क्योंकि मेरे बच्चे साधारण मनुष्य

केवल वहीं तक सोचता है जहां तक वह देख सकता लेकिन ज्ञानी व्यक्ति बहुत आगे तक की

सोचता है और बहुत आगे तक की योजना भी बना सकता है क्योंकि उसे ज्ञान होता है और वह

अपने ज्ञान के बल पर बहुत आगे तक का देख पाता है और सोच लेता है कि आगे चलकर उसके

जीवन में क्या होने वाला है क्या ऐसा कुछ होने वाला है जिसे उसे अपने जीवन में बहुत

आगे तक जाने का मौका मिलेगा तो वह उस ठीक समय पर उसका लाभ उठा लेता है और अपने

ज्ञान के बल पर बहुत आगे तक चला जाता है मेरे बच्चे तुम्हारे जीवन में तुम्हें

ऐसी ही शक्ति प्राप्त होने वाली है लेकिन इस ऊर्जा को प्राप्त करने के पश्चात

तुम्हें कुछ बातों का खास ध्यान रखना अति आवश्यक है क्योंकि वह ऊर्जा प्राप्त करने

के पश्चात तुम जैसा सोचोगे वैसा ही सत्य होना प्रारंभ हो जाएगा और तुम्हारे हृदय

के अंदर एक ऐसी ऊर्जा विराजमान होगी जो कि सत्य होने के लिए हर कार्य को बताएगी और

तुम्हारी जुबान पर सरस्वती विराजमान होगी और यदि तुम किसी भी ऐसी बात को बोल देते

हो जिस बात को होने के लिए किसी के जीवन में कुछ गलत हो

जाए तो निश्चित ही तुम कोई ऐसी गलती कर बैठोगे मेरे बच्चे कहने का अर्थ यह है

कि तुम अपने मुख से कभी भी किसी के लिए गलत शब्द या कोई ऐसा शब्द भूलकर भी मत

निकाल देना जिससे कि किसी का नुकसान हो जाए अर्थात किसी के जीवन में कुछ बुरा हो

जाए इस बात को ध्यान रखना कि जो बोलोगे यदि वह सत्य हो भी जाए तो किसी का भला

होने में किसी का अच्छा होने में और किसी का बुरा होने में ना तो तुम्हें कुछ लाभ

है और ना ही तुम्हे कुछ नुकसान लेकिन मेरे बच्चे किसी व्यक्ति का

तुम्हारी वजह से जरा भी नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी के जीवन में कोई ऐसी

दुविधा उत्पन्न होनी चाहिए जिसका कारण तुम बन जाओ क्योंकि ऐसे में किसी के हृदय से

निकली बददुआ और दुआ दोनों ही तुम्हारे जीवन को परिवर्तन करने में काफी है और

तुम्हें यह निर्णय करना है कि तुम्हें दुआ ले है या किसी भी इंसान की बददुआ का सामना

करना है क्योंकि मेरे बच्चे किसी भी व्यक्ति के जीवन में तुम्हारे माध्यम से

गलत हो यह तुम्हारे आने वाले जीवन के लिए सही संकेत नहीं होगा क्योंकि ऊर्जा

विद्यमान होना बहुत अच्छी बात है अर्थात तुम्हें शक्ति प्राप्त होना बहुत शुभ

संकेत है लेकिन शक्तियों के तुम्हारे साथ रहने पर तुम्हें थोड़ा सावधान र ना भी

बहुत जरूरी है क्योंकि असावधानी हर इंसान को मात दे देती है और किसी भी इंसान के

जीवन में कुछ ऐसा गलत होकर रहता है यदि वह व्यक्ति उस बात का ध्यान ना रखता हो

क्योंकि मेरे बच्चे जीवन में अच्छा होना तुम पर निर्भर करता है और जीवन में

तुम्हें खराब समय का सामना करना पड़े यह भी तुम पर निर्भर करता है अब निर्णय

तुम्हें करना है कि तुम मेरी भी ऊर्जा का लाभ लेते हो या तुम अपने जीवन में आगे के

समय में ऐसी कोई लापरवाही करते हो जिससे कि तुम्हें उस ऊर्जा को खोना

पड़े क्योंकि मेरे बच्चे ऐसी ऊर्जा अर्थात ऐसी शक्तियां बहुत कम लोगों को मिलती हैं

जैसी मैं तुम्हें प्रसन्न होकर दे रही हूं और जो बातें तुम्हें समझा रही हूं वह केवल

