काली माँ का संदेश || MAA KALI SANDESH TODAY - Kabrau Mogal Dham

काली माँ का संदेश || MAA KALI SANDESH TODAY

अभी कुछ वर्षों तक मैं तुम्हें स्वप्न

दर्शन के माध्यम से अपने होने की अनुभूति

देती रहूंगी और जैसे जैसे तुम्हारी भक्ति

और साथ ही साथ तुम्हारे मंत्र जाप की

संख्या बढ़ती जाएगी ना वैसे वैसे मैं

तुम्हें स्वपन दर्शन के माध्यम से कुछ ऐसी

चीज बताने वाली जो आज तक तुम्हें किसी ने

बताया नहीं है तुम्हारे ही घर के बारे में

और कुछ ऐसी बातें कुछ ऐसी विधि बताने वाली

कुछ ऐसे तरीके बताने वाली जिन ी जिन

रास्तों पर चलकर

तुम सच्चाई तक तो पहुंच ही सकते हो और साथ

ही साथ कुछ गलत लोगों से सद सदैव के लिए

पीछा भी छुड़ा सकते हो अब जो भी होगा वो

स्वप्न के माध्यम से तुमसे मेरी बातें

होंगी और मैं तुम्हे निर्देश देते रहूंगी

वो क्या है ना कि मेरी शक्ति अभी तुरंत

में तुम बर्दाश्त नहीं कर पाओगे मैं तो

तुम्हारी मां तुम अगर प्रेम से बुलाओ तो

मैं सच में अपने स्वरूप में तुम्हारे

सामने प्रकट हो सक

लेकिन तुम्हारा शरीर अभी तैयार नहीं है इस

जगत जननी के साक्षात दर्शन पाने के लिए

अभी थोड़ा और तैयार होना थोड़ा और मजबूत

होना बाकी है तब तक के लिए थोड़ा शांत हो

जाओ और मुझ पर विश्वास रखो मैं जरूर तुम्ह

दर्शन

दूंगी इस बार ना तुम्हें मेरे चित्र नहीं

बल्कि इस बार तुम्हे मेरी मूर्ति को सेवा

करने का मौका मिलेगा तुम अच्छे से पूरे मन

से सेवा करना तुम यह मत सोचना कि घर छोटा

है या फिर साफ सफाई उतनी ज्यादा नहीं इसकी

चिंता तुम मत करो मुझे पता है कि तुम किस

हाल में रह रहे हो और जिस हाल में तुम रह

रहे हो उसी हाल में मैं रहने को तैयार हूं

और तुम ना अगर मैं आना चाहूं तो मना मत

करना क्योंकि अगर मैं आ जाऊंगी ना तो ये

सारे बिगड़े हाल जो है ना वो सुधर जाएंगे

मैं सुधारने के लिए जीवन सवारने के लिए

आऊंगी ये बिल्कुल मत सोचना कि ये छोटी सी

कुटिया में तुम्हारी जगत जन्नी कैसे रह

पाएगी जहां तुम हो जहां भक्ति है मैं वहां

रहने के लिए तैयार हूं और जहां मैं रहने

आऊंगी ना वो स्वर्ग सा सुंदर हो जाएगा इस

बात का ध्यान रखना तुम्हें पानी से डर

लगता है यह मुझे अच्छे से पता है मैं ऐसा

कोई मौका नहीं दूंगी कि तुम्हें पानी का

सामना करना पड़े तुम डरो बिल्कुल मत लेकिन

हां तुम यह भी मानो कि वो पानी भी

तुम्हारी मां भवानी की बनाई हुई है

तुम्हें पानी से भी डरना नहीं

चाहिए मेरा सबसे प्रिय रंग पता है क्या है

वो है लाल रंग मुझे खुशी होगी अगर तुम लाल

रंग के कपड़ों में मेरे दर्शन के लिए आओगे

और मेरी जो चुनरी लेकर आओगे वो भी अगर लाल

रंग के होंगे ना तो मुझे बहुत अच्छा लगेगा

तुम्हें सजने सवरने का शौक है इसलिए

तुम्हारे सर पर हाथ रखकर ये आशीर्वाद दे

रही हूं कि तुम हमेशा

सौभाग्यवाटी रहोगे और हमेशा सजने बसने का

मौका तुम्हें

मिलेगा तुम्हें जो भी डर है जिस सदस्य को

खो देने का वो डर तुम्हारा सच है उसमें

कोई गलत फहमी नहीं है लेकिन उसी डर को

मिटाने के लिए ना मैं तुमसे पूजा ले रही

हूं ताकि तुम्हारी किस्मत में वो जो दुख

का दौर लिखा है ना वो दुख के दौर को ही

मिटा दू और तुमसे तुम्हारा अपना कभी दूर

ना हो इसलिए तुम निश्चिंत होकर बस मेरे

मंत्र जाप को करते रहो तुम्हारी सारी की

सारी परेशानी सारे के सारे संकट कट जाएंगे

याद रखना मेरी बात खुश

रहो

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