काली माँ का सन्देश - Kabrau Mogal Dham

काली माँ का सन्देश

छोटी छोटी कन्याएं बालक बालिकाएं अगर

तुमसे सड़क किनारे भिक्षा मांगने के लिए

आए ना तो सर्वप्रथम उन्हें दूध काना मत हो

सकता है उनके आसर गंदे हो उनका कपड़े गंदे

हो हो तुम्हें घृणा हो रही हो लेकिन फिर

भी ऐसा दशाना मत यह तो किस्मत किस्मत की

बात है ना तुम उन्हें पैसे कभी मत देना

हाथ में पैसे देने की जरूरत नहीं है पर

यदि हो कुछ खा पीने का तुमसे चाहे तो तुम

उन्हें वो जरूर दिला देना और जो ये

गर्मियों का मौसम आ रहा है ना इसमें मैं

तुमसे खूब सेवा लेने वाली हूं य सु जल की

सेवा कुछ लोगों के लिए फल की सेवा वगैरह

वगैरा और तुम्हें घबराने की बिल्कुल भी

जरूरत नहीं है तुम्हारे आंसुओ वाले दिन अब

समाप्त होने वाले

हैं अब अगर आंसू होंगे भी तो सिर्फ खुशी

के आंसू होंगे जो मेरे तुम्हारे जैसे

पुत्र पुत्रियां है ना जिन्होंने सच में

मुझ पर विश्वास रखा है जिन्होंने मंत्र की

संख्याओं को परे रखकर मेरे रूप को स्वीकार

दिया है मेरे मातृ प्रेम के साथ सात अंगों

से जलती हुई मेरी उन आंखों को भी स्वीकारा

है हर रूप में मुझे स्वीकारा है अगर तुम

जैसे मेरे बच्चों का दिल टूट जाएगा तो फिर

मेरा हृदय भी तो रोने लगेगा ऐसा हो ही

नहीं सकता यह असंभव है कि तुम्हारा

विश्वास मेरे पर से उठ जाए क्योंकि जो मुझ

पर विश्वास करता है ना उसके विश्वास को

बनाए रखना यह मेरा हमेशा से काम रहा है और

हमेशा रहेगा तुम्हारी और तुम्हारे पूरे

परिवार की चिंता है मुझे इसलिए तुम सबको

मैं बुलावा भेज चुकी हूं तुम सब पूरे

परिवार के साथ मेरे दरबार

आओगे सब मेरा आशीर्वाद लेकर जाओगे भटके

हुए मार्ग के राही सब के सब सही रास्ते पर

आ जाओगे मेरे आशीर्वाद से तुम्हारे घर में

शांति और खुशी आएगी तुम्हारे घर पर वो

होगा जो पहले कभी नहीं हुआ था केवल

तुम्हें एक ही चीज का ध्यान रखना है कि

मेरा रास्ता जो तुमने अपनाया है तो तुम्ह

अपनी भवानी पर यानी कि मुझ पर विश्वास रखे

रहना है कुछ परीक्षाएं होती ही है वह देते

हुए तुम्हें आगे बढ़ना है तुम परेशान नहीं

होगे यह तुम ध्यान रखना तुम्हारी मां का

ये वचन है तुमसे एक बात कहूंगी मैं

तुम्हें बताना चाहती हूं कि अगर कोई

भोलेपन में पूरे विश्वास से मेरे समक्ष ी

का एक रिया जलाए या किसी भी वस्तु का दिया

जलाए एक अगर अती भी दिखा

देना या फिर एक जयकारा भी लगा देना तो मैं

दौड़ी दौड़ी आती हूं यह जो विधि विधान है

ना यह तब मायने रखता है जब ये तुम्हारे

लिए भी मायना रखना शुरू कर दे वरना तो

मेरे लिए श्रद्धा ही काफी है बस एक ही

प्रेम दूसरे विश्वास यही दो चीजें काफी है

मेरे रास्ते पर बस चलते जाओ तुम्हारा यह

और अगला साल कुछ इतनी तरह की चीज लाएगा ना

ऐसा बदलाव होगा जो तुमने अभी सोचा ही नहीं

है तुम केवल मुझ पर विश्वास रखो और हार मत

मानना तुम ध्यान रखना सब बदलेगा तुम हीन

महसूस करते हो ना खुद को पर तुम स्वर

शक्तिशाली बन

सकोगे तुम्हारी किस्मत खुद ब खुद भी

तुम्हें मैंने स्वीकार किया है ना तो तुम

यह मान लो इसने इतना पाप कर रखा है इतना

पाप कर रहा है कि बस जरा सी बोझ में मैं

कम करना चाह रही हूं वो चाहे मेरे कितने

पाठ कर ले लेकिन मंत्र जाप कर ले अगर किसी

ने भी तुम्हें रुलाया है ना तो बस आंसुओं

का भुगतान तो उसे करना ही पड़ेगा और ये जो

मेरे वो पाठ कर रहा है ना तभी भविष्य में

उसका मन दोबारा गलत करने के लिए बने नहीं

इसलिए पाठ करवाया जा रहा है उसे भरपूर

मौका दिया जा रहा है पर जो पाप हुआ है और

जो भीतर से क्षमा महसूस नहीं कर रहा है

उसे आज नहीं तो कल तुम्हें माफी मांगना

पड़ेगा तुम और तुम्हें जो उसने ला है उसे

भीतर से महसूस करना पड़ेगा वो तकलीफ इसलिए

तुम हार मत मानो विश्वास कभी मत छोड़ना

ईश्वर पर तुम्हारा जो विश्वास है ना उसे

सदैव बनाए

रखना जब मौका मिले शिवाले जा कर जल अर्पित

करो और तुम्हारी भक्ति को अगर अलग तरह की

एक ना एक ही भक्ति है जिसमें तुम मुझ पर

बात करते हो

मैं तुमसे हम दूसरों की बात को समझ पाते

हैं वैसे ही भक्ति वैसे ही अपना रिश्ता

शिव जी के साथ भी स्थापित कर रहो शिव और

शक्ति दोनों की पूजा करो तुम खुश रहो

आयुष्मान भ संपत्ति मान

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