इसलिए कि मैं नहीं चाहती कि तुम तुम अपने जीवन में इस ऊर्जा को किसी भी प्रकार से

खो दो लेकिन यदि फिर भी मेरे बताने के बाद भी तुम अपने जीवन में कोई ऐसी गलती करते

हो तो इसमें दोष मेरा नहीं तुम्हारा होगा क्योंकि मेरे बच्चे समझाना हर मां का

कर्तव्य होता है और बताना भी लेकिन चलना बच्चे को होता है तो बच्चे को इस बात का

आभास होना चाहिए कि उसे अपने जीवन में क्या करना है क्या नहीं कौन सा रास्ता

उसके लिए सही है और कौन सा गलत क्योंकि निर्णय सही होगा तो कार्य सही होंगे और

कार्य सही होंगे तो उसका फल निश्चित ही बहुत ही बेहतर होगा मेरे बच्चे जीवन में एक बात को सदैव

स्मरण रखना कि तुम जो कर रहे हो जैसा कर रहे हो उसका फल तुम्हें अवश्य प्राप्त

होगा यदि तुम इस बात को हमें हमेशा स्मरण रखोगे और फल जैसा तुम प्राप्त करना चाहते

हो उसी के अनुसार यदि तुम कर्म करते जाओगे तो मैं तुमसे वादा करती हूं कि जीवन में

कभी भी किसी भी कार्य में असफल नहीं होगे और ना ही तुम्हें जीवन में ज्यादा

परेशानियों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि मेरे बच्चे जीवन में

परेशानियों का सामना केवल तब करना पड़ता है जब तुम अपने जीवन में खुद वैसे कार्य

करना प्रारंभ कर देते हो उन कार्यों को करने से तुम स्वयं परेशानियों को बुलावा

देते हो और परेशानी स्वयं आती चली जाती है तुम्हें ना तो कभी भी बिना गलत कर्म किए

उसका फल भोगना पड़ता है और ना ही तुम कभी भी किसी और के कर्म का फल भोगते हो बल्कि

जो भी भोगना होता है अच्छा हो या बुरा हो वह तुम्हारा ही कर्म होता है और उसी के

अनुसार तुम प्राप्त करते च जाते हो लेकिन मेरे बच्चे जीवन में तुम तब हताश

हो जाते हो जब तुम्हें बुरे समय का सामना करना पड़ता है क्योंकि तुम्हारा हृदय इस

बात को स्वीकार नहीं करता कि तुमने ही किया है कुछ ऐसा जिसकी वजह से तुम्हें यह

सब भोगना पड़ रहा है बल्कि तुम्हारा मन चीख चीक कर एक ही बात कहता है कि तुमने

कोई गलती नहीं की फिर तुम सजा क्यों भुगत रहे हो परेशानियों से क्यों घिरे हुए हो

अगर तुम गलत नहीं कर रहे हो तो तुम स्वयं सोचो तुम्हें वैसा फल क्यों प्राप्त हो

रहा है जैसा फल तुम भोग रहे हो उसको ध्यान से सोचो

तुमने वैसा कभी भी किसी के साथ अवश्य किया होगा जैसा तुम अभी महसूस कर रहे हो और आगे

के समय के लिए यदि तुम सावधान हो जाते हो तो निश्चित ही जीवन में कभी भी तुम

परेशानियों का सामना नहीं करोगे क्योंकि मेरे बच्चे जब तुम कोई ऐसा

कार्य ही नहीं करोगे तो तुम्हारे जीवन में परेशानियां क्यों आएंगी और क्यों तुम उस

कर्म का फल भोगो जो तुमने किया ही नहीं संसार में और ब्रह्मांड में वह शक्ति

उपस्थित है वह देखती भी है और तुम्हें परख भी है वह सब जानती है कि तुम क्या कर रहे

हो और जो तुम नहीं कर रहे उसका फल तुम्हें कभी भी भुगतान करने के लिए नहीं कहा जाता

बस फर्क इतना है कि तुम अपनी मर्जी से उस सजा को भुगतना प्रारंभ कर देते हो जो

तुमने किया तो है लेकिन तुम्हें ज्ञात नहीं और अपने मन के अंदर इस अंकुश को लगा

बैठते हो कि कर्म से कुछ नहीं होता मेरे बच्चे बहुत बच्चे ऐसे हैं कि

जिन्ह कर्म पर विश्वास नहीं होता उनका हृदय बार-बार इसी बात को कहता है कि जैसा

करोगे वैसा प्राप्त होता है यह बात सही नहीं है और ना ही कोई देवीय शक्ति मुझे

देख रही है कोई मुझे नहीं देख रहा है मैं जो चाहे जैसे चाहे करूं और फिर व्यक्ति

ऐसे ही गलत कर्मों से गलत मार्ग पर चला जाता है क्योंकि वह खुद की गलतियों को

नहीं समझ पाता वही उससे सबसे बड़ी भूल हो जाती है क्योंकि मेरे बच्चे यदि व्यक्ति अपनी

भूल को समझना प्रारंभ कर दे और पता करना प्रारंभ कर दे तो निश्चित ही उसके जीवन

में परेशानी आने से पहले ही समाप्त हो जाएगी निश्चित ही उसका जीवन सुखमय भरा

होगा क्योंकि तुम किसी भी व्यक्ति के जीवन में इस बात को देख लो कि यदि व्यक्ति बिना

किसी गलती के यदि दुख भोग रहा है तो उसका जीवन आगे चलकर बहुत ही सुखमय बीतेगा

क्योंकि यदि तुम्हें ऐसी गलती की हुई बिना ही तुम्हें कोई ऐसी सजा मिल रही है तो

तुम्हें आभास हो रहा है कि तुम कोई गलती किए बिना परेशानियों

का सामना करने हो तो तुम निश्चित ही समझ जाना कि तुम्हारा जीवन एक अलग दिशा में

मुड़ने वाला है एक ऐसी दिशा में जहां पर तुम बहुत कुछ प्राप्त करोगे और तुम इसलिए

उस परीक्षा से होकर गुजर रहे हो मेरे बच्चे वह देवीय शक्तियां तुम्हारी

परीक्षा ले रही है और उस परीक्षा में तुम्हें उत्तीर्ण होना जरूरी है कि तुम उस

परीक्षा में उत्तीर्ण हो जाओ क्योंकि यदि तुम उस परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हुए तो

तुम उस पदवी के योग्य नहीं होगे जो देवीय शक्ति तुम्हें प्राप्त कराना चाहती है कि

सोना जब तक तपता नहीं तब तक उसका कोई दूसरा और सुंदर आभूषण नहीं बनाया जा सकता

उसी प्रकार यदि तुम्हें जीवन में कुछ बहुत अच्छा प्राप्त होने वाला होता है तो

तुम्हें भी तपना पड़ता है परिश्रम की अग्नि में और जब

तुम ज्यादा परिश्रम करते हो कष्टों का सामना करते हो तो तुम इस बात का आभास करो

कि तुम्हारे जीवन में कहीं ना कहीं तुम्हारी परीक्षा कोई ना कोई ले रहा है और

तुम्हें उस परीक्षा में उत्तीर्ण होना है मेरे बच्चे जब तुम उस परीक्षा में

उत्तीर्ण हो जाओगे तो निश्चित ही तुम और इस बात को भी स्मरण रखना कि यदि मेरे

बार-बार समझाने के बाद भी तुमने गलतियां करते रहते हो तो जो होगा वह तुम्हारे जीवन

में तुम्हारे ही कारण होगा क्योंकि मैं बार-बार तुम्हें हर बात समझाती हूं और

तुम्हें बताती हूं हर मार्ग के बारे में यदि फिर भी तुम मार्ग भटक गए तो इसमें दोष

तुम्हारा ही होगा क्योंकि मेरे बच्चे यदि किसी को बता

दिया जाए कि आगे कठिनाई आने वाली है और फिर भी वह व्यक्ति उन्हीं कार्यों को करता

चला जाता है देखकर जानबूझकर अनजान बनता है तो उसका फल उसे ही भोगना पड़ता है फिर वह

उस देवीय शक्ति पर विश्वास रखे या ना रखे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि देवीय

शक्ति ने अपना कार्य कर दिया और तुम अपना करो मेरे बच्चे उस बात को समझो जो देवीय

शक्तियां तुम्हें बताना चाहती है वह करो उस काम को जो देवीय शक्तियां तुमसे करवाना

चाहती है क्योंकि देवीय शक्तियां तुम्हारी इसी तरह से सहायता करती है स्वयं आकर तुम

किसी कार्य को नहीं करती या तो वह स्वयं किसी व्यक्ति को तुम्हारे निकट भेजती है

या फिर वह किसी संदेश के माध्यम से तुम्हें कुछ बताती है संकेत उनका होता है

और निर्भर तुम पर करता है कि तुम समझ पाओगे या नहीं अगर तुम समझ गए तो निश्चित

ही इंसान बन जाओगे एक ऐसे इंसान जो अपने जीवन में

बहुत कुछ कर गुजरता है और यदि तुम नहीं समझे तो फिर तुम अपने जीवन को केवल

बर्बादी के रास्ते तक ले जाओगे मेरे बच्चे मैं तुम्हें डराने नहीं

आई बल्कि समझाने आई हूं क्योंकि जीवन में समझना तुम्हें है मुझे तो केवल तुम्हें

बताना है वह मार्ग जिस मार्ग से तुम बहुत आगे तक जा सकते हो वह खुशियां जो तुम्हें

प्राप्त हो सकती है और फिर भी तुम अपने कर्मों के चलते उन खुशियों से दूर रहोगे तो गलती तुम्हारी

होगी मेरी नहीं क्योंकि मेरे बच्चे मैं तो हर वक्त

इस बात को समझती हूं कि मेरे बच्चे को सभी सुख प्राप्त होना चाहिए और हर बात को

जानती भी हूं क्योंकि मुझे बार-बार इस बात का आभास होता है कि मुझे अपने बच्चों के

ऊपर किसी भी प्रकार से मुसीबत नहीं आने देनी है और ना ही उसके ऊपर परेशानी आने

देनी है मैं अपने बच्चों को केवल सुरक्षा प्रदान करूंगी और उन्हें खुशियां प्रदान

करूंगी मेरे बच्चे यदि मेरी पूजा करते हो और मेरा नाम जपते हो तो मैं निश्चित ही

उनके जीवन में उनकी हर परेशानी को दूर कर देती हूं और इसी वजह से मैं आज तुम्हारे

पास आई हूं तुम्हें इतना सब बताया और वह खुशी भ बताई जो मैं तुम्हे दूंगी लेकिन

यदि तुम इनमें से एक भी बात भूल गए तो फिर दिक्कतें हो सकती है क्योंकि मेरे बच्चे

किसी भी बात को तुम्हें किसी भी कीमत पर भूलना नहीं है बल्कि हर बात को स्मरण रखना

है हर उस बात को याद करते हुए जीवन में आगे चलना है यदि चलोगे तो तुम बहुत कुछ

प्राप्त कर लोगे और यदि तुम नहीं चले तो फिर तुम अपने जीवन में कुछ ऐसा मुकाम

हासिल करोगे जिसकी तुम सोच भी नहीं सकते क्योंकि मेरे बच्चे हर चीज को

प्राप्त करने के पीछे तुम्हारा ही कारण होता है हक तुम्हारा होता है और तुम वहां

तक सोच पाते हो जहां तक मैं तुम्हें बताना चाहती हूं तुम देख पाते हो जहां तक मैं

दिखाना चाहती हूं लेकिन तुम्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है मैं हर परेशानी

को हर लूंगी और हर कष्ट का सामना करने की शक्ति मैं तुम्हें दूंगी मेरा आशीर्वाद

सदैव तुम्हारे साथ रहेगा तुम्हारा कल्याण हो जय हो माता रानी हर हर

महादेव मेरे बच्चे वह आ रहा है तुम्हारी तकदीर बदलने के लिए तुम्हारे जीवन में आ

रहे सभी दुखों को समाप्त कर तुम्हें नई राह दिखाने के लिए वह अपने कदम बढ़ा चला

है अब तुम प्रेम से वंचित नहीं रहोगे अब तुम्हारी पवित्रता पर सवाल नहीं

उठेगा मेरे बच्चे तुमने जितने भी कष्ट अब तक झेले हैं वह सहना कोई आसान बात नहीं है

लेकिन तुम किसी तरह अपने आप को मनाकर वह कष्ट झेलते गए और अब जबकि तुम इतना सब कुछ

सह चुके हो तो यह तुम्हारा हक बनता है कि तुम्हारे पक्ष में जीत भेज दी जाए क्योंकि

तुम एक पवित्र आत्मा हो इसलिए यह तुम्हें मिलना ही चाहिए मेरे बच्चे यही कारण है कि तुम्हें

हर हाल में इस संदेश को पूरा सुनना है इसे बीच में छोड़कर जाने की भूल नहीं करनी है

जो बीत गया वह बातें भूल जाओ जो कष्ट अब तक तुम झेल चुके हो उसे भूल जाओ चुनौतियों

को त्याग दो और नई मंजिल को स्वीकार करो इस मंजिल में अब तुम अकेले नहीं चलोगे

तुम्हारी प्रार्थनाएं ने तुम्हारे जीवन में एक दिव्य गुरु को भेज दिया है वह

दिव्य गुरु जल्द ही तुम्हारे जीवन में प्रवेश करेगा उसके आने से तुम अपनी

पवित्रता को भी महसूस कर पाओगे और अपनी ताकत से भी तुम रूबरू हो

पाओगे तुम यह देख पाओगे कि कैसे तुम्हारा जीवन बदल रहा

है मेरे बच्चे इस संसार में अप तक जो भी चुनौतियां तुम्हारे समक्ष आई थी अब वह

चुनौतियां समाप्त होंगी क्योंकि वह चुनौतियां तुम्हें मजबूत बनाने आई थी उनका

तुम्हारे जीवन में एक विशेष स्थान था वास्तव में वह तुम्हें तोड़कर बिखेरने के

लिए नहीं थी बल्कि तुम्हें इतना मजबूत करने के लिए थी कि तुम किसी के भी सामने

झुक ना सको तुम्हें किसी के भी सामने झुकने की आवश्यकता ही ना पड़े बल्कि तुम

स्वयं से इतने मजबूत हो कि जब तुम्हारे ऊपर बड़ी जिम्मेदारी डाली जाए तो तुम उससे

घबराओ नहीं मेरे बच्चे अब जबक मैं यह समझती हूं

कि तुम योग्य हो और तुम्हें दिव्य गुरु का सानिध्य भी प्राप्त हो रहा है तो जीत

तुम्हारा अधिकार बन जाता है और जब जीत मनुष्य का अधिकार बन जाता है तो उसे यह हर

हाल में मिल ही रहता है मेरे बच्चे इस जीत को स्वीकार करो भाग्यशाली संख्या

लिखकर अपने जीत की पुष्टि करो यह दर्शा कि तुम इस जीत के पूरी तरह से योग्य हो और

इसे पाना ही तुम्हारी नियति है किसी भी हाल में तुमसे तुम्हारी जीत को छीना नहीं

जा सकता है यदि कोई ऐसा प्रयास करता है तो उसे मोह की खानी पड़ेगी हार का सामना करना

पड़ेगा लेकिन तुम्हारी जीत को अब कोई टाल नहीं सकेगा मेरे बच्चे अब चुनौती नहीं बल्कि

खुशियों का समय है बहुत सी चुनौतियों का दुविधा का पीड़ा का दुख का तुमने सामना

किया है अब उनका सामना करने की बारी चली गई लेकिन अब तो खुशी से झूमने की बारी है

मेरे बच्चे आज मैं तुमसे कुछ बात करना चाहती हूं आज मैं तुम्हें बहुत कुछ बताना चाहती हूं

मुझे तुम्हारा समय चाहिए इसलिए आज तुम्हें अपना थोड़ा समय निकालकर मुझे जो तुमसे

कहना है उसे सुनना होगा ताकि मैं तुम्हें वह सब कुछ दे सकू जो मैं तुम्हें देना

चाहती हूं इस बार मैं तुम्हारे लिए इस संदेश में बहुत कुछ लेकर आई

हूं मेरे बच्चे कल सुबह जब तुम सोकर उठोगे तो उस मैं तुम्हें अपने भीतर बहुत सारे

बदलाव दिखेंगे ऐसे बदलाव जो मैं आज तुम्हें देने वाली हूं तुम्हें आज मेरे

द्वारा उन सभी चीजों को स्वीकार करना है जो मैं उसके माध्यम से तुम्हें दे रही हूं

यदि तुम इसमें सफल हुए तो आज रात्रि में ही तुम्हें एक दिव्य स्वप्न अवश्य आएगा

यदि तुम मुझ में पूर्ण विश्वास करते हो तो इस संदेश को अभी लाइक करो और साथ ही साथ

जय हो माता रानी अवश्य लिखो मेरे बच्चे मैं तुम्हें वह पहला कदम

बताने वाली हूं जिसे उठाने के बाद तुम्हारा जीवन अभी से ही पूरी तरह से बदल

जाएगा और तुम्हें वह सब कुछ चीजें अपने जीवन में आसान लगने लगेंगी जो इस समय

तुम्हें बहुत कठिन प्रतीत होती है और यह तभी संभव है जब तुम मुझसे आज बात करोगे

तुम ध्यान से देखो मैं तुम्हारे आसपास ही हूं तुम जिस धन के लिए अपने जीवन में

तरसते हो उसे भी आज मैं तुम्हें अवश्य दूंगी क्योंकि मेरे बच्चे यह तुम भी जानते

हो कि जिस पर मेरी कृपा होती है उस पर धन सुख संपत्ति सब कुछ सदैव के लिए बना रहता

है और वह चाहे कितनी ही निराशा से क्यों ना घिरा हो वह चाहे कितनी ही परेशानियों

में क्यों ना उलझा हो मैं उसे सारी परेशानियों से बाहर निकाल लाती हूं जिस

किसी ने भी मुझ पर अपना पूर्ण विश्वास जताया है मैंने उसे कभी भी निराश नहीं

किया है मेरे बच्चे यह संसार मेरे ही द्वारा रचाया गया है मैं ही इस संसार का

पालन करती हूं और मैं ही इस संसार का संधार करती हूं मैं ही चीजों को बनाती हूं

मैं ही चीजों को मिटाती हूं और मैं ही उनको रक्षण भी प्रदान करती

हूं मेरे बच्चे तुम मेरी ही रचना हो तुम्हें इस बात को कभी भी नहीं भूलनी

चाहिए और इतना ही नहीं जिन भी जीवों को मैंने बनाया है उन सभी को मैं अवसर प्रदान

करती हूं अपने जीवन के उच्चतम बिंदु तक पहुंचने के लिए मैं निरंतर उन्हें संकेत

भी देती रहती हूं बहुत से लोग ऐसे हैं जो केवल अपने स्वार्थ के लिए दूसरों को कष्ट

पहुंचाते हैं दूसरों के साथ कुटिलता चलते रहते हैं दूसरों के खिलाफ षड्यंत्र रचते

हैं उस तक्षण में वह स्वयं को ही भगवान मान बैठते हैं उन्हें लगता है कि वह कोई

चाल चल रहे हैं और जीवन उसी प्रकार से गति करेगा लेकिन जल्द

ही उनका यह भ्रम में तोड़ दूंगी मेरे बच्चे बहुत से लोगों के लिए इस

समय संसार में कलयुग चल रहा है लेकिन क्या तुम जानते हो युग जैसा इस संसार में कभी

कुछ नहीं रहा यह मनुष्य का मन है जो उसके भीतर युग का निर्माण करता है जब मनुष्य

साफ दिल का होता है जब मनुष्य को हर किसी में भगवान दिखाई देते हैं जब मनुष्य को

सभी में प्रेम दिखता है जब मनुष्य दूसरे से संबंध बिना मतलब का रखना बंद कर देता

है उस समय ही उसका जीवन सतयुग होता है उस समय वह सतयुग जैसे काल में जी रहा होता

है लेकिन मेरे बच्चे जैसे ही मनुष्य के भीतर छल कपट ईर्षा व द्वेष आ जाता है उस

क्षण में वह कलयुग में जीने लगता है और फिर वह दुखों से घिर चला जाता है वह यह

जान भी नहीं पाता कि आखिर उसके जीवन में यह दुख क्यों आ रहे हैं वह सब कुछ भूलता

जाता है किंतु यह तो उसके कर्मों का ही परिणाम होता है जिसकी वजह से उसके जीवन

में यह दुख घिर घिर करके आते रहते हैं वह ना चाहते हुए भी अनेक प्रकार के दुखों से

घिर जाता है लेकिन मेरे बच्चे जब मनुष्य के जीवन

में समस्या आने के बावजूद भी वह चिंता मुक्त बना रहता है और अपनी सारी चिंताओं

को मेरे ऊपर छोड़ देता है तो मुझे मजबूरी में होकर उसकी सहायता करनी ही पड़ती है

चाहे इसमें इच्छा हो या ना हो क्योंकि यही विधि का विधान है यही नियति का नियम है जो

मनुष्य साहस दिखाता है जो मनुष्य स्वयं के अहंकार को नष्ट करता है जो मैं की भावना

से ऊपर उठ कर के दूसरे लोगों का कल्याण भी सोचता है जो केवल स्वार्थ को सिद्ध करने

में नहीं लगा रहता है बल्कि प्रेम भाव से दूसरे मनुष्य यो के प्रति आदर रखता है दूसरे

जीवों के प्रति सम्मान रखता है यहां तक कि जो पर्यावरण को भी अपना मानकर उसका सम्मान

करता है उसका इस जगत में कोई भी हानि पहुंचाने की क्षमता रखता नहीं

है क्योंकि मेरे बच्चे मैं उसे संरक्षण प्रदान स्वयं ही कर रहा होती हूं फिर चाहे

वह मनुष्य कितना भी पापी अपने जीवन में क्यों ना रहा हो उसने जाने अनजाने में

कितनी भी बड़ी गलतियां क्यों ना की हो लेकिन जो अपने पाप का पछतावा कर लेता है

उसके जीवन से बुरे कर्मों को मैं धीरे-धीरे करके नष्ट कर देती

हूं मेरे बच्चे तुमने अपने जीवन में ना जाने कितनी ही परिस्थितियों को झेला है

याद करो तुम्हारे जीवन का वह दौर जब तुम छटपटा रहे थे जब तुम्हें लग रहा था कि यही

रात सबसे भारी है जब तुम्हें लग रहा था कि तुम्हारे दुखों का अंत होने का नाम नहीं

ले रहा है उस क्षण में तुम्हारे ऊपर क्या बीत रही थी और उस क्षण में तुमने मुझसे

क्या प्रार्थना की थी क्या तुम्हें याद आ रहा है कि कैसे तुम खुद को फसा हुआ महसूस

कर रहे थे कैसे तुम्हें लग रहा था कि तुम्हारा जीवन यही थमसा गया है कैसे

तुम्हें लग रहा था कि तुम्हा जीवन का अंत भी हो सकता

है मेरे बच्चे उस क्षण में भी तुम क्या महसूस कर रहे थे अपने भीतर की भावना को

समझो तुम उन सभी परेशानियों से उभर कर बाहर आ गए और फिर भी तुम्हारे भीतर से वह

भय नहीं जा रहा तुम्हें उस भय को समाप्त करना है क्योंकि यह भय ही है जो तुम्हें

आगे नहीं बढ़ने दे रहा है और यह भय अभी मूर्त रूप नहीं लिया है लेकिन तुम यदि

निरंतर उसी भय के बारे में सोचते रहोगे तो निश्चित तौर पर तुम्हारा वह भय मूर्त रूप

भी ले लेगा तुम्हें अपने उस भय को भगाना है अपने उस भय को मिटाना है निडर होकर

जीवन जीना दूसरों को कष्ट ना पहुंचाना और उच्चतम से उच्चतम

उपभोग करना ही तुम्हारा लक्ष्य है मेरे बच्चे तुम्हारे द्वारा मैं इस संसार को

देखती हूं तुम्हारा नजरिया भी मेरा ही नजरिया है तुम उससे भिन्न नहीं हो तुम्हें इस बात को

समझना होगा तुम्हें अपने भीतर साहस को भरना होगा तुम्हें स्वयं से यह कहना होगा

कि मैं मजबूत हूं मैं साहसी हूं मैं निडर हूं दुनिया की कोई भी ताकत मुझे हरा नहीं

सकती दुनिया का कोई भी विघ्न मेरे सामने टिक नहीं सकता मैं चाहूं तो पत्थर से भी

पानी निकाल सकता हूं मैं चाहूं तो कठिन से कठिन रास्तों पर चलकर के उच्चतम से उच्चतम

बिंदु तक पहुंच सकता हूं मैं चाहूं तो मैं इस दुनिया में कुछ भी कर

सकता हूं तुम्हें स्वयं से कहना होगा कि मैं सर्वश्रेष्ठ हूं तुम्हें स्वयं से

कहना होगा कि मैं अपनी माता का अंश हूं इसलिए कोई मुझे हानि नहीं पहुंचा

सकता मेरे तुम्हें अपने भीतर बसे दिव्यता को जगाना

है तुम्हें अपने भीतर बस रहे अपनी माता के अंश को जगाकर रहना है तुम्हें समझना है कि

तुम मूल्यवान हो अपितु अमूल्य हो तुम्हारा मूल्य लगाया ही नहीं जा सकता तुम्हें अपनी

भावनाओं को समझना है तुम्हें आत्म नियंत्रण करना सीखना है मेरे बच्चे अपनी

इंद्रियों पर नियंत्रण लगाकर रखना तुम्हारे लिए अत्यंत आवश्यक है अब तक

तुम्हारे शरीर में तुम्हारे भीतर तुम्हारे मस्तिष्क में तुम्हारे बुद्धि में जो भी

विचार गए हैं उस पर तुम्हारा अधिकार नहीं था लेकिन आगे तुम्हारे मन में क्या विचार

जाएंगे इस पर तुम्हारा अधिकार है इसलिए तुम्हें चुनाव करना होगा तुम्हें चुनना

होगा यह चयन तुम्हारा ही होगा और तुम्हारे ही चयन तुम्हारे कर्मों का निर्माण करेंगे

तुम्हारा चयन यह तय करने के लिए होगा कि तुम्हें अपनी माता के दिव्य रास्ते पर

चलना है या फिर शैतान के बताए मार्ग पर चलना है एक ऐसे मार्ग पर चलना है जहां

प्रारंभ में तो सब कुछ प्रकाशम लगता है लेकिन अंत उसका केवल अंधकार में है या फिर

तुम्हें अपनी माता के उस दिव्य मार्ग पर चलना है जो शुरुआत में थोड़ा कठिन तो

प्रतीत होता है किंतु उसके बाद एक सुनहरा भविष्य और उज्जवल जीवन तुम्हारी प्रतीक्षा

में है मेरे बच्चे तुम्हें यह चयन करना होगा यह चयन तुम्हारे लिए अत्यंत आवश्यक

है और तुम जानते हो तुम अपने इस चयन में अपने इस यात्रा में कभी भी अकेले नहीं

रहोगे मेरी ऊर्जा निरंतर तुम्हारे साथ रहेगी तुम्हें सहायता प्रदान करने के लिए

तुम्हें जीवन प्रदान करने के लिए मेरे बच्चे तुम कभी भी अकेले नहीं हो इस

बात को सदैव याद रखना मैं तुम्हारे बहुत करीब हूं बहुत ज्यादा करीब हूं और यह एक

रहस्य है जिसे तुम्हें किसी से कहना नहीं है बल्कि महसूस करना है जब तुम उसे महसूस

करने लगोगे तो तुम जान पाओगे मेरी ऊर्जा को हर जगह अनुभव करने में सक्षम हो

सकोगे मेरे ब मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है मेरा

आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए साथ-साथ साथ लिखकर मुझे अपनी स्वीकृति प्रदान करा देना

और अपनी माता का अगला संदेश प्राप्त करने के लिए अपनी माता के इस संदेश को लाइक

करके चैनल को सब्सक्राइब अवश्य कर लेना ताकि आने वाला आपकी माता का संदेश आपको

प्राप्त हो सके जय हो माता रानी हर हर महादेव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *